00:00परी के दी हुई जादूई काउन कुछ समय पहली की बात है एक गाउ में कुमुद नाम की एक औरत अपनी दो बच्चो अनेन्य और बिट्टू के साथ एक छोटे से घर में रहा करती थी कुमुद का परिबार बहुत ही गरीब था क्योंकि कुमुद के पती के दिहां के बात �
00:30गाउं के जमिंदार केसब के यहां साफ सफाई का काम क्या करती थी लेकिन केसब की पत्नी कात यानी एक बहुती दोष्ट और घमन्ली केस्म की औरत थी वो हमेशा कुमुद को बिना किसी गलती के जारू या डंडे से मारा करती थी लेकिन कुमुद अपनी मजबूरी की व�
01:00अपनी मा के चिंता होने लगती है और वो कहते हैं देदी इतनी देर हो गई लेकिन मा अभी तक नहीं आई तुम सही कह रहे हो बिट्टू पता नहीं आज मा कहा रहेगी मुझे तो बुनकी बहुती जादा चिंता हो रही है देदी मुझे बहुत तेज भूख लग रही है �
01:30तक तो आई ही नहीं क्योंना हम लोग खुदी मा के पाथ चले अच्छे ठीक है बिट्टू चलो इतना कहकर बिट्टू और अनन्दिया अपनी मा को बुलाने के लिए जमिंदार के घर खुद ही चले जाते हैं लेकिन जब हुए लोग हुआ पहुचते हैं तो अपनी मा को �
02:00मुझे चोड़ देजे अरे एक तो तुने मेरा इतना नुकसार कर दिया और अब उपर से जोट भी बूल रही हो अरे अगर तु यहां अंगे में जारू मार रही थी तो वहां दूत क्या अपने आप गिर जाएगा तुझे तो इस नुकसार की से ज़रूर मिलेगी इसलिए
02:30अच्छो तुम लोग यहां क्यों आए वो मा हमें आपके चेंता हो रही थी इसलिए हम बस आपको देखने आ गए लेकिन काकी आप हमारी मा को क्यों मर रही हो उनके कोई गल्दी नहीं है काकी अच्छा तो तुमारे मा के कोई गल्दी नहीं है तो क्या गल्दी मेरी है जो म
03:00So, it's not going to be a price.
03:02Go go and go and get your children and come and come and come and get your children.
03:06So, this is how the time she listens to her children,
03:10and then she has a good night.
03:15So, Katiyaani is very happy with her.
03:19Oh, Katiyaani, you're so big.
03:22She's got your blood on her hair and she's got all the way to put it.
03:27अरे तो और क्या करती थी, मुझे तो आपने इस मेने के पैसे बचाने थे, तो कुछने-कुछ तो करना ही था ना, और वैसे भी, ऐसी लोगों को काबो में करने का सिर्फ एक यही रास्ता होता है, कम से कम उन लोगों के अंदर हमारा दर्तों बेना नहेगा,
03:42जमिनदार की बीबी और जमिनदार एक नमबर का घमंडी और मकार किस्म का इंसान था, उन्हें उस गरीब लाचार मा और उनके बच्चों पर जराबी तरस नहीं आ रहा था, वो हमेशा कुमुद के साथ ऐसा ही वहवार किया करते थे,
03:58ऐसे ही अगले दिन जब कुमुद वापस जमिनदार के इहां काम करने जाती है, तो उसकी आखें पहले से ही नम हो रखी थी, लेकिन वो फिर भी चुपचाप जाकर आंगर में बैटकर कप्रेद होने लगती है, लेकिन कल पूरे दिन भूके रहने की वज़े से कुमुद के
04:28एक तो इतनी काम चौर है, उपर से तुने मेरी ये नहीं सारी भी फार दी, लेकिन मालकिन ये सारी, ये सारी मैंने नहीं फारी है, ये तो पहले से फट्डी हुई थी, मैंने आपको बताया भी था मालकिन, अरे तो तुझे क्या लगता है, मैं जुट बो रही हू, तो नही
04:58रखेर आसे लेकिन मालकिन मालकिर ये सारे तो बहुत मिहँती है
05:04astronomy काहते कर दримद पाह। हमे तो मुझे मेड़े के पैसे भी नहीं दिये
05:09वह सबस मुझे नहीं पता मुझे तो मेरी शारी चाहिए इतना सुनकर Kilmod
05:15This is the one that we have to do with our own house.
