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Ayat ul Kursi | آیت الکرسی — قرآنِ پاک کی عظیم آیت، جو اللہ تعالیٰ کی قدرت، عظمت، علم، بادشاہت اور حفاظت کو بیان کرتی ہے۔

اس ویڈیو میں آیت الکرسی کے پیغام، اس میں بیان ہونے والی اللہ تعالیٰ کی صفات اور اس کی اہمیت کو خوبصورت اور آسان انداز میں پیش کیا گیا ہے۔

آیت الکرسی ہمیں یاد دلاتی ہے کہ اللہ کے سوا کوئی معبود نہیں، وہ ہمیشہ زندہ اور سب کو قائم رکھنے والا ہے۔ وہ آسمانوں اور زمین کا مالک ہے اور اس کا علم ہر چیز کو محیط ہے۔

اگر آپ Ayat ul Kursi with Urdu meaning, قرآن کی آیات، اسلامی معلومات اور قرآنِ پاک کی خوبصورت تشریح پسند کرتے ہیں تو ویڈیو کو ضرور دیکھیں۔

🤲 اللہ تعالیٰ ہمیں قرآن کو سمجھنے، اس پر عمل کرنے اور اسے اپنی زندگی کا حصہ بنانے کی توفیق عطا فرمائے۔ آمین۔

