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8th Pay Commission: क्या 18 हजार की बेसिक सैलरी होगी ₹65,000? जानिए Fitment Factor का सच | Central Employees
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है, जानिए नए फिटमेंट फैक्टर से आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी!
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) को लेकर हलचल तेज हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुद्दे को लेकर है, वह है फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor)। यही वह गुणांक है जिसके आधार पर नए वेतन ढांचे में कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी (Basic Salary) तय होगी। फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है, लेकिन कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर ₹65,000 से लेकर ₹69,000 प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं।
रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (Justice Ranjana Prakash Desai) की अध्यक्षता में गठित 8वां वेतन आयोग विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और हितधारकों से लगातार चर्चा कर रहा है। सर्वे ऑफ इंडिया मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (MSA) ने 3.61 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जिससे न्यूनतम सैलरी लगभग ₹65,000 तक पहुंच सकती है। वहीं नेशनल काउंसिल-जेसीएम (NC JCM) और भारत पेंशनर्स समाज द्वारा 3.833 के फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लागू होने पर बेसिक पे ₹69,000 के करीब हो जाएगी।
जानिए इस वीडियो में कि फिटमेंट फैक्टर कैसे काम करता है, 7वें वेतन आयोग (2.57 फिटमेंट फैक्टर) के मुकाबले इस बार क्या बदलाव संभव हैं, और केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के खाते में कितनी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
About the Story:
Big news for Central Government Employees and Pensioners regarding the 8th Central Pay Commission (8th CPC). Employee unions have demanded a higher fitment factor ranging from 3.61 to 3.833, which could potentially raise the minimum basic salary from ₹18,000 to nearly ₹65,000 or ₹69,000 per month. The commission, chaired by Justice Ranjana Prakash Desai, is currently reviewing proposals from various stakeholder associations.
#8thPayCommission #CentralGovernmentEmployees #FitmentFactor
~PR.514~HT.408~GR.508~VG.HM~
8th Pay Commission: क्या 18 हजार की बेसिक सैलरी होगी ₹65,000? जानिए Fitment Factor का सच | Central Employees
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है, जानिए नए फिटमेंट फैक्टर से आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी!
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) को लेकर हलचल तेज हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुद्दे को लेकर है, वह है फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor)। यही वह गुणांक है जिसके आधार पर नए वेतन ढांचे में कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी (Basic Salary) तय होगी। फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है, लेकिन कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर ₹65,000 से लेकर ₹69,000 प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं।
रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (Justice Ranjana Prakash Desai) की अध्यक्षता में गठित 8वां वेतन आयोग विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और हितधारकों से लगातार चर्चा कर रहा है। सर्वे ऑफ इंडिया मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (MSA) ने 3.61 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जिससे न्यूनतम सैलरी लगभग ₹65,000 तक पहुंच सकती है। वहीं नेशनल काउंसिल-जेसीएम (NC JCM) और भारत पेंशनर्स समाज द्वारा 3.833 के फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लागू होने पर बेसिक पे ₹69,000 के करीब हो जाएगी।
जानिए इस वीडियो में कि फिटमेंट फैक्टर कैसे काम करता है, 7वें वेतन आयोग (2.57 फिटमेंट फैक्टर) के मुकाबले इस बार क्या बदलाव संभव हैं, और केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के खाते में कितनी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
About the Story:
Big news for Central Government Employees and Pensioners regarding the 8th Central Pay Commission (8th CPC). Employee unions have demanded a higher fitment factor ranging from 3.61 to 3.833, which could potentially raise the minimum basic salary from ₹18,000 to nearly ₹65,000 or ₹69,000 per month. The commission, chaired by Justice Ranjana Prakash Desai, is currently reviewing proposals from various stakeholder associations.
