- 5 months ago
उत्तराखंड की वादियों से कहां-कैसे 'खो' गई ट्रैकर बबीता, देखें पूरी वारदात
Category
🗞
NewsTranscript
00:00मसकार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:0324 साल की MBA स्टुडेंट बवीता पांडे की तलाश को लेकर
00:08हाल के वक्त का सबसे वड़ा सर्च उपरेशन चलाया जा रहा है
00:12ये सर्च उपरेशन उत्राखंड में उत्रकाशी के पहाड़ों और जंगलों में चलाया जा रहा है
00:19बवीता उन्तिसमाई को ट्रैकिंग के दोरान अपने टेंट से गायब हो गई थी
00:23एक ज्यारा दिन बीच चुके हैं लेकिन अब तक न बवीता का कोई सुराख मिला है नहीं सबूत
00:29हलाकि पुलिस बवीता की गमसुदगी को लेकर एक साथ कई थियोरी पर काम भी कर रही है और जाँच भी
01:00चारों तरफ पहाड, जंगल, जंगली जानवर, खासकर भालू
01:05मीलो में फैला है ये पूरा इलाका इस पहाड और जंगल से मीलो दूर है बस्तियां, थाना और पुलिस
01:13अब मीलो में फैले इसी जंगल और पहाड को चीर कर एक लड़की को ढूणना है
01:1824 साल की एक MBA स्टूडिन
01:42NDRF की टीम, SDRF की टीम, SOG की टीम, Nehru Mountaineering Institute की टीम, ITBP, One Viva, Local Police,
01:52गोता खोद, Civil Defense, स्थानिय लो, Dog Squad, Drone, Helicopter
02:05ये हाल के वक्त का सबसे बड़ा सर्च ओपरेशन है
02:09किसी इनसान को ढूडने के लिए जितने तरीके, जितनी टुकणिया, जितनी टीमें लगाई जा सकती है
02:1524 साल की उसी MBA स्टुडेंट बविता पांडे को ढूडने के लिए, इस वक्त इन सारी टीमों ने दिन रात
02:23एक कर दिया
02:24पर 11 दिन हो चुके हैं, ना बविता जंगल में मिली, ना जील की गहराई में, ना किसी पहाडी दामन
02:33ना उसके जिन्दा होने के सबूत मिले हैं, ना उसके मुर्दा होने के
02:37बविता का सुराग देने वाले हर सुराग खामोश हैं, उपर से जैसे जैसे दिन गुजरते जा रहे हैं, उम्मिदे कम
02:45होती जा रही हैं
02:46जमीन से लेकर आसमान तक मीलों आसपास के इलाके को खंगाल डाला गया
02:51लेकिन फिर भी बवीता की कोई जानकारी नहीं मिल रही है
02:55और बस यहीं से ये सवाल उठ रहा है कि आखिर बवीता कहां गए
03:00उसके साथ क्या हुआ
03:02आखरी बार उसे कब किस हालत में देखा गया
03:05गायब होने से पहले उसके साथ क्या हुआ
03:08तो चलिए शुरू से इस कहानी को शुरू करते हैं
03:12ताकि सवालों की कड़ियों को जोड़ कर उनके जवाब तक पहुँचने की कोशिश की जाए
03:20यह उत्राखन के उत्तरकाशी में मौझूद दैयारा बुग्याल का बेस कैम्प गोई है
03:25यह पूरा इलाका ट्रैकिंग के लिए बेहद मशूर है
03:28यहां दूर दूर से लोग ट्रैकिंग करने आते हैं
03:31बविता और उसके दो दोस्त 29 मई को यहीं से अपनी ट्रैकिंग शुरू करते हैं
03:36शाम होने से पहले तीनों इस जगह पर एक टेंट में रुख जाते हैं
03:40रात बीटती है, सुबह होती है
03:42सुबह जैसे ही बविता के दोनों दोस्तों की आँख खुलती है
03:46तो उन्हें टेंट में बविता दिखाई नहीं दे
03:50दोनों उसे टेंट के आसपास ढूणते हैं, पर वो नहीं मिलती है