05:17And our mother will be so much
05:23and she will be so upset and she will be so upset and she will be so upset and she will be so upset.
05:25My mother is so upset and she will not have any money.
05:30So we should have something to do with her.
05:33But my mother is not so upset and she will not have any money.
05:39What can we do with her?
05:41दीदी माह हमेशा कहती है, अगर हम सच्चे दिल से भगवान से कोई भी प्रात्ना करेंगे, तो वो हमारी सारी च्छाओं को जरूर पूरा करेंगे, क्यों ना हम भी एक बार भगवान के पाथ जाकर अपने परेसानी के लिए प्रात्ना करें?
05:55हाँ, तुम सही कह रहे हो बिट्टू, हमें जाकर भगवान से प्रात्ना करनी चाहिए, इतना बोलकर अनन्य और बिट्टू मंदिर पहुंच जाते हैं, और कहते हैं, हे भगवान हमने सुना है, आप हमेशा सबके एक्छाओं को पूरा करते हैं, तो आज हमारी भी एक एक्छ
06:25मा घर पर बहुत परेसान है, आप उनके लिए हमारी मदद कर दीजिए ना, उन बच्चों की ऐसी बाते सुनकर, आसमान में उर रही एक परी, उनके सामने आती है, और कहती है, बच्चों, तुम लोगों को चिंता करने के कोई जरुत नहीं है, तुम लोगों ने सच्चे द
06:55जीवन की सभी परेसानियों को दूर कर देगी, इसलिए इसे ले जाकर, तुम लोग अपनी मा को दे दो, परी जी, मेरी मा बिल्कुल सच कहती थी, भगवान है में सबकी प्रात्ना सुनते हैं, इसलिए था उन्होंने ही आपको हमारे पास भेजा है, हमारी मदद करने के लि
07:25उनको लेकर अपनी मा को दे देते हैं, और उनको सारी बाते बता देते हैं, अपने बच्चों की बाते सुनकर, कुमोद की आँखों में खुशी के आउसू आजाते हैं, आगले दिन जब कुमोद हुआ गाउन ले जाकर, जब इंदानी के घर जाती है, तो कात्यानी उससे क
07:55this
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10:14विने और अर्विंद नाम के दो सगे भाई अपनी मा कमला के साथ रहते थे
10:19जहां विने एक बहुती अच्छा और इमानदार इंसान था
10:23वो हमेशा अपनी मा के कामों में उनकी मदद क्या करता था
10:27वहीं अर्विंद बहुती लालची और घमंडी किस्म का इंसान था
10:32वो हमेशा बस अमीर बनने के सपने देखा करता था
10:36वो घर का भी कोई काम नहीं करता था
10:38तबी उसे कहीं से पता चलता है कि पहारों की दूसरी तरफ बसे एक सुन्दर से महल के अंदर
10:45एक सुनेरे बालो बाली राजकुमारी को कैद करके रखा है
11:03बाद बाद बी अर्विंद को उस महल में जाने के एक्षा
11:15जाग उठती है और वो कहता है अरे वा ये तो अमीर बनने का बहुत अच्छा आउसर है मैं इसे अपने हाथ से नहीं जाने दूँगा इसलिए मैं कली ही उस महल में जाकर उच जादुगणि के तीन सर्तों को पुरा करूंगा इतना कहें कर आरविंद बहुत ज़्यादा
11:32And when she tells her mother to go out and see her mother to go out, she doesn't listen to her.
11:39But in her mother, her mother doesn't listen to her.
11:42But she doesn't listen to her, she does not listen to her, and then she doesn't listen to her.
11:49And the other day, she doesn't hear her house.
