00:10भारत और पाकिस्तान के बीच पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बार फिर अंतराश्ट्रिय स्तर पर सुर्खियों में
00:16है।
00:58मामला हेग की अदालत तक पहुँच चुका है।
01:03भारत का कहना है कि ये अदालत गलत तरीके से गठित की गई है और उसे भारत की संप्रभु कारवाई
01:09पर फैसला सुनाने का कोई अधिकार नहीं है।
01:12नई दिल्ली ने ये भी स्पष्ट किया है कि सिंधु जल संधी को अभियंस में रखने का उसका फैसला जारी
01:17रहेगा।
01:17अब समझे कि आखिर सिंधु जल संधी इतनी महत्वपून क्यूं है।
01:21भारत और पाकिस्तान ने 19 सितंबर 1960 को सिंधु जल संधी पर हस्ताक्षर किये थे।
01:27विश्व बैंक की मध्यस्तता से तयार हुई इस व्यवस्था में सिंधु नदी प्रणाली की छे प्रमुख नदियों के पानी के
01:33इस्तिमाल को लेकर नियम तै किये गए।
01:35पूर्वी नदिया, रावी, ब्यास और सतलुज मुख्य रूप से भारत के हिस्से में आई जबकि पश्चिमी नदिया, सिंधु, जेलम और
01:42चिनाब मुख्य रूप से पाकिस्तान के लिए निर्थारित की गई।
02:05के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है। भारत का पक्ष रहा है कि उसकी परियोजनाएं संधी में मिले अधिकारों और
02:11निर्धारित तकनी की शर्तों के भीतर हैं। लेकिन अब विवाद सिर्फ किसी एक बांध या परियोजना का नहीं रह गया
02:17है।
02:17अप्रेल दो हजार पच्चिस में पहल गाम आतंक की हमले के बाद भारत ने सिंधू जल संधी को अबेयंस में
02:23रखने का फैसला किया था। भारत ने इसे पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी रणनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा
02:30बताया। इसके बाद
02:31पाकिस्तान ने अंतराष्ट्रिय तंत्र के जरिये संधी को लागू कराने की कोशिश जारी रखी। इसी विवाद में कोर्ट ओफ आबिट्रेशन
02:38की कारिवाही भी आगे बढ़ी। भारत इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ और लगातार इस अदालत की वैधता पर सव
02:44उठाता रहा। अब हेक के फैसले के बाद पाकिस्तान ने इसे अपने पक्ष में बड़ी कानूनी सफलता बताया है। पाकिस्तान
02:50का कहना है कि सिंधू जलसंधी पूरी तरह लागू है और दोनों देशों को इसके तहट अपनी जिम्मेदारिया निभानी चाहिए।
02:57दो सि
03:09फैसले भारत पर बाध्यकारी नहीं हो सकते। इसलिए आने वाले समय में सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि संधी के
03:16विवाद को आखिर किस मंच पर और किस तरीके से सुलजाया जाएगा। इस पूरे विवाद का असर सिर्फ भारत पाकिस्तान
03:22की कूटनीती तक सीमित नही
03:37पानी अब सिर्फ पानी नहीं रह गया है। यह भारत पाकिस्तान संबंधु में रणनीतिक दबाव, सुरक्षा और संप्रभू अधिकारों का
03:44बड़ा मुद्दा बन चुका है। हेग का फैसला आ गया है, पाकिस्तान ने उसका स्वागत कर दिया है और भारत
03:50ने उसे खार
04:07है पानी और मोचा है। है यह जुकर जिसल्व का यह कर दो दार है है, अब सुरक्से प्रेभ, सिर्फड
04:16कर तो जब से पहले हैो, भारत आ डिनल Natalie्व क्हानी जेप्किन नहींै बलाभ, इजब एप्ट उसमाट में आपनों कर
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