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Parliament में चंदा चोरी मुद्दे पर Iqra Hasan और Dimple Yadav का Amit Shah पर बड़ा हमला, जानिए क्या है पूरा विवाद! संसद सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों के तीखे तेवरों ने देश की सियासत में भारी हलचल मचा दी है। इसी बीच इकरा हसन का पुराना भाषण वायरल है जहां वे इस्लाम पर गरजती नज़र आई और सरकार पर तीखे सवाल दागे।

Samajwadi Party MPs Dimple Yadav and Iqra Hasan raised critical questions in Parliament, demanding an official statement from Union Home Minister Amit Shah over allegations of fund theft and political issues. The opposition's protest led to intense debates and uproar inside the Lok Sabha.

#IqraHasan #DimpleYadav #AmitShah #ParliamentNews #OneindiaHindi

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~HT.410~PR.250~GR.510~ED.108~VG.HM~

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Transcript
00:00सम्विधान के खिलाफ है सुप्रीम कोट के जज्ज्मेंट के खिलाफ है अगर वंदे मातरम मेडम खौमियत का मियार है तो
00:06पिर सवाल ये है कैसरत मोहानी की खौमियत क्या थी जिसने इन खिलाफ जिन्दाबाद का नारा दिया अगर यूसुप महरली
00:13ने कुट इंडिया साइ
00:14सब्सक्राइंट का मोहानी कोट आरे तो इसकी खौमियत क्या थी अगर हैजराबाद से मौली ये जानति मंगर वास्प खान जो
00:22मारकर लास्ट को लटका दिया ही तो है तो है तक उसस्ती ख्अशादी ऑगा थी आर्ट लिए आप गाहीए आप
00:28वोलई ये ने श्यशनल सम के
00:44गाने की इजाद ही आजादी के लिए हुआ, बेशक हो, आजादी किस चीज़ के लिए, आजादी इस चीज़ के लिए
00:52हिंदू के हिंदू होने की आजादी, और इसी तरह से मुसल्मान के मुसल्मान होने की आजादी, सिक के सिक होने
00:59की आजादी, और वो आजादी आप मुझस
01:13जिर्फ ये बोल सके कि रोजगार के बारे में बात मत करो वो देखो मसल्मान हमने उसको मजबूर किया वंदे
01:19मातरम गाने के लिए वो देखो मसल्मान हमने उसकी मजभी आजादी को खदम किया इस आड में मसल्मान को दबाने
01:27की आड में आप अपनी नालाई की चुपाना चा
01:43इस मुल्क में आजादी को बचाने के लिए भी अगर खून देना पड़े हम देंगे
01:48कि बंदे मातरम सिर्फ अतीत की ललकार नहीं ये वर्तमान की जिम्मेदारी है ये आत्ममन्धन की घड़ी है
01:56यही समय है कि हम बंदे मातरम को सिर्फ नारा नहीं नीती और जिम्मेदारी बनाए
02:00और अपने जजबात को मैं आलमा अकबाल साहब के तरहना हिंद के साथ इस सदन में रखना चाहती हूँ
02:06कि सारे जहां से अच्छा हिंदुसता हमारा हम बुलबुले हैं इसके ये गुलसता हमारा
02:13बहुत बहुत शुक्री आपका कि आपने एक एहम मौदू पर मुझे बोलने का मौखा इनायत फरमाया
02:18और बड़े अफसोस की बात है कि बड़ी धूम धाम से हकूमत की तरफ से इस बात को रखा गया
02:26मगर तीस से ज़्यादा MP यहां पर मौझूद नहीं है
02:29मेडम पहले तो मैं वजीर आजम की इस बात की मख़मत करता हूँ
02:33और उनको बताना चाहूंगा कि जिना के बारे में जो कहा था
02:37हम तो जिना के सब मुखालिफ है इसलिए भारत को अपना वतन माने
02:41मगर 42 में आपके प्यारे वीर और जिना की पार्टी ने नॉर्थ वेस्ट फंटियर सेंद और बंगॉल में
02:51मिल कर हकूमत चलाई और उस हकूमत ने देड़ लाक हिंदू और मुसल्मानों को
02:57अंग्रेजों की फोट में शामिल कराया ताके वो लड़े तो किसी शायर ने अच्छा कहा था
03:02वजीर आदम के बारे में कि फरेब दे कर जवाने को पारसा ना बनिये इन्हे कहो कि वो बंदा बने
