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Kapil Sibal on BJP : कपिल सिब्बल ने कहा 'विपक्ष की रैली में जुटी भीड़ से बीजेपी परेशान' | Congress

कांग्रेस और विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक की दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दावा किया है कि इस रैली में करीब पांच से छह लाख लोग शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का शांतिपूर्ण तरीके से जुटना दिखाता है कि देश के नागरिक सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाना चाहते हैं। सिब्बल ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि अब उसे अपनी रैलियों का नाम 'लोकतंत्र बचाओ' या 'देश बचाओ' रखने के बजाय 'हमें बचाओ' रखना चाहिए।

Political activity has intensified following the 'Save the Vote, Save the Nation' rally held by the Congress and the opposition's 'INDIA' bloc at Delhi's Ramlila Maidan. Rajya Sabha MP Kapil Sibal has claimed that approximately five to six lakh people attended the rally. He stated that such a large number of people gathering peacefully demonstrates that the nation's citizens wish to raise their voices against the government. Taking a dig at the Bharatiya Janata Party (BJP), Sibal remarked that instead of naming their own rallies 'Save Democracy' or 'Save the Nation,' they should perhaps call them 'Save Us.'

#KapilSibal #CongressRally #BJPRally #ElectoralBond #rahulgandhi #congress,

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00:00और यह सुनाया के लोगतन तो बचाओ की मुझे रैलियां कर रहे हैं
00:03जहां भी इनके जो राष्टी अध्रक्ष हैं वो सुनाया भो तक पहुंच गए 100-200 लोगों के साथ
00:10उसको रैली करनी चाहिए हमें बचाओ
00:14देश बचाओ की काई को रैली करते हैं लोगतन से बचाओ की काई के रैली करते हैं
00:18इसी इलेक्टरियल बांड की वजए से बीजेपी के पास 6,000 करोट पर नीचे हैं
00:25जिस तरह से कल का हमने जनसलाब देखा रानमी लाग्राउंड में और उसके इर्द गर्द
00:36आँखों देखी बात है क्योंकर मैं तो मैं तो वहां बैठा था और मैं जा रहा था बस में जा
00:40रहा था
00:44और लगबग एक और धेर घंटा धेर गंटा का हमें लगा रामनी लाग्राउंड पॉंचने में
00:50और
00:51जैसे ही हम वहाँ पहूंचे
00:53तो वहां बेरिकेड लगे लुए थे
00:56इस लिए लगे लुए थे
00:57कि चपपा चपपा
00:59जमीन लोगों से भरी हुई थी
01:01हम आगे नहीं बड़ पा रहे थे
01:03और पुलिस ने
01:04ये कहा कि साफ जैसे ही हम बैरिकेड
01:06खोलोंगे खोलेंगे तो ये क्योंके रामलीला ग्राउंड तो पूरी भर ही हुई थी जैसे ही खोलेंगे सारा जन सलाब उदर
01:14चले जाएगा तो सेक्यूरिटी का क्या होगा तो वहां बीस मिनिट हमने रुकना पड़ा ये पुलीस को बताने के लिए
01:23कि हमें तो जाना ही है न
01:24तो रैली होई नहीं पाएगी तो बड़ी मुश्किल के साथ और मतलब के लोगों लोग भी समझ गए कि हमें
01:39नहीं अंदर जाना चाहिए पहली बार तो ये लाखों की तरदात में लोग ते मेरे मेरा जो अनुमान अपना है
01:47वो लगबग 5-6 लाख लोग क्यूंके पार्क ज
01:54जो भी रास्ते हैं सब भरे हुए थे कोई मुझे खाली देखे नहीं रहा थे हम तो खड़े भी रहे
02:02थे तो पहली बात तो ये उनको थोड़ा फिकर लग रहा है और ये सुनाया कि लोग तन तो बचाओ
02:12कि कुछ रैलियां कर रहे हैं जहां भी इनके जो राष्टी अत्रक्
02:21अपना प्रदर्शन इसको रैली करनी चाहिए हमें बचाओ देश बचाओ कि काहे को रैली करते हो लोग तन बचाओ कि
02:28काहे के रैली करते हो हमें बचाओ किसी तरीके से चलिए एक बात दूसरी बात जो इससे भी महत पूर्ण
02:40है अगर छे लाख लोग एक जगा एक खटा हो
02:44जाएं और शांती पूर्ण एक हो जाए सभा रहली शांती पूर्ण कोई हिंसा का वाक्य नहों तो ये से साफ
03:02जाहर है कि हिंदुस्तान में जो जनता है वो विरोत तो करेगी लेकिन शांती पूर्ण तरीके से
03:11और इससे ये सवाल उठता है कि जब जनतर मंतर में पहली बार प्रोटेस्ट हुई तो हिंसा किसने करवाई
03:23अगर छे लाख लोग पुलीस तानात है कोई एक वाक्य हिंसा का नहीं हुआ
