00:00सुबह सुर्योदय और शाम सुर्यास्त का समय इंग दोनों को संघ्या काल कहा गया है
00:05शास्त्र कहते हैं इस समय देव और असुर शक्तिया बदलती है
00:10इसलिए उस वक्त मन सबसे ज्यादा शांत और ग्रहन शील होता है
00:14जो व्यक्ति इस समय जब या ध्यान करता है, उसका मन और आत्मा सहज रूप से जुड़ते हैं. इसलिए कहा गया, संघ्या वंदनम मुनिभिय परण, मतलब संघ्या का स्मरण ही परम साधना है. इस वक्त अगर आप सिर्फ पांच मिनिट हरे कृष्ण का जब करें, तो पूर