00:00डेमोक्राट्स ने सेनेट और प्रतिनदी सभा में बहुमत हासल कर लिया है
00:04ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी की बड़ी हार हुई है
00:06ताजा आंकडों के मताबिक सेनेट में अब डेमोक्राटिक पार्टी 54 सीटों पर नमबर वन हो गई है
00:14आपको बता दें कि सेनेट की 100 सीटों में से 35 सीटों पर मतदान हुए
00:19उनके रिजल्ट आ रहे हैं
00:20प्रतिनदी सभा में 435 में से 224 सीटों के साथ डेमोक्राट्स ने बहुमत हासल कर लिया है
00:28रिपब्लिकन्स को अब तक महज 135 सीटे ही मिली है
00:31अगर गवनर पद के लिए हुए चुनावों की बात करें
00:34तो 36 गवनर पदों के चुनाव में से 25 सीटों पर डेमोक्राट्स उमीदवार जीद गए हैं
00:42जबकि रिपब्लिकन्स 19 सीटों पर ही विजएग हो पाए है
00:49तो सेनेट में डेमोक्राट्स को भहमत हासिल हो गया है
00:52प्रतिनिती सवा यानि की हाउस उफ रेप्रिसेंटेटिव में भी पर्चम लहरा आया है
00:56दोनों सदनों में ट्रम्प की पार्ट की रिपब्लिकन्स की शिकस्त हुई है
00:59ये ट्रम्प के लिए एक जोरदार छटका है
01:03मर्यावदी चुनाव में ऐसी हार के बाद अब ट्रम्प खुद चुनावी पंडित बनने की बात कर रहे हैं
01:09तो लगे हातों वो इरान युद को का भी जिक्र कर रहे हैं
01:14कह रहे हैं कि वो इरान के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं
01:18साथ ही वो ये भी कह रहे हैं कि अब वो डिमोक्राइट्स के साथ मिलकर काम करेंगे
01:23कॉंग्रेस में ताकत कम हुई है
01:24ऐसे में सवाल ये है कि अब आगे क्या करेंगे ट्रम्प
01:38अमेरिका को माहान बनाने का वादा करदे वाले ट्रंप को अमेरिका नहीं जटका दे दिया है
01:44435 सदस्टर वाले प्रतिनदी सबा में अब डेमुक्रेट्स बहूमत में आ गए हैं
01:48बहूमत के 218 की आकड़े को डेमुक्रेट्स नेप पार कर लिया
01:52तो सौसीतो वाले सीनेट में भी रिपब्लिकन्स का दबदबाग खत्म हो गया
01:56वहां भी भूमत की आकड़े 51 से डेमुक्रेट्स आगे निकल चुके है
02:02यानि अब कॉंग्रेस में डेमुक्रेट्स का वर्चस हो है
02:05और ये नतीज़ बता रहे हैं कि अगले दो साल का शासन काल टरम्प के लिए आसान नहीं रहने वाला
02:12तो अब क्या होने वाला है ये जान लीजिए
02:14टरम्प अतनी मन्चाही नीतियों को अमल में नहीं लापाएंगे
02:17अब उनके लिए कानून और नीतियों को पास किराना बहुत मुश्किल होगा
02:21डेमुक्रेट्स को बहुमत मिलने से उनकी मुश्किले बड़ी है
02:25बजट और टेक्स के मामलों में टरम्प की मनमानी नहीं चलेगी
02:30विपक्ष को अब इरान जुद रिष्टा चार जैसे मामलों की जाची ताकत मिल गई है
02:34क्योंकि समितियों का नियंतरन अब डेमुक्रेट्स के पास आ गया है
02:39अमेरिका के ऐसे जनादेश के बाद टरम्प ने अपनी विश लिस्ट भी बता दी है
02:43इच्छा जता रहे हैं कि अब वो पॉलिटिकल पंडित बनेंगे
02:46उमीद्वारों के जीतार की समीक्षा करेंगे
02:51ट्रम्प ने नियू यॉर्क टाइम से कहा है कि मध्यावदी चुनाव के नतीजे सुईकार करने के लिए
