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क्या Iran के साथ कारोबार करना अब भारत की कंपनियों के लिए भारी पड़ने लगा है?Donald Trump प्रशासन ने Iran पर दबाव बढ़ाते हुए Operation Economic Outcast के तहत चार Indian companies पर sanctions लगाए हैं।अमेरिका का आरोप है कि इन कंपनियों का Iranian petroleum और petrochemical products के trade से संबंध रहा है।इस कार्रवाई में Portease Partners LLP, Sadashiva Overseas Limited, PP Softtech Private Limited और Prakrutees Infra Impex Private Limited के नाम शामिल हैं।US authorities के मुताबिक इन कंपनियों से जुड़े Iranian petroleum transactions की value 100 million dollars से ज्यादा बताई गई है।Washington अब Iran की oil revenues और international financial networks को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।सबसे बड़ा सवाल है कि क्या America का Iran crackdown अब India के businesses और trade interests पर भी असर डालेगा?क्या Indian companies पर US sanctions से India-US relations में नई tension पैदा होगी?
और क्या Trump का यह economic pressure आगे चलकर global oil market और India की economy के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है?

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~HT.178~PR.512~GR.508~VG.HM~

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00:12क्या इरान यूएस की ये वार अब भारत की दहलीज पर आच चुकी है
00:17फिजिकली तो नहीं दर्शक हो लेकिन एक एक इकॉनमिक वार जो ट्रंप ने शुरू की है
00:23वो अब भारत के दरवाजे तक पहुँच चुकी है
00:26और आज एक सवाल पूरे देश को परिशान कर रहा है
00:29और वो सवाल ये है कि क्या डॉनल्ड ट्रंप का नया एकॉनमिक वार वेस्ट एशिया से निकल कर अब सीधे
00:37भारत पहुँच चुका है
00:39एक ऐसा जियो पॉलिटिकल ड्रामा शुरू हुआ है
00:43जहां एक तरफ सूपर पावर अमेरिका की सबसे सक्थ पाबंदियां हैं
00:48और दूसरी तरफ तहरान के ओयल नेट्वर्क्स के साथ जुड़े होने के आरोप में फस गई हैं
00:54हमारी इंडियन कंपनीज जिनको अब भारी नुकसान होने वाला है
00:59दर्शको दुनिया की जियो पॉलिटिक्स में आग लग गई है
01:03धुआ वाशिंटन से लेकर तहरान और अब न्यू दिल्ली तक महसूस हो रहा है
01:09डॉनल्ड ट्रंप ने अब एक ऐसी एकॉनमिक वार की शुरुवात कर दी है
01:14जो ना सिरफ एरान को लपेटे में ले रही है
01:17बलकि हर उस देश को ले रही है जिसने एरान की थोड़ी सी भी मदद की थी
01:23यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बैसेंड ने एक बड़े कैम्पेन की सुरुवात भी कर दी है
01:29नाम दिया गया है और इसका सीधा सा मकसद यही है
01:35कि इरान को दुनिया के फाइनाशल सिस्टम से बिलकुल अलग कर दिया जाए
01:39उसके ओयल और पेट्रो केमिकल्स के सारे रास्ते बंद कर दिये जाएं
01:44और उसकी आर्थिक ताकत को तोड़ दिया जाए
