00:00आज भारत को एक सवाल परिशान कर रहा है
00:02सवाल ये है कि क्या डॉनल्ड ट्रम्प का नया एकॉनमिक वर
00:06मिडलीस से निकल कर अब सीधे भारत के दरवाजे तक पहुंचा है
00:09क्या एक ऐसा ब्लोकबस्टर जियो पॉलिटिकल ड्रामा शुरू हो चुका है
00:14जहां एक तरफ सूपर पावर अमेरिका की सबसे सक्थ पाबंदिया है
00:17और दूसरी तरफ तहरान के ओयल नेट्वोर्क के साथ जुड़े होने का आरोप
00:22इंडिया के उपर इंडियन कंपनीज के उपर लग चुका है
00:26दुनिया की जियो पॉलिटिक्स में एक ऐसी आग लगी है जिसका धुआ सीधा
00:31वाशिंग्टन से लेकर तहरान और अब न्यू दिनली तक महसूस हो रहा है
00:35डॉनल्ड ट्रम्प वापस आते ही फुल आक्शन मोड में है
00:39उन्होंने इरान के खिलाफ जंग का एलान कर दिया था और उसके बाद हला की मार तो बहुत पड़ी
00:45लेकिन अब वो मार भारत को भी जेलनी पड़ सकती है
00:49यूएस ट्रेजरी सेकरेटरी स्कॉट बेसिन ने मंडे को एक बड़ा कैमपेन शुरू किया
00:54जिसका नाम रखा गया Operation Economic Outcast
00:57इसका सीधा सा मकसद ये है कि इरान को दुनिया के financial system से बिलकुल अलग थलग कर दिया जाए
01:04उसके oil और petrochemicals के सारे रस्ते बंद कर दिये जाए
01:08और उसकी आर्थिक ताकत को तोड़ने की कुशिश की जाए
01:12लेकिन इस पूरे बड़े canvas पर सबसे बड़ा twist तब आया
01:15जब इस US crackdown की list में इंडिया की चार कमपनियों का नाम सामने आ गया है
01:21सवाल ये खड़ा होता है कि आखिर ये कमपनिया कहां और कैसे इस चक्र व्यू में फस गे
01:28चलिए शुरू से शुरुवात करते हैं और इस पूरी कहानी की एक एक परत को खोलते हैं
01:33जब डॉनल्ड ट्रम्प ने पावर संभाली थी तबी से ये साफ हो गया था कि इस बार वो इरान को
01:38लेकर कोई नरम रुक नहीं अपना है
01:41ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर खुलेयाम एलान किया था कि जो भी देश या कंपनी इरान को किसी भी तरह
01:47की आर्थिक राहत देगी
01:48चाहे वो ओयल की स्मगलिंग हो पैसो का ट्रांसफर हो या फिर छुपे हुए रास्तों से होने वाला ट्रेड हो
01:55उसे अमेरिका के बेहत गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे
01:59यूएस एड्मिनिस्ट्रेशन का साफ कहना है कि इरान इस पैसे का इस्तमाल मिडल इस्ट में हमारे खिलाफ जंग लड़ने के
02:06लिए कर रहा है
02:07तो उन्हें दुनिया में किसी से नई मतलब कि कौन दोस्त कौन दुश्मन सभी से प्रॉबलम है जो भी इरान
02:14तक मदद पहुचाएगा या किसी भी तरह का बिजनिस करेगा
02:17इसलिए उसके रिवेन्यू का हर एक सोर्स को ब्लॉक करना वाशिंग्टन की पहली प्रायरिटी बन चुका है क्योंकि ये जंग
02:24अब उनके हाथ से निकल चुकी है
02:26इसी स्ट्राटेजी के तहट जब ऑपरेशन एकॉनमिक आउटकास्ट लॉंच किया गया तो अमेरिकन स्टेट डिपार्टमेंट ने दुनिया भर की उन
02:34कंपनीज और एंटिटीज पर शिकंजा कसना शुरू किया