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NewsTranscript
00:00केंद्रे कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के लिए आठवे वेतनायों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है
00:05सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुद्दे को लेकर है वो है फिटमेंट फैक्टर
00:09यही वो गुणांख है जिसके आधार पर नए वेतन धाचे में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तै हो सकती है
00:15ऐसे में सवाल है क्या 18,000 रुपे की निंतम बेसिक सैलरी सीदे 65,000 या फिर लगभग 70,000
00:22या फिर उसे भी ज्यादा 62,000 रुपे के आसपास पहुच सकती है
00:25और आखिर फिटमेंट फैक्टर कितना तै होने की संभावना है
00:29दरसल आठवे वेतन आयोग के गठन के बाद से ही केंद्र कर्मचारी संगठनों की तरब से वेतन और पेंशन में
00:35बड़े संशोधन की मांग की जा रही है
00:37आयोग के अध्यक्षता नियायमूर्तियानिके रेटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाष देशाई कर रही है
00:43आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है
00:47इस दोरान कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और दूसरे हित धारकों के साथ बाचीत का दोर जारी है
00:53अब सबसे पहले समझते हैं कि फिटमेंट फैक्टर आखिर होता क्या है
00:57आसान भाषा में फिटमेंट फैक्टर वो मल्टिप्लायर है जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक पे को संशोधित करके नई बेसिक सैलरी
01:05ताई की जाती है
01:06साथवे वितन आयोग में फिटमेंट फैक्टर दो पॉइंट पास साथ रखा गया था
01:10इसके आधार पर जिटम बेसिक पे साथ हजार रुपए से बढ़ा कर 18,000 रुपए किया गया था
01:17अब आठवे वितन आयोग में करमचारी संगठन इससे काफी ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे है
01:23अलग-अलग संगठनू की मांगों में 3.61, 3.8, 3.3 और इससे भी अधिक आखड़े सामने आये हैं
01:30पहली बड़ी मांग 3.61 फिटमेंट फैक्टर की है
01:33सर्वे ओप इंडिया, मिनिस्ट्रियल स्टाफ असोसियेशन यानि की MSA ने 3.61 के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है
01:41अगर सिर्फ गणित के हिसाब से 18,000 रुपए की मौझूदा नियुनतम बेसिक सैलरी को 3.61 से गुना किया
01:48जाता है
01:48तो ये करीब 64,980 रुपए बैठती है यानिकि लगभग 65,000 रुपए
01:53दूसरी महत्वपुन मांग है 3.833 फिटमेंट फैक्टर की में
01:59नेशनल काउंसल ज्यसीम के स्टाफ साइट और भारत पैंशनर समाज की तरफ से 3.833 का प्रस्ताव बताया गया है
02:05अगर यही फैक्टर लागू होता है तो 18,000 रुपए की मौजूदा बेसिक पेपर से लागू करके देखा जाए
02:11तो नई बेसिक सैलरी करीब 79,000 रुपए बैठती है लेकिन यहाँ एक जरूरी बात समशना बेहद जरूरी है
02:18यह आगड़े अभी कर्मचारी संगठनों की मांग और संभावित गरना पर अधारित है
02:23इसका मतलब यह अभी बिल्कूल भी नहीं है कि सरकार ने 65,000, 79,000 या फिर 72,000 रुपए
02:29की नियुमतम बेसिक सैलरी को मनजूरी देदी है
02:31वेतन आयों की अंतम से फारिश सरकार का फैसला और उसके बाद लागू होने वाली शर्ते ही तय करेंगी कि
02:37वास्तवीक वेतन कितना बढ़ेगा
02:38इसके अलावा सिर्फ फिटमेंट फैक्टर से किसी कर्मचारी की हाथ मे आने वाली सैलरी का अंदाजा लगाना भी सही नहीं
02:45होगा
02:46क्योंकि भत्तों, महंगाई भत्ते और दूसरे वेतन घटकों में होने वाले बदलाओ का भी असर पड़ेगा
02:51इसी तरह पेंशन भोग्यों के लिए भी फिटमेंट फैक्टर बेहत एहम मुद्दा है
02:55अगर बेसिक पेंशन के पुनरंद धारन के लिए संशोधित गुना अंख लागू होता है
03:00तो पेंशन में भी बड़ा बदलाओ देखने को मिल सकता है
03:02यानि के फिलाल सबसे बड़ा सवाल ये नहीं है कि 18,000 से 72,000 उपए बेसिक सेलरी में शित
03:08रूप से हो गया नहीं
03:09असली सवाल ये है कि आठवा वितन आयोग आखिर कितना फिटमेंट फैक्टर समझता है
03:14सुझाता है और लागू करता है
03:16और केंद सरकार उस सफारिश को किस रूप में स्विकार करती है
