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दुनिया की सबसे छोटी गायों का संसार, देखें अद्भुत अविश्वसनीय अकल्पनीय में
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00:05झाल झाल
00:30छोटी छोटी गई आपको और कहीं नहीं देखने के लिए मिलेगी
00:52यह बहुत प्रेम से आपके पास आते हैं
01:08सोफे पर गाये जूले पर गाये यह सारी चीज़ें आपको देखकर अध्भूत लगेंगी
01:13लेकिन इसी अध्भूत अविश्वस्निय अकल्पनिय दुनिया में हम आपको लेकर चल रहे हैं
01:19अगर मैं इनके बीच जाओं तो आप उस हाइट के डिफरेंस से आप समझ सकते हैं
01:24कि ये जो गाये हैं वो कितनी छोटी हैं
01:29पाच तरे के अलग-अलग आकार में आने वाले ये नाड़ी पती कैटल के नाम से मशूर है
01:35दुनिया में इतना छोटी गाये आपको और कहीं नहीं देखने के लिए मिलेगी
01:39जो आज हम आपको यहाँ पर हैदराबाद के नजदीक दिखाने वाले हैं
01:46आंद्रप्रदेश में इसकी सोच विक्सित हुई और उसके बाद से ये देश के कोने-कोने में लोगों तक जा रही
01:53है
01:54क्या खासियत है इसकी कैसे अलग है और वो सोच जो प्राचीन परंपरा कहते हैं न कि गाये घर के
02:02भीतर घर के आंगन में रहे
02:03और जो कुत्ता है वो रक्षा के लिए घर से बाहर लेकिन घरों का आकार छोटा होता गया कुत्ते अंदर
02:10आए गाये बाहर गई और उस सब को बदलने के लिए एक व्यक्ति की सोच का आज ये अदभुत और
02:18विश्वस्निय और कल्पनिय द्रिश्य है जो हम आपको दिखान
02:22दिखाने वाले अगश्य है अगर तो दोद में गाये अगरे अगरे अगरे अगरे अगरे चैन्य है पांच्वी मन्जिल की डालकनी
02:42में गाये
02:45सोफे पर गाये
02:49ड्रॉइंग रूम के अंदर गाये
02:54बच्चों की दोस्त गए, कुट्टे की साथी गए, मैया की लादली गए, भाईया की दुलारी गए
03:06चौकिय मत जो आप देख रहे हैं वो कोई जादू नहीं ना आखों का धोखा है, कोई विज्वल इफेक्ट भी
03:15नहीं है
03:15न ये गए खिलोना है, न ये गए रोबोट है, न ये गए कलपना है, ये असली गए है, दुनिया
03:22की सबसे अदभुत और विश्वस्निय और कलपनिय गए
03:32एक हाथ गए के माथे पर जाता है तो सदियों की भावनाओं का समुन्दर डोल उठता है
03:37क्योंकि मान्यताओं के अनुसार भगवान क्रिश्ण ने जब गोवर्धन परवत उठा कर इंद्र का एहंकार तोड़ा
03:43तो कहते हैं काम देनू गाय नहीं उनका अभिशेक करके गोपाल से गोविंद बना दिया
03:49गोविंद जिसका अर्थ होता है गायों का रक्षक
03:53कहा जाता है कि जब राम जी वन को गए तो हजार गाये दान करके गए जब लंका से लोटे
04:00तो राज्जी की सम्रिद्धी के लिए फिर एक लाग गाये दान की
04:08है एदराबाद में एक नाड़ी वो सोद संस्थान है गाये के उपर उन्होंने वो गाये के उपर एक एनिमल रिसर्च
04:15किया और आप देखते हुए कि छोटी नसलों की गाये आजकल विक्सित हुई है जिनकी हाइट जो है वो दो
04:20ढ़ाई फिट तक की गायों का जो है वो नि
04:33तो छोटा है लेकिन उसकी कहानी बहुत बड़ी है आज हम आपको दुनिया की सबसे चोटी गाये के नाम से
04:42मश्यूर नाड़ी पती गाये दिखाएंगे
04:45कि खुले खेतों में ही नहीं ड्रॉइंग रूम के सोफे पर बैठने वाली गाये से मिलवाएंगे
04:52अगर क्यूं ये गाये विक्सित की गई वो भी बताएंगे दोस्ती करने वाली गाये ही नहीं शान्त और प्यारे सांड
05:00से भी मिलवाएंगे
