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इंदौर में राहुल गांधी का छात्रों के साथ संवाद, सरकार-सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल

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00:00सबसे बहले आपको सिधा ही दौर लिये चलते हैं जहां पर राहु जांदी छात्रों की गूंश कारेकरम को संबोधित कर
00:05रहा है
00:30हम लोग वेट करें कि हमारे रिजल्ट काव आएगा नियुक्ति काव होगी हम जैसे लोग सब्सक्राइब बन सकते हैं लेकिन
00:35आज भी रूजगार बैठे हुए मैं खूद यहां पर पार्ट टाइम जॉब करता हूं हिंदोर में आपको लगता है कि
00:40जो हिंदुस्तान का एवर
00:56जब लुए रिजल्ट रोग दिये जाते हैं बहुत सारे पत निकलते ही नहीं है संभीदा सब्सक्राइब प्राइबिटेशन कर रहे हैं
01:03जो में पद हो भरी नहीं जा रहे है आज भी डाटा पता रहा कि आध्या पत खाली है
01:10कि अपिचल्य का सख्पना हम सपना गुर्जरी आप हमसपना गुर्जरी में माद्यप्रपदेश के राजगार्ट सीक से हुँ
01:17सर में इसे टीक से हुँ जो मत्यपुदेश का बाल व्हामेग टॉपडिस्टीक है सार मेरे लिए
01:24वहां से निकल कर यहां आना बहुत बड़ी बात है सर मार्च 2019 में कॉंग्रेस गॉवर्मेंट ने
01:3114% OBC रिजर्वेशन बढ़ा कर 27% किया है जो कि पूनते पुरे मद्यपदेश में लागू भी है
01:39लेकिन जैसे ही सर सरकार बदलती है ये बिजबी को गॉवर्मेंट हमारे 13% पद पर बिना किसी कारण के
01:49कोट का हवाला देकर हमारी सारी लिवक्तिया होल्ड कर देती है
01:52और सर पिछले आठ साल से आज तक लगबग 10,000 पद है जिन पर होल्ड नाम का राक्षस बैठा
02:02हुआ है
02:02और सर लगबग 1,87,000 स्टुडेंट मेरे जैसे जो सर मैंने खुद ने दो एक्जाम क्लियर कर रखी है
02:11जिनने सर प्री मैंस इंटर्यू बहुत सारी तिंतिन स्टेप एक्जाम क्लियर करके और आज यहां सभी बेरोजगार बैठे हुए
02:19जबकि सर वो हमको कोट का हवाला देते हैं लेकिन MP High Court और Supreme Court में किसी प्रकार का
02:26कोई स्टे नहीं है
02:28सरकार जान बुझकर हमें गुम्रा कर रही है और हमारी नियुक्तिया रोक रखी है
02:33सर इस चीज को लेकर कहीं बार सरकार को Supreme Court में फटका लगाई है
02:41कि आप कानून क्यों नहीं लागू कर रहे है कानून पर किसी प्रकार का कोई स्टे नहीं है
02:47आपका कानून नहीं, आप चाहों तो कल सभी स्टूडेन को जोइनिंग दे सकते हैं
02:51ये करते क्यों नहीं है, प्रॉब्लम क्या है
02:54क्यों कानून बन के आया है, इंप्लेमेंट हो जाना चाहिए
02:58बड़ ये कर क्यों नहीं रहे है
03:00सर ये सरकार दोहरी निती अपना रही है जैसे कि सर मद्द पदेश में पुलिस कोंस्टेबल भरती 2022 पटवारी भरती
03:082023 में 27% रिजरवर्शन पर जोइनिंग रही है लेकिन उनी भरतियों में आगे जाके 13% पर होल्ड कर
03:17देती है
03:17सर ये कहा का कानून है कि आप एक साल 27% पर जोइनिंग दे रहें दूसरे साल 13%
03:22पर होल्ड कर दे रहें
03:24सर हम सभी के जोइनिंग लेटर बस बचे हैं हम लोग दिन रात में इनद करके हमको पोचिंग के फीस
03:30के पैसे नहीं मिलते तो हम रात रात भर लाइब्रेरी में पढ़के एक्जाम क्लियर करते
03:34उसके बावजितिये सरकार हमें 13% नाम का लोलिपोप थमा देती है
03:39जिससे सरकार पिछले आठ सालों से सरकार के खिलाब सरकों पे लड़ाई या लड़े लेकिन पिछले आठ सालों में सरकार
03:49ने आज तक कोई positive response नहीं दिया है
03:52हम जाते हैं हम से कोई बात करने तक नहीं आता है
03:56सर आपको न्याई का योद्धा कहा जाता है