03:53अल्बत्ता बविता के बैग, ज्यूते, सब टेंट में ही पड़े थी
03:57पूरे दिन दोनों दोस्त बविता को ढूणते हैं
04:01और फिर शाम को हार कर करीबी पुलिस टेशन में रिपोर्ट लिखा देते हैं
04:06पुलिस वन विभग के साथ मिलकर अगले दिन यानी 31 माई को आसपास बवीता को ढूड़ती है
04:12बवीता का मोबाइल फोन भी बन था
04:15अब तक बवीता के दोस्तों ने रामनगर बवीता के माबाप को भी उसके गुम होने की खबर दे दी थी
04:20खबर सुनकर पहली बार माबाप को जटका लगा
04:24जब उन्हें पता चला कि बवीता अपने दो दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर गई है
04:29असल में बवीता ने अपनी मां को ये बताय था कि वो अपनी सहेलियों के साथ ट्रेकिंग पर जा रही
04:34है
05:11यानि बवीता घरवालों से जूट बोलकर घर से निकली थी
05:15घरवालों को तो उसके दोनों दोस्तों के बारे में पता तक नहीं था
05:18जिन दो दोस्तों के साथ बवीता ट्रेकिंग पर गई थी उनमें से एक का नाम हर्मनपाल सिंग
05:24जबकि दूसरे का नाम हर्मनपाल सिंग उधम सिंग नगर का रहने वाला है
05:31जबकि हर्मनपाल सिंग शाजहापुर का
05:34पुलिस ने बवीता के इन दोनों दोस्तों से भी लंबी पूछताच की
05:38लेकिन कोई खास सुराग नहीं मिला
05:40लहाजा दोनों को छोड़ दिया
05:43इन दोनों ने पुलिस को जो बयान दिया
05:45उसके मताबिक 29 माई की रात टेंट में आने के बाद
05:48दोनों दोस्तों ने शराब पी थी
05:50इससे बवीता नाराज हो गई
05:52और वो चपल में ही अपना मोबाईल लेकर
05:55टेंट से बाहर चली गई
05:56बाद में दोनों दोस्त सो गए
05:58सुबा आँख खुली तो बवीता गायब मिली
06:02इत्तिफाक से 29 माई की रात
06:04बवीता और उसके दोस्तों के टेंट से
06:06कुछी दूरी पर ट्रैकिंग के लिए
06:22गाने मत सुनो और अपने टेंट में लौट चाओ
06:26उन्हीं स्कूली बच्चों और टीचर ने बवीता को
06:28आखरी बार देखा था
06:31बवीता के टेंट से करीब 200 मीटर की दूरी पर
06:33एक जील है
06:34पुलिस को लगा कि शायद रात के अंधेरे में
06:37बवीता कहीं उस जील में न गिर गई हो
06:39लिहाजा तैराकों को बुलाए गया
06:41और 9 फीट गहरी जील में बवीता को ढूढ़ा गया
06:45लेकिन जील के अंदर से बवीता के कोई सबूत नहीं मिले
06:57रेथल से सबाच 4 किलोमिटर की दूरी पर
07:00गोई नामक बेस कैम्प पे 29 तारी की रात को बवीता का लापता होना बताया जा रहा है
07:07हालंकि फॉरंसिक टीम और साथ में जो डीप ड्राइब जो टीम है
07:13उसके द्वारा गोई जील में भी कई बार सर्च किया गया
07:18लेकिन हासिल कुछ भी नहीं प्राप्थ हो पाया
07:24अब तक आसपास के गाउवाले और वन विभाग से भी पुलिस संपर कर चुकी थी
07:28गाउवालों से पता चला कि आसपास के जंगल में बड़ी तादाद में भालू है
07:32कई बार वो भालू मैदानी इलाके में आकर गाय भैस तक को उठा ले जाते हैं
07:37अब वन विभाग के साथ मिलकर पुलिस ने बवीता को ढूड़ने के लिए जंगलों की खाक चानी
07:43पर जंगल से भी ऐसे कोई सुराग नहीं मिले जिससे ये पता चले कि बवीता को कोई जंगली जानवर ले