05:01तो तयार हो जाईए इस अगभुत और विश्वस्निय और कल्पनिया दुनिया में हमारे साथ चलने के लिए
05:11इन गायों की सबसे खास बात आपको ये दिखेगी कि ये बहुत प्रेम से आपके पास आते हैं
05:18मतलब यहाँ पर मैं बैठी हुई हूँ आराम से आ रहे हैं आपके साथ खेलना चाह रहे हैं कुछ इन
05:26में सुस्ता भी रहे हैं
05:28लेकिन आप इसको देखकर ये समझ सकते हैं कि एक छोटे एरिया में यानि कि आज कल जब शहरों में
05:34बहुत ज़्यादा जगें नहीं होती है रहने के लिए छोटे फ्लाट्स होते हैं
05:38वहाँ पर अगर एक छोटी सी गाए रहे तो आपकी किसी भी और पालतू से शायद कम जगे लेकर आपके
05:48घर में आपके परिवार का हिस्सा बनी रह सकती है
05:51तो ये आराम से जिस तरीके से मेरे साथ आ रहे हैं मेरे से खेलने आ रहे हैं नमें से
05:56कोई बुल भी है कोई सांड भी है कोई गाए भी है लेकिन आराम से सब किसी में कोई आक्रामक्ता
06:03नहीं है कोई अग्रेशन नहीं है प्रेम से बहुत प्यार से थोड़ी उत्सुकता से �
06:09कि यह आपको घेरे रहते हैं हमेशा है कि या के जमाले में जब तक खुद की आँखों से न
06:20देख लेंगा तब तक विश्वास करना मुश्किल होता है हमने सुना कि डॉक्टर कृष्णम राजू नाम के एक व्यक्ति ने
06:28आंद्र प्रिदेश में दुनिया की सबसे छोटी गा
06:36में है लेकिन हैदराबाद के पास विकाराबाद में एक गौश आला है
06:43अब कव का शेल्टर गटाल जिसको कहते हैं हम अन इसमें हम अबूट 3000 कौउस का अधर जगह है अच्छा
06:543,000 कौउस अभी आपका एक जो में जगह है
07:13तो हम पहुंच गए वहाँ, देखा तो एक नहीं, छोटी-छोटी अनेकों गाए थी
07:26क्या ये प्राक्रिति ग्रूप से छोटी है, या फिरेले असा बनाया गया है, अगर बनाया गया है, तो कैसे, सबसे
07:35पहले तो यही सवाल मन गया है
07:39कैसे ये आपने डिवेलप किया इसको
07:47असल में मेरी पहली रिसर्च नाडी के बारे में थी और दूसरी इंसानों की लंबाई बढ़ने के बारे में
07:55मेरा कॉंसेप्ट ये है कि प्राचीन समय में इंसानों की लंबाई कम से कम 10 से 12 फेट हुआ करती
08:02थी
08:03मेरा मानना है कि अगर भारत में कोई ऐसा खिलाडी हो जिसकी लंबाई कम से कम 10 फेट हो तो
08:10वह निश्चित रूप से ओलंपिक में मेडल जीत सकता है
08:13इसी पर रिसर्च चल रही है पीढ़ी दर पीढ़ी लंबाई में आये बदलावों पर
08:18इसलिए मैंने कुटों या बिल्लियों के बजाए उंगोल गायों पर रिसर्च करने का फैसला किया और उन्हें पालना शुरू किया
08:27एक दो साल बाग लोगों ने कहा कि ये गाएं बीफ के लिए अच्छी हैं और इनका वजन ज्यादा बढ़ता
08:33है
08:33मैंने सोचा कि इससे नुकसान हो सकता है इसलिए मैंने इसे उलटने और गायों को बचाने का तरीका अपनाया
08:41मैंने नाडि पति पद्धती का इस्तेमाल करके ग्रोथ हार्मोंस को नियंतरित करने की तकनीक अपनाई
08:49इसके लिए मैंने छोटी गायों को चुना
08:53उस समय पंगनूर जैसी कई देसी नसलें मौजूद थी
08:58मैंने पांच एफीट की गायों की लंबाई को धीरे-धीरे कम करते हुए उनमें बदलाव किया
09:14दिल्चस्प सोच थी
09:16पहले हर बड़े होते थे तो गाये आंगन में पाली जाती थी
09:20कुट्टे बाहर पहरेदारी कर रहे होते थे
09:24समय के साथ घर छोटे हुए गाये घर से बाहर हो गई और कुट्टा घर के अंदर आ गया
09:30डॉक्टर राजू ने फिर से गायों को घर के अंदर लामी की सोच पर काम किया
