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ईरान के साथ कारोबार को लेकर अमेरिका ने भारत से जुड़ी कुछ कंपनियों पर बड़ा एक्शन लिया है।ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक पाबंदियों को लगातार सख्त कर रहा है।रिपोर्ट्स के मुताबिक कई India-based entities पर Iran के petroleum और petrochemical trade से जुड़े होने के आरोप में कार्रवाई हुई है।अमेरिका की इस कार्रवाई को Iran की आर्थिक नेटवर्किंग पर दबाव बढ़ाने की बड़ी रणनीति माना जा रहा है।Washington ने Iran के साथ कारोबार करने वाली कंपनियों को आगे भी sanctions की चेतावनी दी है।इस कदम से Indian businesses, payments, shipping और energy trade पर दबाव बढ़ सकता है।भारत और ईरान के पुराने कारोबारी रिश्तों के बीच अमेरिका का यह फैसला अहम माना जा रहा है।अब सवाल है कि Trump का यह दबाव India की Iran policy को कितना प्रभावित करेगा?देखिए India, Iran और America के बीच बढ़ते तनाव की पूरी कहानी।

The United States has taken fresh action against India-based entities linked to trade with Iran.The Trump administration is tightening economic pressure on Tehran through expanded sanctions.Several Indian companies have reportedly faced action over alleged links to Iranian petroleumandpetrochemical trade.Washington is targeting financial and commercial networks that it believes support Iran’s economy.The US has also warned businesses dealing with Iran of further sanctions and restrictions.The latest move could create challenges for Indian companies involved in payments, shipping and energy trade.It also comes amid the continuing strategic and economic relationship between India and Iran.The big question is whether Trump’s pressure will affect India’s engagement with Tehran.Watch the full story to understand what this latest US action means for India, Iran and America.

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~HT.410~PR.512~ED.104~GR.538~VG.HM~