02:55पूरी तरह तैयार है
02:56साथी डेमोक्रिट्स के साथ काम करने के लिए भी तैयार है
03:01ट्रम्प को ऐसे जनादेश की उमीद नहीं थी
03:03उन्हें भरुसा था कि अमेरिका के पक्ष में उनकी आर्थिक नीती का समर्थन मिलेगा
03:07एरान युद्ध पर उन्हें लोगों का भरुसा मिलेगा
03:10लेकिन रिजल्ट गवाही दे रहे हैं कि उनके बादे पर लोगों को यकीन नहीं रहा
03:18ट्रम्प तो ये भी कह रहे हैं कि मैं बैलेट पर नहीं था और अगर होता तो हम जवर्दस्ट जीत
03:23हासिल करते
03:25हार के बाद ऐसे बयानों का दौर जारी रहेगा
03:27लेकिन उनकी ही पाइटी की नेता निकी हैली नतीजों पर कह रही है
03:32सबसे बड़ा सबक ये है कि जब रिपब्लिकन आर्थिक आजादी, कम टैक्स और छोटी सरकार वाली मीटियों पर कायम रहते
03:38हैं
03:39तो हम जीतते हैं
03:40हमें उन्हीं नीपियों पर वापस लौटना होगा
03:42ध्यान भढ़काने वाली चीजों को छोड़ना होगा
03:45और अमेरिकी लोगों के लिए काम में जुटना होगा
03:50अक्रमक रुख अपनाने वाले टरम्प की सियासत को अमेरिका ने छुकराया है
03:54लेकिन च्रम्प नहीं माने
03:55हार के बाद वो कह रहे हैं कि वो डेमोकरेट्स की अजेंडे को रोकने के लिए
03:58वीटो पावर का इस्तमाल करेंगे
04:00ऐसे में वाशिंग्टन में गयती रोद बढ़ने की पूरी संभाबना है
04:20मध्यावदी चिनाव का नया जनादेश डेमोकरेट्स के पक्ष में है
04:23ऐसे मब अमेरिका की सियासत में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं
04:27और उसका प्रभाव वेश्विक मामलो में भी देख सकता है
04:31डिली से प्रणे उपाद्या के साथ रोहिट शर्मा वाशिंग्टन आज तक
04:54असान शब्दों में कहें तो इससे कहीं न कहीं डॉनल्ड ट्रम की नीतियों की उपर कुछ ब्रेक लगेगा
04:59ये व्यक्तिकत तोर पर राश्पती डॉनल्ड ट्रम्प की जो नीतियां थी उनके उपर एक जन्मत संग्रह के तोर पर देखा
05:05जा रहा है
05:06रिपब्लिकन पार्टी को जटका जरूर लगा है लेकिन निशित रूप से चिंताएं राश्पती डॉनल्ड ट्रम्प की बढ़ी है और जिसका
05:11इज़ार वो खुद कर चुके हैं अंजली वो खुद ये चनाव कैमपेइन के दौरान कहे चुके हैं कि यदि हाउस
05:15और सेने�
05:20इंपीच्मेंट तक जा सकती है यह निए उनके खिलाव महाभयोग लाने तक जा सकती है इसके कारण सितियां उलजी हो
05:27सकती है पेचीदा हो सकती है वो वीटो की कैप भी इसलिए दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस
05:32तरफ डिमोक्राटिक पार्टी न जाने की कोशिश करे
05:35क्योंकि उनके पास फिर वो वीटो का अधिकार है वो इसका इस्तमाल कर सकते हैं
05:39निशित रूप से अमेरिका की राजनीती यहां से कुछ और उलश्ती नजर आती है
05:43लेकिन अगर हम अंतराश्टी राजनीती के लिहाज से बात करें तो क्या
05:46इसके बाद इरान के एक साथ चल रहे संगर्ष के उपर कोई बड़ा बदलाव आएगा
05:51हाल की जो संकेत हैं उससे लगता है कि राश्पती डॉनल्ड टरम्प कुछ रिकंसिलियर्टरी पाथ के उपर जा रहे हैं
