00:03आज प्रधान मंतरी नर्णा बोदी जी का जन्म दिन हैं हम सब उनकी लंबी आयू की कामना करते हैं और
00:10यहां तक जिन्दगी के बड़े होने का सवाल है मेरे साथियों तो हम मोजी जीने अपने व्यक्टित्व नर्टित्व और कर्टित्व
00:19से इसे हासिल करे ही लिया है
00:21और आज जिस यात्रा की सुरुआत हो रही है यह सिर्फ एक अस्थान से दूसरे अस्थान तक की यह यात्रा
00:27नहीं है बलकि मोजी जी की जन्म भूमी और कर्म भूमी से यह योडने की यात्रा है
00:36और साथियों एक और कासी है जहां से मोदी जी के सारजनिक जीवन को एक नई उर्जा मिली है और
00:44गंगा माता का आशिरवाद मिला है
00:46दूसरी और बड़नगर है जहां उन्हें पूजनी है धीरा बेनमा का आशिरवाद मिला और संसकारों की नियू भी वहीं उन्हें
00:57प्राप्त हुई है
00:59और इन दोनों जगों को जोडने का एक माध्यम चुना गया है वो है त्रिमेडी का जल
01:05जिस तरह त्रिमेडी में तीन धाराएं मिलकर सात्यों आप जानते हैं एक हो जाती हैं उसी तरह बड़नगर के संसकार
01:14ताशी का आसिरवाद और मोधी जी का सेवा का संकल्प यह एक धारा बन गया है
01:22और यही धारा भारत माता की सेवा के संकल्प को लगातार आगे बढ़ा रही है यानि यह भी कहा जा
01:29सकता है यह यात्रा संसकार साधना और सेवा की यह एक संगम यात्रा है
01:37पाटियो काशी से यह यात्रा प्रार्म हो रही है और यहां से जल जो ले जाया जा रहा है उसे
01:44वड़ नगर के हाट के स्थर महादियों का उससे जला भी सेग किया जाएगा और शी तरह गुजरात की पवित्र
01:51नडियों और सरमिष्ठा तालाब से जल लाकर बाबावी श्�
02:00दिब्यता गुजराज जा रही है यानि इस यात्रा में काशी की दिब्यता यह गुजराज जा रही है और गुजराज की
02:08आस्था काशी आ रही है इस यह इस यात्रा की सबसे वड़ी मिशेश्टा जाएगा अ
02:18झाल
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