00:00देखो, ये है वो तलवार, जिसके सामने दुश्मन का बादशा भी काँप उठेगा।
00:05हुजूर, तलवार वाकई बहुत शानदार है।
00:09ये, ये, ये तलवार आज कुछ ज्यादा ही भारी महसूस हो रही है।
00:16हुजूर, शायद तलवार नहीं, मसला कुछ और है।
00:19उठाओ! तुम तो सल्तनत के सबसे, सबसे ताकतवर सिपाही हो।
00:25हाँ! ताकतवर तो हूँ, मगर इतना भी नहीं।
00:30जो शख्स ये तलवार उठा कर दिखाएगा, उसे सौ सोने के सिक्गे इनाम में दिये जाएंगे।
00:35सौ सोने के सिक्गे?
00:41तुमने ये कैसे कर दिखाया
00:43हुजूर मैं रोज महल की भारी बाल्टियां उठाता हूँ
00:46ये तलवार तो फिर भी एक ही है
00:50तो फिर बताओ इस तलवार में इतनी ताकत कहां से आई
00:54हुजूर तलवार भारी नहीं है आपकी शान बहुत भारी है