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Shehbaz Sharif SCO Speech: सिंधु जल पर PM Modi के आगे गिड़गिड़ाए Shehbaz Sharif? | Indus Water Treaty
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित एससीओ समिट (SCO Summit) के वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर इशारों-इशारों में भारत के सामने गुहार लगाई है!
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) का मुद्दा उठाया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की मौजूदगी में शहबाज़ शरीफ ने पानी को पूरे क्षेत्र की "जीवनरेखा" बताते हुए कहा कि इसे राजनीतिक दबाव या हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) पर पाकिस्तान को अधिकार मिले थे, जबकि पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) का पानी भारत के पास आया। हालांकि, हालिया आतंकी घटनाओं और भारत के सख्त रुख के बाद सिंधु जल संधि के क्रियान्वयन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे पाकिस्तान में जल संकट और आर्थिक चिंताएं गहरा गई हैं।

एससीओ (SCO) के इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के सख्त रुख के सामने पाकिस्तान की छटपटाहट साफ दिखाई दी। इस विशेष रिपोर्ट में ऋचा पराशर से समझिए बिश्क्केक में शहबाज़ शरीफ के इस बयान के क्या राजनीतिक और रणनीतिक मायने हैं और भारत का अगला कदम क्या हो सकता है।

At the Bishkek SCO Summit, Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif raised the issue of shared water resources and the Indus Waters Treaty in the presence of PM Narendra Modi, Russian President Vladimir Putin, and Chinese President Xi Jinping. This report analyzes Pakistan's plea over water security amid India's strict stance on the 1960 Indus Waters Treaty.

#IndusWatersTreaty #ShehbazSharif #PMModi #SCOSummit

~HT.178~PR.514~ED.104~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00excellencies water is the life blood of our region it sustains millions of lives
00:07nourishes our lands and secures the very future of our coming generations
00:14it must never be weaponized it cannot be used as an instrument of coercion
00:21nor can it ever be exploited for political leverage
00:26किर्गिस्तान की राष्ठानी विश्केक में SCO समिट का मंच सामने तुनिया के बड़े नेता
00:31चीन के राष्टपती शीजिन पेंग, रूस के राष्टपती व्लादे मिर पुतिन और भारत के प्रधान मंतरी नरेंद मोटी
00:39और इसी मंच से पाकस्तान के प्रधान मंतरी शेहबाश शरीफ ने ऐसा मुद्दा उठाया
00:44जो सीधे भारत और पाकस्तान के बीच पानी की जंग से जुड़ा हुआ है
00:49शेबार शरीफ ने सिंधू जलसंधी का नाम लिये बिना पानी को पूरे छेत्र की जीवन रेखा बताया
00:55और कहा कि पानी को हत्यार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए
01:00उन्होंने साजा जलसंजोतों का सम्मान करने की बात कहडा लिए
01:04अब उनका ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब भारत ने सिंधू जलसंधी को लेकर अपना रुख बेहद सक्त
01:10कर लिया है
01:12यानि SCO के अंतराष्ट्रिय मंच पर पाकिस्तान की परेशानी एक बार फिर पानी बन गई है और वो सामने भी
01:19आ गई है
01:19अब सीधे शब्दों में समझाएं तो इंटरनेशनल मंच पर शेहबाद शरीफ गड़-गड़ा रहते भारत की नाम पर
01:25लेकिन क्या हुआ है पुरा मुद्धा, पानी का कौन सा मामला है, क्या कुछ हो रहा है कि शहबास को
01:31इंटरनाशनल मंच पर भारत के नाम पर गड़ाना पड़ रहा है, सब कुछ जानते हैं आज के इस ख़बर में
