00:00जी बेटा
00:00वो अब्बू मैं ये कह रहा था कि दर असल पूछना चाह रहा था कि ये जो प्लास्टिक बैक्स होते
00:08हैं क्या ये बहुत ज़रूरी है
00:10खेरियत ये अचानक प्लास्टिक बैक्स का ख्याल कहां से आ गया
00:14वो बस अब्बू ऐसे ही मुझे तो हर तरफ शहर में प्लास्टिक बैक्स का कच्रा नजर आता है बस इसलिए
00:21पूछा
00:21बैक्स बहुत ज़रूरी होते हैं और जहां तक प्लास्टिक बैक्स की बात है तो बेटा ये सस्ते होते हैं इसलिए
00:29ज्यादा इस्तेमाल होते हैं
00:30पिर चाहे इसके इस्तेमाल से किसी की जान चली जाए।
00:33किसी की जान चली जाए।
00:35अबू, आज हमने प्लास्टिक बैग की वज़ा से एक मचली को मरते हुए देखा।
00:41हाँ, बेटा, ये एक बहुत बड़ा अल्मिया है।
00:45बैग्स आमारे जिन्दगियों में बहुत एहमियत रखते हैं।
00:48बहुत सारे समान को एक बैग में डाल कर उठाना आसान होता है।
00:52और प्लास्टिक बैग्स इसलिए ज़्यादा इस्तेमाल होते हैं क्योंकि वो सस्ते होते हैं।
00:57इतनी भी क्या जल्दी थी स्कूल में दाखिल होने की। किसी से रेस लगा रहे थे।
01:01जिन्दगी एक रेस है। अगर दोड़ोगे नहीं तो हार जाओगे। क्या समझे।
01:07वो तो ठीक है दोस्त लेकिन शायद तुम भूल गए कि जब जमीन पर पैर रखते हैं तो जमा के
01:13रखते हैं। फिर चाहे तोड़ो या अराम से चलो इससे गिरने का खत्रा कम हो जाता है।
01:19जीतने के लिए इतना रिस्तो लेना ही पड़ता है मेरे दोस्त।
01:22हाँ भी शेखू तुम ठीक कहते हो अब क्या इरादा है क्लासरूम में जाना भी है या नहीं।
01:28हाँ क्यों नहीं तो चलो।