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  • 10 minutes ago
रांची में दीपावली को लेकर बाजार गुलजार है. मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ गई है. बाजार की स्थिति पर चंदन भट्टाचार्य की रिपोर्ट.

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Transcript
00:00दिपावली को लेकर राजधानी के बाजारों में रोनक बढ़ गई है अपर बजार लालपूर कांटाटोली और मुराबादी में सुभ़ से
00:06साम तक खरिदारों की भीर जूट रही है बाजार में इलेक्ट्रोनिक जालरो और आधुनिक सजावटी समानों की बीच पारंपरिक
00:48बाजार में सामान्य मिट्टी के दियों के साथ रंगिन और डिजाइनेर दियों की कई वराइटी मोजुद है
00:53सामान दिये करीव एक रूपिय प्रतिपीस भीक रहे है वहीं डिजाइनर और आकरसंग रंगो वाले दियों की किमत पचास से
00:59एक सो बीस रूपिय प्रतिद दर्जन तक है
01:02दुकानदारों के अनुसार पिछले साल के तुलना में दियों के किमतों में दस से बीस फिजली तक बढ़ोत्री हुई है
01:09दिपाबली पर करंच देल से दिया जलाने की परंपरा जहारखन के कई परंपरिक और आदिवासे समोदायों में प्रचलीथ है
01:14स्थानिय बाजार में यह करीव दो सो रूपिय प्रति लिटर मिल रहा है
01:19परंपरिक मैंनता के अनुसार इससे दिया जलाना सुभुमाना जाता है
01:23इसके प्राकरतिक किट रोधी गुनों के कारण भी इसका इस्तेमाल होता है
01:49पंदर रुक्य साइकड़ा अब देड़ साइकड़ा है
01:53तोचिए अब मूर्ति का रेट कैसा है
01:55मूर्ति का है अभी 400-500, 1000-2000 तोचिए पहले से थोड़ा बहंगा ही यह दिया
02:08लेकिन इन लों को भी मजबूरी है
02:10इन लों को भी थोड़ा आपना जीवन जीना है
02:13मौसम भी खराब हुआ था तो मिट्टी का आटम है तो थोड़ा इन लों को भी शकली है
02:18इन लों का भी हम लोगो ख्याल रखना चाहिए
02:20इस पे तो कोई सक नहीं है कि देशी समान से भी बनाना चाहिए
02:45कुमारों के अनुसार दिये बनाने योग्य मिट्टी के उपलबधता चुनोती बनी हुई है
02:49कई बार दूर दराज के इलाकों से मिट्टी मंगानी पड़ती है
02:52इसके आलावा इंधन और मेहनत के लागत बढ़ने से दिये महंगे हुए है
02:56बाजार में लच्मी गनेश की मुर्तिया घरोंदे फूलो की माला आए
03:01बंदनवार रंगोली और साजावाटे लाइटों की भी अच्छी मांग है
03:04खरिदारों का कहना है कि मिट्टी के दिये खरिदना तेवहार की परंपरा से जूडने के साथ
03:09इस्थाने कारिगरों को प्रोच्छाहित करने का भी माध्यम है
03:13चन्दन फिटाचारिया ETV भारत राची

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