11:52तबी कुछ दूर आगे चलने के बाद उसे रास्ते में कुछ खरगोश मिट्टी का घर बनाते हुए दिखाई देते हैं
11:59जिसे देखकर अर्विंद अपने घोडे से उनके मिट्टी के घर को कुचल देता है
12:04ये देखकर नन्ने खरगोश डड़ के मारे इधर उधर भागने लगते हैं
12:09तबी कुछ दूर और आगे चलने के बाद वो एक नदी के पास पानी पीने के लिए रुखता है
12:15जहां उसे देखकर कई सारे बत्तक खाने की आवाज लगाने लगते हैं
12:20और ये देखकर अरविंद बड़ी ही निर देता से उनको पत्थर मारकर महां से भगा देता है
12:26और कहता है
12:27आज अगर मेरे रास्ते में कोई भी आएगा तो वो मेरे हाथ से मारा जाएगा
12:32और इस तरह अरविंद जब कुछ दूर और आगे बढ़ जाता है
12:36तो उसे पेर के उपर दो पंची अपले कुछ अंडों के साथ दिखाई देते हैं
12:41तबी उनके घोसले से एक छोटी से डाली तूट कर अरविंद के सर पर लग जाती है
12:46जिसके बाद अरविंद को बहुत ही ज़्यादा गुस्सा आता है
12:50और वो कहता है
12:51अरे तुम चोटे से पच्छी की इतनी हिम्मत तुम मुझे पर हमला कर रहे हो
12:55रुको अभी बताता हूँ
12:57इतना कहकर अरविंद उनके घोसले को हाथ से मार कर नीचे गिरा देता है
13:02जिससे वो चिरियां बहुत ही ज़्यादा उदास हो जाती है
13:06लेकिन सोभागी से उनका वो घोसला पत्तो की जारियों पर गिर जाता है
13:11जिस वज़ा से उनके अंडे सुरक्षित रहते हैं
13:14तभी अरविंद वहां से आगे की ओर चलने लगता है
13:17कुछ दूर चलने के बाद जादू गर्नी के महल के पास पहुंच जाता है
13:22और घोरे से नीचे उतर कर वो दरवाजे के पास जाता है
13:26और बहुत ही गुस्से में कहता है
13:28जो भी इस महल के अंदर है वो जल्दी से गेट खोलो
13:32मुझे जादा इंतिजार करना पसंद नहीं
13:35अगर तुमने ये दरवाजा नहीं खोला
13:37तो मैं ये दरवाजा तोड़ दूँगा
13:39अरविंद के इतना चिलाने के बाद
13:41एक बूरी जादू गर्नी दरवाजा खोलते हुए कहती है
13:45अरे कौन हो तुम और यहां क्या कर रहे हो
13:49ये मेरा महल है बताओ क्या काम है
13:52अरे क्या तुम्हें सुनाई नहीं देता
13:54मैं कबसे गेट पीट रहा था
13:56लगता है तुम्हें बुडाते की वज़ा से सुनाई देना कम हो गया है
14:00इसलिए ध्यान से सुनो
14:01मेरा नाम हरविंद है
14:03और मैं यहां सुनेरे बाल वाली राजुमारी को बचा कर
14:06इस मेहलगा राजा 보�ने आया हूँ
14:09अच्छा तो यह बात है
14:11लेकिन तुम्हें पता है ना
14:13कि राजा बनने से पहले
14:15तुम्हें मेरी तीन सर्थों को पूरा करना होगा
14:18अरे हाँ हाँ बताओ बताओ
14:20तुम्हारी वह तीन सर्थ कौन सी है
14:22मुझे अभी पूरा करना है
14:24क्योंकि मैं तुम्हारी किसी भी चुनोती से नहीं डरता हूँ
14:28इसलिए तुम मेरा टाइम बेस्ट करना बंद करो
14:30और मुझे जल्दी बताओ
14:32अर्विंद के इतना कहने पर
14:34वो जादुगर्णी अर्विंद को महल के अंदर ले जाती है
14:52अब बस मुझे आग्या दीजिए वहाँ जाने का
15:03नहीं बेटा विंद मैं पहले ही एक बेटे को खो चुकी हूँ
15:07अब मैं तुम्हें नहीं खोना चाहती
15:09मा मुझे पर विश्वास करिए मैं बाईया को वहाँ जरूल लाओंगा
15:13इतना कहकर विने अपने बरे भाई को ढूनने के लिए निकल पड़ता है
15:18और कुछ दूर चलने के बाद उसे वही मासूम खरगोस दिखाई देते हैं
15:23जिनका घर उसके बरे भाई ने तोरा था
15:25तब ही विने कहता है
15:27आखिर वो निर्दई इंसान कौन था
15:29जिसने इस मासूम खरगोस का घर तोड़ दिया
15:32लेकिन कोई बात नहीं
15:34मैं इनका घर बनाने में इनकी मदद करूँगा
15:37इतना कहकर विने फटापट से उन खरगोस का घर बना देता है
15:42जिसके बाद वो खरगोस बहुत ही ज़्यादा खुस हो जाता है
15:45तबी कुछ दूर चलने के बाद विने भी उसी नदी के पास रुकता है
15:50जहांपर उसका बड़ा भाई पानी पीने के लिए रुका था
15:53तबी उसे देखकर वो बतक स्विर से वहाँ आ जाते हैं
15:57और जोर-जोर से खाने के लिए चिलाने लगते हैं
16:00This looks like Vinay says that he looks like a bizarre thing,
16:05Rukao, I'll give you a bit of a bit like this.
