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#gurudev,@flower
Transcript
00:00ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
00:30इसलिए अपनी ब्रती को विशय भोगों के चिंतन से बचाओ, अपने सरीर को विशय भोग क्रिया से बचाओ,
00:40शरीर से सेवा करो, ब्रतियों से चिंतन करो, खूब सत्संग करो, भगवान की लिलाओं का गान करो, स्रमन करो, साधुओं के दर्शन करो, उनके वचन सुनो, और एकांत में रहेकर गुरू आदेश से उपासना करो, ताप तुम्हें आनंद प्राप्त होगा,
01:00फिर सुन्यों, जगत का चिंतन भोगों का चिंतन भोगों की क्रिया जब तक होती रहेगी, तो दो-चार माला से गुमाने से भगवदानंद की स्पूर्ति नहीं होती,
01:14इसलिए इस्टाकार व्रति करनी पड़ती है भगवदानंद की अनुभूति के लिए, तो तुम नाम जब करो, सत्संग करो, भगवत लेलाओं का गुणान वाद करो, स्रवन करो,
01:30शादो मात्मव का दर्शन, उनके वचन, एकांत में गुर्देव प्रदत्व पास्वना करो, तो तुम्हारी चित्वृत्ति में भगवदानंद इस्पूरित हो जाएगा, ये साधन बताए, इन साधनों से इस्टदेव में ममता होने लगती, मेरी प्रियाज्यों, मेरे ल
02:00चाहिए, नहीं चाहिए, अंदर से जिद्द आजाए, मुझे नहीं चाहिए, जैसे कोई किसी को बमन दिखावे तो गरणा हो जाए, नहीं, ऐसे जब तुम्हें रमा बिलास राम अनुरागी तजत बमन जिम जन बड़भागी, बड़भागी महा भागवत वैश्नो जन, ह
02:30घरणाषपद लगने लगेंगे, नहीं, ची, अंदर से आने लगेगा, नहीं, अबी अम्रत जैसा चिंतन होता है, जब अम्रत जैसा चिंतन प्रभू का हो और विश्य जैसा चिंतन संसार के भूगूं का हो,
02:46brahmadik ke bhogshab vishasham lagattai
02:51vishasham
02:51badyhaan khir, rabdi, gulaab, jamun
02:55sab bana rakhah
02:56kahan mein kooi vishwas, patraadmiya
02:58kaidee bhai
02:59hameh sansaheish me jahir milaya gaya
03:02abe eek kawal khaake dikhao ab
03:04dhar jau ge
03:05aysi hi maha purush kare raha
03:07har vishay mein aasakti rupi jahir hai
03:10mat bhog
03:11ye jahir janm, janmantar
03:13bada ta chala jayega
03:14istadev ki anubhuti
03:19rup darshan, sakshatkar
03:21usi ko hota hai
03:23joh vishayon ke bhogo me
03:25aysi aruchi ho jati
03:26vishwad, bamanuvat, maluvat
03:29ye usi ko hoti
03:33joh nirantar namjab karta hai
03:34satisang suntta hai
03:36bhagovat, lila, gunanuvad
03:37gayaan karta hai, sraman karta hai
03:39sadaudarsan karta hai
03:41ekant desh me
03:42guru pradat, upasana karta hai
03:45pram marg me
03:50chalene wale upasak ko na maya
03:53par vichar karna hai, na prarabd
03:55par vichar karna hai
03:56prarabd gyaniyo ka hota hai
03:58maya par vichar karne ke liye
04:01vivik chalene wale upasak
04:03ुपास देव के नाम जब के सिवा प्रेम प्राप्ति के लिए और कोई भी बात सोचे ना
04:30सीधी बात पकड़ लिए प्रेम में यदि स्थिती प्राप्त करनी है तो नाम को पकड़ लिए प्रेम मूलिया नाम है
04:54निरंतर नाम जितना प्रेम बढ़ेगा उतने तुम्हें भजन में कमी दिखाई देगी अपने में नीचता दिखाई देगी ये प्रेम का लक्षण है
05:05यदि कहीं प्रेम में बिचार, माया, बिवेक, प्रारब्ध तो समझना चाहिए कि अभी प्रेम नहीं आया
05:16प्रेम ये सब चिंतन करने के लिए समय नहीं देता
05:20प्रेम मार्ग का पथिक तो बहुत ही निराला होता है
05:24ऐसे जो निरंतर भजन में लगे हुए हैं वो प्रेमी ग्रेष्ट में रहते हुए भी बहुत बड़े महात्मा है
05:33जो जंगल में रहके प्राप्त किया जाता है
05:37वो घर में रहके उसने प्राप्त कर लिया
05:40उसलिए कोटी-कोटी बंदना है उसे ग्रहस्त की जो निरंतर नाम जब करते हुए प्रहु से प्रेम
05:47ऐसे दर्शन होते हैं, ग्रहस्त आते हैं, आसु चल रहे हैं
05:51बस मुझे और कुछ नहीं चाही, प्रिया-प्रितम का चिंतन चलता है बस
05:55for me zero
05:58with me
05:59I'll start
06:00with
06:02। । ।
06:32। ।
07:02। ।
07:32। ।
08:02If you go to a house, you will come to his head.