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Transcript
00:00چلیے آج کے اس اکسپلینر میں سیدھا ان اثرار میں اترتے ہیں جو صدیوں سے مسلمانوں کے دلوں اور دماغوں
00:05کو متاثر کرتے آئے ہیں
00:06آج کے اس ایکڈیمک سبق میں ہم قرآن مجید کی سورہ البقرہ کی آیت نمبر دو سو پچپن یعنی آیت
00:12الکرسی کی روحانی اہمیت اور اس کی تاریخی گہرائیوں کا جائزہ لیں گے
00:16एक तालिब इल्म के तोर पर जब हम इन अल्कास पर गोर करते हैं
00:19तो ये सिर्फ चंद सदून का मजमुआ नहीं लगते
00:21बलकि ये एक अजीम काइनाती हकीकत का दर्वाजा खोलते हैं
00:24इस आयत में खालिक की कुदरत, उसकी बात्शाहत
00:27और उसके इल्म के ऐसे प्रोफाउंड असरार चुपे हैं
00:29जो इनसान को अल्टिमेट यक्सुई और स्पिरिच्वल स्टिलनस के बहुत करीब ले जाते हैं
00:33ये सिर्फ एक दुआ नहीं है, ये दरसल मुकमल काइनात का एक अजीम खुलासा है
00:37तो आज के इस नसाब में हमारी तवज्जह इन पांच एहम हिस्सों पर होगी
00:41आयतल कुरसी का तारीखी तारुफ, फिर हम उस पुरिसरार चोर के रास पर बात करेंगे
00:45उसके बाद कुरसी की माइन बेंडिंग काइनाती वस्सत को देखेंगे
00:48खालिक की सिफात को समझेंगे
00:50और आखर में इस आयत को मौडर्न जहनी दबाओ के रुछानी इलाज के तोर पर अपलाई करेंगे
00:54शुरुआत करते हैं अपने पहले से
00:56आईए देखते हैं कि क्लासिकल इस्लामिक स्कॉलर्शिप में आखर
00:59इस मखसूस आयत को कुरान की अजीम तरीन आयत क्यू माना जाता है
01:03मदीना के उस दौर का तस्वर करें जब इस आयत का नजूल हो रहा था
01:07अब्तिदाई इसलामी तारीख गवाही देती है
01:09कि इसकी एहमियत शुरु दिन से ही बिलकुल वाज़े थी
01:12एक बहुत ही मशूर वाकिया है जब अपने एक जलील अल्गदर सहाबी हज़रत अबई बिलकुल काफ से पूछा
01:20कि उनके मताबक कुरान की सबसे अजीम आयत कौन सी है
01:23उन्होंने जब गोरो फिकर के बाद आयत कुर्सी का नाम लिया
01:26तो नबी करीम ने उनके सीने पर हाथ मारा और उन्हें इस दुरुस्त दिल्म पर मुबारक बात दी
01:31मतलब एक्चुली सोची इस बात पर
01:33ये इस बात की तज़्दीक थी कि इस आयत में खुदा की वहदानियत और उसकी कामिल खुदरत का जो जामे
01:38बयान है
01:38वो वाकई इसे बाकी तमाम आयतों पर फौकियत देता है
01:42अब आते हैं अपने दूसरे हिस्से की तरफ एक बहुती दिल्चस्प तारीखी नेरिटिव जो इस आयत की प्रोटेक्टिव नीचर को
01:49वाज़े करता है
01:49इसे हम चोर का राज कह सकते हैं
01:52खर ये एक बहुती मुस्तनद और हैरत अंगेज तारीखी वाकिया है
01:56हजरत अबू हुरेरा को सदके के माल की निगरानी सौंपी गई थी
02:00पहली रात एक अजीब और पुर इसरार घुस बैठिया आया और माल चोरी करने लगा
02:05जब उसे रंगीन हाथों पकड़ा गया
02:07तो उसने भूक और मजबूरी का वास्ता दिया
02:09और उसे तरस खाकर छोड़ दिया गया
02:11अगली सुबा नभी सल्लालाहुताल आली वाली वासलम ने पहले ही बता दिया
02:15कि उसने जूट बोला है और वो फिर आएगा
02:18दूसरी रात बिलकुल वैसा ही हुआ
02:20लेकिन तीसरी रात जब उसे हत्मी तोर पर पकड़ लिया गया
02:24और क्लियर कर दिया गया कि अब कोई रियायत नहीं मिलेगी
02:27तो उसने बच निकलने के लिए एक अजीम रास बताने की पेशकश की
02:31और वो रास क्या था?
02:32यहां सबसे शौकिंग बात ये सामने आए
02:35कि वो घुजबेतिया दर असल कोई आम इनसानी चोर नहीं
02:38बलके खुद शेतान था
02:40उसने बताया कि जो शख्स रात को सोने से पहले आयतुल कुरसी पढ़ता है
02:44अल्ला उस पर सुबह तक एक मुहाफिस फरिश्टा मुकरर कर देता है
02:47और शेतान उसके करीब भी नहीं फटक सकता
02:50जब ये बात नभी सिरल्लाओ अलेशलम को बताई गई
02:52तो उन्होंने तस्दीग की
02:53कि अगर्चे वो शेतान बहुत बड़ा जूटा है
02:56पर इस मखसूस मामले में उसने बिल्कुल सच कहा है
02:59ये अर्ली हिस्ट्री की डॉकुमेंटेशन हमें बताती है
03:01कि कैसे ये आयत एक रोहानी ढाल का काम करती है
03:05यहां से हम तीसरे हिस्से में दाखिल होते हैं
03:07जमीन की इस तारीक से निकल कर
03:09आई एक कुरसी की काइनाती वसब पर गोर करते हैं
03:13कुरसी का थियूलोजिकल कॉंसेट आखिर है क्या
03:16देखिए आज की जदीद फलाकियात
03:19यानी मौडर्न अस्ट्रोनमी हमें हैरान कर देती है