03:08खुदा ना बने अमीर शहर यही चाहता या हज़रत कि हमारी चीख गले में रहे सदा ना बने
03:13दूसरी बात मेडम हमारे वजीर दिफार जनाब रादना सिंग साहब ने बड़ा ही अजीब खरीब और तकलीफ दे बात कही
03:21अम्मूमिनीन के बारे में और अमूल किताब के बारे में
03:25अम्मुमिनें उनको कहते हैं जो हमारे प्राफिट मुहम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म
03:47मख़ब की हमें वो दीन का मतलब सिकाने निकले हैं अहम बात यह कि मैडम हमारे मुल्क का आइन का
03:54इस लफ से आगाज होता है वी दे पीपल इसका आगाज भारत मता के नाम से नहीं होता है हमारे
04:02समविधान का जो प्रियांबल है वो क्या कहता है लिबर्टी आफ थाट एक्स�
04:11प्रियांबल का यह पहला सफ़ा यह बात करता है तो पिर कैसे किसी शहरी को किसी खुदा देवी देवता की
04:18अबादत करने पर या सच्दा करने पर मजबूर किया जा सकता है आफी के पार्टी से आज की जो बाते
04:23हुई है इसी कब हो रही है हमारे कॉंस्टन्ट अस्म्भली
04:27मेडम एक महत्रमा थी रोहीनी कुमार चौधरी ने एक तजवीज दी थी कि प्रियांबल में किसी देवी के नाम से
04:34शुरू हो उन्होंने खास तोर से वंद्या मातरं को जिकर किया मगर उसको खुबूल नहीं किया गया फिर केवी कामत
04:41सहाब ने एक तजवीज दी कि इट सिट
04:56पिर्णिव है अवाम मर्जी से की मर्जी से सबसे बालातर है अवामी हाकिमे मिलक किसी खुदा देवी देवता मख़भी इलामत
05:05के नाम से नहीं चलता ना मुलक किसी एक मख़भ की मिल्कियत है इसलिए बाबा सहब बंबेटकर ने क्या कहा
05:10था उन्होंने मदर इंडिया के �
05:12नजरिये को मस्तर्द किया बाबा साहब ने एक नई इस्तला वज़े कर दिया और कहा कि भाइक सिद भारत ये
05:19बाबा साव अंबिट करने कहा अब मैडम अगर मजभी आज़ादी इस आईन का बुन्यादी असूल है तो सवाल ये पैदा
05:25होता है कि उस वक्त हमारे जो कॉंस्ट
05:39चरी क्या कहती है बीजू एमैनुल केस है नाइटीन एटी सिक्स का जिसमें जिहोवा विटनस ने कहा कि मैं नैशनल
05:47एंथम के वक्त खड़े रहूंगी पड़ूंगी नहीं सुप्रेम कोट ने कहा कि उसने कोई गुना नहीं किया वहीं एक दोज़ा
05:53सतरा का केस सुप्रेम क
06:08और आपका नेशनल एंथम है फिर आप आजाएए फॉर्टिएट एमेंटमेंट आर्टिकल फिफ्टी वन है सेविंटी सिक्स में पास हुआ उसमें
06:15भी इसका कोई जिकर नहीं है मैडम मैं आपके सामें बताना चाहूंगा कि हमारा भारत एक इसका मजमुआ क्या है
06:22इसमें ह
06:36भारत को देवी कहने और उसके आगे सजदा करने तो दरसल खौम परस्ती को वतन से महबत को मजब में
06:43तब्दील कर रहे और फिर यहां पर बोल रहे कि अगर भारत में रहना है तो वंदे मातरम गाना पड़ेगा
06:48भाई ये तो सम्विधान के खिलाफ है सुप्रेम कोट के ज
07:05आगा तो तो उसकी खामियत क्या थी अगर अगर ःदराबाद से मौलवी अलाओदीन जो मक्का मस्जिद का पहला मुझरिम है
07:10काला पानी में और तुम्हे बास्पा खान जो मारकर लास्ट को लटका दिया अगया थैं तक उसकी खामियत क्या थी
07:17اگر عنایت اللہ کافی جو
07:19جہاد کا فتوہ انگریزوں کے خلاف دیا
07:20مرد آباد میں جب ان کو
07:22دو دن میں فانسی کی سزا دی گئی
07:24اور جب فانسی کی سزا
07:26جا رہے ہیں تو عنایت اللہ
07:28مولونا کافی کے زبان پر کیا تھا
07:30وہ رسول اللہ ہمارے پروفیٹ کی نات پڑھ رہے تھے
07:32کیا پڑھ رہے تھے کوئی گل باخی
07:34رہے گا نہ چمن رہ جائے گا
07:36پھر رسول اللہ کا دین حسن رہ جائے گا
07:38تو ان کی خومیت کیا تھی
07:39माल्टा की जेल में महमुद अधसन
07:42हुसेन अमदमनी छे माल्टा की जेल की ग्राउंड में पड़े रहे
07:45उनकी खौमियत क्या थी
07:47अल्लामा फजलिह खेराबादी का वस्सेल काला पानी का पुकार पुकार करने से पूछ रहे