03:21किंद्रे कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवे वितन आयोग खुली कर एक और बड़ा अपडेट सामने आया है
03:25आयोग ने अब बेंगलूरू में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और दूसरे हित धारकों के साथ बाचीत की तारिक तय कर दी
03:32है
03:32अधिकारिक नोटिस के मुताबिक आठवा केंद्रिय वितन आयोग 7 और 8 औक्टूबर 2026 को बेंगलूरू का दौरा करेगा
03:38इस दौरान कर्मचारीों और पेंशनर से जुड़े संगठनों के प्रतनिधियों से वेतन, भत्ते, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े सुझाव
03:45लिये जाएंगे
03:46लेकिन इस खबर में सबसे महत्वपुन तारिक सिर्फ औक्टूबर में नहीं है
03:50अगर कोई कर्मचारी संगठन बेंगलूरू में आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहता है
03:55तो उसे 18 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन अपॉइंटमेंट रिक्वेस्ट जमा करनी होगी
04:00आवेधन के साथ उस मेमोरेंडम से भी मिला यूनिक मेमो आईटी देना जरूरी होगा
04:06आयोग ने साफ किया है कि बैठक की जग है और विस्तृत टाइमिंग की जानकारी बाद में दी जाएगी
04:12तो इसके बाद एक और सवाल आता है कि आखिर आठवे वितन आयोग की ये बैठके इतनी महत्तो अपूर्ण क्यूं
04:18है
04:19नमस्कार मेरा नाम हैरी चापराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
04:22दरसल वितन आयोग का काम सर्फ कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ाना नहीं होता
04:26आयोग, वितन सनर्चना, भत्तों, पेंचन और दूसरी सेवा शर्तों की व्यापक समीक्षा करता है
04:32और उसके आधार पर केंद्र सरकार को अपनी सिफारिश्य देता है
04:36आठवा केंद्रिय वेतन आयोग 3 नवेंबर 2015 को गठित किया गया था
04:40और इसकी अध्यक्षिता जस्टिस रंजना प्रकाश देशाई कर रही है
04:44आयोग में सदस्य के तोर पर प्रोफेसर पुलक घोश और सदस्य सचीव के रूप में पंकर जैन है
04:50यही वज़ा है कि आयोग देश के अलग-अलग हिस्तों में जाकर कर्मचारी और पेंशन संगठनों से बाचीत कर रहा
04:56है
04:56बैंगलूरू से पहले जैपूर, चन्नई, पुडुचेरी और चनिगर समेत कई जगहों पर बैठके नधारित की गई है
05:02यानि आयोग अलग-अलग राजियों और विभागों से ग्राउंड लेवल पर सुझाव जुटा रहा है
05:08अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर
05:11क्या अठवे वेतन आयोग से कर्मचारीों की सैलरी जबल हो जाएगी
05:14इस सवाल का जवाब फिलहाल नहीं बताया जा सकता
05:17सोशल मीडिया पर फिटमेंट फैक्टर और सैलरी में दो गुणे तक के इजाफे कुले करका ही तरहे के दावे चल
05:22रहे हैं
05:22लिकिन अभी आयोग ने ऐसा कोई अंतिम फिटमेंट फैक्टर या वेतन बड़ोतरी का आकड़ा घोशने थी नहीं किया है
05:27बेगलूरू में बैठक से जुड़े अधिकारिक नूटिस में भी सैलरी जबल करने फिटमेंट फैक्टर ताय करने ये नई बेसिक पे
05:33की घोशना नहीं की गई है ना की जाएगी
05:35अगली पैच यारी अगर किसी कर्मचारी को बेसिक सैलरी आज 18,000 रुपए है तो ये मान लेना कि आठवे
05:42वितन आयोग के बाद वो सीज़े 36,000 रुपए हो जाएगी अभी ये मानना सही नहीं होगा
05:47वासिक बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि आयोग, फिटमेंट फैक्टर और नई पे मेट्रिक्स को लेकर क्या से फारिश
05:54करता है और केंद सरकार उन से फारिशों को किस रूप में मनजूर करती है
05:57अब आत अंतिम रिपोर्ट की
05:59यहां एक और महत्वपुन बात समझना जरूरी है
06:0218 सेतंबर की तारीख आठवे वितन आयोग की सामान मेमोरेंडम जमा करने की नई डेडलाइन नहीं है
06:09यह खास तोर पर बंगलूरू में आयोग के साथ बाचीत के लिए अपॉइन्मेंट रिक्वेस्ट जमा करने की अंतिम तारीख है
06:20आयोग के अतिकारिक रिकॉर्ड के नुसार मेमोरेंडम पर जवाब जमा करने की समय सीमा पहले ही 15 जून 26 तक
06:26बढ़ाई जा चुकी थी
06:28तो केंद्य करमचारियों और पेंशनर्स के लिए फिलहाल तस्वीर क्या है
06:32साथ और आठ ऑक्टूबर बंगलूरू में आठ फावितन आयोग इसका इसकी मीटिंग