01:37नमस्कार, मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं वर इंडिया हिंगे
01:40चलि सबसे पहले पूरे घटना क्रम को समझते हैं
01:44साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधू जल संधी हुए थी
01:50इस समझोते के तहट सिंधू, जेलम और चिनाव जैसी पश्चिमी नदियों के पानी पर
01:56पाकिस्तान को मुख्य उप्योग अधिकार मिले जबकि रावी, ब्यास और सतलुच के पानी पर भारत को अधिकार दिया गया
02:04दशकोतर, दोनों देशों के बीच युद्ध और तनाव के बावजूद ये समझोता चलता रहा
02:09लेकिन अब हालात बदल चुके हैं
02:12भारत में अप्रेल दोहजर पचिस में पहल गाम आतंकी हमले के बाद सिंधू जल संधी को स्थगिद करने का फैसला
02:18किया
02:18इसके बाद से पाकिस्तान लगतार अंकराष्ट्रिय मंचों पर इस मुद्ध को उठा रहा है
02:23और अब यही मुद्धा SEO के मंच तक पहुट चुका है
02:27श्यवाज शरीफ ने कहा कि पानी करोडों लोगों के जिंदिगी खेती और आने वाली प्रीडियों के भविशे से जुना हुआ
02:33है
02:33उनका संदेश था कि साजहान अदियों के पानी को राजनितिक दवाव के साधन के तौर पर इस्तमाल नहीं किया जाना
02:41चाहिए
02:42हाला कि शरीबाज ने अपने भाषन में भारत का नाम सीधे नहीं लिया
02:46लेकिन समय और परस्तितियां सब कुछ बता रही थी
02:50क्योंकि ठीक इस से पहले 31 अगस्त को भारत में सिंदुजल संधी से जुड़े
02:54हिग्स थे तथा कथित कोट और और बिट्रेशन के फैसले को स्विकार करने से साफ साफ इंकार कर दिया था
03:02भारत का कहना है कि ये प्रक्रिया उसके सहमती के बिना आगे बढ़ाई गई और उसे इस मंच के अधिकार
03:08छेतर को मानेता नहीं है
03:10कि भारत स्कूर को ही मानेता नहीं दे रहा है जिसका फैसला पाकिस्तान भारत के मूपर लेकर आ रहा है
03:16अब यही वज़ा है कि पाकिस्तान के लिए SEO समिट का मंच बहद महतोपूर हो गया
03:21पाकिस्तान जानता है कि सिंधू नदी प्रणाली उसके लिए सिर्फ पानी का सवाल नहीं है
03:27उसकी खेती, खाद्य सुरक्षा और अर्थववस्था का बड़ा हिस्सा इसी नदी प्रणाली पर नर्धु करता है
03:34रोइटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सिंधू जल संधी पाकिस्तान की करीब 80% कृषी भूमी के लिए बेहद महतोपूर
03:42है
03:42यानि भारत के रुख में बदलाओ पाकिस्तान के लिए सिर्फ पूटनी तिक चुनता नहीं बलकि रणने तिक चुनतागी है
03:49और इसी बीच पाकिस्तान की तरफ से अंतराष्ट्रिय समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज होते दिखाई दे रही है
03:56SEO में शहबार शरीफ ने पानी को छेत्रिय शान्ती और सहयोग से जोड दिया
04:02लेकिं दूसरी तरफ भारत का संदेश भी बहुत स्पष्ट रहा
04:27पाकिस्तान पानी की बात कर रहा था भारत आतंक बाद की और इनहीं दोनों मुद्दों के वी जो चीन और
04:33रूस जैसे बड़े देशों की मौझूदगी ने SEO मंच को और महत्रों बना दिया
04:58सिंदू का पानी भारत और पाकिस्तान के भी इची सिर्फ एक नदी का मुद्दा नहीं है
05:03ये ऐसा समझोता है जिसने 1965, 1971 और कारगिल जैसे युद्धों के बावजूद दोनों देशों के बीच पानी के बटवारे
05:11का धाचा बनाए रखा
05:13लेकिन आज यही संधी एक ऐसे मोड पर पहुँच गई है जहां भारत एक अंतराष्ट्रिय और बीटेशन बॉड़ी के फैसले
05:20को मानने से इंकार कर रहा है
05:22और पाकिस्तान उसी फैसले को अपनी सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत बता रहा है
05:27लेकिन इस पूरी कहानी में कुछ ऐसे तथ्य हैं जिन्हें शायद ही आम तोर पर बताया जाता है
05:32तो चलिए आज परत दर परत पूरी कहानी को समझते हैं कल क्या हुआ था आज क्या हुआ पाकिस्तान क्यों
05:38कूद रहा है और भारत क्यों पाकिस्तान को अउकार दिखा रहा है सब को समझते हैं
05:43नमस्कार मेरा नाम है रिचापर आशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