09:36ताकि घरों के अंदर उन्हें आराम से पाला जा सके उनका मानना था कि पुराने भारत में या 60-70
09:49के दशक तक हर घर में गाय पाली जाती थी
09:57लेकिन शहरी करण और जगा की कमी के कारण अब कोई घर में गाय नहीं रखता अब हर कोई कुत्ते
10:04पालने लगा है कुत्तों ने गाय की जगा ले ली है और वे घर के अंदर रहने लगे हैं
10:22और क्या सच्मुच यह संभव है क्या सच में घर के अंदर इन्हें पाना जा सकता है खासकर फ्लाक्स में
10:31हम यह बताया गया की PMCM समें बड़े-बड़े लोग नाड़ी पती गाय पाल रहे हैं
10:54मैंपाल आजकर कίν सच्व
10:56के � Kirb прив告
10:58सब के पास नाड़ी पती फिंड़ी बड़े बड़े बड़े के बड़े बिजनश करो survived
11:03वाप लोगों का यह लख्ष है कि घरघर तक पहुंचाए है
11:10इस नाडीपति कोउचा नाव इन जन्मो काश्मिर और अगरतला
11:15अच्छा ?
11:16त्रिकुरा
11:17अच्छा
11:17अच्छा
11:18तो इस इन आपर आप आप आप आप आप आप इंडिया
11:32पर क्या सामान्य लोग जो फ्लाट में रहते हैं, वो भी ये गाये पाल सकते हैं?
11:37कहा गया हाँ, लेकिन मन में संच है, सोचा वहीं जाकर देखेंगे, लेकिन उससे पहले इन गायों की पूरी कहानी
11:46तो समझ ले
11:53जब एक नाड़ी पती गाये का बच्छडा होता है, तो उसे आप अपनी दो हथेलियों में समा सकते हैं
11:59जब इनका आकार इतना छोटा तो वो छोटा सा बच्छडा गाये का, लेकिन बहुत सारी चीजें जो इनके जीवन की
12:06होती हैं, जैसे कितने सालों तक इनकी आयू होती है, कितना खाते हैं, कितने समय सोते हैं, ये सारी चीजें
12:15जानना भी बहुत दिल्चस्प है
12:20बेबी कितना बड़ा होता है?
12:22बेबी 6 इंचेस
12:236 इंचेस?
12:24वोलने 6 इंचेस
12:25हैंड पे आजाएगा
12:26बोथ हैंज में आजाएगा
12:27बोथ हैंज पे आजाएगा ऐसे
12:29और उसको अपने पेरों पर खड़ा होने में कितना हफता लगता है?
12:32हफता नहीं तीन-चार दिन में तीन-चार दिन में खड़ा हो जाएगा
12:36अच्छा उसके के लिए अलग जगह है?
12:38मा के साथ रख देते हैं
12:40कीमल तो उसका दूद पीना है न मा का तो उसके पास धीर-धीर पूरा नाचुरल ही चलेगा?
13:01आ विश्वस्निया तो पूरी बड़ी होकर ये कितनी बड़ी होती है?
13:07मतलब सबसे छोटी यस्ट गाय कितनी बड़ी?
13:11ये मिनियेचर गाय है जो 28 इंचिस की है ये 14 इंचिस की है ये नानू है
13:23और पुंगनूर गाय से लेकर और ये जो नानू गाय है
13:30इस तक पांच जो अलग-अलग श्रेणिया है वो इन गायों की होती है
13:35इनकी हाइट के हिसाब से
14:05छोटे-छोटे पैरों से चलती ननी-ननी गाय
14:08बगल में खड़ी मैं और मेरे घुटने से भी नीचे खड़ी गायों की पूरी फॉज
14:16ये बच्छडे नहीं है ये गाय है
14:20यानी उम्र के हिसाब से व्यस्क हो चुकी गाय
14:30ननी टांगे ननना शरीद
14:32लेकिन दावा ऐसा जिसे सुनकर आप भी कहेंगे अध्भुत और विश्वस्निय और कल्पनिय
14:37क्या सचमुच गाय इतनी छोटी हो सकती है
14:45आंध्य प्रदेश में ऐसी गायों की प्रजाती ने लोगों की कल्पना को चुनौती दे
14:52यहाँ गायों को नाम दिया गया मिनी, माइक्रो मिनी और नैनो पुंगनूर गाय
15:03एक गाय को देखकर आपको लगेगा कि अरे इतनी छोटी गाय
15:06तब तक आपको इससे भी थोड़ी छोटी गाय देख जाएंगी
15:12वाकई यह अदुभूत है अविश्वस निये है और अकल्प निये भी
15:18कितना टोटल साइज हो गया?