06:37इसके बाद 18 सितंबर अपॉइन्मेंट रिक्वेस्ट की डेडलाइट
06:40फिटमेंट फैक्टर अभी तय नहीं किया गया है
06:43सेलरी डवल होगी इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है
06:46और अंतिम रिपोर्ट भी अभी निश्वित तारीक इसकी गोशित नहीं की गई है
06:50यानि फिलाल सबसे बड़ा अपडेट यह है कि आयोग अपनी परामर्श प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है
06:55अब कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवे वेतन आयोग से जुड़ी चर्चा लगातार तेज होती जा रही है
07:17सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नए वेतन आयोग में फिटमिंट फैक्टर कितना होगा और कर्मचारियों की सैलरी कितनी
07:24बढ़ेगी
07:25National Council Joint Consultative Machinery यानी NCJCM की तरफ से 3.833 फिटमिंट फैक्टर का प्रस्ताव सामने आया है
07:35लेकिन एक्सपर्ट का अनुमान है कि सरकार इससे कम फिटमिंट फैक्टर भी तै कर सकती है
07:40अब सवाल उठता है कि अगर फिटमिंट फैक्टर साथमे वेतन आयोग से भी कम रहा तो क्या कर्मचारियों को नुकसान
07:47होगा
07:47एक्सपर्ट की मुताबिक जरूरी नहीं दरसल पूरा गणित सिर्फ फिटमिंट फैक्टर पर निर्भर नहीं करता
07:53मौजूदा बेसिक पे और महंगाई भत्ते यानी डिये का स्तर भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है
07:59सबसे पहले समझते हैं कि साथवे वेतनायोग में क्या हुआ था
08:03साथवे वेतनायोग में फिटमिंट फैक्टर दो दशमलव पांच साथ तै किया गया था
08:08इसके अधार पर केंद्रिय करमचारियों की न्यूनतम बेसिक सालरी साथ हजार रुपे से बढ़ा कर 18,000 रुपे कर दी
08:15गई थी
08:15हाला कि उस समय महंगाई भत्ते को लेकर भी एक महत्वपूर्ण गणित था
08:20साथवे वेतनायोग के समय डी ए करीब 125 प्रतिशत तक पहुँच चुका था
08:257,000 रुपे की पुरानी बेसिक सालरी पर ये डी ए लगभग 8,750 रुपे बैठता था
08:32यानि नई बेसिक सालरी 18,000 रुपे होने के बाद वास्तविक अतरिक्त फाइदा पूरी 11,000 रुपे की बढ़ोतरी नहीं
08:40था
08:40डी ए के समयोजन को ध्यान में रखने पर वास्तविक अतरिक्त लाभ लगभग 2,250 रुपे के आसपास माना गया
08:47अब बात करते हैं आठवे वेतन आयोग की
08:50All India NPS Employees Federation के राष्ट्रिय अध्यक्ष डॉक्टर मंजीत सिंग पतेल के मुताबिक
08:56आठवे वेतन आयोग में कर्मचारियों को पिछले आयोग की तुलना में बहतर फाइदा मिल सकता है
09:02भले ही फिटमेंट फैक्टर 2.57 से कम क्यों ना हो
09:06मान लीजे की सरकार 2.1 का फिटमेंट फैक्टर तै करती है
09:10इस थिती में 18,000 रुपे की मौजूदा नियूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 38,000 रुपे हो सकती है
09:17यानि पहली नजर में फिटमेंट फैक्टर साथवे वेतन आयोग के 2.57 से काफी कम दिखाई देता है
09:24लेकिन इसके बावजूद बेसिक पे में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है
09:28अब इसमें मौजूदा डिये को भी शामिल करके समझे
09:31वर्तमान गंडना के अनुसार 58 प्रतिशत दिये 18,000 रुपे की बेसिक सैलरी पर करीब 10,400 रुपे बैठता है
09:39ऐसे में नई बेसिक सैलरी और मौजूदा वेतन सनरचना के बीच वास्तविक अतरिक्त लाभ का अनुमान लगभग 9,560 रुपे
09:47लगाया जा रहा है
09:48यही वज़ा है कि एक्सपर्ट्स का कहना है कि केवल फिट्मिंट फैक्टर की संख्या देख कर ये तै नहीं किया
09:54जा सकता कि कर्मचारियों को कितना फायदा मिलेगा
09:57साथवे वेतन आयोग में जहां करीब 32 प्रतिशत का वास्तविक लाभ बताया जा रहा था
10:02वहीं 2.1 जैसे कम फिट्मिंट फैक्टर की स्थिती में भी आठवे वेतन आयोग में फायदा करीब 33 प्रतिशत तक
10:10पहुँचने का अनुमान लगाया जा रहा है
10:12हाला कि यहां एक जरूरी बात समझना बेहत महत्वपूर्ण है
10:15आठवे वेतन आयोग का अन्तिम फिट्मिंट फैक्टर नई बेसिक सैलरी और वेतन बढ़ोतरी का वास्तविक फॉमिला सरकार और वेतन आयोग
10:23के अन्तिम फैसलों पर निर्भर करेगा
