00:00Venice, which was a beautiful thing for him,
00:04here was a beautiful place where it came from.
00:07It was a little bit of a sea and a little bit of a feeling of feeling.
00:14This city was built by King William's Palace,
00:18which was a place where it came from from all over the world.
00:23The city of Venice was a beautiful place where it came from.
00:26जिन पर शाम की रोशनी गिरती तो वो सोनी की तरह चमकने लगती थी
00:31शाम के वक्त महल के बगीची में खड़ी
00:35क्वीन सोफिया महल की चमकती दीवार को एक टक देखती जा रही थी
00:40बस बहुत हुआ अब और इंतजार सोफिया नहीं कर सकती
00:44अब वक्त आ गया है इस राज्य को उसका नया राजा देने का
00:48अपने दुपट्टे को जटकती हुई रानी सोफिया सीधा राजकुमारी रोज के कमरे में जाती है
00:55मम्मा देखिये ना पिताजी ने कितनी वेराइटी के कपड़े, क्राउन, सेंडल्स भिजवाए हैं मेरे लिए
01:02इन में से एक फाइनल करना होगा
01:04कल मेरी ताजपोशी है पर अकेली ये मुझसे नहीं होने वाला
01:09मैं आपके पास ही आने वाली थी मम्मा, मेरी हेल्प कीजिए
01:13हाई मेरी प्यारी बच्ची, तो तुम्हें क्या लगता है
01:20कि मैं तुम्हारी ताजपोशी के लिए बहुत ही बेसब रहू
01:24दिल्कुल भी नहीं, भूलो मत कि मैं तुम्हारी सौतेली मा हूँ
01:30और तुम हो मेरे बेटे और इस महल के सिंगहासन के बीच का काटा
01:34जिस लड़की के कारण मेरा हैरी राजगदी पर नहीं बैठ पा रहा
01:39उसके मदद करूँगी, बिल्कुल भी नहीं
01:42अच्छा लगा ये सुनकर, कि इस महल के रानी साहिबा
01:46और मेरी सौतेली मा के मुझे सच तो बाहर आया
01:49यो तो आप मेरी मौसी भी है
01:51पर वो रिष्टा भी आपसे निभाया नहीं गया
01:54अच्छी तरह जानती हूँ मैं
01:56कि मेरी मा की मौत के पीछे आपका ही हाथ था मौसी जी
01:59और हाँ, सबान चलाने से पहले जरा सोच लेजिए
02:03कल सिटी ओफ वैनिस की नई रानी बनने वाली हूँ मैं
02:06ताजपोशी होने वाली है मेरी
02:08मैं चाहू तो होने वाली रानी के साथ बगसलू की करने के चुर्म में
02:12आपको काल कोठरी की हवा खिला सकती हूँ
02:15ताजपोशी कल है ना प्रिंसेस
02:18अब कल सिंगहासन पर आप बैठेंगी या मेरा बेटा
02:22वो तो ये काली रात के बेटने पर ही पता चलेगा
02:26ये कहकर रानी सोफिया रोज के कमरे से बाहर आ जाती है
02:31और जान बूझ कर महल की सीडियों से नीचे गिर जाती है
02:36रानी को इस तरह लुढ़क कर सीडियों से गिरता दे
02:39सभी नौकर सिपाही भागते हुए वहां आते हैं
02:43और रानी सोफिया को पौरण ही डॉक्टरों की निगरानी में ले जाया जाता है
02:48आप ठीक तो है ना ममा
02:50पर ममा अभी आपकी दवित ठीक नहीं है
02:59ये सिटी ओफ वैनिस की रानी का आदेश है
03:02रानी सोफिया के आदेश को मान कर सभी कमरे से बाहर चले जाते है
03:07आपको इतनी कहरी चोटाई है कुईन सोफिया
03:10और इस वक्त भी आपको कोई जरूरी बात करनी है
03:13कभी तो खुद के बाले में सोचिये
03:15क्या बात है जो आपको इतना बेचेंग कर रही है बताईए
03:19मैंने रोज को हमेशा खुद की बेटी मान कर पाला है
03:23अगर दीदी की चान चली गई
03:25तो इसमें मेरी क्या खलती
03:27कल रोज की ताजबोशी होने वाली है
03:29और अभी से ही उसमें इतना घमण आ गया है
03:32कि उसने मुझे सिठियों से धक्का दे दिया
03:35ये बात मैं बाकी सभी लोगों के सामने तो नहीं कह सकती थी न
03:39रोज भले ही मुझे अपनी मान अमाने
03:42पर मैं तो उसे बेटी मानती हुना राजा साहब
03:45वो भले ही मेरे साथ कितना भी बुरा सुलूक करे
03:49मैं सब नजर अंदास कर दूँगी
03:51पर इसी घुस्से में अगर उसने राज्य का कार्यभार अपने हाथों में लिया
03:56तो कल को ऐसा ना हो
03:58कि नाधानी में वो आपके ही हिलाफ जंग का एलान कर दे
04:02मुझे लगता है कि इस राज्य के जिम्मेदारी
04:06रोज के कमजोर कंधों पर डालने से पहले
04:09हमें उसे थोड़ा और वक्त देना चाहिए
04:12आप बिल्कुल ठीक कह रहे ही कुईन सूफिया
04:15पर पूरे राज्य में हम ये ऐलान कर चुके हैं
04:17कि कल राज्य को उसका नया अधिकारी मिलेगा
04:20तो आपका खून ही तो है हैरी
04:24कुछ समय के लिए हम उसे राज्या खोशित कर देते हैं
04:28फिर जब रोज राज्य का काम सभालने के लिए तयार हो जाएगी
04:31तब हम उसे उसका सिंगासल लोटा देंगे
