00:10नमस्कार सुवागत आपका आज तक पर मैं हूँ रवीश पाल सिंग
00:13मद्रब्रदेश के इंदौर में शनिवार को राहूल गांदी ने छात्रों की गुंच कारिकरम की
00:19और इसमें उन्होंने मद्रब्रदेश के युवाओं से जुड़िवी समस्याओं को ले करके
00:24जैन जी यानी युवा चात्र चात्राओं से खुल कर बात की तकरिवन एक घंटे तक राहूल गांदी जैन जी स्टूडेंट्स
00:32के लिए प्रोफेसर के रोल में दिखे
00:34प्रोफेसर मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि यहां पे राहूल गांदी ने ना केबल उनको मंच पे बुला करके
00:40मद्ध वदेश की युवाओं की समस्याएं जानी
00:43बलकि इन समस्याओं से युवा कैसे पारपा सकते हैं
00:46कैसे सरकार से जवाब मांग सकते हैं
00:49ये तमाम पाड भी पड़ा है
00:51इसलिए राहूल गांदी को ये कहा जा रहा है
00:53कि उन्होंने जैन जी युवाओं का प्रोफेसर बन के एक घंटे तक छात्रों की गुंज कारिक्रम में छात्रों के मन
00:59की बात रखी थी
01:00लेकिन इसी दुरान उन्होंने जो बाते कही कि कैसे छात्र जो हैं वो अंदभक्त नहीं हो सकते
01:07उस पर देश भर में इस वक्त भी वात मचा हुआ है लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि आखिरकार राहुल
01:12गांदी ने इस शब्द का इस्तमाल क्यूं और किस संदर्भ में किया था
01:18दरसल छात्रों की गुंज कारिकर में इन दौर में जब हुआ था तो उसमें मद्र ब्रदेश के तमाम युवा पहुंचे
01:24थे
01:24मद्र ब्रदेश में युवा पिछले कई वर्षों से बेरोजगारी को लेकर के भरती परिक्षाओं को लेकर या फिर भरष्टा चार
01:33को लेकर के सड़कों पे आते रहे हैं
01:34हाली में भोपाल में ही जो इंटर्न डॉक्टर से उन्होंने अपना स्टाइपेंट बढ़ाने को लेकर के तकरीबन तीन दिनों तक
01:42प्रदेशन किया
01:43सीम हाउस के पास सड़क पर वो बैठे रहे और आखिरकार जब उनका स्टाइपेंट करी पचास फीजदी बढ़ाने पर सहमती
01:50बनी तब जाकर के उन्होंने अपना अन्शन खत्प करिया
01:53दिल्ली के जंतरमंतर रांदोलन के बाद से ही मद्यपरदेश में वैसे भी जैन जी और जैन अलफा के प्रदरशनों की
01:59जैसे बाढ़ा गई है
02:00और इसी बीच में इंदौर में राहूल गांदी का छात्रों की गुंच कारिक्रम आया
02:06इंदौर को क्यों चुना था राहूल गांदी ने ये भी जानने वाली बात है
02:09दरसल इंदौर जो है वो मद्य भारत के सबसे बड़े शेक्षणिक केंद्रों में से एक है
02:14इंदौर वो शहर है जो देश का पहला ऐसा शहर बना था जहांपे IIT और IIM जैसे दो प्रमुख संस्थान
02:21एक ही शहर में स्थापित हुए थे
02:23इससे पहले देश में कहीं भी ऐसा नहीं हुआ था कि ये दोनों प्रमुख संस्थान एक ही शहर में हो
02:28अगर किसी शहर में IIT होता था तो किसी अन्य शहर में IIM होता था लेकिन दोनों एक ही जात,
02:34एक ही शहर में हो ऐसा सिर्फ इंदवर में हुआ था और इंदवर में इसलिए क्योंकि ना केवल मद्यपरदेश बल्कि
02:40मद्यभारत का आज की तारीक में इंदवर सबसे बड़ा श्
02:44यहां हर साल युवा छात्र छात्राय पहुंचते हैं देश भर के अलग-अलग हिस्तों से पढ़ने के लिए अब जब