07:51जो वहीं पर मर गया उनकी खबर वहाँ पर है
07:53बताओ मेरी खौमियत क्या थी
07:54मैडम मैं एक मुसल्मान हूँ
07:56मैं इसलाम को मानने वाला बाविखार इनसान हूँ
07:59और मेरे मजभ की बुन्यादी तालीम तोहीद है
08:01ला इलाह इल्लाह नहीं है कोई खुदा सिवा इल्लाह के
08:05और खुरान में ल्लाह कि आवरा इयाका नाबुदू याका नस्ताइन
08:08तु मेरी अबादत कर रहे मुझे मानो मुझे कहां से मिल रहा है
08:12आर्टीकल 25 से मिल रहा है
08:13मुझे कहां से मिल रहा है
08:14liberty of thought, expression, belief
08:16faith and worship से मिल रहा है
08:18तो इसको जोड़ना ये बहुत ही खतरनाक होगा
08:21और हमारे प्राफिट मुहम्मद स्वाल जब मदीने को गए
08:24तो उन्होंने उस वतन के लिए दुआ की
08:26कहा कि अल्ला मदीने की महबत हमारे दिलों में और इजाफा कर दे
08:29मके से जादा कर दे
08:31तो ये इसलाम मुसल्मान होना
08:34हमारे एमान में मुल्क की महबत बीच में नहीं आती
08:37और मुल्क से महबत है और रहेगी हमेशा
08:40क्योंके यह अजीम खुर्बानिया यहां पर सामिल है
08:42जिन्होंने जंग आजादी में हिस्सा नहीं लिया
08:44आज अगर वो वतन की महबत का दर्स जाएंगे तो बड़ा घलत होगा
08:47मैडम मैं आपके साम में एक चीज़ पढ़ूँगा
08:49उन्नीस सो सेंट रविंदना टेगर ने लिटर लिका सुबाश चेंडर बोस को
08:54मैं सिर्फ किसी ने नहीं पढ़ाई है
08:56क्या कहा टेगर साब ने
08:59यह मैं इसको ले करूंगा मैडम आप देख लीजिए
09:15फिर दूसरी तरफ मैडम आप आजाईए मैं यहां पर बाइट कर
09:19हाँ जितने तखारीर यहां पर सब जनगन मन पर तनखीद किये
09:23तो मैडम मुझे यह कहना पड़ेगा कि जनगन मन पर आप लोग इतनी
09:28तकलीफ क्यों उठा रहे हैं आखिर इतनी तकलीफ क्यों है तो मैं जब जा कर देखा
09:32तो मुझे 28 डिसंबर का 28 डिसंबर का औरगनाईजर मैगजीन का आटिकल मिला
09:39जिसमें औरगनाईजर लिखता है कि वाट इस दो मॉरल संक्शन बहाइं गोवर्मेंट चॉइस आप जनगन मन पर इसका करते हैं
10:06इस पर आप क्या बोलेंगे मैडम मैं आपको बिए बताना चाहरा हूँ
10:13यह बताईए हम को कि अभी मैडम यहाँ पर आनन मट के बारे में बहुत कुछ कुछ कहा गया
10:23मैं सिर्फ दो मिसाले आपको देता हूँ आनन मट के पेज नमबर 70-80 को पढ़ लीजिए
10:29इसके बाद सनातन जहां मुसल्मानों के घर पाते थे इन्हें आग लगा देते थे
10:32आप पेज नमबर 98 पढ़िए हमें सिर्फ इन मुसल्मानों को जड़ से खतम करना है क्यों खुदा के दुश्मन बन
10:38चुके हैं पिर आप पेज नमबर 115-16 दीजिए पिर मुक्तलिफ इलाखों मुसल्मानों को सदा देने के लिए भेज जाते
10:44जहां मुसल्मान आबादी नज
10:45रहती जला दी आता पिर आप देख लीजिए मैडम सफ़े नमबर 120 पेज बंकिम लिखते हैं कि सनातियों को मालूम
10:52नहीं था कि अंग्रेज जिंदुस्तान को निजात दिलाने वाले हैं ये आप क्यों कर रहे हैं अब आप मैडम मैं
10:57आपको पेपर जे कर दूँगा मैडम भ
11:13जबान सकावबत मजब नहीं है अगर वंदे मातरम का मतन खौम और मजब को एक बना देता है अगर हम
11:19इसे टेस्स बनाते हैं वफादारी का तो फिर मान लीजिए कि ये गांदी हम बेटकर टेगोर बोस और लाको आज़ादी
11:26के सिपायों की सौच को छोड़कर गोटसे की स�
11:40मेरी अबातगाहा मेरे कप्डे मेरे कारोबार पर हमले होते मगर मैं फिर भी कहता हूं कि वतन मेरा हर वतन
11:47को हम छोड़कर नहीं जाएंगे मगर हूबो बोस्तनी का क्या मतालबा है हूबू बोस्तन reflection को खतम करो जबर सिर्श
11:55को खतmbar करो जबर का खातेमा करो अमन का गहवा
12:00बारा बनाओ, पाकिस्तान की देशागर्दी को खतम करो, एक्स्प्राटेशन को रोको, शरारत को रोको, मुल्क के खिलाफ की जाने सालिसाजिश