03:59और आपने सबी इस्टुडेंट को न्याई दिलाया है
04:03तो सर हम उम्मीद करते हैं मद्रपदेश के सबी इस्टुडेंट
04:08कि आप हमें भी न्याई दिलाए
04:09और यह 13% नाम के दलदल से हमें बहार निकलवाई है तो जब बुली बुली सवाले किसर मैं सतना
04:18जीले के बिंद्द 6 से आता हूं वहां पर सिक्षा किस तर बहुत कर यहां ज्यादा तर बच्चे इंदौर भूपाल
04:23तैरी करने आते हैं वहां पर सिबिल सर्विस या सरकारी त
04:27बिलकूर नहीं है कि हम लोगो यहां पाए और हर तरह के बच्चे जो SD के बच्चे हैं जो गरीब
04:32है अउड नहीं कर सकते वह यहां इंद्धौर नहीं आ सकते कि यहां कर सब बच्चे फूरी तरह से तैरी
04:38करें तो मेरा एक ही जो उस छेतर में ऐसी विएसी विवस्ता हो कि �
04:42बच्चे पैसे की बच्चे से यदि कोई दौर भोपाल नहीं आपाना तो अपने छेतर में बेहदर तैरी कर सके और
04:48राज में सेवा करना है देश में सेवा करना उसका अपना सबना पूरा कर सके सर यह बात है
04:52मतलब आपका कहना है कि education accessible होना चाहिए कोने कोने तक पहुंचना चाहिए गरीब से गरीब व्यत्ती को education
05:01मिलना चाहिए
05:02बिल्कुल साइब
05:04education
05:06लग्शिरी नहीं है education हग है students का हग है
05:11बिल्कुल हम लोग हम आज तक सरकारी school में पढ़ें सरकारी college में पढ़ें यहां मेहनत करकर क्या गए तो
05:16आज तो सिक्षट निस सथी होगे आराम से पहुंच सकती वहां तक
05:19ठीक है
05:20थैक है
05:20थैक्ट थैक्यू
05:36थैक्यू
05:362024 तक बट सर अभी September 2026 चल रहा है अभी तक मैं 3rd year में हूं सर ना मेरा
05:44result आया है ना हमारी 4th year के exam हो रही है ना हमारी degree पूरी हो रही है सर
05:49इससे सर बहुत सारे MP के students affect हो रहे हैं
05:53कितने total कितने अफेक्ट हो रहे हैं
05:55सर हजारों students affect हो रहें सर MP में कोई exam नहीं है कोई result नहीं है और सर नर्सिंग
06:01students भोपाल में आंदोलन भी किया तकरीबान एक महीना आंदोलन चला बट सर जो भी सरकार है उसे सर कोई
06:09मतलब नहीं है कोई हमारी सुनवाई में नहीं आया
06:12उन्हें कोई मतलब नहीं सिर्फ गोटाला करें सर उसके बात भी सर हम लोगों ने एक महीना आंदोलन किया और
06:20सर मैं बहुत उमीद के साथ यहाँ पर आई हूँ कि आप हम लोग की problem सुने क्यूंकि सर मैं
06:26बहुत middle class family से हूँ सर मैंने जब admission लिया था तब fees सुनके मेरे पाप
06:41इखटा किये और मैंने नर्सिंग में admission लिया यह सोच कि मैं financially independent बनूंगी और अपनी family को support
06:49करूंगी बट सर इसका पूरा उल्टा हो रहा है सर हम लोग अभी तक बेरोजगार है कोई हमें जॉब पे
06:55नहीं रखता अभी हम 12th pass कहलाते सर हम जब भी कोई hospital में जाते हैं तो यह �
07:03आपके पास डिगरी है हम लोग बोलते नहीं है वो बोलते कि ठीक हम आपको पांच या छे हजार रुपे
07:09महीने के देंगे सरी बहुत गलत हो रहा है सर हम लोग के साथ ओके थैंक यू
07:14जी सर बहुत अच्छा लेगा आपसे मिलकर थैंक यू
07:21सर बस में यही चाहती हूँ कि आप हमारी परिशारियों का जल से जल को समाधान करें सर तैंक यू
07:27सो मस्तिक तो यह विडियो में स्ट्यूडेंट ने सिस्टम की बात की और हमारे तीन फ्रेंड जो आये थे उन्होंने
07:42भी सिस्टम की बात की सिस्टम हमारे किलाफ है
07:48सिस्टम एजूकेशन सिस्टम के किलाफ है यह सिस्टम क्या है यह सिस्टम है
08:00देश पर सिस्टम का कबजा
08:07सिस्टम में अलग अलग लेयर्ज है टॉप लेवल पर यह छे लोग बैठे हैं
