00:00जगाजी लगाने की दुनिया नहीं है ये अबरत की जा है तुमाशा नहीं है
00:15जगाजी लगाने की दुनिया नहीं है ये अबरत की जा है तुमाशा नहीं है
00:30अजल ही ने छोड़ा ना किसरा नदारा इसी से सिकंदर साफाते है विहारा
00:46पड़ा रहे गया सब युही ठाच सारा हर इक लेके क्या क्या ना हसनत सिधारा जगाजी लगाने की दुनिया