15:20टोटल फाइव फिर से एक बार?
15:23पंगनूर चे पंगनूर?
15:243-5 फीट है त्री तू फाइव फीट मिनियेचर बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5 फीट
15:33पंगनूर बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5
15:39फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5
15:56फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5 फीट बिलो 2.5
16:01फीट बिलो 2.5 फीट बिल
16:01जिसे देखकर पहली नजर में ऐसा लगे कि अभी पैदा हुई हो लेकिन ये बच्छडा नहीं गाय है और अगर
16:10आपको लग रहा है कि ये कितनी छोटी गाय है तो जरा सा ठेहरिए इसमें भी दो लेवल छोटी गायों
16:18को हम आपको दिखाएंगे
16:27भारत में गायों की 50 देशी नसले हैं हर एक नसल की अपनी एक अलग पहचान और खासियत हैं इसी
16:36में से एक नसल है पुंगुनूर जो अब देश में विलुप्त होती जा रही है पुंगुनूर नसल का संरक्षन कृष्णम
16:42राजु कर रहे है
16:53यह पूरा क्षेतर आपको अध्भुत लगता है जब आप इस तरीके से घास चरती हुई यह चोटी चोटी प्यारी प्यारी
17:01गायों को देखते हैं लेकिन एक बहुत सुन्दर कहानी है इसके पीछे कि आखिर नाडी पती कैकल को क्यूं विक्सित
17:09किया गया क्या सोच रही इ
17:12इसकी एक सामान्य गाय की हाइट कंदे तक करीब 130 cm या 4.3 फीट होती है लेकिन हमारे सामने
17:27जो गाय थी वो केवल 70 cm या 2.3 फीट की
17:34यादि एक सामान्य गाय से 2 फीट छोटी यानि लगभग एक बकरी के बराबर
17:41प्राक्टिकल चीज मैं आपसे पूछती हूँ जैसे कुते होते हैं उसको घुमाने ले जाते हैं तो वहां पर वो जाके
17:47जो भी उसको अपना टॉलिट करना है वो करता है पर गया के साथ एक अपार्टमेंट में कोई कैसे रहेगा
17:53यह अपार्टमेंट के अंदर इसको भी �
17:56दीरे दीरे बहार, यह भी आदत भन जाएगा, जो ट्रेनिंग करते हैं, गाय की भी ट्रेनिंग हो सकती है, जैसा
18:02हम यानिमल से बात करना चाहते हैं, वो भी हमारे जैसा फ्रेंडली हो जाता, उसका दुख तगलिफ तुमारे को बोलने
18:07के लिए जब से आ रहा है, अच्छा, �
18:11यह बहुत देर से कुछ तो बोलने आ रही है, यह आपके रहें प्रेगनिंट है, प्रेगनिट का है, कितने
18:16मंने का प्रेगनिट है, कितने टाइम तक प्रेगनिट है, यहां आता है वो सबाल कि अगर प्रकृटी ने छोटी गाय
18:34दी है, तो क्या इस दो दशवल시त
18:36तीन फीट की गाये का कोई मिनियेचर वर्जिन भी पैदा किया जा सकता है।
18:40यानि इसका आकार और छोटा किया जा सकता है।
18:45प्रिश्णम राजू ने इन गायों को हाइट के हिसाब से अलग-अलग श्रिणियों में बताया।
18:50मिनियेचर यानि दो से धाई फीट तक,
19:06तीर गाये जो लगभग 130 cm या 4.3 फीट उची।
19:14रेड कांधारी गाये जो 128 cm या 4.2 फीट उची।
19:24कासर गोट ड्वाफ गाये लगभग 96 cm या 3.1 फीट।
19:31वेचूर गाये लगभग 87 cm या 2.8 फीट।
19:41पुंगुनूर मिनियेचर गाये लगभग 70-90 cm या 2.3-3 फीट।
19:50पुंगुनूर माइक्रो मिनियेचर गाये लगभग 1-2 फीट।
19:57पुंगुनूर नैनो गाये लगभग 1 फीट या उससे भी कबूरे समय यहां पर देखिए
20:14फीट।
20:24फीट।