08:15सिस्टम को चलाते हैं नरेंद्र मोदी जी
08:22बश्काने का काम
08:23स्टूडन्स को मारने का काम
08:30कील वाली लाटी के साथ मारने का काम
08:33पिलेट गन मारने का काम
08:37अमिद्शा जी चलाते हैं वो इनफोर्सर है
08:44उस तरफ शायद आप उनको पहचानो या ना पहचानो
08:49ये अजी डोबल जी है
08:52नाशनल सेक्यूरिटी अडवाइजर
08:54ये कहते हैं
08:57इनफॉर्मल बातचीत में ये कहते हैं
09:01कि अगर हिंदुस्तान को कंट्रोल करना है
09:03तो सिरफ पाट सो लोगों को कंट्रोल करने की ज़रूरत है
09:08ये अजी डोबल जी है
09:11ये हिंदुस्तान के टेलेफोन, वाटसाप, फेस्बॉक
09:17कम्यूनिकेशन पर कबजा किये बैटे हैं
09:20ये फोन टापिंग कराते हैं
09:24और ये इनफर्मेशन देते हैं
09:28हमेच्छा जी को, नरेंद्र मोदी जी को
09:30इस फोन के अंदर डोबल जी बैटे हुए है
09:34आपके फोन के अंदर डोबल जी बैटे हुए है
09:38बीच में मोहन भगवत जी
09:41जो विचारधारा की बात करते हैं
09:43आइडियोलोजी की बात करते हैं
09:45और इनके संगटन को करोणों, हजारों करोण रुपे
09:49स्कूल चलाने के लिए
09:51कॉलिज चलाने के लिए
09:53इस्टिट्यूशन चलाने के लिए दिये जाते हैं
09:56और एक साइट पे
09:57अधानी जी
09:59और दूसरे साइट पे
10:01अंबानी जी
10:06अधानी जी
10:07पूरा फाइननेंस करते हैं
10:10पूरा का पूरा पैसा
10:12जो कमाया जाता है
10:15कॉंट्राइक्ट से कमाया जाता है
10:17आपके स्कूल युनिवर्सिटी के कॉंट्राइक्ट से
10:20वो सारा का सारा घुमा कर
10:23बीजेपी को दिया जाता है
10:25नरेंद्र बोधी जी की मार्केटिंग के लिए
10:27सिस्टम को चलाने के लिए
10:29उस लेयर के नीचे अलग-अलग लोग है हर संस्ता को capture कर रखा है
10:36चाहे वो politics हो उसमें chief ministers है योगी जी है यादव जी है
10:43चाहे business हो उसमें अदानी जी, अम्बानी जी का capture है
10:50Judiciary हो, bureaucracy, education, media, entertainment, sports हर संस्ता पर
11:02सिस्टम ने अपना एक ना एक आदमी बैटा रखा है
11:08जैसे हिंदुस्तान में इतने cricketers है, तेंदुलकर्ची है, कपिल धेव है
11:19इतने cricketers हैं, मगर सिस्टम ने अमिच्शा के बेटे को
11:25cricket का पूरा धेका दे दिया है
11:32तो, meritocracy की बात होती है, मगर फिर जी सिस्टम, अपने लोगों को, अपने बच्चों को
11:42हर संस्ता के उपर डठा लेता है
11:46अमिच्शा अपने बेटे को cricket, पूरा cricket दे देगा हिंदुस्तान का
11:53ऐसे पूरे हिंदुस्तान के संस्ताओं को बात दिया है
11:58अब इंटरस्टिंग बात बताता हूँ, सिस्टम को स्टुडेंट से खत्रा है
12:05क्यों खत्रा है, क्योंकि सवाल पूछता है स्टुडेंट
12:13स्टुडेंट कहता है, कि अमिच्शा जी के बेटे cricket association के चैर्मन कैसे बन गएं
12:21यह सवाल स्टुडेंट पूछता है
12:24स्टुडेंट पूछता है, कि हिंदुस्तान के पूरे के पूरे बिजनस को दो लोग ने कैसे कैप्चर कर दिया
12:32स्टुडेंट पूछता है, कि जुडिशरी और बाकी संस्ताएं क्यों नहीं अपना काम करती है
12:42स्टुडेंट पूछता है, एलेक्शन कमिशन अपना काम नहीं करता
12:46इसलिए, सिस्टम स्टुडेंट नहीं चाता है, सिस्टम अंदभक्त चाता है
12:57अन्दभक्त कौन है
12:59अन्दभक्त एंटी स्टूडेंट है
13:02जहां स्टूडेंट सवाल पूछता है
13:07जहां स्टूडेंट क्यूरियस है
13:09वहां अन्दभक्त डेलूजनल है
13:12अपनी दुनिया में रहता है
13:16जहां स्टूडेंट
13:19महब्बत की बात करता है
13:22पियार से रिस्पेक्ट से बात करता है