05:46सबसे पहले सबसे महत्वपुन बात सिंदू जलसंदी भारत और पाकिस्तान के बीच सिर्फ दो देशों की बातचीत से नहीं बनी
05:54थी
05:54करीब 9 साल तक बातचीत चली और विश्व बैंक ने इसमें महत्वपुन भूमिका निभाई थी
06:001960 में ततकालिन प्रधानमंतरी जवाहर लालनेहरू और पाकिस्तान के राश्वपती अयूब खान ने संधी पर हस्ताक्षर किये थे
06:09विश्व बैंक इस समझोते का हस्ताक्षर करता भी था
06:12अब इस संधी का सबसे दिल्चस्प हिस्सा समझिये
06:22संधी भारत को पश्चिमी नदियों पर कुछ करने का दिकार ही नहीं है
06:40अब यहीं से पूरी कहानी बदलती है
06:43संधी भारत को पश्चिमी नदियों पर सिमित परिस्तितियों में
06:48जल विद्यूत परियोजनाओं को उनको बनाने के अनुमती देती है
06:51लेकिन समस्या यह है कि पाकिस्तान अकसर इन परियोजनाओं के डिजाइन को लेकर आपत्ती करता रहा है
06:59अब भारत का तर्क रहा है कि वो संधी के भीतर मिले अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है
07:05इसी विवाद की सबसे बड़ी मिसाल है किशन गंगा और रतले हाइड्रो एलेक्टरिक प्रजेक्ट
07:12लेकिन शायद सबसे कम चर्चावारी बात यह है कि सिंदू जल संधी में विवाद सुलजाने का सिर्फ एक रास्ता नहीं
07:20है
07:21संधी में अलग-अलग तरहे के विवादों के लिए अलग व्यवस्था है
07:25किसी तकनीकी अंतर को न्यूट्रल एक्सपर्ट के पास भेजा जा सकता है
07:29जबकि बड़े विवादों के लिए होट ओफ और्बिटेशन का रास्ता मौझूद है
07:35यानि कि विवाद के प्रक्रिती ही एताय करने में महतोपून हो जाती है
07:39कि कौन सा तंतरे स्थेमाल होगा
07:41अब यही बात पिछले कुछ वर्षों के सबसे बड़े विवाद का केंदर भी वनी
07:46भारत ने रतले और किशन गंगा परियोजनाओं से चुड़े मुद्धों पर
07:50नूट्रल एक्सपर्ट की प्रतिक्रिया को और उस प्रोसेस को प्रमानिक्ता दी
07:54और पाकिस्तार ने दूसरी तरफ कोट ओफ और्बिटेशन का रास्ता अपनाया
07:59विश्व बैंक ने 2022 में दोनों प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग नियुक्तियां की
08:04मिशेल लीनो को नूट्रल एक्सपर्ट और प्रफेसर सीन मर्फी को
08:09कोट ओफ और्बिटेशन का चेर्मेन नियुक्तिया गया
08:13अब यहाँ एक बहत एहन सवाल उठता है
08:15जब एक हे विवाद से जुड़े मुद्धों पर दो प्रक्रियाएं चल रही हो
08:20तो फैसला किसका माना जाएगा
08:21यही भारत और पाकिस्तान के बीच कानूनी टकराव की जो जड़ है
08:26भारत का कहना है कि समान मुद्धों पर समानतर प्रक्रिया संधी की भावनाय के खिलाफ है
08:33दूसरी तरफ और बीटेशन कोट ने अपनिक्षमता और अधिकार छेत्र को बरकरार रखा
08:39दोहजर पचिस में कोट ने कहा था कि वो पाकिस्तान की ओर से उठाए विवादों पर वुचार करने में सक्षम
08:45है
08:45और अब आता है दोहजर चब्बिस का सबसे बड़ा मोर
08:5031 अगस्त 2026 को और बीटेशन कोट ने कहा कि भारत की ओर से सिंधु जल संधी को अब यैंस
08:58में रखने के बावजूद संधी लागू है
09:01अब कोट के मुताबिक भारत के पास संधी को एक तरफा तरीकिस्ति निलंबित करना या फर खत्म करने का परियापताधार
09:09ही नहीं है
09:11रतले परियोजना से जुड़े कुछ नर्मान कारियों पर भी अंतरिम प्रतिवन्थ लगाए गए हैं
09:16लेकिन भारत में फैसला सुमते ही साफ कर दिया कि वो इस तथा कथित कोट के अधिकार छेत्र को ही
09:23स्विकार नहीं करता है
09:24और यहीं से कहानी में एक बड़ा मोडा गया है
09:27विदेश मंत्राले ने इस अवैद रूप से गठित निकाय को बताते हुए कहा कि भारत का सिंधू जल संधी को
09:34अभियांस में रखने का फैसला कायम है
09:37और इस निकाय के फैसलों को भारत के संप्रभू फैसलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
09:43यानि कि भारत नहीं वान रहा है भारत ने साफ साफ डिनाय कर दिया है