04:34क्वीन सोफिया अपनी शत्रंज की चाल ऐसी चलती है
04:37कि उसे अपनी सौतेली बेटी से छुटकारा भी मिल जाता है
04:41और हैंडरी को राजगद्दी भी
04:43अगली सुबह यहां राजमहल में हैंडरी की ताजपोशी हो रही थी
04:48तो दूसरी और हुसे में किंग विलियम अपनी बेटी रोज को बिना किसी शाही ठाट बाटके
04:55साधारन वेश भूशे में महल से दूर एक अंजान गाउं में भेजने का परमान सुना देते हैं
05:03मैंने कभी नहीं सोचा था कि डैड़ी मेरे साथ ऐसा करेंगे
05:06मैं कभी वापस नहीं आऊंगी कभी नहीं
05:10महल के दो नौकर राजकुमारी को दूर गाउं में छोड़ कर वापस आ जाते हैं
05:15गाउं में एक अंजान लड़की को देखकर एक किसान जौन और उसकी पतनी एला उसके पास जाते हैं
05:23कपड़ों से तो तुम साधारन लगती हो पर तुमारे चेहरे की चमक बता रही है कि तुम किसी आम घर की नहीं हो क्या तुम अपने लोगों से बिछड़ गई हो
05:32मैं जो भी थी वो मेरा अतीद था फिलहाल मैं बे सहरा हूँ पर मुझे खेती करनी आती है क्या आप लोग मुझे काम दे सकते हैं
05:42मेरी प्यारी बच्ची हम तुमसे काम कैसे करवा सकते हैं भगवान ने हम दोनों को बच्चा नहीं दिया था इस बात के लिए मैं हमेशा भगवान से शिकायत करती थी आज तो उसने मेरी इच्छा पूरी की है अपनी बेटी से में काम कैसे घरवा सकती हूँ चलो तुम मेर
06:12बाहर था छोटा सा बगीचा और पीछे कुछ खाली जमीन लगता है आप घर का दर्वाजा लगाना भूल गई थी मिसैला देखिए आपका घर कितना गंदा हो गया है आप आराम से बैठिए मैं जाडू लगा देती हूँ राजकुमारी जिसने आज तक कभी एक तिनका भी न
06:42जाना हिसे ये तो राजकुमारी रोज है तो ना सिर्फ चाल में मुझसे तीज है बाकी दिमाग तेरा कमजोर ही है मैंने तो राजकुमारी की गंद से ही पैचान लिया था ये कहें कि शहजादी है ना जाने कितने सालों से हमारे गाउं में सूखा पड़ा हुगा है अब र
07:12लकडियां तोड कर लाती और जो कुछ भी मिलता उसी में गुजारा करती रोज की तरह आज भी अपना उदास चहरा लिये जॉन अपने घर वापस लोटता है अब मैं हिमत हारने लगा हूं एला मुझे नहीं लगता है कि हमारी जमीन पर कभी भी खेती हो पाएगी अब इन
07:42अच्छे हैं और रोज भी आप ऐसा क्यों सोचते हैं मैं तो कहती हूं एक बार हमारी बेटी रोज को हमारी जमीन पर लेकर जाईए हो सकता है इसके पहर पढ़ने से जमीन फिर से हरी हो जाए तुम चलोगी मेरे साथ रोज बेटा सिर्फ चलूंगी नहीं अंकल जॉन मैं �
08:12पर खुदाल मारती है उपर से बारिश होनी शुरू हो जाती है और उन जमीन जिसमें पिछले 5 सानों से पानी की एक गूंद नहीं मिली थी पानी से भीग जाती है अब हर रोज रोज भी खेत पर आती और खेती करती ऐसा कैसे हो सकता है चावल के दाने के साथ दान में सोने
08:42साल भर के अंदर-अंदर ही जॉन और एला राजाओं की तरह शानों शौकत वाली जिन्दगी जीने लगते हैं रोज का अपना महल होता है अपना इलाका होता है
08:53क्यों वरी तुम्हीं नहीं लगता कि रोज को अपने घर की याद आती होगी मुझे लगता है कि हमें पंचियों की मदद लेकर रोज के घर को ढूंड़ने में उसकी मदद करने चाहिए
09:05तुम्हारे तो कोई खास दोस्त है ही नहीं तुम महल के अंदर ही रहो मैं जाता हूँ और चीपी चिडिया से इस बारे में खबर लेकर आता हूँ
09:13चीपी चिडिया एक जासूस चिडिया थी वो उरती हुई सिटी आफ वेनिस में पहुँच जाती है और राज महल के अंदर सोफिया और हैंवरी के बीच की बातचीत को सुन लेती है
09:25महराज को नशे की ऐसी आदत लगाई है मैंने कि अब वो हर रोज बस अपनी बेटे की याद में पीते और रोते रहते हैं
09:33कुछ दिनों में वो रोते रोते मर जाएंगे फिर हम दोनों आराम से इस महल में रहेंगे
09:40चीपी चिडिया फॉरण इस बात को बनी और रैबिट को बताती है और रैबिट रोज को
09:47तुम बोल सकते हो
09:48फिलाल इस बारे में बात नहीं करते हैं रोज तुम्हें अपने पिताजी को और अपने राजे को बचाना होगा
09:54Rose, she herself ended with Venice in City, and she returned home to her husband.
10:02She took her into her family and she was cut into her face.
10:07She took her back to bed. She used to put her back in her face.
10:11Later, she got her back home.
10:13She took her back home to the new house and raised her back home to the new house.
10:17Rose put her back home.