12:07को खतम करो, मैडम भारत एक चमन है, जहां पर हर फूल को खिलना चाहिए, और अगर कोई इस फूल
12:14का अगर पूरे फूल खिले
12:25तो वो सहरा बन जाएगा, और माली माली नहीं रहेगा, वो जलात कहलाएगा, तो इसलिए मैडम हम उम्मीद करते हैं,
12:33कि हकूमत इस पर जोर जबर जबर ना करें, मेरा राइट है, यकीनन मैं जानता हूँ कि आजाजी के लाएमें
12:40बंदे मातरम का नारा था, मगर अगर आ�
12:53एक किताब में क्या लिखा बता दीजे, कहां पर क्या लिखावा है, तो मैंडम, मैं शेर पर अपनी बात को
13:00खतम कर रहा हूँ, मैंडम, मैं अपनी बात को खतम कर रहा हूँ, मैंडम, मैं अपनी बात को खतम कर
13:09रहा हूँ, मैंडम, कुंकि आप बहुत जल्दी में हैं, कि भ
13:23मैडम सब पिछला सब आगा इसमें तो हम उम्मीद करते कि इस रूह को आप समझेंगे अगर आप सिर्फ अपनी
13:30आइडिया लिजी को लेकर चलेंगे और आखिर मैडम जनाब बंकिम चंद्रा साहब के बारे में मैं आपके सामें डॉकुमेंट ले
13:38कर रहा हूं कि उन्होंने ब
13:53काइम दिया नैशनल सौंग वंदे मातरम पे डिसकुशन हो रहा है सुबह से और मैं ये समझता हूं कि इस
14:03मुल्क में इस नैशनल सौंग के साथ किसी का ना एतिराज है ना कोई दोराई है इहतराम है हर किसी
14:12का इस सौंग को लेके मगर मसला सिर्फ तब पेश आता है जब ज
14:24जब ये कहा गया कि हिंदोस्तान में रहना है तो वंदे मातरम गाना है ये कहा गया कि आप तब
14:32ही इस मुल्क के बाशन दे हो जब आप ये गाना गाओ गे इतराज तब शुरू होता है आप वंदे
14:42मातरम को नैशनल सौंग मानते है हम सब मानते है आप गाते है हम नहीं गा स
14:49सकते हैं इसकी एक वज़ा है और उस वज़े की आजादी हमें इस मुलक के आई
14:56नहीं दी है कभी कबार कुछ मावलू में दो चीजों के दर्मियां क्लैश होता है एक नैशनल कंसेट और आपकी
15:08रिलिजिस फेथ और ये यूनिवर्सल है इटर्नल फैक्ट है चाहे किसी भी मख़ब से कोई भी वाबस्ता हो मुसल्मान हो
15:18हिंदू हो सिख हो वो इटर्नल आइ
15:24अकीदों को मानता है वो प्रियॉरिटी अपने मजभी अकीदों को देता है मैं एक चोटी सी एग्जामपल दूँगा इस मुल्क
15:32में स्टीजन्शिप छोड़ने की तादाद लाखों में है पिछले कुछ सालों से उसमें मैजॉरिटी हिंदू दर्म से वाबस्ता लोग जो
15:40उन्होंने दूसरे मुल्कों में स्टीजन्शिप ली और इस मुल्की स्टीजन्शिप को वालिंटेरली छोड़ा मगर जब उन्होंने अपनी इस टेंप्रेरी आइडेंटिटी
15:49को तबदील किया क्या उन्होंने अपनी रिलिजिजिस आइडेंटिटी को तबदील किया क्या
16:08धरम, इटर्नल आइडन्टिटी है, इटर्नल बिलीफ है
16:12हम कल सब चले जाएंगे इस दुनिया से
16:15पासपोर्ट, आधार कार्ड यही पर छोड़ के चले जाएंगे
16:18यह जब चले जाएंगे अपने साथ
16:20अपने दार्मिक काव
16:22जो काम किये है वो साथ में ले जाएंगे
16:25पासपोर्ट और आधार कार्ड नैशनलिटी अपने साथ नहीं लेंगे
16:29जब मैं इस दुनिया से चला जाओंगा पासपोर्ट आधार कार्ड ये टेंपरिरी आइडेंटिटी यही पर रह जाएगी
16:35मेरी इटर्नल आइडेंटिटी मेरी मजभी आइडेंटिटी मेरे मजभ क्या काईद मेरे साथ चलेंगे जिस तरह इनके साथ चले जाएंगे
16:45वो इटर्नल आइडेंटिटी है और जब ये क्लैश सामने आता है तब हमें कंस्टिटूशन ही ये आजादी देता है
16:53कि आपकी religious fundamental जो freedom है
16:57आप उस religious freedom को
16:59इस मुल्क में constitution के हवाले से
17:02उस religious freedom को exercise कर सकते है
17:06और one day मातरम का जब जब मस्ला पेश आता है
17:09जब यह का जाता है
17:11कि आपको यह जबर्दसी गाना पड़ेगा
17:13हम तब यह कहते हैं कि
17:15आप गाए हम इहतिवाम देते है
17:17National Song है