13:25वहाँ अन्भक्त नफरत फैलाता है
13:28नफरत से बात करता है
13:32जहां स्टूडन हम्बल होता है
13:35हुमिलिटी होती है
13:36दूसरों की बात सुनता है
13:38वहाँ अन्भक्त अंकार से बरा होता है
13:42एरेगेंट होता है
13:44जहां student डरता नहीं है निडर होता है
13:49वहां अंदभक डरपोक होता है
13:56जहां student महिलाओं की रिस्पेक्ट करता है
14:01वहां अंदभक पेट्रियार्कल होता है
14:06महिलाओं पर आक्रमन करता है
14:08महिलाओं का अपमान करता है
14:10और जहां student इमानदार होता है
14:13वहाँ अन्दवक्त डिस्वानस्ट होता है जूटा होता है
14:19सिस्टम नहीं चाहता कि स्क्यूडन सवाल पूछे
14:25इसलिए सिस्टम अन्दवक्त को त्यार करता है
14:30अन्दवक्त को प्रोमोट करता है
14:34अन्दवक्त को पूरे देश में पहलाता है
14:47my friend yes sir
14:58my friend how are you I am fine
15:02how are you module G
15:03great harassment
15:10my friend my friend
15:13very nice to meet you brother
15:15गल्गोटिया
15:21और बताई ये
15:22और बताई ये थोड़ा
15:25मा को कुर्सी दो
15:28मा
15:29मा
15:30हुगाँ
15:31हुगाँ
15:37हुगाँ
15:41सब्सक्राइब करेंड लावनें बाज्याम
16:05तो
16:08तो आपने देखा अंदभक कहता है
16:11हिंदुस्तान को आजादी नहीं मिली
16:15अंदभक कहता है
16:17विकास नहीं चाहिए
16:20मोदी जी विश्नु के अव्तार है
16:23मकर अंदभक
16:26अंदभक सवाल कभी नहीं पूछता है
16:31अंदभक कभी भी
16:33ये सवाल नहीं पूछेगा
16:35कि हमारे schools और colleges की हालत ऐसे क्यों हो गई है
16:38हमारा infrastructure क्यों तूट गया
16:41हमारे paper league क्यों होने
16:43student यह आवाद पुछता है
16:49एक मैं आप से
16:51नमस्कार
16:54मेरा नाम रविवास के लिए
16:56मैं दार जिले के मनावरते से
16:57लादिवासी छेत्र का देने वाला
17:00सर वे अभी
17:02दिली गया था जंतरमंतर बे
17:04प्रोटेस में वहां सामिल होने के लिए
17:05जब में लोट रहा था तो
17:07train में हमारे साथ कुछ चार पास लोग आए
17:09और हमारे साथ बद्सुल की कि और हमें
17:11train से बाहर उतार दिया
17:12उनको हमने पुच्चा कि हमारे साथ यसा क्यों कि
17:15कोई जवाब नहीं दिया और वो लोग हम ज्यादा थे 14 लोग थे तो हमको देखके चले गए दूसरी बात
17:20यह है कि सर खरगोन जिला है हमारे हमारे तो भगवान पुरा तेसी ले वहाँ पर साड़े 300 एक्टर जमीन
17:29के पट्टे निरस्त कर दिये गए उन लोगों को अभी पट
17:44आख बिमार्या हो रहे सरकार 25 सालों से हे मत्यब्वर्थ इसमें पिजेपी की तो अभी तक उसपर काम क्यों नहीं
17:50करें वहाँ पर स्वस्त सुवीदा क्यों नहीं करा रहे गरीब लोगों को हमारे आथिवासी लोग है और हर सगय पर
17:57हम इसकूल की बात करे या हम परिशा की
18:00बात करे, बेक्यों पदों की बात करे,
18:03तो हमें टार्गेट बना जाता है,
18:05हम लोगों की उपर आए पायर कर दिए जाती है,
18:07इसलिए पायर कर दिए जाते हैं,
18:08कि हम इन मुद्दों को उटाते है है,
18:10होता जाए कि सर, अभी बेक्यों के
18:12कम से कर डेल लाग पत खाली पड़े और उनको 2003 के बाद से अभी तक वेकेंसी नहीं दी गई
18:19है तो इनको बरना चाहिए जल्द से जल्द सरकार को लेकिन उस चीज़ को सरकार संग्यान में नहीं लाती है
18:25और हर बार हमें अस्वासन दे कि हमरे टाइम को बना देती है पूस कर �
18:32नहीं इसए बात है होस्टल की बात है होस्टल की बात है अा फोस्टल की बात है सरकारिय ऌस्टल नहरो
18:39रोष्टल जो मत्यपरस से इन्दवर में शिक्षा का हव्माना जाता है यहाँ पर ना तो उनके लिए रजाई गाधी ठंस
