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नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। दार्चुला में पहाड़ टूटने से चौलानी नदी का रास्ता बंद होने के बाद अस्थाई झील और नए जलप्रलय का खतरा बढ़ गया है। इसी बीच त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 10 दिन बाद दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिससे राहत और बचाव अभियान को बड़ी सफलता मिली। भारतीय और नेपाली रेस्क्यू टीमें अब भी मलबे और सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं। भारत ने राहत सामग्री, विशेषज्ञों और मेडिकल टीमों के जरिए नेपाल की मदद तेज कर दी है। हालांकि बाढ़ का पानी घटने के साथ अब दूषित पेयजल और E. coli बैक्टीरिया के कारण जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। नेपाल में जारी इस महाआपदा के बीच हर रेस्क्यू ऑपरेशन उम्मीद की नई किरण बन रहा है।

Devastating floods and landslides in Nepal have caused widespread destruction. In Darchula, a massive landslide blocked the Chaulani River, raising fears of a temporary lake forming and triggering another major flash flood. Meanwhile, two workers were rescued alive after spending 10 days trapped inside a tunnel at the Trishuli-3A Hydropower Project, marking a major breakthrough in the ongoing rescue operation. Indian and Nepali rescue teams continue to search for people trapped beneath debris and inside flooded tunnels. India has also stepped up assistance by sending relief materials, rescue experts, and medical teams to Nepal. However, as floodwaters begin to recede in some areas, another serious threat is emerging—the risk of waterborne diseases. Harmful E. coli bacteria have reportedly been detected in drinking water sources, increasing concerns over disease outbreaks.

#NepalFlood #NepalFloodRescue #NepalFloodSurvivor #NepalDisaster2026 #Darchula #Hydropower Project

~PR.516~ED.106~GR.508~HT.96~VG.HM~

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00:10कुद्रत जब रूठती है तो इंसान के बनाए रास्ते उसके आश्वियाने और उसकी उम्मीदे सब बह जाती है
00:17पड़ोसी देश नेपाल से आ रही ये तस्वीरे सिर्फे कापदा की कहानी नहीं है
00:21बलकि मौत और जिन्दगी के बीच चल रही एक ऐसी जंग है जिसे देखकर किसी का भी कलेजा काप उठे
00:28दस दिनों की लगतार खामोशी के बाद अजानक सुरंग के भीतर से एक आवाज बूझती है
00:34हम जिन्दा है जी हाँ
00:35नेपाल के त्रिशूली हाइडरो पावर प्रोजेक्ट के यहरी सुरंग से जब दूव मुझत दूरों को दस दिन बाद जिन्दा बाहार
00:42निकाला गया तो राहतकर्मियों की आखों में आसुआ गया
00:45लेकिन इस चमतकार के बीच नेपाल के पहाडों पर छाई तबाही का मंजर बहुत खौफनाक है
00:51नेपाल के दर्शुला जुले से इस वक्त एक और बेहत भयावा ख़बर आ रही है
00:56शुकरवार को वहाँ एक पूरा का पूरा पहार तूट कर नीचे गिर गया
01:00लांसलाइट का मलबा इतना भारी था कि चौलानी नदी का रास्ता पूरी तरा बंध हो गया
01:06नदी के रुकने से एक अस्थाई जील बनने का खत्रा पैदा हो गया
01:10जिसके फूटते ही निचले इलाकों में भीशन तबाही आ सकती
01:14प्रिसाशन ने तुरंत पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया है
01:17और तत्वर्ती गाउं के लोगों को तुरंत सुरक्ष्रित स्थानों पर भेजा जा रहा है
01:2226 अगस्त को आई इस विनाशकारी बाढ़ और भूस खलन को अब 10 से जादर दिन बीच चुके
01:28लेकिन आकड़े हर बीते घंटे के साथ और दिरावने होते जा रहे है
01:33नेपाल पुलिस के अधिकारिक आकड़ों के मताबिक मरने बालों का आकड़ा बढ़कर 1344 हो चुका है
01:405300 से जादा लोग अभी लापता है जिनकी तलाश में राहत दल दिन रात एक किये हुए
01:46करीब 32,000 से अधिक लोग इस बाड़ से बेघर या पूरी तरह प्रभावित हुए
01:5155 किलोमीटर लंबी सड़के पूरी तरह तबाही के मलबे में तबदील हो चुकी है
01:5630 मोटरेबल ब्रिज और 68 जूलापुल बेह चुके जिससे दरजनों गाओं का संपर्क पूरी तरह कट गया है
02:02इस महापता के बीच उमीद की सबसे बड़ी किरन बने हैं हमारे जाबाज भार्थी रेस्क्यू टीम और नेपाली सेन
02:09त्रिशूली 3A हाइडरो पावर प्रोजेक्क की सुरंग से शुकरवैर को संजै शाह और कबीर महरजन नाम के दो कर्मचारियों को
02:16सुरक्षरत निकाला गया
02:18दस दिन तक बिना रोशनी और सीमित ऑक्सिजन के बीच इन दोनों ने मौत को मात दी
02:23इसके साथ ही रसूवा में स्थित चिली में जल विधुत परियोजना की सुरंग में फसे अन्य लोगों को निकालने के
02:29लिए टानल रेस्क्यू टीम जी जान से जुटी हुई
02:32पानी और मलबे से भरी सुरंग के भीतर सुरक्ष्रा, रसिया, पंप और विशेश फ्लोट लगा कर दल अंदर दाखिल हो
02:40चुका है
02:40संकट की इस घड़ी में भारत ने अपने पडोसी देश निपाल के लिए दिल खोल कर मदद का हाथ बढ़ाया
02:45भारत अब तक साथ विशेश विबानों के जरिये पंचान बेटन राहत समागरी नेपाल भीच चुका है
02:51भारती विदेश मंत्राले के अनुसार 179 भारतियों को सुरक्ष्रिक बाहर निकाला जा चुका है
02:5654 भारती विशेशिगों की टीम मौखे पर तैनाथ है जिसमें 30 टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट, 19 फॉरंसिक विशेशिग और 5 डॉक्टरों
03:04की मेडिकल टीम
03:04वैचीन से 60 तिबवत इलाके से 1907 भारती नागरिकों को सुरक्ष्रिक नेपाल पहुँचाया गया
03:12बार का पानी भले ही कुछ जगा उतर रहा हो लेकिन नेपाल के सामने अब एक और भयानक क्राइसिस खड़ा
03:18हो गया
03:18महामारी का खतरा
03:20बार प्रभावित इलाकों जैसे बिदुर में पीने के पानी की स्त्रोतों में हानिकारक इकॉली बाक्टीरिया पाया गया
03:26स्वासे विशेशगों ने चेताबनी दी है कि दूशित पानी की बज़ा से जलजवनित बिमारिया यानि की वाटर बॉर्ण डिसीजस तेजी
03:33से फैल सकती है जिससे बच्चों और बुज़ुगों की जान पर बनाई
03:36कुदरत का ये कहर हमें याद दिलाता है कि पहाडों की खामोशी के पीछे कितना बड़ा तूफान शिपा हो सकता
03:42है
03:42क्या मलबे के धेर और बंसुरंगों के पीछे छिपी और भीसा से सलामत पहारा पाएंगे
03:47क्या दार्चुला में चौलानी नदी का बंद रास्ता एक और बड़े जुल प्रोलय का कारण बनेगा
03:52नेपाल के इस जंग से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबर हर इसकी अपडेट हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे
03:58आप देखते रहे वान इंडिया हिंदी
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