17:19मुसका भी इस्टराम करते हैं उसमें दोराई नहीं है आप गायाम इस्टराम के लिए
17:23खड़े हो जाएंगे महरे आप ये चाहेंगे कि हम भी गाया मुम्किन जी नहीं है
17:27हो ही नहीं सकता है आप चाहेंगे आप चाहेंगे अब सबर करो
17:36सुछे से इतने लोग बोलते आ रहे हैं
17:40तेर को ड्रेस करें आप
17:41आप गाई हेडे आप बोलिए नैशनल सौंग है
17:51कोई दो राई उसमें नहीं है
17:53मगर हम पे थोपिये हमत
17:57कनस्टिटुशन इस चीजG हमें आज़ादी देता है
17:59और आप खुद कहते हैं कि वंदे मातरम गाने की इजादी आजादी के लिए हुआ
18:06हुआ बेशक हो आजादी किस चीज़ के लिए आजादी इस चीज़ के लिए हिंदू के हिंदू होने की आजादी
18:14और इसी तरह से मुसल्मान के मुसल्मान होने की आजादी
18:17सिख के सिख होने की आजादी
18:19और वो आजादी आप मुझसे चीन नहीं सकते है
18:22किसी भी नाम पे नहीं चीन सकते है
18:24किसी भी दबाव में नहीं चीन सकते है
18:26किसी भी सिख से उसके मजब की आजादी नहीं चीन सकते है
18:33और किसी भी मुसल्मान से उसके मुसल्मान होने की आजादी नहीं चींच सकते हैं
18:37कोई भी दबाव मुझे मजबूर नहीं कर सकता है
18:40आप गाईए आप गाईए और हमें वो आजादी दे दीए
18:43यह मजभ यह मजभी आजादी मुझे आपसे दूर नहीं करता
18:48वही मख़ब जो मुझे ये कहता है कि लोकुम दीनकुम वलीय दीन
18:53आपके लिए आपका दीन मेरे लिए मेरा दीन
18:56जिसको Constitution ने आजादी दी
18:59ये कहके कि fundamental right है religious freedom
19:02हमारा Constitution हमारे कुरान की उसी आयत की
19:07तर्जमानी करता है दो मिनट दे दीजे मैंने
19:10तर्जमानी करता है जआ आप अपनेivo испट कर जिये
19:13हमें अपने दीम पे अमल करने की आजादी दे दीए आपी की तरह
19:19बात जब्दस्ती की है बात जब्दस्ती की है बात किसी और चीज़ की
19:22नहीं है और ये डिबेट मुझे पता है जादा वकली में में
19:39सास लेने के लिए साफ हवा मांगे रोजगार मांगे जब इनसे महंगाई के खिलाफ महंगाई के बारे में जवाब मांगे
19:49जब इनसे रोजगार मांगे तब ये सिर्फ ये बोल सके कि रोजगार के बारे में बात मत करो
19:54वो देखो मसल्मान हमने उसको मजबूर किया वंदे मातरम गाने के लिए
19:59वो देखो मसल्मान हमने उसकी मजभी आजादी को खदम किया
20:03इस आड़ में मसल्मान को दबाने की आड़ में
20:06आप अपनी नालाई की छुपाना चाहते हो
20:09और इस मुल्क में राज करना चाहते हो उसकी कुरवानी बनाना चाहते हो मुसल्मान को और मुसल्मान इस बेगहरती का
20:16कुरवान कभी होगा नहीं हमने इस मुल्क की आजादी के लिए भी खून दिया है और इस मुल्क में आजादी
20:22को बचाने के लिए भी अगर खून देना प
20:39को तोड मरोड कर पेश करके फिर से मुस्लिम तुष्टिकरन के नाम पर भारतिय मुसल्मानों को कट घरे में खड़े
20:46करने की कोशिश की जा रही है लेकिन मैं सदन में बताना चाहूंगी कि हम भारतिय मुसल्मान जिन्ना के हवान
20:54को ठुकरा कर अपने इस प्यारे वतन की मिट
20:57के साथ मजबूती से जुड़े रहे हमने महत्मा गांधी बाबा साथ दॉक्टर भीम्राव अंबेडकर रविंद्रना टेगोर जी सुभाश चंद्र बोश
21:06जी मौलाना अबुलकला माजाद अश्वाक उल्ला खां साहब के विचारों को अपनाया हम भारतिय मुसल्मान इं�
21:27के परामर्श के बाद हुआ क्या अब हम उन महान नायकों की समझ पर प्रशन चिन उठाएंगे उन्हें देश को
21:34बाटने वाला और तुष्टी करन करने वाला कहने का पाप करेंगे उन महान हस्तियों ने बंदे मात्रम के उन छंदों
21:42को अपनाया जिनोंने देश के हर वर्�
21:50आप लोगों के सामने रखना चाती हूं वर्श उन्निस सो अठानवे में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रविंदर शुकला जी