07:49गया
07:50ऐसा होता तो चपल, कपड़े, मोबाइल, कुछ तो कहीं पड़े मिलते हैं
07:57कर देखिए अभी हमारे बहुत प्रायोर्टी प्राथमेटा है कि बवीता पांटी की खोचकाना और उसमें हमारे यहां पर पूरी टीम्स
08:06लगी हैं
08:07बल्कि एक स्यू के नित्रत में हम रिस्क्यू अभ्यान चला रहे हैं
08:13हम लोग पूछत आच और जो भी हमने और एंगलस हो सकते हैं चाहे हो सर्मलान से हो
08:17चाहे हो स्रेवल्ल मोबाइल से रिलेटेड और उसमें पूरी हम स्यू रिस्क में जानकारी कर रहे हैं
08:24और इसमें सभी टीम्स यहां था कि प्रसाशन की भी टीम्स और पुलिस, SDRF और हमने अब इसमें नहरू मॉन्टेंडरिंग
08:31जो इसमें किया है तो वो लोग भी लगे वे हैं और आज तो मतलब हैं हेलिकॉप्टर से भी सर्चिंग
08:40कराई गई है तो इसमें प्रसाशन, पुलि
08:54इस बीच जैसे जैसे दिन बीटते गए, अलग-अलग टीमें बविता की तलाश में जुटती गई, इस सर्च आपरेशन के
09:01लिए NDRF, SDRF, ITBP, वन विभाग, जमीन के साथ-साथ, ड्रोन और हेलिकॉप्टर के जरिये आसमान से भी बविता को
09:09ढूंडते रहे, लेकिन 11 दि
09:12बीच चुके हैं, अब तक कोई सुराग नहीं मिला है, 29 माई को जब बविता इस जगह से गायब हुई
09:18थी, तब उसका मोबाइल ओन था, बविता के मोबाइल की आखरी लोकेशन यही दिखा रही थी, इसके बाद अगले दिन,
09:25यानि 30 माई से ही बविता का मोबाइल स्वि�
09:42एक थियोरी तो यह है कि चुकी बविता अपने घरवालों से जूट बोलकर ट्रेकिंग पर आई थी, कि वो अपनी
09:48सहलियों के साथ जा रही है, पर उसके घरवालों को सच पता चल गया, लिहाज़ा वो खुद ही गायब हो
09:53गई
09:53पर इस थियोरी पर एक सवाल है, बविता के घरवालों को उसकी गुमशुदगी की खबर 30 माई की शाम को
10:00मिले, यानि 30 माई को ही पहली बार बविता के घरवालों को पता चला कि वो सहलियों के साथ नहीं,
10:06बलकि दो लड़कों के साथ ट्रेकिंग पर गई है, जबकि बवित
10:09तो 29 माई की रात को ही गायब हो गई थी, दूसरी थियोरी ये कि बविता के दोस्तों ने बविता
10:16को गायब कर दिया, हो सकता है मार दिया हो, पर इस थियोरी में भी सवाल है, इन दो लड़कों
10:22में से एक बविता का करीबी दोस्त था, फिर भी अगर दोनों बविता को गाय
10:39दोनों दोस्तों को छोड़ कर टेंट से बाहर निकली तब वो जिन्दा थी
10:43इसका सबूत वो स्कूली बच्चे और टीचर हैं जिन्होंने आखरी बार उसे अपनी टेंट के बाहर बैठे देखा था
10:51तीसरी थ्योरी ये है कि बवीता को कोई जंगली जानवर उठा कर ले गया
10:55वन विभाग और गाउंवालों के हिसाब से इस पूरे इलाके में भालू का आतंक है
10:59भालू कई बार जानवरों और इनसानों को उठा कर ले जा चुके हैं
11:04पर यहां सवाल ये है कि अगर कोई जानवर बवीता को उठा कर ले भी गया
11:08तो भी कम से कम उसके चपल, मोबाईल या कपड़े का कोई एक टुकड़ा तो जरूर मिलता
11:14जिससे ये साबित होता कि बवीता को कोई जानवर ले गया है
11:17पर चपपचपच चानने के बावजूद कुछ नहीं मिला
11:23एक थियोरी ये भी है कि रात के अंधेरे में बवीता शायद रास्ता भटक गई
