00:00लक्ष्मी जी को प्रसंद करने के लिए सबसे सुन्दर है कि अपने जीवन में पॉजिटिव नस लेके आएं
00:06किसी जीव की हत्या करके आप किसी शुबकारे की कल्पना कर ही नहीं सकते
00:10निश्चित आपको ये समझ लीजिए कि जो लक्ष्मी की बहन है ना अलक्ष्मी दर्रिद्रता वही प्राप्त होगी
00:17तो ऐसे लोगों को कहुँगा कि लोगों को मुर्ख और प्रहम में डालना बंद करें और लोगों का कल्यान करें
00:23नकि इस विद्ध्या को बधनाम करें
00:27दीपाउली का पर्व रोश्नी, खुश्यों और लक्ष्मी पूजन के लिए जाना जाता है
00:33लेकिन हर साल इसी पर्व के दौरान उल्लू के शिकार को लेकर वन विभाग के चिंता बढ़ जाती है
00:39समाज में फैलेक अंधविस्वास के चलते दीपाउली की रात उल्लू की बली देने
00:44और उसके अंगों का तांतरिक क्रियाओं में इस्तेमाल किये जाने की बातें सामने आती रहती है
00:50इसलिए राजाजी टाइगर रिजारू और वन विभाग ने दीपाउली को लेकर सभी वन शेत्रों में अलर्ट जारी किया है
00:57हरिद्वार के वन शेत्रों में विशेष निग्रानी की जा रही है
01:01जो है समस्त रेंज ओफिसर्स और हमारा जो फील्ड स्टाफ है इनको अलर्ट कर दिया गया है
01:08और सभी की छुट्टिया रद कर ली गई है और सभी को निर्देशित किया गया है कि अपने मुख्याले पर
01:12बने रहेंगे
01:13और वन और वन्यज्यों की सुरक्षा है तुझ जो है तत्वर्द्धा से कारी करेगी है
01:19जो खत्रा बना रहता है दिवाली के समय विभिन वन्यज्यों को लेकर
01:42धर्माचारी भी उल्लु को लेकर फैले अंध विश्वास से बचने की सलाह दे रहे है
01:47बली का अर्थ है भेट करना अर्थात अपने भाव को भेट करना
01:51लक्ष्मी जी को परसंद करने के लिए व्यक्ति का सबसे पहले मन के भावशुद्ध होने चाहिए
01:57और उसकी सनातन धर्म के जो हमारे शाश्वत नियम है उनमें श्रद्धा होनी चाहिए
02:02उससे लक्ष्मी की प्राप्त होगी
02:04किसी जीव की हत्या करके आप किसी शुबकार की कल्पना कर ही नहीं सकते
02:08निश्चित आपको ये समझ लीजिए कि जो लक्ष्मी की बहन है ना अलक्ष्मी दर्द्रता वही प्राप्त होगी
02:15तो किसी ऐसे पक्ष्मी को विशेश तोर पे जो बिल्कुल ही दुरलब है उसको किसी प्रकार की हत्या में सनलिप्त
02:23होना अपने लिए हानिकार की ही होगा लक्ष्मी की करपा तो कभे प्राप्त नहीं होगी
02:28ये पशुपक्षियों को मार के आपको कुछ प्राप्त नहीं होगा, लक्ष्मिय और नाराज हो जाएंगे।
02:33ऐसे जो तंत्र से जुड़ेवे वक्ति अपने आपको स्वगोशित, स्वयंभूत आंत्रिक हैं, इससे ही पता लगता है कि वो गुरू
02:40से प्राप्त ज्यान के अभी पीछे छुटे हुए हैं, गुरू परंपरा में नहीं है, गुरू परंपरा में इन सब चीजों
02:47को निशे�
03:00का है, इसलिए इसे सनरक्षित पक्षी की स्रेणी का माना जाता है, वन विभाग भी इसे लेकर गंभीर है और
03:07दिन के साथ साथ रात में भी जंगल में गश्ट की जा रही है, इटीवी भारत के लिए हरी द्वार
03:13से सचिन कुमार की रिपोर्ट