18:46है ना कुई बात्रों की शु Fritz, ऒजू का �
19:02होने चाहिए सर नमस्ते राउल जी मेरा नाम रंजित किसानवंसी है मैं देवाज जिले से हूँ हमारे मद्द प्रदेश में
19:11दो भरती बोर्ड और आयोग है जो यहां पर सरकारी भरतियां करने का काम करते हैं उसमें एक मद्द प्रदेश
19:19लोक सेवा आयोग है और दूसरा व्
19:31देने गए उन्होंने हमारा करमेचारी अधिकारियों ने ग्यापन नहीं लिया फिर हमने और स्टुडेंट से बात करी सब को इकटा
19:39किया और लगबग 5,000 स्टुडेंट हम मद्द प्रदेश लोक सेवा आयोग के सामने जाकर बेट गए तीन दिन और
19:45चार रात हम जब बेट
19:59हम जब वहां गए उन्होंने हमारे को कहा कि आप अंदोलन समाप्त कर दीजी हम आपकी मांग मानेंगे वहां से
20:05जब हम वापस इंदोर आये तो हमको पता चला हमारे उपर में और मेरे सांथी नेयू के राधेजाड जी उनके
20:12उपर एफायर कर दी गई और उसके बाद हमको �
20:15जेल में डाल दिया चार दिन हम जेल में रहे और हाई कोट से हमारी जमानत हुई तो यहां पर
20:20मदप्रदेश के अंदर जब भी कोई बरती की समस्या की बात हम करते हैं कोई हमारी बात रखने जाते हैं
20:27तो हमारे उपर एफायर करके हमको जेल में डाल दिया जाता है यहां प
20:43लगातार एक के बाद एक पेपल लीग व्यापम में हो रहें व्यापम के अंदर PMT भरती घोटाला हुआ, क्रशी घोटाला
20:50हुआ, पटवारी घोटाला हुआ, टीटी घोटाला हुआ, लगातार एक के बाद एक घोटाले होते हैं, और व्यापम और सरकार ने
20:57दो ऐसे घोटाल
21:12नहीं कोई punishment नहीं दूसरा पटवारी बर्तिक हो टाला पटवारी में पेपल लीग हुआ एक ही कॉलेज के दस्टा पर
21:19आगे बाजपा के दस्टा पर आगे बिंड तो हमने जब हला किया हमने प्रदसन किया तो इनोंने कहा कि हम
21:28जांच आयोग बना रहे हैं जांच आयोग जां
21:41मैंने किये सारी भरतिया कर दी और सब लोगों को बचा दिया तो मत्रदेश में लगातार एक के बाद एक
21:48पेपर लीग हो रहे हैं और एक बात और मैं आप से कहना चाहता हूं कि जितने भी यह सामने
21:52स्टुडेंट हम सब खड़े हैं यह मत्रदेश इंदोर मत्रदेश का सब
21:57से बड़ा एजू के सनहाब है यहां की जो एकोनोमी है वो हम सब के कारण चलती है हम घर
22:02से पैसे लेके आते हैं तो यहां की कोचिंग में पैसा देते हैं तो कोचिंग चलती है हम घर से
22:09पैसे लेके आते हैं होस्टल में पैसा देते हैं तो होस्टल चलती है हम घर से हमारे मा
22:14अब आप से पैसा लेके आते हैं, लाइबरेरी में पैसे देते हैं, तो लाइबरेरी चलती है, तो यहां पर हजारों
22:20लाखों लोगों को हमारे कारण रोजगार मिल रहा है, पर हमको रोजगार नहीं मिल रहा है, और जब हम रोजगार
22:27की बात करते हैं, तो हमारे उपर फरजी
22:29मुकदम है और हमको जेल मिलती है, रोजगार नहीं मिलता.
22:59मैंने तीन साल में पढ़ने के बाद, जब मास्टर्स में अप्लाई किया, तो मेरा गोड़ अगेट में के रिकॉर्ड होने
23:04के बाद भी मुझे मास्टर्स में एड्मिशन नहीं दिया.
23:06क्यों? क्योंकि मैं अंदभक्त नहीं हूँ.
23:08जब इंटर्व्यू के स्कोर सीट के लिए मैंने RTI लगाई कि मुझे वहां की एवैलोएशन सीट और स्कोर सीट चाहिए,
23:15तो वहां का एड्मिशन से कहता है कि हमारे पास कोई भी स्कोर सीट मेंटेन नहीं है.
23:20ये बड़ा ही आस्यास्पत बात हैं. क्यों? क्योंकि अंदभक्त ही वीसी है और उसको अंदभक्त ही स्टुडेंट चाहिए.
23:27बट एक बात, एक इंटरिस्टिंग बात, जो सिस्टम के लोग हैं, देश में अंदभक्त चाहते हैं, मगर अपने बच्चों को
23:37अंदभक्त नहीं बनाते कभी.