11:27लेकिन ग्यारा दिन हो चुके हैं
11:29इन पहाड और जंगलों के इर्गिर छोटी छोटी कई बस्तियां भी आती है
11:34पर कहीं भी किसी ने भी अंजान लड़की को नहीं देखा
11:38तो फिर लोट कर वही सवाल आता है कि आखिर बवीता कहां गई
11:46असल में उधम सिंग नगर से निकल कर बवीता अपने इन ही दोस्तों के साथ गाउर रेथल पहुँची थी
11:51और यहां से तीनों ने ट्रैकिंग की शुरुआत करते हुए गोई तक अपना सफर पूरा किया
11:57गोई के बाद ही असली ट्रैकिंग शुरू होती है
11:59जानकारी के मुताबिक बवीता और उसके दोस्तों ने गोई के पास ही एक टेंट लगाय था
12:04और रात को वहीं रुके थी
12:06ये पूरा इलाका जंगलों से घिरा है
12:09लेकिन सुबा होने पर जब बवीता के दोस्तों की आँखें खुली
12:13तो उन्होंने देखा कि बवीता गायब है
12:15वो टेंट में नहीं थी
12:17हलंकि बवीता का बैग टेंट में ही रखा था
12:20बवीता को गायब देखकर पहले तो उसके दोस्त खबरा गए
12:23और फिर उन्होंने पुलिस को इसकी खबर दी
12:26बवीता को आखरी बार देखने वाले उसके दोस्तों ने
12:29पुलिस की पूछताच में ये स्विकार किया है
12:31कि उस रात वो दोनों टेंट लगाने के बाद शराब पीने लगे थे
12:36जिसके बाद बवीता कुछ देर के लिए टेंट से बाहर निकल गई थी
12:39चुकि वो शराब के नशे में थे इसलिए उनकी आँख लग गई
12:43और उन्हें बवीता का ख्याल ही नहीं रहा
12:46लेकिन जब अगले दिन उनकी आँख खुली तो बवीता गायब मिली
12:49बवीता सिर्फ एक चपल पहने हुए अपने मॉबाइल फोन के साथ
12:54टेंट से बाहर निकली थी और गुम हो गई
12:57फिलहाल पुलिस ने इस सिलसिले में एफ आई आर दर्ज कर ली है
13:00पांच दिनों की तलाशी के बाद भी जब बवीता का कुछ पता नहीं चला
13:05तो छटे दिन जिलह प्रशासन ने गोई के पास मौजूद एक जील की गहराई को नापने का फैसला किया
13:11और इसके लिए खास तोर पर गोताखोनों की टीम बुलाई गई
13:14वैसे भी अगर खुदा नखासते बवीता किसी जंगली जानवर का शिकार बनी होगी
13:19तो फिर उसके कुछ न कुछ निशान अब तक की तलाशी में जरूर नजर आदे
13:24ऐसे में अब ये शक होने लगा है कि कहीं बवीता गलती से पानी में तो नहीं गिर गई
13:29इसी के बाद लगभग 9 फीट गहरे इस जील को भी खंगाला गया
13:34लेकिन बवीता का कोई सुराग नहीं मिला
13:37अब जब बवीता की तलाश शुरू हुई तो पहले ही कदम पर
13:40शासन प्रशासन और खासकर उत्तरकाशी के परेटन विभाग की घोर लापरवाही
13:46और परेटन के नाम पर चल रही धंदेबाजी का खुलासा हो गया
13:49असल में ट्रैकिंग के लिए जाने वाले हर परेटक के बारे में
13:53एक्स्प्लोर उत्तरकाशी नाम की एक विबसाइट में पहले से ही जानकारी दर्ज करवानी होती है
13:58ताकि परेटन विभाग के पास हर सैलानी की खबर मौझूद रही है
14:02लेकिन जब बबिता की गुमशुदगी के बाद परेटन विभाग ने अपने तोर पर उसका बेवरा खंगालना शुरू किया
14:09तो देखा की बबिता और उसके नाम से तो उनके डॉक्मेंट में कोई एंट्री ही नही भी है
