00:00दोस्तों आखिर दिल्ली के कॉरिडोज और सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम में वो कौन सा बड़ा तूफान आया है जिसके
00:06बाद एक तरफ टीमसी कैंप में जशन का महौल है तो दूसरी तरफ ये सवाल खड़ा हो गया है कि
00:12आखिर स्पीकर ओम बिरला को इस मामले में लो�
00:28स्टाना बाकी है चलिए शुरू करते हैं और समझते हैं इस पूरी कहानी को शुरुवात से कि आखिर मामला क्या
00:35है कहानी शुरू होती है वेस्ट बंगाल के पॉलिटिकल लैंसकेप से जहां से एमली इलेक्शन्स के बाद टीमसी के अंदर
00:41एक जबरदस्ट भुकम पाता है
00:44पार्टी के 20 बड़े लोगसभाएंपीस जिन में काकोली, गोश, दास्तिदार, सुधीप, बंदोपाध्याय, सताबदी, रॉय और युसफ पठान जैसे दिगज शामिल
00:54हैं इन्होंने पार्टी से बगावत करें इन बागी नेताओं ने अचानक ये एलान किया कि वो टीम
01:13की मीटिंग्स और आक्टिविटीज में हिस्सा लेने लगे और डारेक्ली, इंडारेक्ली, बीजेपी को सपोर्ट देने लगे अब यहां पर त्रिनमूल
01:21कॉंग्रेस का ये कहना था कि ये MPs जीते तो TMC के सिंबल पर थे, पबलिक ने मंता बानजी के
01:27नाम पर इने वोट द
01:42में जैसा है, इसलिए इन सभी 20 रिबेल MPs को तुरंट डिस्क्वालिफाई किया जाना चाहिए, लेकिन पेच कहां फसा, पेच
01:50फसा, स्पीकर के ऑफिस के पास, TMC जेनरल सेक्रेटरी और लोगसभा में पार्टी के लीडर अभिशेक बानर जी ने लगातार
01:57लोगसभा स्प
01:58स्पीकर ओम बरिला के पास इन पेटेशन्स को लेकर चक्कर काटे, जुलाई में रिटर्न रिमाइंडर्स दिये, ओगस्ट में कुछ स्पीकर
02:05से मुलाकात की, इन बागी नेताओं पर जल्द से जल्द फैसला लिया जाए, लेकिन महीनों भी जाने के बाद भी,
02:12जब स्पीक
02:13स्पीकर ओफिस की तरफ से कोई फाइनल डिसिजन नहीं आया, तो टीमसी सीधे पहुँच गई देश की सबसे बढ़ी अदालत
02:20सुप्रीम कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होती है एक बेंच के सामने, जिसमें जस्टिस जोईमाला बाक्ची और वी मोहाना
02:28जी शामिल थे, अभी शेक बैनर जी की तरफ से सीनियर एडवोकेट कल्यान बैनर जी कोट में पेश हुए और
02:35उन्होंने साफ तोर पर कहा कि यह जो लंबा डीले हो रहा है, यह अंटी डिफेक्शन लॉग की मूलभावना के
02:40ही खिलाफ है, टीमसी का यह साफ मानना था कि च
02:56कूर्टेस जारी करने की सोची क्योंकि स्पीकर ही इस पूरे केस में पहले रिस्पॉंडेंट थे, तभी बीच में आती हैं,
03:03सॉलिसिटर जैनरल तुशार महता, जो लोगसभा स्पीकर की तरफ से कोट में पेश हो रहे थे, एस जी तुशार महता
03:10ने कोट को यह बताया कि स्
03:17हैं क्योंकि वो खुद कोर्ट में स्पीकर को रेप्रेजेंट कर रही है इतना ही नहीं उन्होंने कोर्ट को इंस्ट्रक्शन
03:23भी दिये कि स्पीकर साहब की तरफ से इन रेबल एंपीज को डिस्क्वालिफिकेशन पर नोटिस जारी किये जा चुके
03:32यहाँ पर जस्टिस जॉयमाला बाक्ची ने एक बहुत ही बड़ा और कानूनी नेता की तरहां गहरा कमेंट किया
03:38उन्होंने कहा कि यह सरफ नोटिस जारी करने का सवाल नहीं है
03:42असली सवाल यह है कि इस पूरी प्रोसीडिंग को एक निश्चिक टाइम फ्रेम के अंदर कंक्लूट किया जाए
03:47खतम किया जाए
03:48कोट ने साफ कर दिया कि Constitutional Authority का आदर करते हुए
03:53हम उन्हें डारेक्ट नोटिस तो नहीं भेज रहे
03:55लेकिन इस पूरे मामले को लंबा खीचा नहीं जा सकता
03:58आखिरकार सुप्रीम कोट ने बचे हुए बाकी 20 बागी रिबेल एमपीज
04:03और लोगसभा के सेकरेटरी जेनरल को फॉर्मल नोटिस जारी कर दिया
04:08और उनसे जवा मांगा है
04:11अब इसके बाद TMC कैंप का रियाक्शन देखिए
04:14कल्यान बैनर जी ने इसको एक बहुत बड़ी जीत बताया है
04:17और कहा है कि कोट जल्दी इस पर एक अंतिम्ति थी यानि डेट तै करेगा
04:21जिससे दूद का दूद और पानी का पानी हो जाएगा
04:24एक तरफ जहां ममता बैनर जी और अभिशेक बैनर जी के लिए
04:27ये एक बड़ी राहत की खबर है कि कोट अप इस डिले पर सक्त रोक लगाने की तैयारी में है
04:34वहीं दूसरी तरफ उन 20 बागी MPs के लिए मुश्किले बढ़ गई हैं
04:39जो NCPI के सहारे NDA की नाव में सवार हुए थे
04:43सवाल अब ये खड़ा होता है कि क्या स्पीकर ओम बिरला की टेबल पर पेंडिंग ये डिस्क्वालिफिकेशन पेटिशन आने वाले
04:51दिनों में इन 20 MPs की सदस्यता खतम कर देंगी
04:55क्या आंटी डिफेक्शन लॉग की तलवार इन बागी नेताओं पर चलेगी और अगर ये सदस्यता जाती है तो बंगाल की
05:01पॉलिटिक्स में इसका क्या असर पड़ेगा
05:04ममता दानर जी का पॉलिटिकल करियर क्या इससे रिवाइव होगा क्या इससे बच जाएगा और आने वाले समय में मुफिर
05:12से बंगाल पर शासन कर पाईगा
05:14ये सारे सवाल अभी हवा में हैं लेकिन एक बात साफ है सुप्रीम कोर्ट केस दाखिल अंदास के बाद अब
05:20इस पॉलिटिकल ड्रामा पर तेश की निगाहें टिकी हुई है और ये देखना होगा कि ये बागी नेताओं के साथ
05:27आखिर क्या होता है इनकी कुर्शी पे खत्र
05:43कोड़िश कोश देखना होगा है
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