23:39इनके बच्चे अंग्रेजी स्कूल में पढ़ेंगे, इनके बच्चे ये काम नहीं करेंगे, ये देश के युवाओं को अंदभक्त बनाना चाहते
23:50हैं, बट अपने बच्चों को बाहर बेचेंगे पढ़ाने के लिए, इंग्लिश सिखाएंगे, और सारी के सारी जो बिज
24:06पढ़ाने के लिए बच्चों को, वो स्लाइट दिखाना, आप एक काम कीजिए, ये हैं सिस्टम के मालिक, ऐसे तीन-चार
24:19सव लोग हैं, इनके बच्चों की लिस्ट निकालिए देखें, उनके कहां पढ़ाई होती है, इंदोर में होती है, अमेरिका में
24:25होती है, राहुल ज
24:36दिखान छाथा हूँ, जब तक राहुल जी हमारे साथ खड़े है, ना डरेंगे, ना दबेंगे, और ना जुखेंगे।
25:06देखेंगे तेरी चाहे जमाने लग जाए जमाने लग जाए या तो दो हजार उन्तीस में आप पर धान मांत्री बन
25:13जाओ या फिर हम ही खिकाने लग जाए
25:17लब यू तो हमने शुरुआत में कहा कि स्टूडन देश का फाउंडेशन होता है
25:29स्टूडन देश को बनाता है और उसका नेक्स स्टेप शिक्षा देश की नीव है और जैसे मैंने पहले कहा
25:40शिक्षा कोई लग्जरी नहीं है
25:44शिक्षा कोई फैवर नहीं है
25:46शिक्षा हिंदुस्तान के हर student का हक है
25:50शुरुआत से अंध तत
25:52kindergarten से
25:55school
25:57mid-day meal
25:58school से college
26:00university
26:02और university से रोज़गार
26:05ये कड़ी पूरी का मुरह करना
26:08ये सरकार का काम है, आपका काम नहीं है, बिस्नसेस का काम नहीं है, हिंदुस्तान और स्केट की सरकार का
26:16काम है
26:19मतलब किसी भी देश का शिक्षा का जो सिस्कम होता है, वो सरकार की जिमेदारी होती है, सरकार को effective
26:31education system चलाना चाहिए
26:35मगर देश में उल्टा हो रहा है
26:38पहले
26:39IIT बनी
26:41स्कूल्स बने
26:43नवोदे विद्याले बने
26:45अब पूरा अब पूरा
26:48रिवाइंड किया जा रहा है
26:51दो तीन आकड़े मैं आपको देना चाहता हूं
26:53क्योंकि
26:54इस प्रोग्राम में
26:56हम आकड़ों के बल पर बोलते हैं
26:59जो भी हम बोलते हैं
27:02प्रूफ देकर
27:03आकड़े देकर हम बोलते हैं
27:06तो देखिए
27:08शिक्षा कैसे बरवात हो रही है
27:10यह इस साइट देखिए
27:14ग्राफ देखिए
27:15यह हिंदुस्तान की शिक्षा का बजट
27:20पहले
27:212014 में
27:23जब हमारी सरकार थी
27:25बजट का
27:274.6%
27:28शिक्षा में जाता था
27:32उसके बाद
27:33बजट कम करते करते करते
27:38करते
27:392.6%
27:42और बजट एजुकेशन में जाता है
27:487.7 लाख करोर रुपे
27:52जो शिक्षा में जाने थे
27:55अगर वो बजट मेंटेन किया जाता
27:58वो शिक्षा में नहीं गए
28:01वो अरबपतियों के हाथ गए
28:03वो अदानी अंबानी के हाथ गए
28:06दूसरा आकरा
28:09स्कॉलर्शिप्स
28:10पिछले
28:11दस साल में
28:13देड़ करोर स्कॉलर्शिप्स
28:17चीनी गई है
28:19देड़ करोर कम
28:21स्कॉलर्शिप्स हिंदूस्तान और
28:23बाकि सरकारे देती है
28:24और टीचर्ज की बात करें
28:27तो दस लाख
28:29रोजगार की बात होती है
28:31मगर आज हिंदुस्थान में
28:33दस लाग पीचर के पोस्ट वेकंट पड़े हुए हैं तो ये शिक्षा का सिस्कम बरबाद किया जा रहा है यूनियन
28:44बढ़ेच में कम पैसा पीचर भरती कम आईए हलो नमस्कार नमस्कार
29:24बोलिए
29:25आप तारिक तु तारिक हमें पैसे दीजिए अगर नहीं दिया तो अपने रूम खाली करके घर चले जाईए ऐसी कई
29:32स्टूडेंट ऐसी कई गल्से जो रूम छोड़कर घर चली गई है जिनकी शादिया हो गई है