10:25फिलहाल 2.1 या 3.8 तीन तीन जैसे आकड़े चर्चा और प्रस्ताव किस तर पर हैं
10:32यानि कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर ये है कि फिट्मिंट फैक्टर कम होने के बावजूद सैलरी में बढ़ा इजाफा संभव
10:39है
10:39लेकिन अंतिम तस्वीर तभी साफ होगी जब आठवे वेतन आयोग की सिफारिशें और सरकार का अंतिम फैसला सामने आएगा
10:46आपकी सैलरी और पैंशन को लेकर जिस खबर का इंतजार लाखों के इंद्रे कर्मचारी और पैंशनस कर रहे थे
10:52उस पर अब काम तेजी से आगे बढ़ रहा है
10:54सवाल सबसे बड़ा यही है क्या आठवे वितन आयोग के बाद बेसिक सैलरी तीन गुणा हो जाएगी
10:59क्या फिटमेंट फैक्टर 3.68 या 3.83 तक जाएगा
11:03और आखिर नई सैलरी और पैंशन कब से लागो होगी
11:06तो आज के इस वीडियो में हम आपको बताएंगे आठवे वितन आयोग से जुड़े पार सबसे बड़े अपडेट
11:11और साथ ही ये भी समझेंगे कि कौन सी बातें अभियादिकारिक हैं और कौन से सिर्फ अनुमान या कर्मचारी संगठनों
11:17की मांग है
11:29सबसे पहले एक जरूरी अपडेट
11:31आजवाक इंडियो वितन आयोग 3 नवेंबर 25 को गठित किया गया था और आयोग को अपने रिपोर्ट देने के लिए
11:3718 महीने का समय दिया गया है
11:39आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रज्जना प्रकाश देशाई है
11:43अब पहला अपडेट आपको बता दें
11:44आयोग अब राज्यों तक पहुंच रहा है
11:46आठवे वितन आयोग का काम सिर्फ दिल्ली में बैठ कर नहीं चल रहा है
11:51आयोग देश के अलग-अलग हिस्तों में जाकर कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर से बाचीत कर रहा है
11:56आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक चिर्नई में 7 और 8 सितंबर 2026 को बैठ के तैय हैं
12:01जबकि 9 सितंबर को पुडुचेरी में बाचीत होगी
12:04इसके बाद 16 से 18 सितंबर के बीच रुणीगर में भी आयोग की बैठ के प्रिस्तावी थे
12:08इसका मतलब साफ है कि आयोग अलग-अलग राजियों से कर्मचारियों के वास्विक समस्याएं और सुझाव जुटा रहा है
12:14ताकि भविश्य की वेतन में वस्था को व्यापक इंपूट के साथ और उसके आधार पर तयार किया जा सके
12:19दूसरा अपडेट
12:20फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा नजर
12:23कर्मचारियों के वीच इस समय सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है
12:27क्योंकि इसी के आधार पर मौजूदा बेसिक पे को एक नए वितन राचे में बदल लेकि गढ़ना की जाती है
12:33कर्मचारी संगठनों की ओर से fitment factor को करीब 3.68 से 3.83 तक करने की मांग सामने आती
12:40रही है
12:40अगर ऐसा होता है तो basic salary में बड़ा उच्छाल देखने को मल सकता है
12:44लेकिन यहाँ एक बात बहुत ध्यान देने से समझे
12:463.68 या 3.83 अभी आठे वितन आयो का धिकारिक fitment factor नहीं है
12:53आयो की आधिकारिक website पर फिलाल ऐसा कोई अंतिम आकड़ा भी घुशित नहीं किया गया है
12:58इसलिए यह कहना कि basic salary निश्चित तोर पर देन मुड़ा हो जाएगी अभी सही नहीं होगा
13:03यानि अगर सोशल मीडिया पर आपको कोई यह दावा करता दिखाई दे
13:07कि सरकार ने 3.83 fitment factor final कर दिया है तो उस खबर को तुरंट सच ना माने
13:13तीसरा आपडेट कर्मचारियों और pensioners से सुझावलिये जा चुके हैं
13:17आठेवितन आयोग ने अलग-अलग वर्षों से इन्पुट लेने के लिए प्रशनावली जारी की थी
13:22इसमें केंद्रिय और राज्यस्तर के कर्मचारी, pensioners, union, association, शोधकरता और दूसरे संबंधित पक्ष अपनी राय दे सकते थे
13:31आयोग के मताबिक इस प्रक्रिया के जरीए बड़ी संख्या में इन्पुट जुटाए गए और प्रशनावली के जवाब देने की समय
13:36सीमा अब बंध हो चुकी है
13:37यानि नया वेतन धाचा केवली का नुमान के अधार पर नहीं बलगी कर्मचारियों की मांग आर्थिक आकडों सरकारी वित्यस्ति थी
13:44और दूसरे सब मंधित पहलूओं को ध्यान में रह कर तयार किया जाना है
13:49चोथा अपडेट आयोग विशेशग्यों और कंसल्टेंट्स की मदद ले रहा है