21:58ने स्कूलों में राश्रगीत के राश्रगीत को गाना अनिवार्य कर दिया था लेकिन तब के ततकालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी
22:05वा
22:16खास्त कर दिया था अब मैं सत्ता में सत्ता पक्ष से सवाल करना चाहूंगी मैं सत्ता पक्ष से सवाल करना
22:31चाहूंगी कि जो विशन आजादी के समय के लोगों का था राश्रगीत को स्वेच्छा पर छोड़ने का उसी का अनुसरन
22:38मानने अटल बिहारी वाजपाई जी ने
22:46भर्म निभा रहे थे देश में सब धर्मों को एक साथ लाना सब के जजबात का एसास करना ही सबसे
22:52बड़ा राश्रवाद है
22:55माने अध्यक्ष मौद्या आज हमें वंदे मातरम के असली भाव को समझना जरूरी है
23:01ये गीत तो देश के जल जंगल जमीन हर्याली और निर्मल हवा की वंदना को समर्पित है
23:06ये भारत की जनजन की मंगल कामना करता है
23:09कि भारत का हर नागरिक स्वस्त रहे, सुरक्षित रहे
23:12और सम्मान के साथ जी सके
23:14सुजलाम सुफलाम का अर्थ है
23:16सुनिए ऐसा देश जहां स्वच और परियाप्त जल हो
23:20जा नदिया जिन्दा हों, बहती हों, जीवन देती हों
23:23अदेक्ष मौदे लेकिन अब जरा यमुना का हाल देखिए
23:26दिल्ली प्रदूशन नयंतरन समीती की
23:28दो हजार पच्चीस की रिपोर्ट बताती है
23:30कि यमुना के कई हिस्सों में
23:33बियोडी स्तर 127 एमजी पर लीटर है
23:35तक पहुँच चुका है
23:37जबकि किसी जीवित नदी के लिए
23:38ये 3 एमजी पर लीटर से कम होना चाहिए
23:41ये सिर्फ नदी का संकट नहीं है
23:43ये किसान का संकट है
23:45नमामी गंगे के नाम पर
23:461000 करोड रुपे खर्च हो गए
23:48लेकिन सचाय ये है
23:49कि आज भी गंगा और यमुना के
23:51किदारे किसान मजबूरी में
23:53उसी जहरीली पानी से खेती कर रहा है
23:55वही जहर अनाज में उतरता है
23:57और वही जहर किसान की जिन्दगी
23:59को धिरे धिरे खतम कर देता है
24:01अद्यक्ष मौदिय जब पानी जहर हो जाएगा तो सुजलाम कैसे होगा
24:06जब किसान बर्बाद होगा तो सुफलाम कैसे होगा
24:09मले अजशीतलम मले का अर्थ है
24:11मले परवत से बहने वाली ठंडी सुगंदित चंदन जैसी हवा
24:16जो जीवन देती है बिमारी नहीं
24:18आज मैं सदन से पूछना चाती हूँ
24:20क्या आज के भारत की हवा मले अजशीतलम है
24:23नहीं अध्यक जी बस संसद से बाहर कदम रखिए
24:26एक गहरी सास लीजिए
24:28ये चंदन की महक नहीं
24:29ये जहर है जो आपके हमारे फेफडों में उतर रहा है
24:33दुनिया के 20 सबसे प्रदूशिद शेहरों में से 13 भारत में है
24:38दिल्ली की हवा में सास लेना मानो रोज 20 सिगरेट पीने जैसा हो
24:42भारत हर साल सर्दियों में जहरीली हवा के प्रकोप में घिर जाता है
24:47एक यूआई गंभीर सर पर आ जाता है
24:49थंडी हवा का सपना आप ग्यास चेंबर की हकीकत बन चुका है
24:54हम वो देश हैं जहां सरकार प्रकरती पर बने गीत का मान मरदन तो करती है
24:59पर उसी प्रकरती जंगल हवा पेड को बचाने वाले कानूनों को धीरे धीरे खुदी खतम कर रही है
25:05यह है आज के हमारे मले अजे शीतलम की अफसोस जनक सचाई
25:09हम अगर हम हवा को साप नहीं कर पाए
25:12तो ना सुजलाम बचेगा ना सुफलाम बचेगा
25:15मानिया ध्यक्ष महोद्या सस्य सादलम का अर्थ है ऐसा दे जहां उपजाओ जमीन हो
25:21जहां खेत फसल से भरे हो और किसान कर्ज और निराशा में न डूबा हो
25:25आज किसान सिर्फ मौसम से नहीं लड़ रहा है
25:28प्रदूशन नीतियों की बेरुखी और सिस्टम की नाइंसाफी से लड़ रहा है
25:32एक तरफ कॉर्परेट के लोन माफ होते हैं
25:34दूसरी तरफ किसान को उसकी वाजब MSP भी नहीं मिल पाती है
25:38आप ग्लोबल सूपर पावर बनने की बात करते हैं
25:41लेकिन हमारी पर क्या पिटा इंकम दुनिया में 136 नंबर पर है