20:50प्राचीन भारतिय चिकित्सा पद्धिती है जिसमें पारंपरिक उपचार पद्धितियों का उप्योग किया जाता
20:56दावा है कि ये पारंपरिक प्रणाली 60,000 वर्ष पुरानी है और इसमें बीमारियों का पता नाड़ी देख कर किया
21:03जाता है
21:04हमारा इंडियन ट्रेडिशन में पहले हमको आदमी का उपर चिकित्सा करते हुए हमको इलाज करते थे
21:14इसको अभी भी केरला में मर्मा बुलता है उससे पहले ये नाड़ी का परिक्षा करके आदमी का प्रोब्लम क्या है
21:24वो आइडेंटिफे करके इसको आके हमको ये कही कही जगा में
21:30हमारे शरीर में 14 मेरिडियन उर्जा मार्ग होते हैं और इन मेरिडियन पर इलाज किया जाता है
21:37हमारी पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में ऐसी कई थेरेपी हैं जिनमें बिना दवा के इलाज किया जा सकता है और बिना
21:44किसी साइड इफेक्ट के किसी भी बीमारी को ठीक किया जा सकता है
21:48उन्होंने इस चिकित्सा प्रणाली को नाड़ी पैथी के तौर पर रजिस्टर कराया और इलाज शुरू किया
21:58क्रिश्णम राजू का दावा है कि छोटी गायों को ये रूप देने के लिए उन्होंने इसी चिकित्सिय पदती का प्रमुखता
22:06से उप्योग किया है
22:09इसकी जीन्स नहीं बदले हैं पग्नूर गाये असल में चित्तोर जिली की जो गाएं हैं वहाँ से आई हैं जो
22:19कि आंधरा का जिला है
22:21और आंधरा प्रदेश में ये किस तरह से आई क्योंकि वहाँ पे सुखा था पहाड़ी इलाका था खाने के लिए
22:29कम था तो ऐसी गायों का सेलेक्शन किया गया जो कि थोड़े कम पानी में कम खाने में और उनकी
22:38हाइट कम थी तो ये सेलेक्शन का प्रोसेस ओवर दा इयर्स
22:42हुआ तो हमारे पास जो सतर से असी सेंटिमीटर की जो गाएं है पगनूर वो आई इनमें कोई जेनेटिक मोडिफिकेशन
22:51नहीं है नाचरल प्रोसेस ओफ सेलेक्शन है
22:56मैं ये बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूँ कि उनके शरीर में कोई बदलाव या परिवर्तन नहीं किया गया है
23:02समाज में जो गाएं होती हैं ये वही गाएं हैं बस इनका आकार छोटा कर दिया गया है इनमें और
23:09कोई बदलाव नहीं
23:10ये टोटली नाचुरल से पैदा हुए है कोई इसे इंजेक्शन करके कोई इंजेक्ट करके इसको ऐसा पैदा नहीं किया
23:17बर अगर सामान ये गाए से कई गुना चूटी ये गाए है तो ये कितना खाती है और कितना दूद
23:23देती है
23:27अगर नाडी पती काय काव काव मिल्क आप और किसी से तोलना नहीं कर सकता है क्यूंकि इसमें थैटी कंटेंट्स
23:34है बहुत ज़्यादा है अच्छा बदिशा आपने सादान मिल्क में आपको 3-percent होगा तो इसमें 8-10-10-percent
23:42content ज़्यादा होता है
23:43तो नूट्रिशन ज़्यादा हुआ यह लड़ी पती काव का अच्छा मिल्क का नूट्रिशन ज़्यादा हुआ होता है अच्छा अच्छा और
23:55इसका वो बन्यों कंटेंट्ट्ट्स ता जो उनके दूद में जो फैट का
24:10कंटेंट था वो मोर देन 8-percent था जो बाकी जगा पर नहीं मिलता है बाकी किसी गाए में मुश्किल
24:16से मिलता है
24:18सामाने गय के दूद में करी 3% fat होता है जबकि दावा किया जा रहा है कि इस गय
24:24के दूद में fat लगभग 12% तक होता है
24:27तो फिर क्या इसके दूद की कीमत भी आम गाय के दूद जितनी है
24:32कितना निटर दूदध देते हैं?
