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भाई-बहन का रिश्ता - जहां बिना बात के लड़ाई भी होती है, और एक-दूसरे के लिए जान देने का जज्बा भी! पर क्या आपने कभी गौर किया है कि हिंदी सिनेमा में क्या रिश्ते को दिखाने का तरीका कितना बदल गया है? आइए देखते हैं कि बॉलीवुड ने भाई-बहन की बॉन्डिंग को 70 के दशक के मेलोड्रामा से आज आधुनिक यथार्थवाद तक कैसे चित्रित किया है
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Transcript
00:03हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने हमें बहुत सी सुंदर सुंदर कहानिया दिखाई अलग-अलग रिष्टों पर जैसे माबाप के रिष्टे पर
00:09एक मार उसके बच्छी के रिष्टे पर एक बाप और उसके बच्छी के रिष्टे पर चाहे दोस्ती पर एक ऐसा
00:16ही और रिष्�
00:36बारे में आपको इस वीडियो में आगे जानने को मिलेगा तो आगे तक साथ बने तो फिल्म 2015 में रिलीज
00:54हुई थी
00:56लेकिन इस फिल्म में ये रिष्टा कापी नैश्रल लिखेगा आपको जिस तरह के मोहल में आईशा और कबीर बढ़े हैं
01:02ऐसे मोहल में उन्होंने हमेशा एक दुसरे का साथ दिया है एक दुसरे को समहाला है जहां उनके पैरेंस उनके
01:08ख्वाईशों को इगनोर करते हैं वहा
01:25कर मानता है कि आईशा फ्यामली बिजनस अमालने के लिए उसे कई गुना ज्यादा काबिल है दोनों ही अपनी अपनी
01:31जिन्दगी में उतने खुश नहीं है पर हमेशा एक दुसरे का साथ देते हैं चाहे वो आईशा की शादी हो
01:37या कबीर का बिसनस दोनों एक दुसरे के ल
01:55लोड मिटल क्लस फैमली को दर्शाया गया है जहां एक बड़ा भाई अपनी चार छोटी बेहनों की जिम्मेदारी उठाता दिखता
02:01है लाला के दार नात अपनी मरी वी मां से वादा करता है कि जब तक वे अपनी चारों बेहनों
02:06की शादी नहीं करवा देता तब तक वे ख�
02:22और चोटी चोटी नोग जोक इसमें एक टिपिकल जॉइन पैमली की आम जिन्दगी को दिखाया गया है फिल्म दिखाती कि
02:29कैसे एक भाई पर समाजी बुराईयों का बोच पड़ता है जब वो अपनी बहनों के लिए रिष्टा ढूनता है इसकी
02:35वज़े से दोनों ही भाई
02:52ज्यादा जरूरी है धनक 2015 में रिलीज हुई थी और इसमें भाई भेन के रिष्टे को काफी मासुम यह तरीके
02:58से दिखाया गया है जिसमें एक बहन अपने भाई से बेहत प्यार करती है इस फिल्म की कहानी में परी
03:04और उसके भाई छोटू को दिखाया गया है जो नहीं दे
03:20रिक्षक थी वो छोटू के हर छोटे बड़े काम में उसकी मदद करती थी और उसकी राखों की रोश्णी वापिस
03:26लाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तयार थी फिल्म में आपको एक बहुत ही प्यारी चीज
03:31दिखने को मिलेगी परी जो शारुक खन की फैन है और
03:34छोटू जो सल्मान खान का फैन है इस बात को लेकर दोनुभी भाई बैन में प्यारी प्यारी नोगजोख होती रहती
03:40है जिब परी को पता चलता है कि शारुक खने काई टोनेशन ट्राइब को प्रमोट कर रहे हैं वो उस
03:46कैंपेन के लिए छोटू को लेकर अकेले ही निकल �
03:48परती है छोटू को भी अपनी बैन पर पूरा भरोसा रहता है वो बीना डरे उसके साथ मुश्किल सफर पर
03:54निकल पड़ता है बारी का एक ही सपना है कि छोटू नौवी जनम दिन से पहले अपनी आखों की रोशनी
03:58वापस पा ले और वो उसका ये सपना पूरा भी करती है �
04:02पिल्मों ने भाई बैन के रिष्टे को काफी खुश्वरा तरीके से दर्शाया है और कहीं न कहीं हमें भी ये
04:07प्रेणा दी है कि हम इन फिल्मों से कुछ सीख सके जिससे हम अपने भाई बैन के जो रिष्टे हैं
04:13उसमें कुछ सुधार ला सके अलग-अलग मुद्दों को �
04:16लेकर आप हम हिंदी फिल्म रस्टी से उम्मीद करेंगे कि वह ऐसी मुद्दों फर और फिल्में बनाए ऐसे रिष्तों पर
04:23और फिल्में बनाए महां और कहीं न खरें हमीं बहुत कुछ समयने और जानने को मिली कैसे हम अपने रिष्टे
04:31को और भी अच्छा और मजबूत �
04:33बना सकते हैं तो ऐसी और भी जानकारी के लिए हमारे साथ बने रही है
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