08:06That's us, our worry.
08:09If you are a good job, you will leave it.
08:12You will have a good job.
08:15You will have a good job.
08:17If you will have a good job.
08:20If you have good love, please do not.
08:24It will have a good job.
08:27You will have a good job.
08:30But what you will do is going to share,
08:31वो उस पतिवरता पत्नी की तरह है
08:34जो केवल पती से प्यार करती
08:36फिर पती को अधीन होना पड़ेगा उसके प्यार में
08:39ऐसा वो पतिवरत धर्म से युक्त
08:42अनन्य रषिक उपासक होता है
08:45जो अपने इष्ट को अधीन करती
08:47ए जीवन का लाव यही क्या मांगोगे संसार यह तो अपने आप पीछे पड़ा रहेगा यह बादारूप में मिल जाएगा जिसे तुम मांगना चाहते हो चलो तो आगे प्रेम मार्ग में यदि आप प्रभू से कुछ नहीं मांगोगे तो सब के अधिकारी बन जाओगे आप
09:17नाम जब का ऐसा प्रभाव की बालभद्त वूम प्रकास जी के जीवन शरित्र में पढ़ा गया दिन प्रति दिन रती खतम होती जा रहे है संसार की गजब की बात है कि 54 दिन तक कोई खान पार नहीं सशरीर भगवान का आलिंगन प्राप्त किया सशरीर ऐसा नहीं कि कोई �
09:47I was born in the same way.
09:51School was started when he was low and low.
09:57He was very high and low.
10:01But we think that if you have a lot of love,
10:05there will be a lot of love.
10:08We are very small and small.
10:12There are some problems that have come.
10:14thoughts
10:44KAM HO GAYA
10:45AAPKA JOO APNA PANTHHA
10:47OUK KAM HO GAYA
10:48AYISI AAP AGAR SOW DOSO BAAAR
10:50AYISI MANGTAY CHILLE JAYENGE
10:51TOO AAPKA BHAJAN HIN CHINN HO JAYEGA
10:53AAPKA BHAO NAHIN BAN PAYEGA
10:54PRABHU KE PRADHU
10:55AYISI STITI AJAJAYEGY
10:56SACHY KAYTAYE HAYE
10:59YADHI TUMHE VASTAVIK BAD
11:01SABANJ MEN AJAJAYE
11:02MENIERI PUJIBABA KAYE
11:03AANAMD HI AANAMD TUMHARE JEEVAN MEN RAHEGA
11:06YADHI TUM PRABHU SE KUCHH NAH MANGO TOO
11:07JAHI NA CHAHIYE KAB HO HO KACH
11:10NAHIN CHAHIYE
11:11NAHIN CHAHIYE
11:12OUK
11:15SOWAMI KO ADHIN KER LAYTA
11:17YAHE BAT AAP ACHYAYE SE SOMGHA
11:19AGAR AAP NAY KUCH SHWAIKAR KER LIA
11:21TOO WOH PHIR BIKENGE NAHIN
11:23OUK AAP NA NA NA
11:24TOO WOH BIK JATATE HAYISSE
11:26OUDAR SOWAMI
11:27YAH ANDAR KE BAT HAYE PAKA RAYHO
11:30TUM MANGGOGEE TOO KOI NAH SHWAAN
11:32OUK JAB AAP MANGGOGEE NAHIN NA
11:34OUK DEEKH RAYHO
11:35TUM JOO HAYE HAYE KER RAYHO
11:36KYI BIPATTI HATTA DOO
11:37OUK SE ZYADHA UNKO PRACHAANI HAY
11:39AAPKO BIPATTI ME OUK NAHIN DEEKH SAKTAY
11:41BADHA SARWAHASHCAR
11:43MAIN MATOLB KAYSSE TUMHAYE BATAHAYO
11:46BADHA AASHCAR MAIN
11:49KAL KIKI BAT EK SAKHI
11:51JISKO BHAARI CANCER
11:53YAHAAN SE AISSE
11:55MAWAAD BAYRA