25:45हम अपने छोटे पडोसी देश से भी पीचे हैं
25:48हमारे लोग 50000 डॉलर तक भी नहीं कमा पा रहें एक साल में
25:52और जिन अरब पतियों की रक्षा करते हैं वो इतना पैसा एक सेकिंड में कमा लेते हैं
25:57आज वंदे मात्रम को बुनियाद बनाकर राजनीती की जा रही है
26:00लेकिन जमीन पर जंगल पु पत्यों को सौपी जा रही है आतिवास्यों को उनके घरों से उजाड़ा जा रहा है
26:06मात्रम में जो मात्रम आता है वे दो में सिर्फ मात्र 보세요 की वंदना नहीं
26:24कि अनुसार देश में हर वर्ष लगबग 30,000 से अधिक बलतकार हो रहे हैं
26:29यानि एक दिन में 80 से अधिक महिल आए यौन हिंसा का शिकार होती है
26:33और ये सिर्फ दर्ज मामले है
26:35जब जम्मू कश्मीर की एक बच्ची हिंसा कत्याचार का शिकार होती है
26:39जब सत्ता से जुड़े लोगों पर आरोप लगते है और कारवाई वर्ष लटक जाती है
26:44जब उन्नाओं की पीड़ता लखनाओं के दर्बार में इंसाफ को लेकर अपनी जान देने पर अमादा होती है
26:50जब बिल्कीस बानों के अपरादियों का सरकार के लोग दुआरा स्वागत किया जाता है
26:54तो ये घटनाए बंदे मातरम की आत्मा पर चोट पहुचाती है
26:58मैं अध्यक्ष पहोदिया बस यही कहना चाहती हूँ
27:01अपनी बात को अंत में रखते हुए कि बंदे मातरम सिर्फ अतीत की ललकार नहीं
27:07ये वरत्मान की जिम्मेदारी है ये आत्मा मंधन की घड़ी है
27:11यही समय है कि हम बंदे मातरम को सिर्फ नारा नहीं नीती और जिम्मेदारी बनाए
27:16और अपने जजबात को मैं आलमा इकबाल साहब के तरहना हिंद के साथ इस सदन में रखना चाती हूँ
27:22कि सारे जहां से अच्छा हिंदोसता हमारा, हम बुल बुले हैं इसके, ये गुलसता हमारा
27:29मजभ नहीं सिखाता आपस में बैर रखना हिंदी है हम पतने हिंदुस्ता हमारा
27:36कोई खुश्बू न कोई फूल न कोई रोनक उस पे काटों की जहालत नहीं देखी जाती
27:42हमने खोली थी इसी बाग में अपनी आखें हमसे इस बाग की हालत नहीं देखी जाती
27:48रात बस रात ही होती तो कोई बात नहीं
27:52उसका आकार मगर दूना नजर आता है
27:55जितने चमकीले सितारे थे वो सब डूप चुके
27:58सारा आकाश बड़ा सूना नजर आता है
28:01बुलबुले खुश थी उमीदों के तराने गाए
28:05लेके पधजर से बहारों को चमन सौप दिया
28:08अब तो मासूम गुलाबों की ये घायल खुश्बू
28:11शीश धुनती है के खारों को चमन सौप दिया
28:15तुमने क्या काम किया उनके अभाओं के लिए
28:18जिनकी महनत से तुम्हे तख्त मिला ताज मिला
28:21उनके सपनों के जनाजों में तो शामिल होते
28:25जिनके चुप रहने की वजह से तुम्हे राज मिला
28:28उदे प्रताब जी ने बहुत शांदार ये कविता कही है
28:31कि कवी की आवाज बगावत पे उतर आई है
28:34दल के दलदल से हमें कोई सरोकार नहीं
28:37तुमने इस देश की तस्वीर बिगाड़ी ऐसे
28:40जैसे इस देश की मिट्टी से तुम्हें प्यार नहीं
28:43वरना अंजाम वही होगा जो पहले भी हुआ
28:47कुरसी तो कुरसी है निगाहों से उतर जाओगे
28:50मौत आनी है जब आएगी तुम्हारी खातिर
28:53मौत से पहले बहुत पहले ही मर जाओगे
28:56सभापती महोदे गाओं की परिकल्पना में प्यार था
29:02अपना पन था भाई चारा था
29:05कभी महात्मा गांधी ने जब गाओं का सपना बुना
29:09तो मुझे लगता है उसमें वो महबत थी
29:12कि गाओं में अगर किसी बिटिया की शादी होती थी
29:15तो पूरा गाओं अपने संसाधन लेकर के
29:17कोई चारपाई लेकर के
29:19कोई गुड लेकर के
29:20कोई प्रेम लेकर के खड़ा हुआ करता था
29:23लेकिन पिछले 2014 के बाद से गाओं में जो
29:27नफरत वो करके विकास किया गया है
29:30वो अद्भूत और अकलपनी है
29:33हालत ये है
29:34हम जिस गाउं में पैदा हुए
29:36उन गाउं में कोई सीता राम चाचा