29:38सर एक मुत्ता चलता है एक योजना है आवाज भत्ता करके आवाज भत्ते में इनकी है कि हर महिने आपको
29:47पे करना है
29:48साल का 24,000 आता है हर महिने 2,000 आता है सर में 2020 में जिस रूम में रहती
29:54थी वहाँ 25,000 रुपे महिना था आज उसी रूम का 5,000 रुपे महिना है
30:00पर अवाज भत्ते में कोई बड़ोत्री नहीं हुए हर साल 10% हमारे जो रूम का रेंटे वो बढ़ता है
30:07और 24,000 मिलना है हमें साल पर का और साल के एंड में मिलता है
30:11महिने टू महिने नहीं मिलता है
30:13महिने हम कुछ न कुछ करके जुगाड करके पैसे किसी से ब्याद से लेके हम उसे पै करते
30:18क्योंकि हमें पढ़ना और मकान मालिक के या रहना है
30:21सर जब आवाज भतते ही कि इतनी जटिल प्रक्रिया कर रखिये
30:25कि आप हम गाउं से शहर की और पढ़ने आते
30:28जब पढ़ने आते तो वहाँ देखते हम की
30:31हमें आवाज शोजना का फोर्म डालने के लिए
30:34हमें उनसे रजिस्ट्री चाहिए होती
30:36हमें मकान का किराया तो मिलता नहीं
30:39हमें रूम तो मिलता नहीं
30:41तो हमें वो रजिस्ट्री क्या से देंगे
30:43हम जैसे तेसे रजिस्ट्री भी लेते हैं
30:46फोर्म अपलाई करते हैं
30:47चोईस हजार रूपे साल पर का आना चाहिए
30:49पर कभी चोईस हजार एक भी
30:51स्टूडेंट के एकाउन में नहीं डलता
30:52अठरा हजार आएंगे, सोला हजार आएंगे
30:55इप पाँच हजार, चार हजार, छे हजार
30:57कहां गए आज तक हमें पता नहीं है सर
30:59सर हम भी
31:01इसी देश की नागरिक है
31:02हमीं इसी देश की जन्सी है
31:04अब दिये में तो लाखों रूपे खर्ज कर देते
31:07हमारे लिए क्यों नहीं
31:09हमारे स्टूडेट के शिक्शा के लिए क्यों नहीं
31:11सर मैं हॉस्टल में
31:13रहती नहीं क्योंकि हॉस्टल में
31:16सीट अभिलेबल नहीं है
31:17उच contenido में 1112 गाउं है
31:20जहां सिक 100 सीट है
31:22सर दूसरी बाक ही है कि
31:24आप देख़ेंगे कि
31:26आज हम इतनी जादा हमारी
31:29scholarship नहीं मिलती है
31:31इतनी जादा फीस हो चुकी है
31:33कि हम लोग
31:34afford नहीं कर पाते हैं
31:36सर जब आप
31:38एक रुपे में हजारों एकर जमीन दे सकते
31:41तो हमें एक रुपे में
31:42शिक्षा क्यों ही मिल सकते हैं
31:44ये भी हमारा अधिकार है सर
31:51मेरा नाम सूरज ठाकोर है
31:53और मैं राइसेंज लेके
31:55बरेली तेसी छोटा सगाओ
31:57अमरावत बहाँ से आता हूँ
31:58सर मैं ट्राइवल कमुनिटी से हूँ
32:00सर दोहजार बाइस में
32:02एक वेकेंसी आती है
32:04सिविल जच की
32:05जिसमें से
32:06जिसमें से 121 पद
32:09ट्राइवल के लिए रहते हैं
32:11लेकिन हमारा दुर्भाग यह है
32:13कि यहां का सिश्टम ने
32:15121 पोश्ट में से
32:17किसी एक भी ट्राइवल को पोश्ट नहीं दी
32:19सर मद्द प्रदेश में लगबाग
32:21200 कडोर आदिवासी निबास रहते हैं
32:23क्या उन में से इनको
32:25एक सिबिल जड हमारे समाच का नहीं मेला सर
32:27यह बड़ा ही दुर्भाग की बात है
32:30यह लोग नहीं चाहते कि
32:31आदिवासी सिबिल जड बने
32:33और सिश्टम में आएं और हमारे उपर
32:35उपर हुकुमत करें
32:36यह आपने बिलकुल सही बात पकड़ी है
32:38ये लोग नहीं चाहते कि आदिवासी स्ट्यूडन्स बने, ये लोग नहीं चाहते कि कोई स्ट्यूडन्स बने, ये चाहते कि सारा
32:45का सारा देश अंभक बने
32:47येस सर बिल्कुल
32:48सर हमारा यही निवेदन है
32:51कि जो आदिवासी कुसान
32:53मद्द प्रदेश में जो इतना
32:54बड़ा सडियन थो रहा है