25:01से एक केजी घी बनेगा और एक केजी घी कितने का है?
25:0460,000 रुपीज से, 60,000 रुपीज और बाकी घी का क्या कॉस्ट है अजकल मार्केट में?
25:091,000 रुपीया है, 2,000 रुपीया है, जो सबसे अच्छा एक टू घी होता है.
25:28हमें बताया गया कि एक अकेली गाए नहीं, आप जोड़ा ही खरीज सकते हैं.
25:36कमाल की गाए हैं ये, और अधुत हैं इनकी छोटी सी दुनिया, इनने तो देखकर ही इतनी शांती मिल रही
25:43है.
25:44पर रुकिये, इनसे जादू की जप्पी भी मिलती है.
26:07लेकिन इन गायों के साथ भी ये बताया जा रहा है कि आप कडल थेरपी कर सकते हैं.
26:12आप इनको कडल करके, आप इनको गले लगा कर और वो सुकून, वो चैन महसूस कर सकते हैं.
26:20गायों को सांस्कृतिक रूप से, हमारे देश में पारंपरिक रूप से, एक ऐसा जीव माना गया है, जो आपके जीवन
26:32में बहुत शांती, बहुत सुकून लेकर आता है.
26:36और जब यह नंधे नंधे प्यारे प्यारे गौम आताएं होती हैं, तो फिर उसकी बात ही अलग होती है.
27:10यह बात तो प्राचीन समय से स्थापित है, इस थापित है.
27:14इंसानों और गायों का रिष्टा ही अद्बुत होता है.
27:17वैसे भी किसी को स्वभाव से सीधा कहना हो, तो उसे गाय कह दिया जाता है.
27:24तो यह सीधी सरल गाय साथ बैटने भड़ से असीम शांती का अनुभव देती है, शांत भाव से अपना स्नेह
27:32प्रकट करती है.
27:34यह कडल थेरपी लिखा हुए, क्या है कडल थेरपी?
27:39हग थेरपी.
27:41जैसा इंसान मुहबत करता है, जो हग तेरपी करने से उसको एक एनरजी पास होगा अपने जिसम के आज़ा.
27:52अच्छा, जादू की जप्पी जिसको कहता है, सच कहें तो इस जगे से मन ही नहीं भर रहा था, लेकिन
28:01कहानी का दूसरा सिरह पकड़ने के लिए हमें आगे भी तो जाना था, हमने एक ऐसे व्यक्ति का पता लिया,
28:08जो हैद्राबाज शहर में रहते थे और उन्होंने ये ग
28:20तो हमने वहाँ पर गौशाला में सुना कि कई लोगों ने इसे खरीदा है नाड़ी पती गाए को, यहाँ पर
28:27हैदराबाद हम पहुंचे हैं, यहाँ विनोच जी का घर है, नवस्ते, कैसे हैं, आपने नाड़ी पती कैटल्स में से आपने
28:33कितनी गाए ली हैं? अभी तक प�
28:57आपके पास यह डॉग है और सात में गाए को रखने से कोई दिक्कत नहीं होती है
29:02आपको रखना, यह सात में खेलते हैं
29:04खेलता हैंगे?
29:12पांच मंजल सेडियां चड़कर हम अपार्टमेंट के भीतर पहुंचे और हमने जो वहाँ देखा वह अद्भूत भी था और विश्वसनिय
29:20अभी और और कल्पनिय अभी
29:31चोटी चोटी गायें घर में घूम रही थी जहां चाहें बैट रही थी बच्चों से कुल कर खेल रही थी
29:40घर के लोगों से तो छोड़िये पेक डॉग से भी उनकी खूप दोस्ती थी या आखें बंद कर बस इतना
29:47सूचिये कि पांचवी मन्जिल पर एक अपार्टमेंट में गायें आराम से रह रहे हुई
29:53कल्पना कर पाना मुश्किल है लेकिन यही तो अद्भूत है
29:56है इतना सजा कि आप रखते हैं आपको क्या आपके मन के बहुत परीब है बहुत बदो गाई बहुत प्यारी
30:05लगति हैं को तो इसको इसे गोव माता एचिंए तो फिल सजा भी होना चाहिए माकी तरह और आपका क्यूं
30:14इतना भावनातमत जुडाओ ऑंड चिले असे तो में
30:18पशो प्रेमियू, हार टेप के जानवर मुझे पसंदे। एक टैम पर हम अब के घर में गाई हुआ करती थी,
30:25आजका शेहर मागे, गाई पालना बुत मिश्किल हो गया। पर डॉक्टर किश्वराजू ने नया ब्रीड बनाया, नाडी पती नाओ, अब
30:33इनको अपन गर में आ
30:48होटाएं वाई गाई मैश्क का बेश्वराज के सब्सक्राण को और स्क्टराण का स्गा प्रेमियू, वह अपनाटी आप भूक्त हैं 2
31:03सांध यह जाना, अब इसरह में आपने डालाएं, तो वह जो सांड यह उसका बच्चे का मुझे जारा हैं, अबहें
31:12क्या रिस्ता ढ़
31:19तो यह को अपना इसुरे स्बूट करते हैं, इस तो म शुंट कर दिया, को ऊछे हो लो हो, पिसाल
31:24नहीं थो अग।
31:27इसके लिए शॉप्त हना हो, तो यह थे लेहां लिए यह जाएगा, ज़ भी बाना है?