16:08So, I'm going to give a channel to a dinner,
16:12and give him a bite.
16:15This looks like Vinay's face.
16:18By the way, Vinay's face will work a bit like this.
16:20So, Vinay giga goes on.
16:24This looks like Vinay's face will push it and then take his face back to his face with a nice little girl.
16:26He sees the window and put it in place, which will make a lot of fun.
16:36He tells the window, he tells the window and says,
16:41What is the wind?
16:43He is standing behind the gate.
16:45He hears the door and says,
16:47He hears the door.
16:48He hears the door,
16:51who does this window?
16:53He hears the door.
16:54देखिए मैं बस यहाँ अपने बड़े भाई को ढूनने आया हूँ तो क्या आप मुझे बता सकती है कि मेरा बड़ा भाई कहा है यहाँ लेकिन उससे पहले तुम्हें मेरी तीन चुनोतियों को पार करना होगा ठीक है मैं तैयार हूँ इतना सुनकर जादूगर्णी विने को
17:24पहती है तुम्हें यह सारे बीच आदे घंटे में वापस से इस पोटली के अंदर डालने हैं या आद रखना मैं आदे घंटे बाद फिर से वापस आऊंगी जादूगर्णी की यह सर्थ सुनकर विने बहुत ज़्यदा परेसान हो जाता है क्योंकि आदे घंटे में इतने
17:54करने में मदद करता है तभी विने उनसे कहता है तुम लोगों का बहुत बहुत सुक्रिया आद तुम्हारी वज़ा से मैं अपनी चुनोती को पार कर पाया हूं तभी कुछ देर बाद वह जादूगर्णी फिर से वापस आती है और कहती है क्या बात है आखिर तुमने मेरी
18:24अधि में फैक देती है और कहती है तुम्हें आदे घंटे के अंदर मेरी ये सोने की अंगुठी इस पानी से वापस निकालनी होगी जादोगर्णी की बात सुन कर विने नदी में उतरकर उस अंगुठी को ढूनने लगता है लेकिन उसे अंगुठी कहीं नहीं मिलती तभी
18:54उस बूरी जादोगर्णी को दे देता है जिसके बाद वो जादोगर्णी कहती है सच में तुमने तो कमाल कर दिया तुमने मेरी दूसरी चुनोती भी पार कर ली इसलिए अब तुम ये अंगुठी अपने पास रखो और राजकुमारी के मिलने के बाद तुम इस अंगु�
19:24दरवाजे बने होते हैं और उस दरवाजे के आसपास कई सारे इंसानी पत्तर के मूर्थियां बनी होती है जिसे देखकर विने सबकु समझ जाता है और वो देखता है कि तीनों दरवाजों के नीचे राजकुमारी के सुनहरे बाल बाहर आ रहे होते हैं तब ही वह जादो�
19:54।
20:24तुमने बिल्कुल सही कहा मैं ही राजकुमारी चंद्रिका हूँ और मुझे एक स्राप्त की वज़े से उस बूरी जादुगर्णी का रूप लेकर यहां पर रहना पर रहा था
20:54पर आज तुमारी वज़े से मैं वापस से अपने असली रूप में आपाई हूँ तुमारा बहुत बहुत सुक्रिया
20:59इस तरह सबकुष ठीक हो जाता है और विने अपने बरे भाई को देखकर बहुत ज़्यादा खुश होता है
21:06and he told his things all he used to tell him
21:08which after he felt his guilt he felt his feeling
21:12and after he also became a good person
21:15he was able to help him
21:17and he helped him
21:18and he was able to marry him
21:20he married him and married him
21:22and he loved him
21:24he loved him