02:51वो पढ़ने के लिए आते तो उनकी कई समस्या होती है हाली में दिल्ली में जो सत्य निकेतन बिल्डिंग हाथसा
02:56हुआ था उसमें भी जो छात्र मारे ग�
03:12उठाते हैं कोई गलत हो रहा होता है परिक्षाओं को लेकर कि कुछ गलत हो रहा होता है या फिर
03:16किसी की साथ अंद्याय हो रहा होता है तो इनकी आवाज को दबाया जाता है इसी को आगे बढ़ाया राहुल
03:22गांदी ने उन्हें�� कि सिस्टम और सरकार जो है वह छात्रों न
03:41उन्ज़ का मकसद सिर्फ एक है छात्रों को यह احसास दिलाना कि वो निडर हैं और वो सवाल पूछ सकते
03:47हैं और इसलिए उन्होंने
03:49कहाता पिससाने कि जो निडर होते हैं सरकार उन्हें दबाने की कोशिश करती हैं कैई तरीगे के
04:08राहुल गांदी ने अन्द वक्त कहा राहुल गांदी ने ना किवल भरती परिक्षाओं की बात वहाँ पे की बलकि राहुल
04:14गांदी ने इसके साथ ही मद्ध बदेश समय देश के अलग लग हिस्तों में जो चात्रों के साथ हुआ जो
04:19युमाओं के साथ हुआ उसकी बात की म�
04:28अलागाट में बच्चों के मारे जाने पे उन्होंने बात की जो पिछले कुछ महीनों में वहां से 30 से जादा
04:32बच्चों की बहुत हुई हैं कफ सिरफ से बच्चे मारे जाते हैं उसकी बात उन्होंने की इसके साथी जो कुछ
04:38अभी बंडा में हुआ सागर जिले में उसकी बा
04:56से क्या असर उने पर परता है उसकी बात उनों ने की कैसे कई बार भरतीege इरी नतीजने यह से
05:03गोशित हो चुके हैं और ऐसे
05:07कि एआपको सवाल पूछना चाहिए सरकार से यह से ले ले पर करके कई सवाल कھड़े लिए भर मंत्री डॉक्ट्र
05:19मुहो नहीत हुँ
05:23चात्रों की गुंज कारेक्टर में दरसल वो जूट की गुंज थी क्योंकि उसमें चात्र थे ही नहीं जिन भी लोगों
05:30से रहुल गानी ने बात की वो जादा तर कॉंग्रिस कारे करता थे यह आरोप लगाया भारती चंता पार्टी ने
05:35इसके साथ ही उन्हों ने ये भी कहा कि
05:37कॉंग्रिस के शासनकाल से लेकर के बीजेपी के शासनकाल में मद्य बदेश में प्रती व्यक्ति आये से लेकर के बेरोजगारी
05:43की दर हो वो कम हुई हो और इसके अलावा कई ऐसे दूसरे मुद्दे थे जो रहुल गानी ने अपने
05:48चात्रों की कुंच कारेक्टर में उठा
06:05पूचना है नौकरिया नहीं मिल रही है तो उन्हें सवाल पूचना है अगर कहीं पर गलत हो रहा है तो
06:10उन्हें सवाल पूचना है रश्टा चार अगर उन्हें दिख रहा है तो उन्हें सवाल पूचना है लेकिन अंदभक्त बनके नहीं
06:15रहना है यही चात्रों की गुंज
06:31सभा के चुनाव होने हैं और जितने भी चात्र राहूल गांदी को सुनने वहां पहुंचेते उन में से कई ऐसे
06:36होंगे जो दो हजार अठाइस के विधान सभा चुनाव में फॉर्स टाइम वोटर होने वाले हैं तो सभाव एकसी बात
06:42है कॉंग्रेस ने इन युवा चात्रों
06:44में अपना एक पोटेंशल वोटर भी देखा है और इसलिए माना जा रहा है कि इन दौर में चात्रों की
06:50गुंच कारिक्रम के जरीए कॉंग्रेस एक बाद फिर से मद्य बदेश जैसे राज्य में जहां वो अपनी पकड़ को बहुत
