00:00यूपी में साथ ऐसे मौके आए जब बिना चुनाव लड़े शक्स ने मुख्य मंत्री की कुर्से संभाली है
00:04अब इसमें पहला नाम त्रिभुवा नारायन सिंग का है जो 18 अक्टूबर 1970 को मुख्य मंत्री बने
00:10और बाद में गोराटपूर की मानीराम सीट से विधायक बने
00:14इसके बाद मायवति его 1995 में जब मुख्य मंत्री बनी तो राज्यसभा की सांसथी
00:192007 में भी राज्यसभा सांसथ रहते हुवे ही मुख्य मंत्री बनी
00:23और बाद में उन्होंने विदान परिशत का रुकिया लेकिन पहले 1999 में राम प्रकाश गुपता मुख्य मंत्री बनने के बाद
00:30MLC बने थे
00:31साल 2000 में राजजनाथ सिंग भी मुख्य मंत्री बने तो उस समय वो केंद्र में ही मंत्री थे
00:36बाद में 12 मंकी सिकीम हैदर अगर्ट सीट से वो विदायक बने
00:39साल 2003 में मुलाइम सिंग यादव भी मुख्य मंत्री बने और उस वक्ष वो भी सांसद थे
00:45संभल से बाद में गुन्नार से वो विदायक बने
00:48यसी तरह 2012 में लोक सभा के सांसद थे अखलेश यादव तब मुख्य मंत्री पत के उन्होंने शप्त ली थे
00:53और फिर वो MLC बने थे और खुद मुख्य मंत्री योगिया दितना तबी 2017 में जब सीम बने तो समय
00:58वो सांसद थे
00:59बाद में MLC बने और 2022 में फिर गोरकपूर से विधायक बने दरसल समविधान के अनुच्छेद 164 के तहट कोई
01:07भी ऐसा सदस या जो विधान मंदल का सदस से नहीं है
01:10वो 6 महिनों तक मुख्य मंत्री रह सकता है बशरते वो इस सवधी के भीतर किसी सदन की सदस्ता हासिल
01:16कर ले और इसके तमाम उधारण उत्तरप्रदेश में डिकते हैं