02:37जो इरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्स की खरीद फिरौतिया ट्रांसपोर्ट में शामिल थे
02:43और यही वो मोड था जहां भारत की चार कंपनिया इस लिस्ट के जादा तर सुर्खियों में आ गई
02:50अब ज़रा जान लेते हैं कि यह कंपनिया कौन है और इन पर क्या आरोप लगे हैं
02:55यूएस अथॉरिटीज के मुताबित इस लिस्ट में सबसे पहला नाम है एक कस्टम्स ब्रोकर फिर्म का
03:00पोटीज पार्टनर एललपी यूएस का आरोप है कि इस ब्रोकर फिर्म ने और इसके दो मुखे पार्टनर्स ने जिनका नाम
03:08है इंद्रिसीमिया अश्राफामा शेक और हरीश राम चंद्र रांगी ने इरान से आने वाले पेट्रो केमिकल प्रड़क्ट्स की
03:15शिप्मेंट्स को भारत में लाने में मध्यस्ता यानी फेसिलिटेशन की थी ये दोनों इंडियन नागरिक हैं और अब इन पर
03:23भी सीधे प्रतिबंध लगाए गए हैं लेकिन बात सिरफ यहां खतम नहीं होती हैं इसके अलावा तीन और बड़ी ऐसी
03:31कंपनियों के नाम साम
03:43कंपनी ने फरवरी दोहजार चौबिस से लेकर जून दोहजार पच्चिस के बीच करीब साथ करोड डॉलर यानी 69 मिलियन डॉलर
03:51के इरानियन मूल के पेट्रोलियम प्रोडक्स का इंपोर्ट किया दूसरी कंपनी है पीपी सॉफ्टेक प्राइमिट लिमिटेड जिसके डि
04:12अकृतीज इंफ्रा इंपेक्स प्राइविट लिमिटेड जिसने भी मई 2023 से फरवरी 2023 के बीच लगबग धाई करोड डॉलर का पेट्रोलियम
04:21प्रोड़क्ट का खरीद फिरौत किया था यानी कि अगर इनका हिसाब लगाया जाए तो सिरफ इन इंडियन एंटिटीज के जर
04:42बूच कर किया गया जिससे यूएस की लगाई गई पुरानी पाबंदियों को सुकम्वेंट यानी किनारे लगाने की कोशिश की गई
04:50लेकिन इस पूरे मामले का दूसरा पहलू उतना ही खनकदार है और वो है तहरान का रियाक्शन इरान अब इस
04:56एकॉनमिक वार के आगे ज
05:11साथ मिलकर इरान की आर्थिक नाका बंदी में शामिल हुए और इरान की एकॉनमी को नुक्सान पहुचाने की कोशिश की
05:17तो तहरान चुप नहीं बैठेगा इरान ने यहां तक कह दिया है कि अगर ऐसा हुआ तो वो पोर्शन गल्फ
05:24यानि की फारास की खाड़ी से गुजर
05:40सकता है लेकिन दर्शकों अब इंडियन कंपनीज पर बड़ा दबाव आ गया है इरान की अंदर भी हालात काफी तनाफ्कून
05:48है खुद वहां के राश्ट्रपती मसूत प्रजेशिकियन तक ने इस बात को स्विकार किया है कि इस देश को आर्थिक
05:55संकट और शॉर्टिजिस
05:56का सामना करना पड़ सकता है और अभी इरान जंग लड़ रहा है मस्बूती से लड़ रहा है लेकिन फिर
06:03भी फंड्स की जरूरत पैसों की जरूरत तो सबको होती है लेकिन अगर अमेरिका जादा परिशान करेगा तो श्रेट ओफ
06:11होर्मुस एक बार फिर बंद करती आ जा�
06:18ऐसे में अब भरतीय कंपनियों का क्या होता है यह आने वाला वक्त बता देगा लेकिन आप ऐसे ही One
06:24India के साथ बने रहे हैं जो भी आपकी राए है हमें कॉमेंन सेक्षन में बताइएगा अब देख रहे हैं
06:28One India मैं हूँ अकरश कौश्यक
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