06:55कमजोर कर चुकी है वो उसे एक बाद फ
07:14ज़्सरी में लाखो रुपे खर्च होते हैं और खर्च अभी भी धस्件 नहीं है जब मैं उसे दोरान सर्वम्हक आता
07:29तुटारी है अहमें पैसे दीजए अगर नहीं दिये एं तो अपने रोम खाल इक घर चली जाईए
07:36एसी कई स्टूडेंट एसी कई गल से रूप छोड़कर घर चली गई है जितकी शाधिया हो गई है
07:43सर एक मुद्दा चलता है एक योजना है आवाजभत्ता करकी आवाजभत्ते में इनकी है कि हर महीने आपको पे करना
07:52है
07:53साल का 24,000 आता है हर महीने 2-2,000 आता है सर में 2020 में जिस रूप में
07:59रहती थी महां 25 रूपे महीना था आज उसी रूप का 5,000 रूपे महीना है
08:06पर अवाजभत्ते में कोई बड़ोत्री नहीं हुए हर साल 10% हमारे जो रूप का रेंटे वो बढ़ता है और
08:1324,000 मिलना है में साल वरकाव साल के एंट में मिलता है महीने 2 महीने नहीं मिलता है महीने
08:18हम कुछ न कुछ करके जुबार करके पैसे किसी से ब्यात से लेके हम उसे
08:23हम भी इसे देश के नागरिक है हमें इस देश की जन्सी आप यह में तो यारा सो 40 और
08:36छांसे सो सीट है
08:50इन दोर में राहूल गांधी का मंच कारिकरम का नाम था छात्रों की गूँज
08:55लेकिन छात्रों के सवालों से जादा अप सियासी ठाहाकों की गूँज जादा सुनाईगे रही है
09:01राहूल गांधी का मकसद था छात्रों की आवाज उठाना
09:04मुद्दा थे सिक्षा रोजगार विवस्था के सवाल राहूल गांदी ने जलंत मुद्दो पर बात की
09:09सरकार को ठेरा लेकिन इसी बीच उनके मंच से एक ऐसी यूज उची जिसने सियासत का रुख भी मोड दिया
09:15मंच पर स्टेंड अप कोमेडियन पुलकित मड़ी आया सामने राहूल गांदी और फिर राहूल गांदी ने पुलकित का परचे कुछ
09:22यूँ कराया जिस पर विवादू का बवन डर उचने लगा
09:36इसके बाद तो मंच का मिजाज बदल गया यहांसी किस बात पर थी यह ठाहा के किसके लिए थे
09:41लोकतंद्र बे प्रधानमंत्री के अलोचना करना अपराद नहीं है लेकिन अलोचना और अपमान के बीच फर्क मिटा देना भी लोकतंद
09:48की बज़ूती नहीं है
09:49इन दौर में छातों युवाओं के सामने शायद ये फर्क मिट गया
09:53कर कर दो कि अखे युवाओं करता बीक युवाओं कर प्रधा इधिन्म सेटी आधि मांस्तों अपंद्र
10:23चात्रों की गूंज के मंच उस्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोधी की मिमिक्री और राहूल गांधी का कॉमेडियन के साथ समभाद
10:28कॉंग्रेस के लिए भी राजनीतिक सवाल बन गया
10:31केंद्री मंत्री तियूश गोयल ने राहूल गांधी को औसंसकारी नाराज भूफा बताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा
10:37वेडंबना देची बार बार मंच पर आकर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोधी का नाम सस्ते राजनीतिक तमाशे में घसीटने किनकी आदत
10:45हैरान करती है
10:46राहूल गांधी दूसरों पर उंगली उखाने से पहले जरा आइना देख लिजिए
10:49चात्रों के बीच इसी मंच पर कॉमेडियन पुलकित मणी कहता है कि मा को कुरसी दो
10:55राहूल गांधी कहते हैं tell me more
11:11बस इसी समवाद ने सियासत की धटी को और घड़का दिया