14:14और जो एंट्री हुई भी है वह फर्जी है
14:18फिलहाल डॉकुमेंटेशन के नाम पर फर्जी वाड़ा करने वाले ट्रैवल एजनसी का लाइसेंस परटन विभाग ने सस्पेंट कर दिया है
14:25लेकिन ये भी सच है कि इस फर्जी वाड़े के बाद एक लड़की गायब है और उसका कोई पता ठिकाना
14:31किसी के पास नहीं है
14:47के साथियों ने अगले दिन यानि तीस माई की रात करीब साढ़े साथ आठ बजे पुलिस को बविता की गुमशुकी
14:53की जानकारी दी
14:54सवाल है कि पुलिस को इतला देने में इतनी देर क्यों हुई कोई में जहां बविता और उसके दोस्त टेंट
15:01में ठहरे हुए थे
15:02क्या वहां बविता और उसके दोस्तों के अलावा और भी ट्रेकर टेंट में रुके हुए थे
15:07अगर हाँ तो वो कौन थी क्या उनसे इस बारे में पूछता चुई
15:12जिस तरह से पर्यटकों के रजिस्ट्रेशन के मामले में घपले की बात सामने आई है
15:17उसे देखते हुए लगता है कि पुलिस सारे पर्यटकों को शायद ही ट्रेस कर पाए
15:22ऐसे में बविता की गुमशुद्गी का रहस्य और उलज़ता दिख रहा है
15:27नैनीताल से लिला सिंग बिष्ट के साथ उंकर बहुगुणा उत्तरकाशी आज तर
15:34और अब बात एक लाइफ कतल की है
15:37ये एक ऐसा कतल था जिसे पहली नजर में लोग देख कर भी समझ नहीं पाए
15:42एक बाइक और इसकूटी पूरी रफ़तार से सड़क पर दोड़ रही थी
15:46तब ये अचानक इसकूटी सड़क पर पलड़ जाती है
15:49इसकूटी सवार लहू लुहान अब सड़क पर गिरा था
15:53सब कुछ कैमरे में कैद हो रहा था
15:56लेकिन इसके बाद जब मौत का असली सच सामने आया
15:59तो हर कोई हैरान था
16:06सबसे पहले सीसी टीवी कैमरे की ये तस्वीरें देखी
16:10तस्वीरें एक भीड भरी सड़क की है
16:15जिन्दगी अपनी रफ्तार पर है
16:17लोग अपने अपने काम से जा रहे हैं
16:20लेकिन तभी पीच सड़क पर कुछ ऐसा होता है
16:23जिसके कुछी देर बाद पूरा शहर तहल जाता है
16:30लेकिन क्या आपको इन तस्वीरों में कुछ भी अलग या खास नजर आया
16:34अगर नहीं तो चलिए
16:36अब यही तस्वीरें आप हमारी नजर से देखिए
16:41तस्वीरें 11 नवंबर 2025 की है
16:44वक्त है सुबह के करीब साड़े 11 बजे
16:47सड़क पर लोगों की आवजाही के बीच
16:50एक शक्स दूर से स्कूटी पर सवार होकर चला रहा है
16:54और जैसे ही वो कैमरे की फ्रेम में आता है
16:57पीछे से बाइक पर आ रहा एक शक्स बहुत पास से
17:00उस स्कूटी सवार को कुछ कहता या करता हुआ दिखता है
17:05और फिर लहरिया कट लगाते हुए वो बाइक सवार स्कूटी वाले से आगे निकल जाता है
17:12पहली नजर में ऐसा लगता है कि शायद बाइक से आगे निकलने वाले आदमी ने
17:16स्कूटी वाले को इशारे से कुछ बताने की कोशिश की
17:22पाइक के आगे निकलते ही स्कूटी सवार थोड़ी देर के लिए बीच सड़क पर रुखता है
17:26और फिर दोबारा आगे बढ़ने की कोशिश करता है
17:29लेकिन इसके बाद जो कुछ होता है वो बिलकुल अप्रत्याशित है
17:33वो चंद कदम आगे बढ़ते ही अपनी स्कूटी समेत लड़ खड़ाते हुए
17:37मू के बल सड़क पर गिर पड़ता है
17:40आसपास के लोग मदद के लिए आते हैं