13:54वितन आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनाओती सिर्फ सेलरी बढ़ाना नहीं है
13:57उसे महंगाई, अर्थववस्था, सरकारी खर्च, कर्मचायों की जरूरत और वित्यस थिर्था के बीच संतुलन बनाना होगा
14:03इसलिए आयोग ने कंसल्टेंट्स की नियुक्ती के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी है
14:08अधिकारिक पोर्टल पर अप्रेल 2016 में कंसल्टेंट्स के लिए आवेदन आमंतरित किये गए थे
14:12इससे संकेत मिलता है कि आयोग वेतन और पेंशन के नए धाचे को आखड़े और विशिशग्य विशलेशन के आधार पर
14:19तयार करने के दिशा में आगे बढ़ रहा है
14:21पांचवा और सबसे एहम अपडेट नई सेलरी कब मिलेगी यही वो सवाल है जिसका इंतजार सबसे ज्यादा है
14:27लेकिन फिलाल आच में वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आई है
14:31आयोग को 18 महीने में अपने रिपोर्ट देनी है इसके बाद सरकार रिपोर्ट किसी फारिशों पर फैसला करेगी
14:37इसलिए अभी यह निश्यत तारीक बताना संभव नहीं है कि बढ़ी हुई सेलरी या पेंशन खाते में कब से आने
14:42लगेगी
14:43और इसी वजह से ही बेसिक सेलरी तीन गुणा होने, फिटमेंट फैक्टर, किसी खास संस्था पर फाइनल होने
14:49या फिर पेंशन में किसी निश्यत प्रतिश्वत बढ़ोतरी की खबरों को फिलहाल अनुमान के तोर पर ही देखना चाहिए
14:55अब एक और सवाल है कि दिये और आठ्वा वितन आयोग एक ही चीज है तो इसका जवाब है नहीं
15:00दिये यानि कि महंगाई भट्ता अलग व्यवस्था है जब कि वेतन आयोग वेतन और भट्तों की व्यापक समीशा करता है
15:06इसलिए डिये में होने वाली नियमित बढ़ोतरी और आठ्वा वितन आयोग से मिलने वाला संशोधित वेतन दोनों को एक ही
15:13चीज समझना सही नहीं होगा
15:15तो कुल मिलाकर तस्वीर क्या है आठ्वा वितन आयोग सक्रिय रूप से काम कर रहा है देश के अलग-अलग
15:20हिस्सों में कर्मचारी संगठनों और पेशनर से बाचीत हो रही है
15:24सुझाव और आकरे जुटाए जा रहे हैं विशेशग्यों की मदद ली जा रही है और आगे आयोग अपने रिपोर्ट तयार
15:29करेगा
15:30लेकिन अभी तक पिटमेंट फैक्टर 3.68 या 3.83 फाइनल नहीं हुआ है
15:35ना बेसिक सेलरी तीन गुणा करने की कोई अधिकारिक फैसला उस पर लिया गया है और ना ही सेलरी की
15:40अंतिम राशी तय हुई है
15:41इसलिए कर्मचारियों और पैंशनर्स के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि सोचल मेडिया की वाइरल खबरों के बजाए आच्वे
15:47वेतन आयोग और सरकार की अधिकारिक सोचनाओं पर ही भरोसा करें
15:51आने वाले दिनों में जैसे जैसे आयोग की बैठक के आगे बढ़ेंगी और उसकी सिफारिशों को लेकर तस्वीर साफ होगी
15:57सेलरी और पैंशन के धांचे की वास्तिविक तस्वीर भी सामने आएगी
16:01आठवे वेतन आयोग को लेकर गेंद सरकार की कर्मचारियों और पैंशन भोगियों के बीच एक बार फिर बड़ी हल चल
16:07तेस हो गई है
16:08इस बार मुद्दा सिर्फ सेलरी बढ़ोतरीगा नहीं है बलके पूराने पैंशनर्स फैमिली पैंशन और पैंशन सेंशोधन को लेकर है
16:15कर्मचारी और पैंशन भोगी संगठनों ने सरकार से आठमे मितन आयोग के टर्म ओफ रिफरेंस यानि की टी ओ आर
16:22में ततकाल बदलाव करने की मांगी है
16:24क्या है पूरा मामला क्या-क्या मांगे उठाई गई है और सरकार क्या फैसला ले सकती है आये सब कुछ
16:29जानते हैं विस्तार से
16:30नमस्कार मेरा नाम है रिजा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
16:39तरसल भारत पेंशनर समाज यानि की BPS और All India Defense Employees Federation यानि की AIDEF जैसे संगठनों का कहना
16:48है
16:48कि मौझूदा TOR में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके करवचारियों की पेंशन और फैमिली पेंशन के संशोधन
16:56को लेकर परियाप्त सपष्टता नहीं
16:58संगठनों को चिंदा है कि अगर इसे आयोग के कार्यक्षेतर में साफ तोर पर शामिल नहीं किया गया
17:04तो पुराने और नए पेंशनर्स के बीच समानता का सवाल खड़ा हो सकता है
17:09यही वज़ा है कि पेंशन भोगी संगठन चाहते हैं कि सरकार आठवेवीतन आयोग की शर्तों में सपष्ट प्रावधान जोड़े