32:56कम से कम उसको दूर करा जा
32:58थेंक यू
33:01सर मेरा नौम दीप्ती सिंधा को रहा है
33:03मैं इंदोर की निवासी हूँ
33:05मैं बर्गत हूँ
33:06प्राथमिक सिक्षा और बर्गतिरी
33:09मिटल स्कूल
33:11मतलब मादमिक स्कूल
33:13और प्राथमिक स्कूल मैं चैनित हूँ
33:16मतलब पास हूँ
33:172023 में जो परिक्षा निकली थी
33:21पात्यता परिक्षा
33:22उसमें भी पास हूँ
33:24और 2025 में निकली थी
33:26जो चयन परिच्छा उसमें भी पास हूं पर मुझे नियुक्ती नहीं दी अपने सिस्टम में क्यों नहीं दी क्योंकि वो
33:37खुद चाहते हैं कि मात्य पिर देश की सिक्षा गड़े में जाए
33:47और बो जो अपने सिस्टम है ना सिक्षा का जिम्मेदारी नहीं उठा रहे हैं और नहीं अपना करता पे निधा
33:59रहे हैं
33:59हमें हम पड़े लिखे विद्ध्यारती हैं अच्छी अच्छी किखाए कोचिंग किये हमने बाकाइदा भी अधीयर किया है डेटे लाग रुपे
34:09में पर हमारे लिए सीट नहीं है उनके पास
34:13किसके लिए है घोटाले के लिए है भिस्टाचार के लिए है सर एक साल से हम आंदोलन कर रहे हैं
34:25प्राधमिक सिक्छा का और माधमिक सिक्छा का अभी भी हमारा आंदोलन भोपाल में चल रहा है हमने 17 नमंबर 2025
34:35से आंदोलन शुरू किया था महिने में एक डेट फिक्स की जा
34:43आते थे और बाकाइदा हर मन्थ आंदोलन करते थे बर्ग तीन के लिए बर्ग दो के लिए पर हमारी मांगे
34:51पूरी नहीं हुई
34:53मुझे भी बुलाऊ ना अंदोलन में सर आईए आपका स्वागत है
34:59पर सथ थोड़े हम समय मांगेगी आप से हमारी हर महिना हम एक डेड़ फिक्स करते थे आंदोलन सुरू करते
35:08थे
35:08उस डेड़ में पूरा एंपी पूरे मद्ध पेदेश के बच्चे बोबाल में इखटे होते थे
35:14बाग आईगा हम लोग घर जगह DPI मंतरे जी के यहां जाते थे पर जैसे कुत्ते को भगाते हैं न
35:22उसी तरह भगाया गया हम लोग को
35:25उसे इतरह भगाया गया पर हम लोग ने हार नहीं मानी फिर हम लोग ने डिसाइट किया 21 अगस्त से
35:35हमारा अंदोलन आज भी चल रहा है हम कल भोबाल से ही यही आए थे सर अभी सुनिये सर हमारी
35:44कहानी
35:44अब 21 अगस्त से हमारा अंदोलन फिस्टे स्टार्ट हुआ आज भी हमारे विद्धाती है जो साथी है वो डिपी आई
35:56बोबाल के पास बैठे हैं
36:00और पता है इतिहाज में पहली बार एसा अंदोलन हुआ है जो तीस दिन चल रहा है उसमें एक हमारा
36:09साथी है नेरेंदर राजपूत जो नो दिन से पानी नहीं पिया है पर कोई मत्राले नहीं आया है नाहीं डी
36:18बी आया है कोई
36:21नहीं आया, आज भी बैठा है वहाँ पे, मैं जब अजस्ती आई हूँ, कि आज के यूबा की बाद, मैं
36:29राहो सर के साथ शेयर करूंगी, और इंटरनेशनल बने, मुझे आप बुला लो वहाँ, सर चलिए कल मेरे साथ, मुझे
36:37बुला लो मैं आ जाओंगा, ठीक है, थैंक य�
36:41और कुल बुलना, सर अभी वो उठ नहीं पा रहा है, अभी अगर आप वीडियो भी देख सकते हैं तो
36:48देख सकते हैं उसका, नरेत राजबूत नाम है, बर्ग तीन, बर्ग दो का सिक्छाक है, जो नो जिन से प्वानी
36:56नहीं पिया, खाना नहीं, पानी नहीं पिया, निर्�
37:10देखो, इधर जो सीते हैं, बोंचे, किसकी है, भोटाले की है, भरस्टाचार की है, पर गरीबों की नहीं है, इसलिए
37:21मेरा हुसर से निवेदन करना चाहती हूँ, हमारी आबाज, युगवों की आबाज खास्तार, इंटरनेशनल तक पहुचार, घनवाज सार, थानवा सार
37:32जय भ recibको उलों की नहीं हुक मैंगा झालेकी है?
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