भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष में देश की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई पर जियोस्टेशनरी ऑर्बिट (Geostationary Orbit) में स्थापित यह अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट भारत के ठीक ऊपर एक 'स्थिर तीसरी आँख' की तरह काम करेगा।
आमतौर पर लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स 800-900 किमी पर चक्कर लगाते हुए आगे निकल जाते हैं, लेकिन यह सैटेलाइट पृथ्वी के घूर्णन की गति से पूरी तरह मैच करता है। नतीजा? यह 24 घंटे लगातार सिर्फ भारत पर ही नज़र रखेगा।
जंगल की आग, चक्रवात, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से लेकर सीमाओं की निगरानी तक—यह रियल-टाइम डेटा तुरंत NDRF, मौसम विभाग और सुरक्षा एजेंसियों को उपलब्ध कराएगा। जानिए इसरो के इस क्रांतिकारी मिशन की पूरी इनसाइड स्टोरी!