17:17मांग ये है कि पुर्व और भविश के सभी पेंशन भोगियों की पेंशन और फैमिली पेंशन के संशोधन को आयोग
17:23के दाइरे में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए
17:26इस पुरे विवाद में एक और शब्द खास चर्चा में है
17:29Unfunded Cost of Non-Contributory Pension Skills
17:34पेंशन भोगी संगठनों ने TOR में इस्तिमाल इस शब्दावली पर भी कड़ा इतराज अताया है
17:39संगठनों का तर्ख है कि पूरानी पेंशन व्यवस्था के तहत मिलने वाले पेंशन भोगियों
17:44सरकार की Unfunded देंदारी के तौर पर देखना सही नहीं है
17:48उनके मुताबिक कर्मचारी ने वर्षों तक सरकारी सेवा की है
17:52और पेंशन उसकी सेवा से जुड़ा अधिकार है
17:55इसलिए पेंशन को सर्फ सरकारी खर्चा या वितिया बोज के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए
18:01इसमान का सर काफी बड़े वर्ष पर पड़ सकता है
18:03देश में कींद्र सरकार से जुड़े करीब 79 लाख पेंशन भोगी और फैमिली पेंशनर्स है
18:08ऐसे में आठवे मेतन आयो के टी ओ आर में अगर पेंशन संशोधन को सपश्चुरूप से शामिल किया जाता है
18:14तो इसका सीधा संबद लाखो परिवारों के भविश से होगा
18:17इसी मुद्दे को लेकर 4 अगस 2016 को AI DEF के महा सचीव
18:21सी श्री कुमार ने काबिनेट सचीव को पति लिखकर TOR में आवश्यक संशोधन करने की अपील की है
18:29कर्मचारी संगठनों की कोशिश है कि AIO अपने सिफारिशे तयार करने से पहले इस विशेपर सरकार की स्थिथिस पश्ट हो
18:37जाए
18:37अब सबसे बड़ सवाल यही है कि क्या सरकार आठवे वितन AIO के टर्मस ओफ रेफरेंस में बदलाव करेगी
18:43पिलहाल पेंशन भोग्यों की नजर सरकार की अगले कदम पर है क्योंकि अगर TOR में पेंशन और फैमिली पेंशन को
18:50लेकर पश्ट प्रावधार आता है तो पुराने पेंशनर्स के लिए ये एक बड़ी राहत हो सकती है
18:55वहीं अगर मौझूदा ववस्था में कोई बदलाव नहीं होता है तो संगठनों का दबाब और बढ़ने की संभावना है
19:02आजवा वितन आयोग अपने सफारिशों को तयार करने की प्रक्रिया में है और अगर प्रक्रिया तैसमें के अनुसार आगे बढ़ती
19:09है तो
19:0927 की पहली क्षमाही में आयोग अपने रिपोर्ट सरकार को सौप सकता है याने आने वाले महीनों में सर्फ कर्मचारियों
19:17के सैलरों ही नहीं बलकि पेंशन, फैमिली पेंशन और पुराने पेंशनर्स की पैरिची भी बड़ा मुद्दा बनने वाली है
19:23अब देखना हूगा कि सरकार पेंशन भोगी संगठनों की इस मांग पर क्या फैसला लेती है और क्या आठवे वेतन
19:29आयोग के टी ओ आर वे बदलाव करके लाखों पेंशनर्स को बड़ी राहत दी जाती है
19:34इस ख़बर में इतना ही अपडेट्स पर हमारी नजर बनी हुई है अपडेट्स के लिए देखते रही है अपडेट्स के
19:47लिए बड़ी ख़बर सामने आई है
19:52वेतन आयोग को लेकर अप करमचारियों की सबसे बड़ी नजर सिर्फ फिटमेंट फैक्टर और बेसिक पेपर नहीं बलकी सालाना इंक्रिमेंट
19:59की दर बर भी है
20:00मौजूदा व्यवस्था में केंद्रिय कर्मचारियों को बेसिक पेपर तीन प्रदिशत का वार्षिक इंक्रिमेंट मिलता है
20:06लेकिन कर्मचारी संगठनों ने अब इस दर को बढ़ा कर 6 प्रतिशत करने की मांग 8 वेतन आयों के सामने
20:12रखी है
20:13यानि मांग मानी गई तो सालाना इंक्रिमेंट की दर मौजूदा स्तर से दो गुनी हो सकती है
20:18सबसे पहले समझे कि ये मांग किसने उठाई है
20:21भारतिय प्रतिरक्षा मजदूर संग यानि BPMS ने अपने ग्यापन में मौजूदा 3 प्रतिशत वार्षिक इंक्रिमेंट को बढ़ा कर 6 प्रतिशत
20:29करने की मांग की है
20:30संगठन का तर्क है कि महंगारी, जीवन यापन की लागत और कर्मचारियों की आर्थिक जिम्मेदारियों को देखते हुए 3 प्रतिशत
20:38की वृध्धी अपर्याप्त नहीं है
20:39BPMS ने 6 प्रतिशत इंक्रिमेंट के साथ 4 के फिटमेंट फैक्टर की भी सिफारिश की है
20:44वही National Council JCM के स्टाफ साइड ने भी आठवे वेतन आयोग को दिये अपने ग्यापन में 3 प्रतिशत से
20:51बढ़ाकर 6 प्रतिशत सालाना इंक्रिमेंट की मांग की है