05:56कुछ समझोता करना चा रहे हैं
05:58कतर को इसमें शामिल किया जा रहा है कतर के माध्यम से बाचीत की जा रही है
06:01साथ ही कुछ बैक चैनलिस भी चलाए जा रहे हैं
06:04टरम्प संकेत जरूर दे रहे हैं कि वो लड़ाई को और तेज कर सकते हैं
06:08अभी तक उन्होंने किसी तरीके का कोई लिवर दबाया नहीं है
06:11और इस फैसले के बाद उमीद की जानी चाहिए
06:13क्योंकि इसके अंदर अमेरिकी मतदाताओं ने एक तरीके से इस युद्ध को नकारा है
06:18क्योंकि इस युद्ध के कारण अमेरिका के उपर खर्चों का बोज बढ़ा
06:21इसके साथ साथ जो तेल का संकट है उसने आम अमरीकीयों की जेब के उपर बोज को बढ़ाया है
06:27और ये अमेरिका में राश्पती डानल्ड टरम्प की आर्थिक नीतियों
06:30और उनकी जियो पॉलिटिक्स के उपर एक जन्मत संग्रा के तौर पर चुकी देखा गया
06:33इसलिए माना जाना चाहिए कि ट्रम्प अपने अपनी नीतियों के अंदर कुछ बदलाव करेंगे यहां के बाद में
06:39जहां तक हम भारत के संदर में बात करें चूकी भारत को लेकर भी बहुत लोगों की उटसुकता होगी अंजली
06:43कि भारत के साथ संबंदों में क्या बदलाव आ सकता है लेकि सीधे तोर पर भारत के साथ किसी संबंद
06:49का असर तो इस चनाव पर नहीं पड़ेगा
06:50लेकिन जो bilateral trade agreement है वो अटका हुआ है तो उमीद की जानी चाहिए
06:55क्योंकि अब Donald Trump को दोस्तों की ज़ादा जरूरत होगी और ज़ादा भरोसे मन साथियों की जरूरत होगी
07:00और जिस समय भारत के उपर penal tariff उन्होंने लगाया था अंजली तब भी कई लोगों ने उनको ये सला
07:06दी थी
07:06और दोनों तरफ से Democratic Party से भी और Republican Party से भी कि भारत एक अमेरिका का ऐसा दोस्त
07:11रहा है
07:11जिसको दोस्त बनाने के लिए जिस सम्मंद के अंदर successive राश्पतियों ने बहुत इंवस्ट किया है
07:17दोनों पार्टियों की तरफ से इंवस्ट किया गया है इसलिए भारत को नहीं खोना चाहिए
07:20तो उमीद की जानी चाहिए कि भारत के साथ संबंधों की थोड़ी सी साथ संभाल देखभाल वो ज़्यादा बेहतर तरीके
07:26से कर पाएं
07:26ट्रेड एगरिमेंट हो पाए और जो आर्थिक मुश्किलें आ रही हैं उनका भी रास्ता साफ हो क्योंकि जो टैरिफ लगाए
07:32थे उन्होंने उन टैरिफ का बोज भी कहीं ने कहीं
07:35अमेरिकी मदाताओं की जेप पर पड़ा और जिसका खामियाजा अब उन्हें चुनाव में उठाना पड़ा है जी आप हमारे साथ
07:40बने रहे प्रणे तो ट्रम्प को मध्यावदी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है वैसे तो अप्रूवल रेटिंग के
07:47आंकडों के �
07:51अमेरिकी लोगों तक पहुचा आई और उनका घ्रोसा जीता वो नतीजों की रूप में दिखाई दे रहा है इस साल
07:59की शुरुआत से अब तक अमेरिका में कई ऐसे फैसले हुए जिनका बड़ा असर दिखा है और उन्हीं फैसलों से
08:06ट्रम्प को बड़ा जटका मिला है
