00:00चार तरह की दाले मिलाओ और उनके उपर चावल की एक तह बिछाओ उसके उपर आधे भुने हुए आलू रखो
00:07एक तह और उसके उपर दो दिन भुवया हुआ राजमा बिछाओ उसके उपर कुछ हौर और इसको छे घंटे तक
00:19अरे मेरी जिन्दगी के छे घंटों की कीमत है कि नहीं है मैं इस्तरी हूँ पुरुश हूँ वो बाद में
00:24बात आती है मैं इंसान हूँ मेरी जिन्दगी के छे घंटे ये करने के लिए है क्यों क्यों क्यों करना
00:30आई ये इतनी लंबी चोड़ी इतनी टाइम इंटेंसिव रेस
00:35पीज चाहिए क्यों अरे बंदर क्या जाने अधरक्का स्वाद हमसे पूछो खाने में लजज़त रहा बावर्ची के हाथ का हुनर
00:45हम नहीं जानते यह हुनर ना हमें जानना है और यह काम करने के लिए अगर किसी इंसान की जिंदगी
00:52लग रही है तब तो हमें बिल्कुल नही
00:54क्योंकि हम नहीं समझते कि इंसान इसलिए पैदा हुआ है क्यों करेला से ले और स्वाद समय का गुलाम नहीं
01:00होता है कि आप बहुत समय लगाओगे तब ही स्वाद आएगा मैंने खुद भी बनाया है और मैं बहुतों को
01:05जानता हूँ बहुत अच्छा पोशक, न्यूट्र
01:22पूरता और वीभतसता ऐसे दिखती है कि मैं जी रही हूँ बनाने के लिए पता नहीं इन दोनों में से
01:30ज्यादा बरबाद कौन है