17:43पहले तो लोगों को माजरा समझी नहीं आता
17:46लेकिन फिर जिस्म से रिस्ते खून और सड़क पर गिरे शक्स की हालत को देखकर
17:50ये साफ हो जाता है कि वो किसी बीमारी या एक्सिडेंट की वज़ा से यहां नहीं किरा
17:56बलकि उसे गोली मारी के लिए
17:59जी हाँ गोली
18:02यकिनन मामला अजीब है
18:03बीच सड़क पर चलती बाइक से कोई चलती स्कूटी सवार को अपनी गोलियों का निशाना बना दो
18:09ऐसा आम तोर पर देखने को नहीं मिलता
18:12लेकिन जो देखने को नहीं मिलता
18:14राजस्तान के चित्तोर गड़ में
18:1611 अउंबर 2025 को कुछ वैसा ही हुआ
18:22आनन फानन में सड़क पर गिरे शक्स को उठा कर अस्पताल ले जाया जाता है
18:26लेकिन थोड़ी ही देर बाद डॉक्टर उसे मुर्दा करार देते हैं
18:30ये शक्स कोई और नहीं
18:32बलकि शहर के अमीर कारुबारी और बीजेपी लीडर रमेश इनानी थे
18:36जी हाँ वो रमेश इनानी जिन्हें पूरा शहर उनके नाम से जानता था
18:42लेकिन फिर सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर रमेश इनानी की हट्या क्यूं ही
18:47क्यूं किसी ने बीच सड़क पर पीछा करते हुए घात लगा कर उन पर गोलिया चला है
18:52आखिर उन्हें शूट करने वाला कातिल कौन था
18:58चित्तोरगर पुलिस ने अब CCTV फुटेज के आधार पर ही कातिल की तलाश शुरू कर दी
19:03इत्तिफाक से पुलिस को इस संदिख कातिल के कुछ और CCTV फुटेज हाथ लगी
19:08जिसमें वो शूट आउट से पहले एक शराब के ठेके के पास बाइक लगा कर शराब खरीता हुआ दिख रहा
19:14था
19:14अब पुलिस के हाथ उसे लेकर कुछ क्लू लग चुके थे
19:18आखिर कार पुलिस की कोशिश रंग लाई और साथ से आठ घंटे गुजरते गुजरते पुलिस ने
19:23रमेश इनानी को बीच सड़क पर घोली मारने वाले शक्स को गिरफ़तार कर दिख इस शूटर का नाम था मनीश
19:31दुबे
19:34मनीश चितोरगड़ से दू बनारस का रहने वाला था
19:37अब सवाल ये था कि आखिर मनीश की यूपी से दूर राजस्थान के कारूबारी से ऐसी क्या दुश्मनी थी
19:43तो जब पुलिस ने इसे लेकर सवाल जवाब किये तो उसने पुलिस को एक अजीबो गरीब कहानी सुनाई
19:49मनीश ने कहा कि किसी मोड पर रमेश इनाणी ने उसका अपमान किया था
19:54जिसका बदला लेने के लिए उसने रमेश इनाणी का कतल कर दिया
19:59हलंकि पुलिस को उसकी इस कहानी पर यकीन नहीं था
20:05उधर पुलिस ने शूटर को गिरफतार तो कर लिया था
20:08लेकिन मरने वाले कारोबारी के घरवाले लगातार इस बात पर जूर दे रहे थे
20:12कि इस कतल में गिरफतार शूटर तो सिर्फ एक मोहरा भर है
20:16उनका कहना था कि चुकी रमेश इनानी का करीब 20 सालों से
20:21जमीन के एक बड़े हिस्से को लेकर रमताराम नाम के एक तथा कथित संद से विवाद चल रहा था
20:27तो उन्हें इस बात का शक है कि इस वादात में रमताराम का हाथ हो सकता है
20:33रमताराम जो उन दिनों चितोड़ गड़ में रामद्वारा का प्रमुख था और रामस नहीं संप्रदाय से जुड़ा हुआ था
20:39मगर दिक्कत ये थी कि पुलिस के पास रमताराम के खिलाफ तब कोई सबूत नहीं थी
20:48हानकी जब इसके बाद पुलिस ने अपनी तफ्तिश आगे बढ़ाई तो पुलिस को इस सिलसिले में कई डिजिटल सबूत मिले