20:54इस ग्यापन में 3.833 के फिटमेंट फैक्टर और 79,000 रुपे के न्यूनतम वेतन जैसी दूसरी मांगे भी रखी
21:02गई है
21:02इसके अलावा Survey of India की Ministerial Staff Association ने सालाना इंक्रिमेंट को 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है
21:10यानि कर्मचारी संगठनों के बीच ये सपष्ट मांग सामने आ रही है कि मौझूदा 3 प्रतिशत की दर में बदलाव
21:16किया जाए
21:16हाला कि अलग-अलग संगठनों की मांग अलग है
21:19अब सवाल है कि 3 प्रतिशत और 6 प्रतिशत के बीच असली फर्क कितना बड़ा है
21:24इसे एक उधारण से समझते हैं
21:26अगर किसी कर्मचारी की बेसिक पे 18,000 रुपए है
21:29और हर साल 3 प्रतिशत इंक्रिमेंट मिलता है
21:31तो 10 साल बाद उसकी बेसिक पे करीब 24,190 रुपए हो जाएगी
21:36लेकिन अगर हर साल 6 प्रतिशत इंक्रिमेंट मिले
21:39तो यही बेसिक पे 10 साल बाद करीब 32,235 रुपे पहुँच सकती है
21:44यानि 10 साल बाद दोनों स्थितियों के बीच करीब 8,045 रुपे प्रती महीने का अंतर बन सकता है
21:50इसी तरह अगर किसी कर्मचारी की बेसिक पे 56,100 रुपे है
21:54तो 3 प्रतिशत की दर से 10 साल बाद और 6 प्रतिशत की दर से 10 साल बाद मिलने वाली
21:59बेसिक पे में करीब 25,000 रुपे प्रती महीने का अंतर हो सकता है
22:03यही वज़ा है कि कर्मचारी संगठन इसे केवल एक छोटे बदलाव के तौर पर नहीं बलकि लंबे समय में वेतन
22:10रिधी पर बड़ा असर डालने वाला फैसला मान रहे है
22:12लेकिन यहां एक बेहत जरूरी बात समझना जरूरी है
22:156 प्रतिशत इंक्रिमेंट अभी लागू नहीं हुआ है
22:18यह कर्मचारी संगठनों की मांग और सुझाव है
22:21अंतिम फैसला आठवे केंद्रिय वेतन आयोग की सिफारिश और उसके बाद केंद्र सरकार की मनजूरी पर निर्भर करेगा
22:27इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि हर कर्मचारी का सालाना इंक्रिमेंट निश्चित तोर पर 6 प्रतिशत हो जाएगा
22:33अब बात डिये और आनुवल इंक्रिमेंट के अंतर की
22:36कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि महंगाई भत्ता यानि डिये मुख्य रूप से महंगाई के असर की भरपाई करता है
22:42जबकि सालाना इंक्रिमेंट बेसिक पे को आगे बढ़ाने का स्थाई माध्यम है
22:47इसलिए अगर इंक्रिमेंट की दर बढ़ती है तो इसका असर आगे चलकर बेसिक पे के साथ साथ डिये और दूसरे
22:53वेतन घटकों पर भी पढ़ सकता है
22:54अब सबसे बड़ा सवाल आठवे वेतन आयोग के रिपोर्ट कब आएगी
23:12इसका मतलब ये नहीं है कि रिपोर्ट आते ही उसी दिन बढ़ी हुई सैलरी खाते में आ जाएगी
23:16पहले आयोग अपनी सिफारिश देगा फिर सरकार उन सिफारिशों पर फैसला करेगी
23:21इसकी बाद संशोधित वेतन और उससे जुड़ी व्यवस्था लागू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
23:26फिलहाल आठवें केंद्रिये वेतन आयोग की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है
23:30आयोग करमचारियों, पेंशनर्स, यूनियनों और अलग-अलग संगठनों से सुझाव ले चुका है
23:35और अलग-अलग राजियों में भी परामर्श बैठकों का दौर चल रहा है
23:39आयोग की वेबसाइट पर बैंगलूरू, जैपुर, चंडिगड और दूसरे स्थानों की बैठकों की जानकारी भी जारी की गई है
23:45तो कुल मिलाकर केंद्रिये करमचारियों के लिए इस वक्त सबसे बड़ी खबर ये है
23:49कि 3 प्रतिशत सालाना इंक्रिमेंट को 6 प्रतिशत करने की मांग जोर पकड़ रही है
23:54लेकिन फैसला अभी बाकी है
23:56यानि इंक्रिमेंट डबल होने की उन्मीड जरूर है लेकिन अभी ये अधिकार नहीं बलकि मांग है
24:01आप करमचारियों की निगाहें आठवे केंद्रिय वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों पर टिकी हैं
24:06क्यूंकि अगर 6 प्रतिशत की मांग स्वीकार होती है
24:09तो लंबे समय में करमचारियों की बेसिक पे की ग्रोथ पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है
24:31नग्दाउ नोग्टे सराथ एक अप्ना आद में कि अप्टा यार्टियों की अगर्णे की अवेतना आयो इसका फे छाख सेस्थ और
24:36मॉर्टीबग एक भी चesper पाया फॉर्टीबवाँ की अधर्णे की अज़