00:05नेपाल में हम लोग थे हमारे 50 किलो मेटर दूर पर हासता हुआ है काटमाडू में अटक गए थे तो
00:12हमारे सीयम साब देवे ने फटवावव इन्होंने हमारी मदद किये वहां से हमको नेपाल काटमाडू से निकाला और इंडिया में
00:19लाए
00:19हमने हमारे पास ऐसा सस्कीती थी जो मुक्तिनाज गया थे उसके बाद वहाँ पे ग्लैशेज आ गया था हम लोग
00:26जब इंडिया में आ रहे थे हमारी चार बसेश की थी दिवावाव ने चार बसेश के बाद पाच्वी बस जो
00:31थी वह बहे गई पानी में तो हम लोग पूरा द
00:49हमारी मदद करें बहुत यह करें कोई परेशानी भी खाने पीने किया आये तक हमारी रक्षा करें ओ लोगों ने
00:55हमने देखें कि वहाँ पर बहुत परेशानी में दिया और नदी में डूब रहे बस डूब रही लोग डूब रहे
01:02है हम मौत के मुझ से हम बच के आया है भग
01:19वह जब देवेंद्र खंडविस्का साहब का मदद मिलने लग गई तब हमको आशाच जोगी कि हम वापकर जा सकते बाहरे
01:28आम ने वही देखा कि बाढ़ पानी सब लोग बहरे मगर हम सुरक्षी जगा पहते हैं इसलिए हम बज़ गई
01:34गवंडिताई का फोन आया प्रविण जी ने मन्नी देवेंद्र जी से बात की देवेंद्र जी ने वहां के सांसद राणा
01:42से बात की अन्यास राणा के जो पीएस है वो महरास्ट के ही मुंडे है इसलिए कॉर्डिनेशन में बड़ी सुविधा
01:49होई उन्होंने उन्होंने वहा
02:03विवस्ता करी भोजन वगर की विवस्ता करी वहां से पटना उनको बेजा और पटना से विशेश ट्रेंड के मादने विशेश
02:08भोगी से विवस्ता करके उनको यहां देवेंद्र जी के प्रयासों से लाया गया
02:12संकट के समय में जिस ताकत के साथ में देवेंदी जी ने इनका साथ दिया उसके करण ये सारे लोग
02:18सुकरूप से उस विपरीत परिस्तिती से यहां पहुँचे हैं इसमें महत्तम भूमिका सूचना की प्रवीम जी निभाई है इसके दोनों
02:26की मानोता के प्रती समरपन का मैं �
02:29करता हूं और यह सारे लोग उन्हें शायद जिंद्गी भर नहीं भूले कि ऐसा च्छंड था मंजर तो बहुत खराब
02:35था और यह समझे कि भगवान की बड़ी क्रपर रही है जिसके करण हम और भारत सरकार की विशेस महराश
02:41की सरकार हमारे देवभाव के विशेस क्रपास ह
02:47और नेपाल की जो पुलिस है उनके माद्यम से हमें जो बहुत संभवता जो मदद मिली है तो उस मदद
02:53के करण आज हम अपने च्रिदी मतलब पानी का बहुत जाता बहुता लोग पुगार जादा लगी थी और जैसे जैसे
03:04हम बचके महां से निकल पाए
03:06दिकत तो बहुत ज़्यादा हो गई थी हम लोग वहां गए थे दर्सन के लिए सबको ले करके एकशो पंद्रा
03:13लोग थे और जब दर्सन करने के लिए गए तो सबसे पहले तो हमारे साथ में यह हुआ
03:17यहारी एक साथ में चलने वाली एक दर्सनार्थी माता जी उनको अटेक आ गया उनको पोखरा में पहले भरती किया
03:25बाद में ले जा करके गंगालाल हस्पिटल काटमांडू में भरती कर दिया उनके बच्चों को खबर दिया तो लोग आए
03:33तो क्यों लोग आप यहां से ग�
03:47महापुरान कर रहे थे तो श्री महापुरान के समय में जिस दिन हमको हमारे श्री महापुरान समापत होने वाला है
03:54उसके एक दिन पहले ही महलुम पढ़ा कि वह बहुत जादा देवी आफ्ता आ गया है आप लोग अब निकल
04:01नहीं सकते हैं जहां भवन भुक किये थे वहां
04:15निकल रहें केवल पैसे लेने के लिए लेकिन जब पैसा ले लिया तो बाद में बोला कि रास्ता बंद है
04:21आप अपना बैस्था कर लीजिए उसी शमय संपर्क साथे यहां पर हमारी कार्टा लोग प्रमिण भाव दटके को दटके जी
04:30ने तुरंट एकसल लिया और मानली श्र
04:45उसदिल के लिए रहने खाने के विवस्ता की है और यहां अने के बाद भावरत आये हैं तो बिहार संक्ता
04:56प्रसासन बहुत मदद किया और एक सेट कमचह सब भावान की कृपार
05:14तो भी आजाएंगे बहुत खराविश्टी से गुज्रे हम तो बहुत हालत खरापती हो तो नेपाल के न को विचारी बीजेपी
05:21की वो थी उसने फोन करी तो सब सही सलामत आये उनने चार बस कर दी हमको फिर वहां से
05:27हम सीता मनी आये उनने हमको खाना नास्ता सब किये भईया �
05:30बिहारी के लोग बहुत अच्छे है और वहां से आने के बाद हम ट्रेन में भी हमको खाना नास्ता सब
05:36और अच्छे जगे पे लेके गए नहला जो अरे बहुत अंधेरा अंधेरा हो गया था बिजली बहुत चमकरी थी भईया
05:43और पहार पे समझ नहीं रहता अपन कहां बह�
06:00बिजली बहुत पड़क रही थी अंधेरा एकदम और ऐसी आ रहे थी ना ऐसा लगा आप नहीं बचेंगे बहुत सीरियस
06:07हो गयते हम लोग ऐसा लगा घर वापस नहीं जाएंगे पर भईया हमको वो नेता ने बहुत सहायता किये काटमांडू
06:13के भी बिहार के भी बहुत अ�
06:27अचाय उनने नहीं तो नहीं आपाते तो क्या होता है कि नहीं हमारा परिवार तो इधरी था ना मैं अकेली
06:33गई थी लोग के साथ और फोन भी गूम गया मेरा मैं तो बात भी नहीं कर पा रही थी
06:38बहुत दूखी तो यह आगे अब घर में तो अच्छा लग रागा अच्छ