20:55और कई नए चेहरों का पता चला इनहीं में एक चेहरा था भजनाराम का जो उन दिनों रामद्वारा से जुड़ा
21:02हुआ था
21:02असल में पुलिस को पता चला कि कतल से पहले इस भजनाराम से शूटर मनीश की बादशीत हो रही थी
21:09लेकिन इस कहानी में अभी असले खुलासा होना भाकी था
21:12पुलिस ने जब भजनाराम और शूटर को आमने सामने बिढ़ा कर पूश्टाज की तो जो पता चला वो शौकिंग था
21:19अब ये क्लियर हो गया कि कतल की ये सारी साजिश तथा कथित संद रमताराम नहीं रची थी
21:25रमताराम यानि एक ऐसा शक्स जो दुनिया भर में घूम घूम कर भजन प्रवचन किया करता था
21:32दुनिया को आध्यात में ग्यान की घुट्टी पिलाता था और जिसके चाहने वाले लाखों में थे
21:41अब कहानी तो तकरीबन साफ हो चुकी थी लेकिन जिस तथा कथित संद पर इस साजिश में शामिल होने का
21:47इलजाम था
21:48अब पुलिस उससे पूश्टाच करना चाहती थी लेकिन पुलिस को तब्जूर का चटका लगा जब पूश्टाच के लिए बुलाए जाने
21:55पर रमताराम थाने में हाजिर होने की जगह ऐसे गायव हो गया जैसे गधे के सिर से सीन
22:03एक वो दिन था और एक आज का दिए रमताराम के बारे में पुलिस को करीब 6 महिने तक कुछ
22:08भी पता नहीं चला
22:09कतल के आरुपी फरजी संथ को ढूंडते ढूंडते अब पुलिस हलकान हो चुकी थी
22:14पहले उसके नाम पर 10,000 का इनाम रखा गया फिर 25,000 का और फिर 50,000 का
22:22लेकिन रमताराम का कोई पता नहीं चला
22:256 महिने बाद कहानी ने करवट बदली और रमताराम के चितोड़ गड़ के ही एक मंदिर में छुपे होने की
22:32जानकारी मिली
22:32जिसके बाद आखिरगार पुलिस उसे दवोचने में काम्याब हो गई
22:38अब जानिये की धर्म की व्यासपीट पर बैट कर लोगों को सदाचार की सीख देने वाले इस फर्जी संत ने
22:45आखिर ये साजिश रची कैसे
22:47असल में रामद्वारा नाम की संस्था और इनानी परिवार के बीच करणों की जमीन को लेकर चितोर दड़ में एक
22:55पुराना विवाद चला रहा था
22:56इसी विवाद के सिलसिले में रमेश इनानी पर पहले भी एक बार जान लिवा हमले की कोशिश हुई थी
23:03लेकिन तब रमेश इनानी बच गए थी
23:06लेकिन चुकि तमाम कानूनी लड़ाई के बावजूद उस जमीन पर रमताराम कबजा नहीं कर पा रहा था
23:12तो आखिरकार रमताराम ने रमेश इनानी के नाम की सुपारी ही देड़ा थी
23:19फिलहाल पुलिस को इस केस में उन लोगों की तलाश है जिन्होंने छे महीने तक छुपने में एक फरजी संद
23:25की मदद की
23:26पुलिस का मानना है कि कतल की साजिश में कुछ और भी बड़े और हाई प्रोफाईल लोग शामिल हो सकते
23:32हैं
23:33जिन्हें जल्द कानून की जद में लाय जाएगा फिलहाल छे महीने बाद ही से ही एक अमीर कारोबारी के कांट्रैक्ट
23:40किलिंग का मास्टर माइंड संद गिरफतार हो चुका है
23:43लेकिन एक संद के गातिल बनने की इस कहानी ने लोगों को एक बार फिर से धैरान जरूर किया
23:50ओम प्रकाश चितोरगर आज तर
23:56तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रहिए आज तर