31:58गरवालों ने कहा कि इन गायों को पालना बहुत आसान है
32:01थोड़ी से खुराग जो आसानी से मिल जाती है
32:07क्या खिलाते हैं अभी तो फिलाल यह तो दूदर गास शुरू कर रही है वो गासी खाती है मकी की
32:15जवारी की हो गई हम चत पे उगाते हैं इसके लिए छारा भी
32:22और यह क्या पाइल हमेशा से पहना ही इसको हाँ जब इसका एक जब इसका फंड एमांट हुआ एक कट
32:29हुआ तो हम लोग ने सोचा कि इसका पैसे इस पे खर्च करना चाहिए
32:34हाँ फ्लाक में अगर टाइल्स लगी हूँ तो फिसलन से बचाने के लिए इन गायों को ऐसे स्पेशल जूते पहनाए
32:41गए थे
32:43तो यह जूते भी पहना है जूते पहना है जूते ताकि गर में इसलिपना हो जाए टाइल्स पर एक हल्की
32:50है तो यह बैलन्स कर लेती है वह बैलस्ते कर पाती वजन बढ़ गया उसका तो भी कंट्रोल में रखना
32:58पटा था दर तो पहीं चोटोट लग जाएगी तर आप अ�
33:15इससे आराम सी सोफी पर बैथते हैं यह सब कुछ भी यह तो अपि गर में कहें भी गुम सकती
33:19है हम इसको नहीं बेटा तक एक नीचे गिर प्रणा जाहे आप लुक सब का भी मन लगा रहता है
33:25इंसे बहुत अच्छा मुल अच्छा मं लगा है इंसे सब को पसंद बहुत सब
33:31तो ख्याल भी रखती है, देखरेक भी करती है
33:33गर की पेली रोटी गाय कोई जाती है
33:35और स्कूल जाने से पहले
33:37गौंबात को पड़ाम करके जाती है
33:39मेरी बाई की बेटी
33:41अच्छा लगता है इंसे खेलना
33:43ऐसे इधर अखे
33:46तुमारी बात सुनती है?
33:49अच्छा लगता है
33:50हाँ? बोल के तो बताओ
33:52तो उसकी बात बोलने आती है?
33:54उसकी भाशा बोलने आती है?
33:56क्यां?
33:56कैसे बोलती है वो?
33:59लंद कें बोले?
34:01कें बोलावत लंदो?