29:39कोई भगवती चाचा
29:40हम लोगों की उंगली पकड़ करके
29:42चोराहों पर हमें मिल जाता था
29:44आशिरवाद भी देता था और डाटता भी था
29:46लेकिन मौजूदा इस्थिती
29:49ये हो गई है कि गाउं में
29:51चाए जो
29:52गुण की चाए बना करती थी
29:54उसकी चकलस में जो चर्चा होती थी
29:56उसमें जब से चाए में चर्चा वाली
29:59राजनीती घुसी है
30:00उसने पूरे गाउं का महौल ऐसा कर दिया
30:03कि आप अब एक दूसरे से प्रेम से बैठ के बाद भी नहीं कर सकते
30:08मैं माननी मंत्री जी यहां पर मौजूद है
30:12रूरल डिबलक्मेंट के मंत्राले के बजट पर चर्चा हो रही है
30:17चाहे मनरेगा हो चाहे किसान हो
30:22सारा इससे जुड़ा वर्ग परिशान है
30:25मजदूरों की इस्थिती ऐसी है
30:27कि आप मनरेगा को प्रोटसाहिद करने के बज़ाए
30:32मनरेगा को समाप्त करने की कोशिशों में लगे हुए
30:35सच बात यह है कि राज्यों पर भार डाल करके
30:39आप मनरेगा खत्म कर देना चाहते हैं
30:42और उसके लिए आपने नाम लिया है
30:45कि आप उसका नाम बदल करके
30:47भी ग्राम जी करके
30:49उसके पीछे आप इसको छुपा लेंगे
30:52गाओं में सड़कों की इस्थिती खस्ता आहाल है
30:55चाहे उत्तर प्रदेश हो
30:56चाहे मद्द प्रदेश हो
30:57चाहे गुजरात हो
30:58चाहे राजस्थान हो
30:59गाओं में सड़कों की इस्थिती ऐसी है
31:02कि किसी गर्वती महिला को
31:04अगर अस्पताल ले जाना हो
31:06तो सड़कें ऐसी हैं
31:09कि उन पे चलने वाले वाहन
31:10शायद अस्पताल तक
31:12महिलाएं पहुँच भी नहीं पाती है
31:14उनका प्रसो रास्टे में ही हो जाता है
31:16महोदे गाओं में
31:19हालत ये है
31:20किसान आपके सामने
31:24سरकार के सामने
31:26लगा तार
31:26अपनी मांगे लेकर के खड़ा रहा
31:29लेकिन इस सरकार ने
31:30दिल्ली के रास्ते की तरफ पूछ करने वाले किसानों की राह में फूल नहीं बिचाए बलकि कीलें बिचाईी
31:37साहे 700 से ज्यादा किसान शहीद हुए
31:41कीमत तो बहुत बढ़ गई शहरों में धान की
31:44लेकिन विदा नहो सकी बेटी किसान की
31:46मौका मिला तो लोगों ने कुरसी के वास्ते तस्वीर ही विगार दी हिंदोस्तान की
31:51सवाबती महोदे इस सरकार में बातें तो बड़ी बड़ी रही
31:56बजट की बात करके ये कहा गया कि गाउं का विकास करेंगे
32:01लेकिन प्रधान मंत्री की जो आवास योजना है
32:04प्रधान मंत्री आवास योजना के तहट गाउं में आवास बनते हैं
32:08और इनकी राज सरकारे उन आवासों पर बुल्डोजर चलाती हैं
32:13ऐसे कई मामले अलग अलग राज्यों में देश के सामने हैं
32:18आप कहेंगे तो मैं पटल पर रख दूँगा
32:21अभी हाँ पटल पर रख दूँगा अथेंटिकेट कर दूँगा
32:25महोदे जब पीम आवास योजना के तहट बनने वाले घरों पर बुल्डोजर चलेंगे
32:31तो आप गाउं के कौन सी विकास की परकल्पना कर रहे हैं
32:35गाउं को तो आपने भगवान भरों से छोड़ दिया है
32:37गाउं में रहने वाला किसान अपनी महनत से अगर अन उप जा रहा है
32:43तो आप उसकी MSP भी नहीं दे पा रहे हैं
32:47आप उसको सहायता नहीं दे पा रहे हैं
32:49की धनना सेठों की सरकार बना के रख दिया है आपने महोदे मैं जानता हूं मेरा समय समाफ्द होने
32:55हो चुका है मुझे मुझे मुझे कंक्ल्यूट करने सर हमारी आखों में तो ऐसे गाओं के सपने थे
33:06कि जहां रहने वाले ग्रामीर अंचल के लोग शहरों की तरफ पलायां ना करें ऐसा सपना हम देखा करते थे
33:14लेकिन गाओं में डेबलक्मेंट के नाम पे इस सरकार ने मूल भूत सुविधाओं से भी गाओं को वंचित रखा हुआ
33:21है जिसकी वजा से गाओं पलायां करके शहर की तरफ भाग रहे हैं और गाओं के गाओं खाली
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