00:00लड़की ने तेज रोशनी से बचने के लिए instinctively अपनी आँखें बंद कर ली
00:03जब रोशनी धीरे धीरे कम हुई तो उसने कापते हुए आँखें खोली
00:07और सामने का नजारा देखकर जम सी गई
00:09उसकी गोद में पड़े छोटे सफेद ड्रैगन गायब थे
00:11उनकी जगह तीन गोरे गोल मटोल बच्चे लेटे हुए थे
00:15कापते हाथों से वह उन्हें अंदर ले गई और बिस्तर पर सुला दिया
00:18फिर उसने अपनी घायल उंगली की तरफ देखा
00:20वह समझ ही नहीं पा रही थी कि उसके खून में इतनी अजीब ताकत कैसे हो सकती है
00:25बच्चों को अपनी उंगलियां चबाते देख वह धीरे धीरे संभली
00:28उसे एहसास हुआ अगर एक ड्रैगन इंसान बन सकता है तो बाकी दो भी बन सकते हैं
00:32उसने गहरी सांस ली और डरते डरते अपनी उंगली दूसरे बच्चे के सामने बढ़ाई
00:36बच्चे ने उंगली सूंगी फिर हलके से घाव को चाट लिया
00:39अचानक तेज सफेद रोशनी फैली और रोशनी खत्म होते ही एक और वैसा ही बच्चा सामने था
00:44जो चुप चाप अपने भाई के पास बैठ गया
00:46तीसरे बच्चे ने भी यही किया और वह भी इंसान बन गया
00:49हालांकि अब तीनों इंसान बन चुके थे लेकिन उनकी ग्रोथ स्पीड अभी भी ड्रैगन जैसी ही थी
00:54सिर्फ 6 महीनों में वे नवजात से खेलते कूदते बच्चों में बदल गए
00:57वे बेहद फुर्तीले और एनरजेटिक थे
00:59आम बच्चों से कहीं ज्यादा बच्चे समझदार भी थे
01:02वे लड़की की नकल करते हुए आंगन साफ करने में मदद करते
01:05सबजियों के खेत से घास निकालते
01:07जैसे जैसे वे बड़े हुए उनका दायरा भी बढ़ने लगा
01:10अपनी फुर्ती से वे उँची दीवारें पार कर बाजार तक जाने लगे
01:13और उसके लिए सामान लाने लगे
01:15एक दिन शाम तक तीनों वापस नहीं लोटे
01:17लड़की घबरा कर पागल हो गई
01:18उसने हर जगह ढूंढा लेकिन कहीं कोई निशान नहीं मिला
01:21उसे डर था कि कहीं बच्चों को
01:23यूमन ट्राफिकर्स ने पकड़ न लिया हो
01:25या फिर उनकी असली पहचान सामने न आ आ जाये
01:27तभी अचानक सडक के आखिर में तीन छोटी छोटी आकरतियां दिखी
01:30बच्चे ढेर सारी चीज़ें उठाए भागते हुए आ रहे थे
01:33उन्हें सुरक्षित देखकर उसका दिल शान्त हुआ
01:35वह गुसे में उन्हें डांटने ही वाली थी
01:37तभी बड़े बच्चे ने उत्साह से उसके हाथ में एक चीज थमा दी
01:40उसने धीरे धीरे कपड़ा खोला
01:42अंदर एक बेहत कीमती जेड पेंडन्ट था
01:44उसे देखते ही उसके दिल में अजीब डर बैट गया
01:47इतनी कीमती चीज किसी आम इंसान की नहीं हो सकती थी
02:08लड़की की आँखों के आगे अंधेरा चा गया
02:10उसे समझ आ गया
02:11ये कोई आम चीज नहीं बलकि मुसीबत का बुलावा है
02:13उसने मन ही मन तै किया कि रात में चुपचाप इसे वापस रखाएगी
02:17जैसे कुछ हुआ ही नहो
02:18लेकिन तभी धडाम जरजर दर्वाजा जोर से तोड़ कर खोला गया
02:21लड़की ने तुरंत अपने हाथ पहला कर बच्चों को पीछे चुपा लिया
02:24तेज आवाज से घबरा कर बच्चों की पीट से अचानक ड्रैगन की पूँच निकलाई
02:28महल के सिपाही भाले लेकर अंदर घुसाए और पूरे आंगन को घेर लिया
02:32भीड अपने आप रास्ता देने लगी धीरे धीरे एक जाना पहचाना चेहरा आगे बढ़ा
02:36उसकी नजर ठंडी और भारी थी पहले उसने लड़की को देखा फिर सीधा उसके हाथ में पकड़े जेड पेंडन पर
02:41टिक गई