Skip to playerSkip to main content
  • 2 months ago
 मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा धार की भोजशाला को मंदिर घोषित करने के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की 3 याचिकाओं पर एक साथ मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्षों की अपील पर सुनवाई करने पर सहमति जताई. कोर्ट ने शुक्रवार को परिसर में नमाज पढ़ने की मुस्लिम पक्षों की मांग को मंजूरी नहीं दी. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी.मोहना की बेंच ने की. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ़ मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर 3 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) से जवाब मांगा है. बेंच ने कहा "शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज पढ़ने के लिए अपील करने वालों और मुस्लिम समुदाय के अन्य सदस्यों को संबंधित परिसर से सटी एक अलग खुली जगह दी जा सकती है." कोर्ट ने साफ किया "यह व्यवस्था अंतिम नतीजे पर निर्भर करेगी और यह अस्थायी होगी. इससे दोनों पक्षों के दावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा." सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया "ASI कोई ढांचागत बदलाव न करे." मुस्लिम पक्ष के वकील ने तर्क दिया "2003 से चली आ रही पुरानी व्यवस्था, जिसके तहत तय दिनों पर उस जगह पर हिंदू और मुस्लिम पूजा कर सकते थे, को इस दौरान जारी रहने दिया जाना चाहिए. उनके मुवक्किलों को पूरी तरह से बाहर कर दिया गया है." कोर्ट ने कहा "ये बहुत संवेदनशील मामला है. कोर्ट में कही गई बातों से बेवजह विवाद पैदा हो सकते हैं या ग़लत संदेश जा सकता है. हमें इस्तेमाल की जाने वाली हर बात को लेकर बहुत सावधान रहना होगा."

Category

🗞
News
Transcript
00:28।
00:30।
00:32।
00:32।
00:33।
00:36।
00:42।
00:45This is the case of the government.
01:42বསིང
01:44धार जिले का विवादित भोजशाला कमाल मौला मज़ित परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है।
01:53साथ ही अदालत ने भारतिय पुरतत्व सर्विक्षन के कई दश्यक पुरा ने उस आदेश को भी रत कर दिया था,
01:59जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को इस परिसर में शुकरुवार की नमाज अदा करने की अनुमती दी गई थी।
Comments

Recommended