00:22क्या दीश में और अक्षन का मुद्धा एक बार फिर बड़ी राजनतिक लड़ाई की वजह बने का
00:28दिल्ली के जंतरमंतर पर S.C.S.T. और O.B.C. के जाती आधारी आरक्षन के खिलाफ प्रदर्शन हुआ
00:34तो बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायवती खुलकर इसके विरूध में आई
00:38लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज़्यादा चर्चा सिर्फ आरक्षन को लेकर नहीं हुई
00:42मायवती ने सीधे कॉंग्रिस और राहूल गांधी पर सवाल खड़ी किये
00:46उनका आरोप है कि जिस समय जंतरमंतर पर आरक्षन खत्म करने की मांग उट रही थी
00:51उस समय राहूल गांधी और कॉंग्रिस का कोई नीता प्रदर्शन कारियों को समझाने वहां क्यों नहीं पहुंचा
00:57आखिर मायवती ने ऐसा क्यों कहा और उन्होंने आरक्षन को लेकर क्या बड़ा तर्क दिया जानते हैं
01:04मायवती ने सोचल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्सपर्ट सिलसिलिवार पोस्ट करके अपनी नाराजगी जाहिर की
01:09उन्होंने कहा कि समविधान के तहट SCST, OBC समाज को जो आरक्षन मिला उसके खिलाफ प्रिदर्शन करना और आर्थिक आधार
01:16पर आरक्षन की मांग करना सही नहीं है
01:19उनके मुताबिक आरक्षन जैसे समविधनशील मुद्धों पर सस्ती राजनीती नहीं होनी चाहिए
01:25मायवती ने अपनी बात को बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आमबेटकर के विचारों से जोड़ते हुए कहा कि SCST और OBC
01:32समाज सदियों से जाधिवात का शिकार हो रहा है
01:35उन्होंने आमेटकर के कथन का हवाला देते हुए कहा कि जातिवात का परित्याग ही सबसे बड़ी देश भकती है
01:42इसके बाद मायवती ने आरक्षन के साथ गरीबी के मुद्य को भी चोड़ा
01:46उन्होंने कहा कि केंद्र और राजिस सरकारें गरीबों के लिए हर साल बड़ी रकम खर्श करती है
01:51अगर भ्रष्टा चार और दूसरी खामियों की वज़े से योजनाओं का फायदा गरीबों तक नहीं पहुँचा
01:56तो ये सरकारी व्यवस्था की वफलता है
01:59मायवती ने आर्थिक आधार पर पहले से मौजूद आरक्षन व्यवस्था पर भी सवाल उठाया
02:03उनका दावा है कि इसका सही फायदा गरीब सवर्ण परिवारों तक नहीं पहुच पा रहा है
02:09यानि उनके मुताबिक गरीबी का सामधान सिर्फ आरक्षन की ववस्था बदलना नहीं
02:14बलकि सरकारी योजनाओं को इमानदारी से लागू करना भी है
02:18मायवती का सबसे तीखा हमला कॉंग्रेस और राहूल गांधी पर रहा
02:21उन्होंने कहा कि उसी दिन राहूल गांधी एक पेडित व्यक्ति के मामले में
02:25F.I.R. दज कराने की मांग को लेकर संसत थाने के बाहर कई घंटे धरने पर थे
02:30मायवती के मुदाबिक पासी जंतरमंतर पर जाती आधारित आरक्षन खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहा था
02:36लेकिन राहूल गांधी या कॉंग्रेस का कोई निता वहां प्रदर्शन कारियों को समझाने नहीं पहुचा
02:42इसी बात को आधार बनाकर मायवती ने कॉंग्रेस पर इन वर्गों के प्रती आरक्षन विरूध ही मांसकता का आरोप लगाया
02:48उन्होंने सरकारों से भी अपील की कि आरक्षन का विरूध करने वाले तत्वों को संदक्षन ना मिले
02:54अब इस पूरे विवाद ने एक बार फिर आरक्षन को देश की राजनीति के केंदर मिला दिया
02:58एक तरफ आर्थिक आधार पर आरक्षन की मांग उठ रही है
03:01तो दूसरी तरफ मायवती जैसे नेता इसे सामाजिक न्याय और सम्विधान से जूड कर देख रही है
03:06ऐसे में सवाल ये की आने वाले दिनों में अरक्षन की ये बहस कितनी बड़ी राजनतिक लड़ाई का रूप लेने
03:13वाली है
Comments