00:00आपकी माताजी भी यहाँ पर है, तो मैं जानना चाहता था कि आपको बनाने में उनका क्या योगदान था?
00:30किसी रियायत या समझोते की को निजाइश रहती नहीं थी, मैं ऐसी कलपना भी नहीं कर सकता था कि मैं ठीक से पढ़ूंगा लिखूंगा नहीं या स्कूल से भद्दे नमबर या भद्दा रिपोर्ट कार्ट लेकर आऊंगा तो घर पे मेरा स्वागत होगा, स्वागत होता �
01:00अब कर लिया था मैं फिर करके दिखाऊंगा, कोई भी E आखरी नहीं होता, E को A में बहुत जल्दी बदला जा सकता है, अब तो खुद बदलता हूँ, पहले इन्होंने बदल वाया