34:02अम्मा
34:08अब्या
34:09हिंदू संस्कृति में आज भी करोणों लोग
34:11पहली रोटी गाय के लिए निकालते हैं
34:14जब गाय के प्रति श्रद्धा का भाव इतना मजबूत हो
34:17तब गाय का हर रूप
34:19मा को प्रणाम स्वरूभी हो जाता है
34:24आकार छोटा हो जाने पर भी
34:25हैं तो वो गोमाता ही
34:34सनातन मान्यताओं में गाय का धार्मिक महत्व अत्या धेख़े
34:37और गाय को पूजनीय बताये गया
34:40वेद, उपनिशद, कुरान हर जगे गाय के महत्व को बताया गया
34:46सकंद पुराण में गाय को इश्वर का उपहार बताया गया
34:50विश्णु पुराण में गाय की सेवा को मोक्ष का मार्ग कहा गया है
34:58रिग वेद में गाय को अधन्य कहा गया है
35:01जिसका अर्थ होता है जिसका वद नहीं किया जाए
35:04क्योंकि गाय को सकरात्मक उर्जा का भंडार कहा गया है
35:07जिसके पास रहने से सात्विक गुणों का विकास होता है
35:11अथर्व वेद में गाय को सौभाग्यकारी कहा गया है
35:14साथ ही गौ सिवा का उलेख मनुष्य की सम्रिद्धी और खुशियों के कारक के तौर पर किया गया है
35:25पौराणिक काल की मान्यताओं में कहा गया है कि द्वापर में भगवान कृष्ण ने गोपालन किया तो गोपाल कहला है
35:31राजा दिलिप से लेकर भगवान श्री राम तक एक्छवाकू वंश की मान्यता ही गोव प्रतिपालक वंश की पढ़ गई
35:38जब हर काल खंड में इस वंश के राजाओं ने गायों की रक्षा की
35:50समुद्र मंधन से जो चोड़ा रत्न निकले थे कहा जाता है उन्य से एक रत्न कामधेनू गाय ही थी
35:55कामधेनू गाय की सेवा का भार विश्यों ने ग्रहन किया गाय के दूद घी से यग्य पूजा की विधियां संपन्न
36:02की धार्मिक मान्यताओं की अनुसार गाय में 33 कोटी देवी देवताओं का वास होता है
36:10इसके अलावा गाय से मिलने वाला दूद घी वगेरा सामान्य भारतिय जन जीवन का आर्थिक आधार हुआ करता था
36:17गाय ने पोशन दिया ममता दी सम्रद्धी दी तो गाय सनातन संस्क्रती में आस्था का प्रतीक हो गए और दर्जा
36:25मिला मा का
36:29गाय का दूद, दूद से बना दही, घी, गोबर, गोमूत्र इन्हें पंच गव्य कहा जाता है जो प्राकृतिक उप्चार के
36:36लिए उप्यूप्त माने गए
36:37कि आईरवेद में पंच गव्य चिकिस्था या जो पंच गव्य आधारी द्रव्य हैं उनका सधियों से पहले से प्राचीन काल
36:46से ही हमारी संहिताओं में चरक शुष्षूत संहिताओं में इनके बहुत सारे योगों का वर्णन है
36:51पंच गव्य जो है वो अन चीजू से गाय के ही पांच प्रोडर्क्ट्ट से मिलके बना होता है जिसमें गाय
36:57का दूढ दही है घृत है गोमूत्र है और गोर्बर का रस उनकालते हैं उन चीजकों से मिला करके यह
37:06पंच गव्य है
37:07और हमारे इसको अम्रित के समान माना गया है और इनसे जो सिद्ध उसदियां बनाई जाती है वो बहुत सारे
37:17मानसिक विकारों में प्रियोग है उनका पंचिगव्य घृत का प्रियोग है जो मानस विकारों की बहुत अच्छे उसदी बताएगी हमारे
37:24यहां अईरवेद में
37:24इसका गोबर और मुट्र से, आपका अटीबियोटिक, बाक्टिरियल, यह उन्ही है आपका और आपका यह घल्फूल वर फैमली, लाइक डिक
37:35अएशेशा नहीं
37:35जो हमको कीट है, वो कीट को नाश करेगा
37:39गोबर से आपको हर दिन आपने ये, if you do home, like घर पे समस्कार करेगा तो उसका वो गोबर
37:48से, that creates, that if you mix with घी and that गोबर का, it gives a very good environment that
37:56वो जो oxygen भी आता है उससे.
37:59गोबर सेवा और गोशाला में सेवा का कॉंसेप्ट हजारों वर्ष पुराना है, जहां लोग गायों की सेवा करते हैं, जिसमें
38:06वो गायों को चारा खिलाते हैं, इससे लोग आध्यात्मिक और बानसिक शान्ति का अनुभव करते हैं.
38:18अपने संस्कारों में जने हम मा कहते हैं, अपनी परंपरा में जिनकी पूजा करते रहे, कभी गौमाता के रूप में,
38:24कभी नंदी महराज के रूप में, उनका ये रूप देखकर हम यही कह सकते हैं कि यह है अध्भुत, अविश्वस्निय
38:31अकल्पनिय अभी के लिए इतना
38:34नहीं अभिशेक सिंग, कैमरा परसन, सेयद महसन और हितेश कुमार के साथ मुझे दीजिया इजाज़त देश और दुनिया की बाकी
38:42खबरों के लिए आप देखते रहिए आज तक