03:33तो फिर जनतर मंतर में हिंसा क्यों हुई क्यों कि वहाँ भी जो हमारे युवा लोग थे वो तिशांती पूर्ण
03:42अंचन कर रहे थे विरोत कर रहे थे
03:47और द्रमेंदर प्रणान का स्टीफा माग रहे थे और मैं सरकार को चाहूंगा कि पता करें कि किन लोगों ने
03:56हिंसा की
03:57क्यों कि मुल्म मालूम है कि उनको मालूम है कि किसने की और पता नहीं करेंगे
04:07ट्रक कौन लाया जिसमें पत्थर बढ़े हुए थे कौन लोग थे को बिना वर्दी के यहां बैठके खड़े हुए थे
04:19यह एहम सवाल उठता है इंसा आप करवाओ लाठी चार्च आप करो पेलेजगन आप चलाओ और दोश युवां के उपर
04:33लग दो
04:34यह इनकी राजनीती है हम फ्रांस के जैसे नहीं है हम अल्बेनिया के जैसे नहीं है
04:46स्पेन के जैसे नहीं है हमारा इतिहास शांती पूर्फ प्रिटेस्ट करने का है
04:57और यह चलता रहेगा जब तक उस लक्ष पे नहीं पहुंचेंगे जो राहूल गांदी ने
05:08कल और परसों विस्तार से देश को बताया पहली बात तो यह दूसरी बात
05:21के राहूल गांदी और जो भी नेतागन है विपक्ष के
05:31बात कर रहे हैं वोट चोरी का वो बहुत एहन है और अगर इस तरह से वोट चोरी हो तो
05:40समझ लिएजिए कि जो लोकतंतर की बुनियाद है वो यह अतनी कमजोर हो जाएगी कि लोकतंतर का मायना ही नहीं
05:48रहेगा लेकिन मैं कुछ
05:50आपको इतिहास की बात करना चाहता हूँ आपको विस्तार से बताना चाहता हूँ कि यह चोरी का मामला शुरू कहां
05:58से हुआ अब याद कीजिए
06:03दोजार सत्रा दोजार सत्रा को क्या हुआ फिनैंस एक्ट में संशोदन लागया और फिनैंस एक्ट के अंतरगत
06:19यह कह क्या कि कोई भी कॉर्परेशन चाहे वो प्रॉफिटेबल हो या नहीं हो लॉस मेकिंग भी हो तो वो
06:32पार्टी को डॉनेट कर सकती है
06:37यह फिनैंस एक्ट में लखा गया और साथ में इंकन टैक्स में भी संशोदन हुआ ताके कोई टैक्स नहीं लगेगा
06:49और यह जो स्कीम थी और बाहर की बाहर के भी कॉर्परेशन जहां की हिंदोस्तान कंट्रोल करते हैं वो भी
06:58पैसा दे सकते हैं
07:00यह पहले इन चीजों पर पाबंदी थी अब इसके पीछे सोच क्यों थी क्योंकि नोट चोरी तो हो चुकी थी
07:16इसके पीछे सोच यह थी कि अब हमें पैसा एकटा करना है
07:22ताके हमें आगे वाले दिनों में सरकार को चोरी सरकारों को चोरी करना है जहां कांगरेस की सरकारों हों वेपक्ष
07:28सरकारों
07:30ठीक है तो 2017 में स्कीम यह लागू की अरुन जेटली साहब और इसके पीछे सोच क्या थी इलेक्टरल बांड
07:41की सोच
07:43तो 2018 में इलेक्टरल बांड आगए लागू हो गए और फिर खुले आम इंडोनेशन मिलने लगे बीजेपी को
07:59और इसी इलेक्टरल बांड की वज़े से बीजेपी के पास छे हाजार करोड उनको मिल चुके थे
08:10ठीक है साथ साथ में जिन्नों ने जिन्नों ने इनको पैसा दिया नैचरली उनकी पर दो मन में होगा कि
08:20हमें भी कुछ मिलना चाहिए तो उनको कांट्रैक्ट मिलने लगे
08:25और लोग कहते हैं और अनुमान करते हैं कि उस तरीके से पैसा भी दूसरे तरीके से आने लगा है
08:33तो छे हजार करोड तो वाइट आ गया जिससे बाजपा के दफ्तर बन गए हर जिले में जिससे आर एसेस
08:43के दफ्तर फाइव स्टार सेवन स्टार बन गए ठीक है और सारा एलेक्ट्रानिक वर्क हिंदोस्तान का बीजेपी का वो बन
08:52गया
08:53क्योंकि इस पर तो कोई रोक लगे नहीं सकती यह तो वाइट का पैसा था तो चेक का पैसा था
08:57तो उस संपत्ति को इन्होंने इस्तमाल किया ठीक है और कैश के द्वारा जहां जनसाबार जी जाते थे करोण और
09:08रुपया खर्च होते थे वो तो लग रहा था और मैं तो मु
09:19क्रेक्रेट सेक्टर पे कबज़ा만 द्या कर लिए और इसके द्वारा मीडिया पे कबज़ा लिए ठीक है फिर जब यह सब
09:31हो गया, इनका अपना नेरिटिव हो गया, बिन्हों ने इन्होंने सरकार
09:35चोड़ी करने का काम शुरू करते हैं कि सरकार ने कुछ चोड़ी करवा आपको याद होगा कि सरकार ने गिरने
09:46लगी जहाँ जहाँ भी कॉंग्रेस सरकार थी वो कॉंग्रेस सरकार कुई रख गिराने लगे कॉर्परेट सेक्टर इनके इस्थास था कॉर्परेट
09:56सेक्टर ने
09:56पैसे दे रखे थे और फिर ये लोगों को माराष्टा से सूरत ले जाते थे, सूरत से गुवाटी ले जाते
10:04थे
10:06और चुनी सरकार को गिरा देते थे

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