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US Midterm Elections 2026: Donald Trump की रिपब्लिकन पार्टी को अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में मिली करारी हार पर विदेश मामलों के जानकारों ने बड़ा विश्लेषण प्रस्तुत किया है! जानिए महंगाई, युद्ध और जनता के असंतोष के बीच अमेरिकी कांग्रेस में कैसे पलटा पूरा सत्ता समीकरण।

अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव (US Midterm Elections 2026) के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को तगड़ा झटका दिया है। अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) और सीनेट (Senate) दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) की वापसी और रिपब्लिकन की करारी हार के बाद वैश्विक स्तर पर राजनीतिक विश्लेषक और विदेश मामलों के जानकार इस नतीजे का गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनावी हार के पीछे अमेरिका में आसमान छूती महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत और मध्य पूर्व में तनाव व युद्ध नीतियां सबसे मुख्य कारण रहे। घरेलू आर्थिक संकट से तंग आ चुके अमेरिकी मतदाताओं ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों के खिलाफ मतदान कर अपना असंतोष जाहिर किया है। वहीं, युवा और हिस्पैनिक मतदाताओं के बीच रिपब्लिकन का घटता जनाधार भी इस करारी शिकस्त का बड़ा कारण बना है।

विदेश नीति के जानकारों का यह भी कहना है कि अमेरिकी संसद में विपक्ष (डेमोक्रेट्स) का बहुमत आने के बाद अब राष्ट्रपति ट्रंप के लिए अपने एजेंडे, बजट पास कराने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार या टैरिफ नीतियों पर फैसले लेना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। वैश्विक भू-राजनीति और भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर भी इस राजनीतिक बदलाव का सीधा असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

About the Story:
Following the 2026 US Midterm Elections, international relations experts and political analysts weighed in on the decisive defeat suffered by Donald Trump's Republican Party. Analysts highlight voter dissatisfaction over inflation, economic pressures, and foreign conflicts as key factors behind the Democratic Party's sweeping gains across the US Congress, pointing toward significant shifts in future American policy.