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00:00आज भारत को एक सवाल परिशान कर रहा है
00:02सवाल ये है कि क्या डॉनल्ड ट्रम्प का नया एकॉनमिक वर
00:06मिडलीस से निकल कर अब सीधे भारत के दरवाजे तक पहुंचा है
00:09क्या एक ऐसा ब्लोकबस्टर जियो पॉलिटिकल ड्रामा शुरू हो चुका है
00:14जहां एक तरफ सूपर पावर अमेरिका की सबसे सक्थ पाबंदिया है
00:17और दूसरी तरफ तहरान के ओयल नेट्वोर्क के साथ जुड़े होने का आरोप
00:22इंडिया के उपर इंडियन कंपनीज के उपर लग चुका है
00:26दुनिया की जियो पॉलिटिक्स में एक ऐसी आग लगी है जिसका धुआ सीधा
00:31वाशिंग्टन से लेकर तहरान और अब न्यू दिनली तक महसूस हो रहा है
00:35डॉनल्ड ट्रम्प वापस आते ही फुल आक्शन मोड में है
00:39उन्होंने इरान के खिलाफ जंग का एलान कर दिया था और उसके बाद हला की मार तो बहुत पड़ी
00:45लेकिन अब वो मार भारत को भी जेलनी पड़ सकती है
00:49यूएस ट्रेजरी सेकरेटरी स्कॉट बेसिन ने मंडे को एक बड़ा कैमपेन शुरू किया
00:54जिसका नाम रखा गया Operation Economic Outcast
00:57इसका सीधा सा मकसद ये है कि इरान को दुनिया के financial system से बिलकुल अलग थलग कर दिया जाए
01:04उसके oil और petrochemicals के सारे रस्ते बंद कर दिये जाए
01:08और उसकी आर्थिक ताकत को तोड़ने की कुशिश की जाए
01:12लेकिन इस पूरे बड़े canvas पर सबसे बड़ा twist तब आया
01:15जब इस US crackdown की list में इंडिया की चार कमपनियों का नाम सामने आ गया है
01:21सवाल ये खड़ा होता है कि आखिर ये कमपनिया कहां और कैसे इस चक्र व्यू में फस गे
01:28चलिए शुरू से शुरुवात करते हैं और इस पूरी कहानी की एक एक परत को खोलते हैं
01:33जब डॉनल्ड ट्रम्प ने पावर संभाली थी तबी से ये साफ हो गया था कि इस बार वो इरान को
01:38लेकर कोई नरम रुक नहीं अपना है
01:41ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर खुलेयाम एलान किया था कि जो भी देश या कंपनी इरान को किसी भी तरह
01:47की आर्थिक राहत देगी
01:48चाहे वो ओयल की स्मगलिंग हो पैसो का ट्रांसफर हो या फिर छुपे हुए रास्तों से होने वाला ट्रेड हो
01:55उसे अमेरिका के बेहत गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे
01:59यूएस एड्मिनिस्ट्रेशन का साफ कहना है कि इरान इस पैसे का इस्तमाल मिडल इस्ट में हमारे खिलाफ जंग लड़ने के
02:06लिए कर रहा है
02:07तो उन्हें दुनिया में किसी से नई मतलब कि कौन दोस्त कौन दुश्मन सभी से प्रॉबलम है जो भी इरान
02:14तक मदद पहुचाएगा या किसी भी तरह का बिजनिस करेगा
02:17इसलिए उसके रिवेन्यू का हर एक सोर्स को ब्लॉक करना वाशिंग्टन की पहली प्रायरिटी बन चुका है क्योंकि ये जंग
02:24अब उनके हाथ से निकल चुकी है
02:26इसी स्ट्राटेजी के तहट जब ऑपरेशन एकॉनमिक आउटकास्ट लॉंच किया गया तो अमेरिकन स्टेट डिपार्टमेंट ने दुनिया भर की उन
02:34कंपनीज और एंटिटीज पर शिकंजा कसना शुरू किया
02:37जो इरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्स की खरीद फिरौतिया ट्रांसपोर्ट में शामिल थे
02:43और यही वो मोड था जहां भारत की चार कंपनिया इस लिस्ट के जादा तर सुर्खियों में आ गई
02:50अब ज़रा जान लेते हैं कि यह कंपनिया कौन है और इन पर क्या आरोप लगे हैं
02:55यूएस अथॉरिटीज के मुताबित इस लिस्ट में सबसे पहला नाम है एक कस्टम्स ब्रोकर फिर्म का
03:00पोटीज पार्टनर एललपी यूएस का आरोप है कि इस ब्रोकर फिर्म ने और इसके दो मुखे पार्टनर्स ने जिनका नाम
03:08है इंद्रिसीमिया अश्राफामा शेक और हरीश राम चंद्र रांगी ने इरान से आने वाले पेट्रो केमिकल प्रड़क्ट्स की
03:15शिप्मेंट्स को भारत में लाने में मध्यस्ता यानी फेसिलिटेशन की थी ये दोनों इंडियन नागरिक हैं और अब इन पर
03:23भी सीधे प्रतिबंध लगाए गए हैं लेकिन बात सिरफ यहां खतम नहीं होती हैं इसके अलावा तीन और बड़ी ऐसी
03:31कंपनियों के नाम साम
03:43कंपनी ने फरवरी दोहजार चौबिस से लेकर जून दोहजार पच्चिस के बीच करीब साथ करोड डॉलर यानी 69 मिलियन डॉलर
03:51के इरानियन मूल के पेट्रोलियम प्रोडक्स का इंपोर्ट किया दूसरी कंपनी है पीपी सॉफ्टेक प्राइमिट लिमिटेड जिसके डि
04:12अकृतीज इंफ्रा इंपेक्स प्राइविट लिमिटेड जिसने भी मई 2023 से फरवरी 2023 के बीच लगबग धाई करोड डॉलर का पेट्रोलियम
04:21प्रोड़क्ट का खरीद फिरौत किया था यानी कि अगर इनका हिसाब लगाया जाए तो सिरफ इन इंडियन एंटिटीज के जर
04:42बूच कर किया गया जिससे यूएस की लगाई गई पुरानी पाबंदियों को सुकम्वेंट यानी किनारे लगाने की कोशिश की गई
04:50लेकिन इस पूरे मामले का दूसरा पहलू उतना ही खनकदार है और वो है तहरान का रियाक्शन इरान अब इस
04:56एकॉनमिक वार के आगे ज
05:11साथ मिलकर इरान की आर्थिक नाका बंदी में शामिल हुए और इरान की एकॉनमी को नुक्सान पहुचाने की कोशिश की
05:17तो तहरान चुप नहीं बैठेगा इरान ने यहां तक कह दिया है कि अगर ऐसा हुआ तो वो पोर्शन गल्फ
05:24यानि की फारास की खाड़ी से गुजर
05:40सकता है लेकिन दर्शकों अब इंडियन कंपनीज पर बड़ा दबाव आ गया है इरान की अंदर भी हालात काफी तनाफ्कून
05:48है खुद वहां के राश्ट्रपती मसूत प्रजेशिकियन तक ने इस बात को स्विकार किया है कि इस देश को आर्थिक
05:55संकट और शॉर्टिजिस
05:56का सामना करना पड़ सकता है और अभी इरान जंग लड़ रहा है मस्बूती से लड़ रहा है लेकिन फिर
06:03भी फंड्स की जरूरत पैसों की जरूरत तो सबको होती है लेकिन अगर अमेरिका जादा परिशान करेगा तो श्रेट ओफ
06:11होर्मुस एक बार फिर बंद करती आ जा�
06:18ऐसे में अब भरतीय कंपनियों का क्या होता है यह आने वाला वक्त बता देगा लेकिन आप ऐसे ही One
06:24India के साथ बने रहे हैं जो भी आपकी राए है हमें कॉमेंन सेक्षन में बताइएगा अब देख रहे हैं
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