00:27DILIP SHUKLA
00:30पहल आर्ट ओफ लिविंग के माध्यम से संचालित हो रही है
00:32संस्था का बिहार सरकार के प्रिजन विभाग के साथ समझोता है
00:37और इसी के तहट राज्य की जेलों में बंदियों को योग और ध्यान का प्रशिक्षन दिया जाता है
00:44दिलिप बिहार में इस कारेक्रम के को ओर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी समझाल रही है
00:56दिरिप शुकला की कहानी अपने आप में दिलचस्प है
00:59कभी वे चेन स्मोकर हुआ करते थे
01:01बुरी संगत की वचह से हर तरीके का नशा करने वाले दिलिप की जिन्दगी का क्या रहा यूटर्ण आईए उनसे
01:09ही जानते है
01:10मेरी हाला देखते थे 2003 के बाद में मैं बहुत जाद बीमार हुआ
01:152010 तक में जोड़ी स्थिती मेरी थी
01:17तो उसके कारण कई लोगों ने मेरे को सजेसन दिया
01:19तो 2009 में मैं तो सेप्टेंबर 2009 में मैंने आर्ट अफ लिविंग का ये कोर्स किया
01:23जो हमारे दिन्दीगी में एक यूट तर्न बोल सकते है उसाया
01:29उससे पहले मैं बहुत जादा नसे के हालात में भी होता था
01:32मैं बहुत जादा दुनिया के करी करी सभी नसा मेंने किया है
01:36मैं आठमी कला से सिग्रेट पीता था
01:39जब मैं चाट डभी गोल फ्लेक पड़ेख पी जाता था
01:43और इतना जादा एडिक्टेड हो गया था उसका मैं हर तरह के भांग बगर दारू बगर सब कुछ लिया करता
01:51था
01:51मैं वो संगत ऐसी हो गई थी तो सब कुछ लिया करता था
02:082010 से लगातार जेलों में योग प्रशिक्षन देने वाले दिलिप की शुरुआत हरियाना से हुई थी
02:14इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और बिहार समेथ 7-8 राज्यों की जेलों में प्रशिक्षन कारेक्रम चलाया
02:23अब तक वे करीब 50-53 बंदियों को योग और ध्यान का अभ्यास करा चुके हैं और उनके जिन्दगी में
02:30एक सकारात मगबतलाफ लेकर आ रहे हैं
02:33मैं 2010 से continue jail में काम कर रहा हूँ मैं हर्याना से स्टार्ट किया था तो हर्याना हिमाचल पंजाब
02:38दहली और बिहार में बिहार में कोडिनेटर हूँ पूरे जेल का जितने भी जेल हैं बिहार के कोडिनेटर हूँ तो
02:46जेल में अभी तक मैं 50-53 हजार लोगों को मैं जेल में सि�
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03:09इसा बहुत सारा देखा गया है, बहुत सारे जिल से बाहर निकलने के बाद ही मेरे कॉंटेक्ट में हैं, और
03:14उन लोग बताते हैं कि फिर मैं क्राइम के तरफ नहीं जाऊंगा, ये बहुत बड़ा बदलाब है।
03:18नशे किलत ने जब जिन्दगी बर्बात करना शुरू किया तब दिलिप ने आर्ट ओफ लिविंग से चुड़ कर अपनी जिन्दगी
03:25बतल डाली और आज अपराध की अंधेरी गलियों से कैदियों को बाहर निकालने का नेक काम कर रहे हैं।
03:32ETV भारत के लिए मुजफर पुर से विवेक कुमार की रिपोर्ट