#USMidtermElections #DonaldTrump #USPolitics #ForeignPolicy

~HT.318~PR.514~GR.122~VG.HM~

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Transcript
00:00रिजर्स तो डिफिनेटली ट्रम और ट्रम की पार्टी के लिए बहुत ही नेगेटेव हैं
00:05इसको कहा जा रहा है ब्लू वे भी नहीं
00:07ब्लू डेमोक्राट का कलर होता है रिपॉबिकृस का रेट के लाते हैं
00:10ब्लू वे भी नहीं यह ब्लू सुनामी है
00:13लोवर हाउस और अपर सेनिट रिपब्लिकन पार्टी के कंट्रूल में था मज़ारिटी
00:18अब दोनों में मज़ारिटी डेमोक्राइट से आ गई है
00:22डेमोक्राइट की जो मज़ारिटी वाली कमेटीज हैं
00:24वो रिपब्लिकन अडिमिस्टेशन के ऑफिशल्स के अगें से इंक्वाईरीज, सपीनाज, पेशी करवाएंगी कोट का जहरी टाइब
00:31क्योंकि बड़े सारे इनके पास मुद्दे हैं जो टरम्प सरकार ने डिजियर्स नहीं हैं
00:36जो डिफिनिली टरम और टरम की पार्टी के लिए बहुत ही नेगिटिव हैं
00:41इसको कहा जा रहा है ब्लू वे भी नहीं ब्लू डिमोक्राइट का कलर होता है रिपब्लिकन का Riad कहलाते है
00:46ब्लू वे भी नहीं यह ब्लू सुनामी है
00:49इसके चलते जो हो रहा है
00:51अमेरिकी पार्लिमेंट जो कॉंगर्स कहलाती है
00:53उसका लोवर हाउस और अपर हाउस जिसको सेनेट कहते है
00:57अभी तक लोवर हाउस और अपर सेनेट
01:00रिपब्लिकन पार्टी के कंट्रूल में था मज़ारिटी
01:02अब दोनों में मिज़ोरिटी डेमोक्राइट से आ गई है
01:06इसका ट्रम्प और पार्टी के लिए जो असर होगा
01:09वो यह होगा कि लोवर हाउस में पावर होती है बजट की
01:13हर कमेटी के चेर्मेन बदल जाएंगे
01:15हाउस ओवरसाइट कमेटी डिफेंस कमेटी दियादी
01:17तो डेमोक्राइट की जो मज़ोरिटी वाली कमेटी हैं
01:21वो रिपब्लिकन अडिमिस्टेशन के ओफिशल्स के अगेंस इंक्वाइरीज
01:25सपीनाज पेशी करवाएंगे कोर्ट का जहरी टाई
01:28क्योंकि बड़े सारे इनके पास मुद्धे हैं
01:30जो टरम्प सरकार ने डिजिजिजन्स लिए हैं
01:32आइस की इंटरनल माइग्रेंट को कैसे डील कर रहे हैं
01:36करप्शन के चार्जिस हैं
01:37एब बी आई क्या कर रहा है इतियादी इतियादी
01:40तो वो इंक्वाइरी शुरू करेंगे तो सारे
01:43सेकेंडली लिजिसलेटिव अजेंडा
01:45अगर टरम्प चाहे हिल्थ के रहा किसी में वो पास नहीं कर पाएगा
01:48अपर हाउस में जो इसको नुक्सान हुआ
01:50मज़ारिटी गई उसका नुक्सान ही होगा कि
01:53जो सीनियर पॉजिशन्स होती है
01:54अमेरिकन गवर्मेंट में उसको प्रेजिट अपॉइंट करता है
01:57इंक्लूडिंग सेकेटरी और स्टेट जैसे
01:59रूब योपी ठेक से दितिया दी
02:00उन सब की कन्फरमेशन होनी होती है
02:03सेनेट में
02:03तो FBI का चीफ, CIA का हेड ये वो
02:08इन सब की अपॉइंट्मेंट्स में
02:09टरम्प को मुश्किलात आएगी
02:11क्योंकि डेमोक्राइट्स उनको अपोस करेंगे
02:13या कुछ हो रमागेंगे
02:14तो डोमेस्टिकली
02:15टरम्प का अजेंड़ा एक तरसे बहुत ही
02:18मेरे खाल से हर्ट होगा
02:19इसे का आ जाता है से
02:20लेम डक प्रेजिडेंट
02:22मेरे विचा से टरम्प अब बन गया है
02:24लिम्पिंग डक प्रेजिडेंट
02:26देखे एरान यो दिया वाकि जो है
02:29किसी भी केस में
02:31अगर टरम्प की पार्टी मानो
02:32मज़ोरिटी में भी आ जाती
02:34अब तो नहीं आई है
02:37मज़ोरिटी में भी आ जाती
02:38तब हो था टरम्प को कि
02:39मैं जो कहता था देश ने मुझे
02:40कर दिया है मैं तो करता ही रूँगा
02:43अब जब मज़ोरिटी नहीं आई है
02:44तब उसे कुछ करना है, देश के अंदर वो कुछ कर नहीं सकते जादा, इंटरनेशनल अफेस में जादा फोकस करेगा,
02:51अमेरिका में प्रेज़ेंट की पावर, जो एक्जेक्टिव पावर होती है, नाशल सेक्यूरिटी, फॉर अफेस, ट्रेड को लेके जादा होती है,
02:57जो क
02:59कॉंगर्स की जरूत नहीं है, तो इरान यूद का क्या होगा आने वाले वक्त में हम बिलकुल नहीं कह सकते,
03:05बट दोनों ही हालात में, अगर ट्रम्प जीद भी जाते हैं सारी इनकी पाटी, या हार भी गए हैं जैसे
03:10अब, इरान को लेके क्या डिसेजिन रहेंगे, वो डि
03:18मित जड़ान अप्टे Mountainस, इता है क्या हैंगे, डम्हें दू जड़ान के या हैंगे, लेके स्चाश आने व判 फoga ऑने
03:22वाले को टेखे दियád आने चीद्ड से अईनाने में हैं पयाशल पे रहाउत, इनको एれख है और वाले Wi-Fi
03:26जी आरे इनका जो今天 हैंगे, शेया खिक जईा

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