11:56KYOU BAYTHHE TOO POURA VATA VARAN
11:59DUSHY THUJAY KOI APASN NA BAYTHAY
12:01AISSE CANCER KAGAA
12:02AYE AORR
12:05SHISHE AYAHU
12:06KHAAK KY ABTUME MRNE AYAU
12:08BAS DOO MAHINES MEN
12:09DOCTOR NEEKALA MIR JAO
12:10CALL
12:12ONUKEE REPORT IAYE
12:13BATAHAYE GAHI KEE
12:15CANCER AYI NAHIIN
12:17CO SAHO
12:18SAL L NER SAL
12:20DOO MAHINES MIRNA THAN
12:21DER SAL TOO HUHI GAYE
12:22AANG WON KAYERAH KAY
12:24AGAR SAL L NER SAL
12:25KOI IS FURUNA NA HOHI
12:26TO AâJ EVEN KELIEH KHATAM
12:29क्या लीला प्रवुपी केवल आश्र है भगवद आश्र है और वो ये नहीं चाहती है कि हमारा कैंसर ठीग वो ये चाहती थी कि बस इस रज में प्राण निकले हूँ मैं स्रीजी की सेवा में जाओं तो स्रीजी कहते है और सुनो हमारा यस अभी और नाम जब कर लो और फिर �
12:59For example, when talking about doctor, he says,
13:02He says,
13:02That he gets her days, he gets her days.
13:05He says,
13:05I have only a day before one day,
13:07I have only a day before two days before two days,
13:09and I am alone,
13:09and I do not want to die.
13:12I allow you to go to normal day.
13:14What is that?
13:16He didn't ask me to answer that I didn't ask.
13:19He just wanted to go and ask him to make that I am not.
13:21Then he just wanted to go and ask him,
13:23and so on.
13:25Shree Ji के Siva उनका कोई भरोशा नहीं, उसका चमत का देखा, अरे यार वो सब देख रही है, वो सब जान रही काहे को मांगोगे, काहे को अपने प्रेम में कलंत लगाओगे, आगे से आगे वो देख रही है
13:38नारायन दो बात सो, और अधिक नहीं बात, रसिकन को सत संगनित, युगल ध्यान दिन रात
14:04सच मुझ, सच मुझ, बावा लिख रहे हैं, नारायन स्वामी कह रहे हैं कि भगवत प्राप्ति के लिए इन दो बातों से बढ़ कर और कोई बड़ी बात नहीं, रोज सत संग सुनने को मिले, और युगल सरकार का नाम जब करते हुए ध्यान करने को मिले, रादावल लवल
14:34सद्यान दिन रात।
15:04प्रेमियों से, आपे समझ लो कि आज भी जो भग्त भगवान के शिवा किसी से अपना परिचा ने रखते हैं, भगवान उनसे एक शण भी दूर नहीं, और फिर व्रंदावन तरिन का घर है, व्रंदावनम परित्य जेपाद में कमन गश्यति, तो कैसे यह कहां जा सकते है
15:34व्रंदावन से कोई मांग नहीं करता है, उन भग्त की बात है।
16:04करपात्र जी का विद्याले, संस्कृत विद्याले है, जो बड़े-बड़े महापुरुष्यन उनसे बड़े है, गायशाईना, वो पहली बार जब कासी से ब्रंदावन आए, बड़े ही महाभागवत, नाम जापक, धर्म बर्यादा क्यांसा, गुरू रगवण श्यत्यति
16:34दे पहुँचे जुगल घाट, ये रोड नहीं बना हुआ था, तो उधर से यहाँ पता चला कि परिक्रमा मार्ग में है, कहीं तो यहाँ था, करपात्र जी का हो, युगल घाट पहुँचे, वहाँ जब पहुँचे तो अंधेरा होने लगा था, तो शुचा किश्ये पु�
17:04देखा एक पीतांबर, पीत वस्तधारन के वे हाथ में, जिसे गुरकुल में पढ़ता हुआ विद्यार, का गुरुजी दंडवत, दंडवत, हमें लगे कि गुरुजी तुमको जानना चाहते हो, गुले है आप, आप, मैं विद्यार थे हूँ, सेवा कुझ में रहता हूँ
17:34तो गुरुजी आपको जो संसकत विद्यार में जाना है, उँ मैं जानता हूँ, अच्छा अच्छा उसी की तो खोज कर रहे थे, आओ, आओ, कच्छा रास्ता बें, यह आप जाओगे, पांसो कदम के बाद आपको मिल जाएगा, तो उनका तुमसे मिलना चाहे तो कभी, ग
18:04उनको बार-बार वो शब्द गुरु जी, गुरु जी, गुरु जी, बार-बार वो मुर्द शब्द, तो वहाँ जो कुछ विद्वान ब्राम्र उन से कहा कि मैं एक बार उस विद्यार्थी को धन्यवाद देना चाहता हूँ, मैं बहुत ब्यतित था कि में, यह कै созд तो से�
18:34।
19:04ुपलामिन लेती चून मांग लेती मोटी रूटी बनाती किसी एक संत को पवा देती दीरे-दीरे छोटी सी कुटिया दीरे-दीरे मांग करके
19:25बस कोई संत पहुझा एक बजे दो बजे चार बजे बाई जी रादे रादे भूख लगी बाई जी बिच्छा मिलेगी रुक बाबा तुरंत बिवस्था करती और पवाती अब धीरे-धीरे इसा कि पूरे गाउं में जाती हाटा मांग के लगती कंडा बिन के रखती दस-वी
19:55चाता लालते ले करके क्योंकि आटा शंतों का है लकडी शंतों के अगर भीण जाएगी तो कल भिक्षा नहीं होगी ए माई यह चाता ले हम तो नह अवस्था के हैं हमें कोई पर्क रहे अरे नहीं लाला तू भीण जाएगा बड़ा सुकुमार है तू नहीं नहीं यह और �
20:25di jai jai u nko aareh buli tu thaa mein tuu samaj hi nahin paai
20:30yhe brindavan dhām hai roz thakur ji miltai hai
20:34par bade lila bihari hai agar kisi se sambandh raktte ho
20:38tó dhek nahi pahoge
20:39ogar keval unse sambandh raktte ho
20:42to pakkka samujo koji aisa brindavan basi
20:45joh priya lal ka anan ya
20:46yhe nahi kiesokta ki mujhe priya lal ka
20:49shahnidj nahi mila
20:50yhe ghar hai unka
20:52You can't keep your friends
20:54You can keep your friends
20:55This is why it's not
20:56This is why it's not
20:57So you can keep
20:57If you're able to offer
20:59If you have no interest
21:00Here you are
21:03If you'd like to
21:04Thank you
21:05If you really want to
21:05Please
21:06If you'd like to
21:07Then again
21:08I know
21:09Your truth is
21:10How can I get
21:11This is why
21:14This is why
21:14That is why
21:15This is why
21:16A line is
21:17But
21:18That is why
21:18That is why
21:20This is why
21:21ये भक्ता अनुग्रे विग्रे है इसलिए जो इनकी भावना में रहता है वो टकराते रहते किसी किसी रूप में रोज बिलते रोज देखो पहचानो इसलिए के ते होस में रो ये वरंदावन धाम है
21:35इसलिए उपारशक को श्रीधाम काईदी सानिध्य मिल गया है तो शानिध्य का लाव लीजिए किसी की निंदा मत कीजिए किसी का अपमान मत कीजिए
21:47in the Phil Plays of Satsang.
22:14We will look forward to Psons aachив Sheen.
22:16foreign