00:03हिंदू धर में एकादिशी का दिन भगवान विश्णू की भगती के लिए बहुती खास माना जाता है
00:09मानेता है कि एकादशी का वरत रखने और इस दिन भगवान विश्णो की विदिविधान से पूजा करने से मन को
00:16शान्ती मिलती है
00:17पापों से मुक्ती मिलती है और घर में सुक समरिद्धी बनी रहती है
00:21साल में कुल 24 एकादशी आती है और हर एकादशी का अपना अलग धार्मिक महत वो होता है
00:28सितंबर 2026 में पढ़ने वाली पहली एकादशी अजा एकादशी कहलाती है
00:34ऐसे में चलिए आपको बताते हैं कि अजा एकादशी की पूजा कैसे करे और किस शुब महुरत में करे
00:51कि शाम पाँच बचकर पाँच मिनट तक रहेगी क्योंकि वरत में उदियाती थी को महत वदिया जाता है
00:58इसलिए आजाएकादशी कह वरत 7 सितंबर 2026 को रखा जाएगा
01:02ऐसे में पूजा कश्व महुरत के बात करें तो ब्रह्म महुरत सबसे अच्छा महुरत होता है
01:08जो सुभा 4 बजे से लेकर सुभा 5 बजे तक है
01:13मैं उसके बाद आप 7 बजे से लेकर 10 बजे तक पूजा कर सकते हैं
01:18मैं अब बात करते हैं पूजा समागरे की तो भगवान विष्णों की प्रतिमा चेत्र, चौकी और पीला वस्त्र, गंगा जल,
01:24पीले पुश्प और पुश्प माला, अच्छत, चंदन, रोली, कुमकुम, मौली, तुलसी दल, धूब, और देसी गी का दीपक, पंचामरित,
01:34फल, मिठाई और खीर, इन चीजों को अपने पूजा समागरी में शामिल करें, अब बात करें पूजा विधी की, तो
01:41सुबह जल्दी उठकर इसनान करें और साफ वस्त्र पहनें, हो सके तो इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारन करें,
01:48इसके बाद ब्रत का संकल्प लें और
01:50पूजा इस्थान को साफ करके गंगा जल से शुद्द करें, इसके बाद पीले या लाल रंग के कपड़े पर भगवान
01:57विष्णू की तस्वीर या प्रतिमा रखें, भगवान को पीला चंदन, अच्छत, फूल, माला, वस्त्र और अन्य पूजा समागरी अर्पित करें,
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02:06पूजा में तुलसे दल जरूर रखें, इसके बाद खीर, मिठाई और फल का भूग लगाए, गी का दीपक और धूब
02:13जला कर भगवान विष्णू के मंत्रों का जाप करें, इसके बाद विष्णू चालिसा और आजय का अदिशी के व्रत कथा
02:19का पारण करें, अन्ध में �
02:33आजय का अदिशी का व्रत करें, उमीद करते हूं आपको जानकारी पसंद आई होगे, फिलहला हमारी इस वीडियो में इतना
02:38ही, वीडियो को लाइक, शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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