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  • 6 years ago
मेरठ। जिले में पिछले दो महीनों से दवाइयों की दुकानों पर बिकने वाला एंटी कोरोना लॉकेट इन दिनों शहर के लोगों की पसंद बना हुआ है। हो भी क्यों न। इसे कोरोना संक्रमण को रोकने वाला लाकेट बताकर जो बेचा जा रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस लॉकेट से कोरोना के खात्मे या बचाव की बात को महज कोरी अफवाह बता रहे हैं।
बताते चलें कि पिछले कुछ समय से जिले में दवाओं के थोक बाजार खैर नगर में एंटी कोरोना लॉकेट खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इस लॉकेट की होलसेल कीमत जहां तीन सौ रुपए है। वहीं, मेडिकल स्टोर संचालक और फुटकर सामान के विक्रेता ग्राहकों से इस लॉकेट की कीमत कई गुना अधिक वसूल कर रहे हैं। जिले में मेडिकल स्टोर चलाने वाले कई लोगों का दावा है की इस लॉकेट में क्लोरीन डाइऑक्साइड की लेयर है। जो हवा में रहकर लॉकेट को पहनने वाले व्यक्ति के एक मीटर की दूरी तक के कोरोना वायरस को नष्ट कर देती है। इस लॉकेट की लोकप्रियता का आलम यह है कि जिले के भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल सहित कई भाजपा नेताओं के गलों में यह लॉकेट लटका हुआ देखा जा सकता है। उधर, केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन के पदाधिकारी रजनीश कौशल के मुताबिक इस लॉकेट की विश्वसनीयता के विषय में एक्सपर्ट ही सही जानकारी दे सकते हैं। वहीं, जब इस विषय में सर्जिकल आइटम की दुकान करने वाले एक थोक विक्रेता से सवाल किया गया तो उन्होंने भी इसे एक्सपर्ट से जुड़ा मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। हालांकि जिले के सीएमओ डॉ राजकुमार ने इस प्रकार के किसी भी लॉकेट से कोरोना के खात्मे की बात को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सिर्फ कोरोना को रोकने के लिए निर्धारित मानक ही लोगों को इस बीमारी से बचा सकते हैं।

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