11:15जूट की गूंज आपको मालूम है कि इसका कोई असर नहीं पढ़ता है
11:22और अच्छा नहीं लगेगा लेकिन ठीक है वो विपक्ष के नेता है
11:29और आप सब लोग मीडिया में विपक्ष के नेता को जो कवरेज देनी चाहिए वोगर आप देते हैं
11:36लेकिन जो उनकी अंडरस्टैंडिंग है देश के विश्यों के बारे में वो बिलकुल सुपरफीशल है और उनकी कुछ समझ में
11:45नहीं आता
11:46कांगरेज के लोग केवल गाने बजाने का एक बड़ा आयोजन करते वे और अपने युवाओं की टीम को इखटा करते
11:55वे
11:55उनके बीश में जिन विश्यों के लेकर उनको आना चाहिए मैं उम्मित करता हूँ कि जो तथ्यों के साथ बात
12:02करेंगे तो ज़्यादा अच्छा रहेगा
12:04लेकिन कोई बात नहीं कांग्रेश अपने इनी करणों से सत्ता से लगातार बाहर है आज देश के अंदर 80%
12:09से ज्यादर आज जो से कांग्रेश आउट हो चुकी है और इसी वहाल का तरीके के बहबार के करण जन्ता
12:16का विश्वास लगातार खो रही है
12:19मधवर्देश के इन दौर में मंच छात्रों का था मुद्दे छात्रों के थे लेकिन राहूल गांधी के सामने विवाद मा
12:25तक पहुच गया थे
12:26कांग्रेश के योराज ने भी कल अपने जूट की गूँज में जिस प्रकार का अचन किया पूरी नारी सक्तिकावा अपमान
12:39है
12:40बीजेपी ने सोशल मीडिया पर पस्चिन बंगाल चुनाओं के दौरान पीम मोदी के एक वीडियो साजा किया जिसमें वो बुजर्ग
12:47महिला को कुर्सी देने के लिए बोल रहे हैं
13:06पीजेपी का दावा है कि पीम मोदी ने जहां एक वुजर्ग महा का संबान किया वहीं राहूल गांधी ने अपने
13:11कारिकरम ने एक महा का मजाक उड़ाया
13:13हराश्ट के सीम कहते हैं कि राहूल गांधी मर्यादा की सारी सीमाएं लांग गए है
13:35अब बीजेपी सवाल पूछ रही है कि क्या राहूल गांधी के हसी कॉमेडियन के टिपड़ी की मूख सहमती थी
13:40या फिर कॉंग्रेस से महज राजनीटिक व्यंग बता कर पल्ला ज़ाड लेगी
13:44तिके राहूल गांधी के कृत्ते ने इस पश्ट कर दिया कि कॉंग्रेस पाटी क्यों विपक्ष में बैठती है
13:51और दो अजार उनतिस में भी कॉंग्रेस विपक्ष में क्यों बैठेगी
13:54क्योंकि राहूल गांधी का पूरा एक्ट ये दर्शारा था कि वो देश की गरीब जनता से नफरत करते हैं
14:00वो एक ट्रोलर की तरीके से कॉमेडियन के जैसे स्टेज पर दिखे ना की के लोपी के जैसे
14:06तबी इस देश में कंसेंसस है कि राहूल इस नाट फिट टू बी दी लोपी
14:14किसी की मा के आचल की कोई पार्टी नहीं होती
14:16ममता का कोई चुनाव चिन्ह नहीं होता
14:18इसलिए मा के सम्मान पर कोई राजनीति गडबंधन नहीं होना चाहिए
14:22कॉंग्रेस भी बीजेपी के हमले से हक्का बक्का है
14:48यह करी नहीं किया कि किसी की मा सब की मा लोगतंत्र में कटा अक्षो सकता है
14:56लेकिन क्या सम्मेदना को भी ठाकों में उला दिया जाए राहूल गांधी के छात्रों की
15:01गूंज के मंच से उठेव वाद में अब पूरी स्यासत को सवालों के खेरे में खड़ा कर दिया है
15:05आज तक दर हो
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