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Devendra Fadnavis on Vande Mataram: राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक संग्राम तेज हो गया है! महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उनके रवैये को 'दिमागी नक्सलवाद' करार दिया है। जानिए इस पूरे विवाद की इनसाइड स्टोरी और सियासी हलचल।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम्' के पूर्ण गायन को लेकर उठे विवाद के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis का बड़ा बयान सामने आया है। फडणवीस ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान करने के बजाय उस पर आपत्ति जताना संवैधानिक व्यवस्था और राष्ट्रीय अस्मिता का अपमान है। उन्होंने इसे अराजकता और 'दिमागी नक्सलवाद' का नमूना बताते हुए कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठाए।

दूसरी ओर, Lok Sabha Elections और हालिया बजटीय सत्रों के बीच राष्ट्रगीत की पंक्तियों और गायन परंपरा को लेकर शुरू हुई यह बहस अब देशव्यापी सियासी रूप ले चुकी है। कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए इसे मूल ऐतिहासिक निर्णयों का संदर्भ दिया है। इस रिपोर्ट में देखिए दोनों दलों के रुख, फडणवीस के तीखे बाण और भारतीय राजनीति में 'वंदे मातरम्' को लेकर चल रहे घमासान का पूरा विश्लेषण।


Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis heavily criticized the Congress party over the ongoing 'Vande Mataram' controversy, labeling their stance as 'cerebral/dimagi Naxalism'. Referring to recent disputes during national events, Fadnavis stated that disrespecting or curtailing the national song goes against the constitutional framework and patriotic spirit. The political crossfire between BJP and Congress has escalated over the historical and legal status of Vande Mataram.

#DevendraFadnavis #VandeMataram #CongressVsBJP #MaharashtraPolitics

~HT.178~PR.514~ED.110~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:08इस प्रकार का निर्णे है इसका कारण अब भारत में अंग्रेजों का राज नहीं है और भारत में स्वतंत्र भारत
00:20के संसद ने जो निर्णे लिया वो निर्णे सव्वेधानिक होता है
00:24और स्वतंत्र भारत के जो हमारी परलेमेंट है उसने लिये हुए निर्णे को हम नहीं मानेंगे गुलामी की परंपरा को
00:36कायम रखेंगे
00:37हम हमेशा कहते थे यह मानसिक गुलाम है इन्होंने अपनी मानसिक गुलामी और सव्विधान की खिलाफत यह दोनों चीजे इसके
00:48हमारे सामने प्रस्ता भी बहुता है देखें चात्रों की गुंज है या राहूल गांदी अपनी जमीन तलाश रहे यह तो
00:56मैं नहीं जानता �
00:57लेकिन जो मुझे जानकारी है अगर वो एक ओपन इस प्रकार का इवेंट करते तो शायद यह चात्रों से सववाद
01:09होता अभी पूना और पूना के असपास जितने कॉंग्रेसियों की संस्थाए है शिक्षा संस्थाए उन संस्थाओं की ही लड़कियों को
01:21रेजिस्टर कर
01:22पूना इस प्रकार का आदेज दिया गया है उनका ही रेजिस्टरेशन करके उनको ही वहाँ पर एंट्री मिलने वाली है
01:30तो कुल मिलाकर एक कंट्रोल्ड एंवाइरमेंट में ये कारेकरम होने वाला है और जो आईडियोलोजी को मानते है ऐसे ही
01:41लोग वहाँ आए ऐसा प्र
01:52पाया गया उनके साथ ये मुनोलोग है ऐसा में कहना चाहिए चिन्ना के असली वहांसज या वारिस ये मैं लगातार
01:59कह रहा हूं लेकिन अब तो ये चीज़ें प्रमानित हो गई
02:04क्या है कि बंकिम बावू का गीत बंदे मातरम जो है ये आजादी के आंदूलन का एक ऐसा जून बन
02:16गया जोस बन गया जिसमें की जो सुतनत्ता सेनानी थे जो आजादी के वीरवाकुरे थे वो फासी के फंदे पर
02:25भी बंदे मातरम गाते वे जो है जून जाते थे
02:29तो बंदे मातर में एक बड़ा सेंबल बन गया अंग्रेजों को हटाने के लिए
02:35जब इस आंदोलंग ने जोर पकड़ा
02:39तो 1937 में कई एक जगह ऐसा हुआ कि कॉंग्रेस और मुस्लिम लीग मिलकर सरकार बनाना चाते थे
02:47या कॉंग्रेस को 1937 का जो सम्वित सरकार की एक जगह बनी उस चुनाओं में एक दिखाई दिया कि मुस्लिम
02:55लीग जो है प्रभावी है
02:57और मुस्लिम लीग के साथ या मुसल्मानों के साथ अपना एक समझोता होना ची
03:04जिन्ना ने कहा कि सर तेख है कि ये जो बंदे मातरम है ये गाना बंद करना प्रभाई ये उन्होंने
03:12इसके उपर खुलियाम खिलाफत की और मुस्लिम लीग ने अपना रिजॉलिशन लिया अगत सितंबर 1937 में
03:20इसके बाद नेहरू जी को लगा कि नहीं मुसल्मान का बोट चीए मुसल्मान का बोट चीए और उन्होंने एक कमिटी
03:27फॉर्म कर दी कि बंदे मातरम गाना चाहिए या नहीं गाना चाहिए
03:32सुवाज संद्रबोस उस वक्त बहुत प्रभाबी थे 37, 37, 49 आपको पता है तो पार्टी के अध्याज़ भी बने गान्दी
03:39जी के विरूद के बाद जूद भी बने उन्होंने इसका फुल्याम विरूद कि लेकिन नहरू जी इतने मुसल्मान से अपसेस्ट
03:48थे
03:49कि उन्होंने फाइनली अक्टूबर 1937 की जो कारे समयती है उसमें एक कमीटी बनाकर ये तही कर दिया कि ये
03:56मुसल्मान धर्म के खिलाफ है मुसल्म को ये अच्छा नहीं लगता है और इस कारण से इसका दो इस्टेंजा गाना
04:03है
04:04जैसे ही मुसल्म लिग को लगा कि हमारी बातों से कॉंग्रेस प्रभावित हो रही है ये देश प्रभावित हो रहा
04:10है आपको पता है कि उसके बाद
04:121940 से लेके 1946-1946 तक का जो मुद्दा रहा डिरेक्ट एक्षन भी हुआ आपको पता है कि 14-15
04:21अगस्त उने
04:221946-1946 को जो है डिरेक्ट एक्षन हुआ कलकता में यंदूओं का नरसंदार हुआ और भारत का विवाजन हो आज
04:30कॉंग्रेस कारी समीती जो
04:32अक्टूबर 1937 में जो कॉंग्रेस कारी समीती ने रिजोलिशन पारित किया था सुभास संद्र बोस के खिलाब उसको फिर से
04:42सोनिया गांधी जी खरगे साहब और राहुल गांधी जी का नेत्रिक इन लोगों ने मिलकर फिर से कहा कि कानून
04:50जो कुछ भी हो जाए देस भाण
05:02नहीं खैटम हो जाएका देस का कानून अच्छा है का कराब है देस का कानून सब मानता है आप नागरिक
05:07को देस के संबेदान के खिलाब बढ़काना बाबा साहब अमेदकर के खिलाब बढ़काना और जो सिच्वेशन पै liaison करना कि
05:14देस फिर से भी वाजन के कगार पर पहुं
05:31प्राजनिती कॉंपर्स करें.
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