00:03इस साल 7 सितंबर को अजा एकदशी का वृत है भादरपद माहा के कृष्ण पक्ष की एकदशी तिथी को ये
00:08वृत रखा जाता है
00:09इस बार भादरपद कृष्ण एकदशी तिथी 6 सितंबर को शाम 7 बचकर 29 मिनट से लेकर 7 सितंबर को शाम
00:165 बचकर 3 मिनट तक है
00:18आजा एकदशी के दिन सरवार्थ सिद्धी योग शाम में 6 बच कर 14 पीम से बन रहा है जो पारण
00:24वाले दिन 8 सितंबर को सुबा 6 बच कर 2 मिनट एम तक रहेगा
00:28आजा एकदशी के दिन पूजा के साथ साथ वरत कथा भी सुननी चाहिए जिससे आपके सारे कष्ट मिट सकते हैं
00:36चलिए आपको सुनाते हैं वो कथा
00:37एक बार युदिष्ठिर ने श्री कृष्ण जी से भादरपद कृष्ण कदशी वरत की विधी और महत्व के बारे में बताने
00:44का निवेदन किया
00:44इस पर भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि इसकी कथा राजा हरिश्चंदर से जुड़ी है
00:49एक समय धरती पर चक्रवरती राजा हरिश्चंदर का शासन था
00:53किसी वज़ा से उनका राजपार चला गया
00:55ऐसी स्तिती बन गई की पतनी बेटे और स्वेम को भी बेचना पड़ गया
00:59राजा हरिश्चंदर को एक चंडाल ने खरीदा
01:02वो उसके यहां काम करते थे
01:04राजा हरिश्चंदर उसके सबी आदेश का पालन करते थे
01:07मिर्तकों के वस्तर लेते थे
01:09लेकिन राजा हरिश्चंदर हमेशा सत्यय के मार्ग पर चलते रहे
01:12जब वो एकांत में होते तो अपनी पतनी और पुत्र के दुखों के बारे में सोचते
01:17उनसे मुक्ती का मार्ग सोचते रहते थे वे वो उपाय जानना चाहते थे जिससे उनके कश्ट दूर हो जाए और
01:23उनका उधार हो जाए
01:25राजा हरिश्चंद्र ने काफी समय तक ऐसे ही व्यतीत किया
01:28एक दिन वो उदास और चिंतित बैठे थे तबी वहाँ गौतम रिशी आये राजा हरिश्चंद्र ने उनको प्रणाम किया फिर
01:35अपने दुखों से मुक्ती का मार्ग पूछा
01:37गौतम रिशी ने कहा कि है राजन तुम बहुती भागेशाली हो ठीक आज से साथ दिन बाद भादर पदे का
01:43दशी है उस दिन तुम विधी विधान से वरत रखो और भगवान विश्चंद्र ने विधी विधान से वरत रखा गौतम
02:00रिशी की बताई विधी के अनुसार ही
02:02भगवान विश्चंद्र की पूजा की रात के समय जागरन किया फिर अगली सुबा पारण करके वरत को पूरा किया राजा
02:08हरिश्चंद्र पर भगवान विश्चंद्र की किरपा हुई उनके सारे पाप और कष्ट नश्ट हो गये स्वर्ग से फूलों की वर्षा
02:14होने लगी
02:15उनका मरा हुआ फुत्र दोबारा जीवित हो गया
02:17उनकी पतनी रानी भी एक समान हो गई थी
02:19अजाएकदशी वरत के परभाव से ही
02:21राजहरीश्चंद्र को खोया हुआ राजबाट और परिवार वापस मिल गया
02:25मृत्यों के बाद राजहरीश्चंद्र को स्वर्ग की प्राप्ति हुई
02:28जो व्यक्ति विदिविधान से आजाएकदशी का वरत करता है
02:31राजहरीश्चंद्र की तरह ही उसके सभी कष्टों का निवारण हो जाता है
02:35फिलाल इस वीडियो में तो नहीं आप क्या कहना चाहेंगे
02:37कॉमेंट सेक्षन में में लिख कर जरूर बताएं वीडियो को लाइक करें
02:40शेर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिलकुल अब पुले
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