01:47लेकिन दर्शकों भारत और यूएस के रिष्टे भी अकसर बिगड़ते हुए ही नजर आते हैं जब भी टरंप टारिफ की
01:56बात करते हैं
01:57आपको याद होगा कैसे पिछले साल जब टरंप ने भारत के गुच्पर टारिफ लगाया था तो बवाल मच गया था
02:04टरंप ने पूरी दुनिया में टारिफ का ऐसा खेल खेला था कि कई रिष्टे उसने खराब कर लिए और भारत
02:11ने हमेशा अपनी रणनीती को ध्यान में रखते हुए इरान से भी दोस्ती रखी और अमेरिका की बात भी कभी
02:20कभी मान ही लेते थे
02:21लेकिन इस पूरे बड़े कैन्वस पर अब बड़ा ट्विस्ट आ गया है क्योंकि यूएस क्राकडाउन ने अभी एक नई लिष्ट
02:28जारी की है और उनमें भारत की कुछ कमपनियों का नाम सामने आया है
02:33अब सवाल ये है कि आखिर ये कमपनिया कहां और कैसे इस चक्र व्यू में फसी और क्या ये ट्रंप
02:39के नए एकॉनमिक वार का पहला बड़ा शिकार बन चुकी है
02:42आईए आपको शुरुआत से कहानी के बारे में बताता हूँ
02:45जब से डॉनल्ड ट्रंप ने पावर संभाली थी तब से ये साफ हो गया था कि इस बार वो इरान
02:51को लेकर नर्म रुख नहीं अपनाएंगे
02:54जंग तो अभी शुरू हुई फरवरी मार्च में लेकिन उससे पहले भी ट्रंप ने खुलेयाम एलान किया था
03:00कि जो भी देश या कमपनी इरान को किसी भी तरह की आर्थिक राहत देगी चाहे वो ओयल की स्मगलिंग
03:07हो पैसो का ट्रांसफर हो या फिर छुपे रास्तों से उनके साथ ट्रेड करेगी
03:12अमेरिका उनके खिलाफ बेहद गंभीर स्टेप्स उठाएगा और जैसा कि आप जानते हैं कि रशिया और चाइना तो इरान के
03:21साथ ट्रेड करते ही रहे लेकिन आपको ये भी पता है कि डॉनल्ड ट्रंप रशिया और चाइना से पंगा डारेक्ली
03:29नहीं ले सकता
03:29यूएस अड्मिनिस्ट्रेशन का साथ कहना है कि रान इस पैसे का इस्तमाल वेस्ट एशिया में और शांती फैलाने और अपनी
03:37मेरिटरी ताकत को बढ़ाने के लिए करता है वो अपने प्रॉक्सी नेटवर्क्स यानि हूतीज और हिजबुल्ला को भी पैसे देता
03:45है इसी स
03:48सोर्स को ब्लॉक करना वाशिंग्टन की पहली प्रायरिटी थी अभी स्ट्राटेजी के तहट जब ऑपरेशन एकॉनमिक आउटकास लॉंच किया गया
03:56तो अमेरिकन स्टेट डिपार्टमेंट ने दुनिया भर की उन कंपनीज और एंटिटीज पर शिकंजा कसना शुरू कि
04:01जो एरान के पेट्रोलियूम और पेट्रोकेमिकल प्रडक्स की खरीदारी कर रहे थे और यही वो मोड था जहां भारत की
04:09चार कंपनिया भी इसके अंदर शामिल है आईए आपको कंपनीज के बारे में बताता हूं इस लिस्ट में सबसे पहला
04:16नाम है एक कस्टम्स ब्रोकर �
04:21इसके दो मुख्य साज़दारों ने इंद्र सिमिया अश्राफिया शेक और हरीश रामचंद्र रांगी ने इरान से आने वाले पेट्रोकेमिकल प्रडक्स
04:33की शिप्मेंट्स को भारत में लाने में फैसिलिटेशन की यह दोनों इंडियन नागरिक हैं और अब इन पर भी सी
04:43नहीं होती है इसके अलावा तीन और ऐसी कंपनियों के नाम सामने आए हैं जिन्होंने बड़े पैमाने पर इरानियन पेट्रोलियम
04:50प्रडक्स का इंपोर्ट किया था इनमें पहली कंपनी है सदाशिवा ओवर्सीज लिमिटेड यूएस गवर्मेंट के अनुसार इस कंपन
05:11प्राइमिट लिमिटेड जिसके डिरेक्टर प्रशांदगर है वो भी इसी आरोप में फसे हैं उनके ओपर धाई करोड डॉलर के एरानियन