08:12ट्रम्प ने जुवादा अमेरिका से किया था जो इरादे उन्होंने अमेरिका फ़स्ट के नाम पर दिखाए थे और जिस सोच
08:19के साथ इस मध्यावती चिनाव की कमान समाली थी उन सभी को अमेरिका ने नकार दिया
08:25अमेरिकी कई मामलों में ट्रम्प से राहत की उमीद कर रहे थे लेकिन नाउमीदी हाथ लगी तब लोगों ने अपने
08:32अधिकार का इस्तमाल कर ट्रम्प को जटका दे दिया
08:34प्रतिनिती सभा और सीनेट के चिनावों में रिपब्लिकन्स को बड़ा जटका लगा है
08:44इस्राइल की दोस्ती निभाने की नाम पर चुम्प ने इरान पर अटेक की फाइल साइन की थी और इरान को
08:49तबाह करने का फर्मान जारी कर दिया था
08:51उसके साथ 28 स्वर्वरी को लड़ाई शुरू हो गई थी जो अब तक नहीं था लेकिन उसके साथ साथ अमेरिका
08:58के सामने संकट बढ़ती गए
08:59नतीजे बता रहे हैं कि चुम्प के युद्ध राग को अमेरिकियों ने पूरी तरह नकार दिया
09:04वाल स्ट्रीट जर्नल के मताबक हार के बाद राजपती चुम्प मान रहे हैं कि रिपब्लिकन की हार के लिए कुछ
09:10हद तक एरान युद्ध जिम्मदार है
09:13मध्यावदी चिनाव के नतीजों के बाद एरान ने भी चुम्प पर सवाल उठाए
09:16स्पीकर गाली बाफ ने कहा है कि अमेरिकियों ने युद्ध को ना कहा है और हम इस बात का समर्थन
09:22करते हैं
09:26इरान से लड़ाई शुरू होने के बाद से अमेरिका में आर्थिक संकर गेराया है अर्थ विवस्था पर दबाव पड़ा है
09:32इसके नुकसान रिपब्लिकन पाइटी को उठाना पड़ा
09:36इस साल की शिरुवात में अमेरिका की वार्षित महिगाई दर 2.4 फीजदी थी जो अब 3.7 फीजदी पर
09:43है
09:44पैटरोल जन्वरी की तुल्ला में 54 फीजदी महिंगा हो गया डीजल की कीमत भी करीब 80 फीजदी बढ़ चुकी है
09:49अमेरिका में जीवन यापन के बढ़ते खर्श, खार पदार्थों और एधन की उची दरों को लेकर भी लोगों में भारी
09:56गुस्ता रहा
09:58वोटर्स ने इन आर्फिक परिशानियों के लिए टरम्प प्रशासन की रीतियों को जिब्धार माना
10:05अमेरिका में सरकारी इस तरफ पर ब्रस्टाचार का मुद्दा भी हावी रहा
10:08स्टम्बर में हुए गैलप के सर्वे के मुताबिक 89 फीजदी लोगों ने माना
10:12कि सरकार में व्यापकरूप से ब्रस्टाचार है
10:14ऐसे मामलों पर टरम्प सरकार कावू करने में काम्याब नहीं हो पाई है
10:19उसका असर अब मग्यावदी चिनाव के नतीजों पर दिख रहा है
10:26टरम्प की विदेश नीतियों को लेकर डेमोक्रेटिक पाईटी लगातार हमला वर रही
10:30खासकर इरान युद टेरिफ नीती नेचो यूक्रेइन और इसराइल से चुड़े मुद्दों को लेकर भी
10:36अमेरिकी वोटर्स में गहरी नाराज़गी दिखी है
10:40ऐसे तमाम मस्लों को लेकर समय बीतने के साथ टरम्प की लोग प्रियता में कमी आई
10:45मध्यावदी चुनावों के मध्दान से पहले अप्रूवल रेटिंग की आकड़ों से भी साफ हो गया था
10:50कि ज्राश्पती चुम के लिए अगले दो साल तक का सियासी सफर आसान नहीं रहने वाला है
10:56दिनली से प्रणव पाध्या के साथ रोहित शर्मा वाशिंटन आज तक
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