Skip to playerSkip to main content
  • 5 hours ago
केरल में जन्मी नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर पद का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने मौजूदा मेयर करेन बास को हराया है. इसके साथ ही, वह इस शहर की पहली एशियाई-अमेरिकी मेयर और इस पद पर चुनी जाने वाली महिला बन गई हैं.  कुल 784,262 वोटों में से नित्या रमन लगभग 26,000 वोटों की बढ़त के साथ आगे रहीं. 28 जुलाई 1981 को केरल में जन्मीं नित्या रमन छह साल की उम्र में लुइसियाना चली गई थीं और 22 साल की उम्र में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल गई. उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल थ्योरी में स्नातक की डिग्री हासिल की और बाद में MIT से अर्बन प्लानिंग  में मास्टर डिग्री प्राप्त की.  2013 में लॉस एंजिल्स आने के बाद, उन्होंने नगर प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया, 'सेलाह नेबरहुड बेघर गठबंधन' (SELAH Neighborhood Homeless Coalition) की स्थापना में मदद की, और 'टाइम्स अप एंटरटेनमेंट' में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्य किया. 'डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट' आंदोलन से जुड़ीं नित्या रमन छह साल तक सिटी काउंसिल की सदस्य भी रही हैं. चुनाव से पहले मतदाताओं की प्राथमिकताओं से पता चला कि शहर के सामने नगर प्रशासन से जुड़ी कई बड़ी चुनौतियां हैं. 

Category

🗞
News
Transcript
00:03खेरल में पैदा हुई नित्या रमन ने अमेरिका के लॉस एंजलिस मेर पद की दोड जीत ली है।
00:30नित्या रमन का जन्म 28 जुलाई 1981 को किरल में हुआ था। वो महस 6 साल की थी तब उनका
00:38परिवार अमेरिका के लुईसियाना में बस गया। 22 साल की उम्र में उनहिन अमेरिकी नागरिक्ता मिली। नित्या ने प्रतिष्ठित हावड
00:47युनिवरसिटी से पॉलिटिकल थियोरी मे
00:49ग्राजुएशन किया। Massachusetts Institute of Technology यानि MIT से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। साल 2013 में वो
01:00लौस एंजलेस आ गई। उन्होंने शहर के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ काम किया और बेघर लोगों की मदद के लिए
01:08सेला नेबर हुड होमलेस कोईलीशन की स
01:13थापना में एहम भूमी का निभाई। इसके अलावा उन्होंने टाइम्स अप एंटर्टेइन्मेंट में एक्जीक्यूटिव डारेक्टर के तौर पर भी काम
01:21किया। वो डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट आंदोलन से जुड़ी रही है और पिछले 6 साल से लौस एंजलेस सिटी
01:28काउंसिल की सदसे के तौर पर काम कर रही है। नित्या रवन के लिए अब चुनावी वादों को जमीन पर
01:36उतारने और शहर की समस्याओं से निपटने की चुनौती होगी।

Recommended