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  • 3 years ago
जिनकुशल सूरि जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ संघ की ओर से आयोजित चातुर्मास महोत्सव में रविवार को साध्वी नीलांजना ने साधर्मिक भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सर्वज्ञ धर्म को मानने वाला, अहिंसा का पालन करने वाला, नमस्कार महामंत्र का उच्चारण करने वाला साधर्मिक है। प्रचा

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