09:47अब सबसे बड़ा सवाल है कि सिंधू जल संधी आखिर इतनी महतोपुन क्यों है
09:56क्योंकि पाकिस्तान की क्रिश और जल सुरक्षा का बहुत बड़ा हिस्सा सिंधू नदी प्रणाली पर नर्भर है
10:03इसलिए पाकिस्तान के लिए ये सिर्फ अंतराष्टी समझ होता नहीं है
10:06बलकि खाद्दे और आर्थिक सुरक्षा का सवाल भी है
10:10दूसरी तरफ भारत के लिए पश्चिमी नदियों पर अपने संधी अनुमत जल विद्योत अधिकारों का इस्तमाल रणितिक महतो रखता है
10:18और एक और महतोपुन तथ्य समझेए
10:21संधी ने दशकों तक भारत पाकिस्तान के बीच युद्धों और गंभीर तनाव के बावजूद काम किया है
10:29अब यही वज़ा है कि इसे दुनिया के सबसे टिकाओं अंतराष्ट्य जल समझोतों में गिना जाता रहा है
10:35लेकिन अब इस्तिती पहले जैसे बिल्कुल भी नहीं है
10:37भारत कह रहा है कि आतंकवाद और राष्ट्य सुरक्षा के बदलते माहौल में पुरानी व्यवस्था को उसे तरह जारी नहीं
10:45रखा जा सकता
10:46अब भारत ये क्यों कह रहा है इसके पीछे भी कहानी है और कहानी बहुत पुरानी नहीं है
10:50हाल ही में हुए वितेवर्श हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत ने इस पर सक्तरुक अपना लिया
10:55भारत ने कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते
11:00यानि कि जो पाकस्ता जल जैसे basic needs के लिए पानी के लिए भारत पर depend करता है जब भी
11:07मौका मिले भारत के लिए ही वो ये आतंकवादी हमले करवाता है भारत को आँख दिखाता है भारत के खिलाफ
11:14international bodies में शरेंद्र रच्टा है तो उस पाकस्तान के लिए भारत का तो stand साफ ह
11:20खास करके यह पहलगाम हमले के बाद जब पहलगाम में आप सब को याद हुआ कि आतंकियों ने जो सैलानी
11:28थे उनसे उनका धर्म पूछा उनका नाम पूछा और यहां तक की बहुत भयानक तस्वीरे आई जब उन्हें कहा गया
11:36कि कपड़े उतारो और दिखाओ कि तुम किस
11:39कौम से बिलॉंग करते हो इसके बाद उन्हें मारा गया उनकी हत्या की गई उसके बाद भारत ने इस संधी
11:45पर सक्त्रूप अपनाया और पाकिस्तान को पाकिस्तान पर एक प्रहार किया और वो यह था कि खून और पानी एक
11:55साथ नहीं बह सकते
11:57अंतराश्ट्रिय और बिटेशन बॉड़ी अब इस पर कह रही है कि संधी की कानूनी बाध्यताएं बने गुई है पाकिस्तान इस
12:05स्वैसले को अपने पक्ष में देख रहा है पाकिस्तान कूद रहा है उचल रहा है किया रहे भाई इसमें तो
12:09हमारी जी थे हमारी बात सुन
12:11ले गई है यानि कि असली लड़ाई अब सिर्फ पानी की है ही नहीं लड़ाई इस बात की भी है
12:15कि 1960 के संधी को 2026 की बदलती हुई भूराजनितिक परिस्तियों में किस तरह पढ़ा जाए और आने वाला समय
12:23तय करेगा कि सिंधू का पानी दोनों देशों के बीच सहयों का �
12:28बना रहेगा या फिर भारत पाकिस्तान तनाव का एक नया रणनेतिक हतियार बन जाएगा क्योंकि अभी मुद्दा सुलश्ता हुआ बिलकुल
12:37भी दिखाई नहीं पड़ रहा है सिंधू का जो पानी है एक नया विवाद का कारण बन गया है भारत
12:43का रुख जो है इस पर ब
12:56भारत पाकिस्तान की किसी भी इंटरनाशनल बॉड़ी जिसको पाकिस्तान ऑथोराइजड कर रहा है उसको तो भारत उसके फैसलों को का
13:04दई नहीं मानेगा अब इसलिए ये नया विवाद वापस एक बार जोर पकड़ चुका है देखना ये होगा कि और
13:11जो इंटरनाशनल �
13:13स्पेशली वर्ल्ड बैंक जुसने बीच में आकर संधी को करवाया था उसका इस पर क्यारुक होता है और क्या भारत
13:20लोगों का दबाव स्विकार करता है या भारत अपने स्टैंड पर कायब रहता है जो भी होगा आने वाले दिनों
13:27में उस पर हमारी नजर बनी रहेगी अ�
13:31देखते रहे हो वन इंडिया है तो सब्सक्राइब तो वन इंडिया नेवर मिस न अप्टेट दानलोड दो वन इंडिया एप
13:41नौट वी

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