03:21हमारी टेलिसकोप्स अर्बों सितारों
03:24और उन गिनत कहकेशाओं का मुशाइदा करती है
03:26हमारा जहन इस एस्ट्रोनमिकल स्केल को ठीक से प्रॉसेस भी नहीं कर पाता
03:31लेकिन खालिक की ताकत और उसके इल्म के सामने
03:34ये अर्बों कहकेशाएं और काइनात की अजीम वसत एबसलूटली मामूली है
03:39ये काइनात जितनी भी वसी नज़र आए
03:41इस आयत की रोशनी में ये बात क्लियर होती है
03:44कि खालिक इन सब पर पूरी तरह हावी है
03:46इसे क्लासिकल आधिस के एक बहुत ही रिलेटबल और पावरफुल मेटाफर से समझते हैं
03:52सातों आस्मान और जमीनों का मुकमल निजाम अल्ला की कुरसी के सामने बस ऐसा है
03:57जैसे एक बहुत बड़े वसी औरीज सहरा में एक छोटी सी लोहे की अंगूटी फेक दी गई है
04:02Just pause and think about that scale
04:04हमारी पूरी काबले मुशाहदा काइनात उस बड़े सहरा में उस मामूली सी अंगूटी की तरह है
04:10ये तखयल हमारे जहन में अपने रब की अजीम उश्शान बादशाहत का जो कौस्मिक नक्षा खीचता है वो वाकी माइंड
04:16ब्रोइंग है
04:17चौता हिस्सा
04:18इस अजीम काइनात के खालिक की सिफात क्या है
04:21आईए इस वर्ष में मुझूद खुदा के दो अजीम नामों का तज्जिया करते हैं
04:25आयत अलकुर्सी में खालिक की दो बहुती बन्यादी सिफात बेयान हुई है
04:29अल्हाय यानि हमेशा जिन्दा रहने वाला
04:32और अल्कयूम यानि हर चीज़ को काइम रखने और संभालने वाला
04:36हम इस बात पर फोकस करते हैं कि उस खालिक को ना उंग आती है ना नीन्द
04:40हमारी सांसे चल रही हैं
04:42यूमन हार्टबीट से लेकर अंगिनत सितारों के और्बिट्स तक
04:45ये सब अल्ला की सिफ्थ अल्कयूम का प्रैक्टिकल नतीजा है
04:49वो पूरी काइनात के इस नाजब तवाजन को बगएर किसी थकावट के एफटलेसली चला रहा है
04:54और जब हम Early Classical Scholars के Insights देखते हैं
04:57तो इमाम अबन अरबी और इमाम घजाली जैसी अजीम शक्सियातों का इस बात पर मकमल इतिफाक है
05:03कि इन सिफात को समझना सिर्फ जबान का काम नहीं है
05:06इमाम अबन अरबी समझाते हैं कि ये सिर्फ अलफाज नहीं
05:09بلکہ روحانی recognition کی گہرائی کا نام ہے
05:12وہیں امام غزالی فرماتے ہیں
05:14کہ جب اندرونی پاکی اور اخلاص ہوتا ہے
05:16تب یہ نام انسان کے دل کو transform کر دیتے ہیں
05:19ان صفات پر deep reflection
05:21ہمارے ethical daily living کو shape کرتا ہے
05:24اور ہمارے روئیوں کو بہتر بناتا ہے
05:26آخر میں پانچویں حصہ
05:28ہم ان theological concepts to modern ذہنی دباؤ
05:32اور دنیا کی بیچینیوں کو ختم کرنے کے لیے
05:34کیسے استعمال کر سکتے ہیں
05:36دیکھئے آج کی تیز ترجندگی میں
05:38modern stress کا روحانی حل ہمیں یہاں سے ملتا ہے
05:42اس آیت پر مبنی ایک seven day reflection plan
05:44try کیا جا سکتا ہے
05:45ایک تو ہر فرض نماز کے بعد اسے پڑھنا
05:48کیونکہ روایت کے مطابق یہ عمل انسان اور جنت کے درمیان
05:51صرف موت کا فاصلہ چھوڑتا ہے
05:53دوسرا ہر رات سونے سے پہلے اس کا ورد کرنا
05:56ایک spiritual ڈھال بناتا ہے
05:57اور تیسرا جو سب سے اہم ہے
05:59اپنا توقل اور trust in چھوٹی چھوٹی دنیاوی طاقتوں سے ہٹا کر
06:03صرف اور صرف اس القیوم پر شفٹ کرنا
06:06یہ daily routines
06:07ذہن کو worldy fear سے آزاد کر کے
06:09ultimate stillness اور personal growth کی طرف لے جاتے ہیں
06:12اور اس سبق کو
06:14rap up کرتے ہوئے
06:15یہ ایک بہت ہی provocative سوال ہے
06:17جو ہم سب کو سوچنا چاہیے
06:18اگر ان ارموں کے ہکیشاؤں کا سسٹینر کبھی نہیں سوتا
06:21اور اس کی infinite نگرانی میں
06:23کائنات کا ہر ذرہ سیکیور ہے
06:25تو پھر ہم عام فانی پریشانیوں کو
06:27اپنے ذہن پر اتنا حاوی کیوں ہونے دے
06:29کہ ہماری راتوں کی نید ہی اڑ جائے
06:31یہ آخری سوال واقعی ہماری
06:33modern spiritual anxiety کا ایک profound جواب ہے
06:35آیت الکرسی کے اس message کو
06:37اپنے اندر اترنے دے
06:38اور اس کامل ذات پر بھروسہ کرنا سیکھیں
06:40جس نے literally اس پوری کائنات کو
06:42تھام رکھا ہے
06:43اس explainer میں ساتھ دینے کا بہت شکریہ

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