05:19प्रोडक्स खरीदने का आरोप है तीसरी कंपनी है प्रकुरुतीज इंफ्राइंप्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड जिसने भी म
05:38तक कम कर दिया लेकिन जो कंपनीज इरान से पेट्रो केमिकल प्रोडक्स खरीद रही थी लूप होल्स का फायदा उठा
05:45के ट्रेड को जारी रख रही थी अब अमेरिकाने उन्हें पकड़ा और उन पर पाबंदी लगा दी है लेकिन दर्शा
05:52को ये बात याद रखी ये कोई
05:53यूएन का सैंक्शन नहीं है यूएस की सैंक्शन मागनी पड़ेगी और ऐसा यूएस अकसर करता है अपनी एकॉनमिक पावर से
06:01दबदबा बनाने की कोशिश करता है लेकिन शायद वो भूल गया है अगर इरान में दिल पे ले ली तो
06:06शेट आफ होर्मूस फिर से बंद कर �
06:08यूए और असली इकॉनमी को रोकने की पावर इस वक्ट डॉनल्डड ट्रम्प के पास नहीं मोचताबा खामी नहीं और आई
06:16यर जी सी के पास है इरान के पास है इरान अब इस
06:38बोचेंगे भी तो इरान ऐसा नुकसान करेगा इनकी एकोनोमीज का कि बठा बैट जाएगा इरान टूरिजम पे भी हमला करेगा
06:46इरान तुम्हारी शिप्स पे भी हमला करेगा और आगे आने नहीं देगा लेकिन यहां इस वीडियो के अंदर एक और
06:53आंगल जो आपको समझन
06:54ज़्रूरी है वो है भारत और यूस के रिष्टे डॉननल्ड ट्राम्प अकसर पिछले तीन सालों के अंदर भारत के खिलाफ
07:01चीजे बोलते आए हैं कभी उनके आक्षिन्स कुछ और बोलते हैं कभी वो कुछ और बोलते हैं आला कि उनकी
07:08और प्रदान
07:08मंत्री नरेंदर मोदी के रिलेशन्स काफी अच्छे हैं। उन्होंने कई जगा जाके ये बोला है कि पी एम मोदी
07:14is my dear friend and he's a very smart person पर ये सारी बाते अलग हैं और जो
07:19हकीकत है वो हम सब को दिख रही है। इसके बावजूद इरानियन
07:24establishment अब ये कह रहा है कि उनके पास इस economic pressure का
07:28मुकाबला करने के लिए अपनी तरीके और planning मौझूद है। उन्होंने
07:34पहले भी straight of hormones को रुक के इसाबत कर दिया था कि उनकी
07:37शंता कितनी है। अमेरिका ने दुनिया के हर देश और financial
07:40institution को ये clear कर दिया है कि या तो वो इरान का साथ
07:44अपने सारे आर्थिक रास्ते खतम कर दें या फिर US dollar
07:48based financial system से बाहर होने के लिए तयार रहे। अब देखना
07:53होगा कि इस multi polar world order की तरफ जो दुनिया बड़ी है उसमें
07:58और कौन से देश आगे आते हैं रशिया और चाइना का तो वाशिंग्टन जादा
08:02कुछ बिगार नहीं सकता है लेकिन अगर और देश इस मुहीम में शामिल होते हैं तो
08:07अमेरिका के लिए भी दिक्कते बढ़ सकती हैं बट फिलाल ये दिख गया है कि ट्रंप का भारत के लिए
08:12रुख क्या है ऐसे में जो भी आपकी राए है
08:15जो भी आपको लगता है हमें comment section में ज़रूर बताएगा अब देख रहे हैं One India मैं हूँ आकुर्श
08:20कौश है
08:23subscribe to one India and never miss an update
08:27download the one India app now
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