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नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के सात दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन हालात अब भी बेहद गंभीर हैं। 26 अगस्त को भोटेकोशी-त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई बाढ़ के बाद मौतों का आंकड़ा 1,127 पार पहुंच गया है, जबकि तिब्बत की मौतें जोड़ने पर कुल आंकड़ा 1,143 हो जाता है। करीब 4,858 लोग अब भी लापता हैं। हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की टनलों में करीब 639 लोगों के फंसे होने का अनुमान है। भारत ने राहत सामग्री, टनल रेस्क्यू टीम और DNA विशेषज्ञों समेत बड़ी मदद भेजी है। इस रिपोर्ट में जानिए नेपाल में सात दिन बाद हालात, बचाव अभियान, खतरे और भारत की मदद से जुड़ी पूरी जानकारी।


Seven days after the devastating flash floods in Nepal, the situation remains critical. The floods that struck the Bhotekoshi-Trishuli river region on August 26 have claimed more than 1,127 lives in Nepal, while the toll rises to 1,143 including deaths reported in Tibet. Around 4,858 people are still missing, while nearly 639 workers are believed to be trapped inside hydropower tunnels blocked by water and debris. India has sent relief supplies, specialized tunnel rescue teams and forensic DNA experts to assist Nepal. Watch this detailed report for the latest situation, rescue operations, renewed flood risks, international assistance and India’s relief efforts.

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00:01नेपाल में जल प्रले के आठ दिन
00:04तबाही का आकड़ा ग्यारा सौ पार
00:07चार हजार आठ सो अठावन लोग अब भी लापता
00:12टनलों में छे सो उन्तालीस लोगों के फसे होने का अनुमान
00:26चब्विस अगस्त को नेपाल के भोटे कोशी
00:28और त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई बिनाशकारी बाढ़ने
00:31ऐसा कहर बरपाया कि साथ दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है
00:36तीन सितंबर तक नेपाल में मौतों का आकड़ा ग्यारा सो के पार हो चुका है
00:41अगर चीन के तिबबत क्षेत्र में हुई 16 मौतों को भी जोड़ें
00:45तो कुल आकड़ा ग्यारा सो पचास से ज्यादा हो जाता है
00:48वहीं करीब 4858 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं
00:53इस आपदा से करीब 84,270 लोग प्रभावित हुए हैं
00:58और 12,000 से ज्यादा लोगों को अब तक रेस्क्यू किया जा चुका है
01:02तबाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है
01:05कि चितवन जिले में सबसे ज्यादा 321 मौते दर्ज हुई हैं
01:09इसके बाद नवल परासी पूर्व में 216 और नवल परासी पश्चिम में 170 मौते हुई हैं
01:16रसुआ गढ़ी का इमिग्रेशन आफिस भी पूरी तरह बह गया
01:20बताया गया कि बाढ़ के वक्त वहां करीब 300 से 400 लोग मौजूद थे
01:24यहां के चार इमिग्रेशन कर्मचारी भी लापता है
01:27सबसे बड़ी चुनौती अब भी रेस्क्यू ऑपरेशन है
01:31नेपाली सेना लगातार साथवे दिन सर्च और रेस्क्यू में जुटी है
01:35त्रिशूली नदी के किनारे बने हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स की टनलों में
01:39पानी और मलबा भरने से रास्ते बंध हो गए है
01:42अनुमान है कि करीब 649 वरकर्स अलग-अलग टनलों में फसे हो सकते हैं
01:47इन्हें निकालने के लिए भारत, चीन और दक्षिन कोरिया की विशेशग्य टीमें भी मदद कर रही है
01:53ब्लास्टिंग ओपरेशन के जरिए तनलों तक पहुँच बनाने की कोशिश हो रही है
01:57लेकिन लगातार बारिश और नए लैंड स्लाइड राहत कार्य में बड़ी रुकावट बने हुए हैं
02:03तबाही इतनी बड़ी है कि अस्पतालों और मौर्चुरी की क्षमता भी जवाब दे गई
02:07पानी और कीचड में लंबे समय तक रहने की वजह से कही शवों की पहचान मुश्किल हो गई
02:13ऐसे में अग्यात शवों को अस्थाई तोर पर दफनाने का फैसला किया गया
02:18काठमांडू के गोकरना फॉरेस्ट रिजॉर्ट को भी दफन स्थल बनाया गया
02:21जहां करीब 75 शव दफनाए गए
02:23शवों को नंबर देकर टैग किया गया
02:26और डिने सैंपल, फोटो और पहचान से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखी गई है
02:31ताकि बाद में परिजन उनकी पहचान कर सके
02:33इस आपदा में विदेशी नागरिक भी बड़ी संख्या में प्रभावित हुए है
02:37लापता लोगों में 583 विदेशी नागरिक शामिल है
02:41इनमें सबसे ज्यादा 275 भारतिय नागरिक बताय जा रहे हैं
02:45इसके अलावा चीन, अमेरिका, ब्रिटन, कैनडा, औस्ट्रेलिया और इटली समेथ कई देशों के नागरिक भी लापता है
02:53इनमें परियटकों के अलावा व्यापारी और हाइड्रो पावर प्रोजेक्स में काम करने वाले इंजीनियर और मजदूर भी शामिल है
03:00और सबसे एहम बात, खत्रा अभी पूरी तरह टला नहीं है
03:04नेबाल के मौसम विभाग ने फिर अलर्ट जाली किया है
03:07पूर्वी, मध्य और पश्चमी नेबाल में नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है
03:12खास कर नुवा कोट और रसुआ जिलों की छोटी नदियों और नालों में फ्लैश फ्लड की आशंका जताई गई है
03:18लोगों से नदी किनारे नहीं जाने और सतर्क रहने की अपील की गई है
03:22चीन की तरफ बने एक अस्थाई बांध के टूचने की सूचना के बाद भी दोबारा पानी बढ़ने की चिंता सामने
03:29आई थी
03:29इस बीच नेपाल की सरकार पर भी दबाव बढ़ रहा है
03:33प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से यूएन महसभा के मंच पर नेपाल की स्थिती और जलवायू न्याय का मुद्दा उठाने की मांग
03:40की जा रही है
03:40सरकार चाहती है कि अंतरराष्ट्रिय समुदाय से राहत, पुनरवास और पुनर निर्मान के लिए मदद मांगी जाए
03:47नेपाल का तर्क है कि ग्रीन हाउस गैस उत्सरजन में उसका योगदान बेहद कम है
03:52लेकिन जलवायू से जुड़ी आपदाओं का असर उसे गंभीर रूप से जहिलना पड़ रहा है
03:57आठ दिन बीत गए हैं लेकिन नेपाल में हजारों परिवार अब भी अपनों की तलाश में है
04:02कहीं टनलों में जिंदगी की तलाश जारी है तो कहीं मलबे के बीच शवों की पहचान की कोशिश हो रही
04:08है
04:08और उपर से फिर बढ़ता नदी का जलस्तर नई चिंता पैदा कर रहा है
04:13भारत समेत कई देशों की मदद पहुँच रही है
04:16लेकिन इस भयावा आपदा से उभरने में नेपाल को अभी लंबा वक्त लग सकता है
04:21फिलहाल के लिए बने रहिए One India Hindi के साथ
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