00:00मध्य प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है
00:049 मेडिकल कॉलेज काम हॉस्पिटल और 18 सामुदाइक स्वास्ति केंद्रों को PPP मोड पर चलाने की तैयारी है
00:11लेकिन केवल PPP का सवाल नहीं है
00:15सवाल है कि सरकार ने जिन संस्थानों को खड़ा किया उनमें निजी भागिदारी का मॉडल क्या होगा
00:20और सस्ती स्वास्तिय सेवा के वादे को निभाने का कौन सा रास्ता अपनाया जाएगा
00:26तो कई तरह की सौगात नीमच को मिली है
00:37अब यहीं MBBS करेंगे यहीं से डॉक्टर निकलेंगे यहीं बहतर इलाज होगा
00:45तीन साल पहले मुख्यमंतिरी रहते शिवरासिंग चोहन ने जिस मेडिकल कॉलेज को नीमच शहर के लिए सौगात बताया
00:52जनता को सस्ते इलाज और छात्रों को अच्छी पढ़ाई के लिए जो सपने दिखाए वो अब कैसे पूरे होगे
00:58क्योंकि हजारों करोड में बने नीमच जैसे 9 मेडिकल कॉलेज जल्द ही निजी हाथों में चले जाएं
01:04MP के 9 सरकारी मेडिकल कॉलेज़ों को PPP मॉडल यानि Public Private Partnership पर देने की तयारी है
01:10इन सरकारी मेडिकल कॉलेज़ों को कौन सी नीजी कमपनी चलाएगी इसका फैसला नहीं हुआ है
01:15लेकिन सरकार ने PPP का पूरा मॉडल तयार करने के लिए
01:18Transaction Advisor Newpt करने की Request for Proposal जरूर जारी कर दिया है
01:23और यहीं से शुरू होती है
01:26सबसे बड़ी बहस की सरकार ने जिन संस्थानों को खड़ा किया
01:29उनमें नीजी भागेदारे का मॉडल क्या होगा
01:32सरकारी फेकल्टी और कर्मचारियों का क्या होगा
01:36और सबसे बड़ा सवाग मरीज और मेडिकल चात्रों पर इसका क्या असर पड़ेगा
01:42सबसे पहले आपको बताते हैं इस सूची में कौन-कौन से मेडिकल कॉलेज शामी है
01:47नीमच, सिंग्रॉली, शियपूर, बुधनी, छतरपूर, दमो, मंडला और राजिकर समेट
01:53पुल नौ मेडिकल कॉलेजों को स्तरकार निजी हाथों में सौप रही है
01:58लेकिन मामला सिर्फ मेडिकल कॉलेजों तक सीमित नहीं है
02:0118 सामुदाइप स्वास्त केंडर यानि CSC भी PPP प्रक्रिया में शामील बताय गए है
02:07यानि मेडिकल कॉलेज से लेकर जिलास्तर की स्वास्त सेवाउं तक स्तरकारी स्वास्त धाचे में
02:12निजी भागिदारी का तायरा बढ़ाने की तयारी दिखाई दे रही है
02:15इन सब के बीच अब आते हैं सबसे एहम सवाल पर
02:18जो है VGF यानि Viability Gap Funding
02:21दरसल PPP प्रोजेक्ट आर्थी तोर पर पूरी तरह वैवारिक ना होने के बावजुद सामाजी ग्रूप से जरूरी हो
02:27तो उन्हें वित्या साहता देने के लिए VGF का इसके माल किया जा सकता है
02:32लेकिन इस पूरी कवायद में सबसे ज्यादा चिंता Medical College के अंदर दिखाई दे रही है
02:36क्योंकि यहाँ सिर्फ Building और Machine नहीं है
02:39यहाँ Doctor है, Professor है, Nursing Staff है, करमचारी है और हज़ारों Medical चाहत है
02:45आज तक ने जब Medical College में काम करने वालों और पढ़ने वालों से बात की
02:49तो नीजी भागेदारी को लेकर कई सवाल उनके मन में थे
02:52उन्हें इसका जवाब चाहिए था, कि अगर संचालन में नीजी भागेदारी आती है
02:56तो पहले से काम कर रहे सरकारी करमचारियों की भूंड का क्या होगी
03:00उनकी सेवा शर्तें क्या रहेंगी, फैकल्टी की न्यूट्टी और वेतन का ठाचा क्या होगा
03:05और मेडिकल च्छात्रों की फीस्ट और ट्रेनिंग विवस्था पर इसका क्या असर पड़ेगा
03:09अठी जो स्टूडेंट्स है जो यहाँ पर सरकारी फीस दे कर पढ़ाई कर रहे हैं
03:17सरकारी फीस्ट गवार्मेंट मेडिकल कॉलेज में कम होती है
03:22और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजच में यह फीस्ट कई गुना ज्यादा होती है
03:26तो हमारे जो 300 विद्यार्ति है यह सरकारी फीस पर पढ़ रहे हैं यहां पर और यह अत्यांत गरीब
03:35फैमिली से अधिकतर लोग बिलाउंग करते हैं कई लोगों को सरकार स्कॉलर्शिप देती है
03:44तो अगर यह प्राइवेट कंपनी को यह हस्तान तरण होता है कॉलेज
03:53तो इन विद्यार्तियों का किस सिस्टम के द्वारा इनका आगे का भविश्यत्य होगा
04:03मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को भी डर सता रहा है कि कॉलेज प्राइवेट हाथों में गया तो फीस
04:09से लेकर तमाम दूसरे खर्चों की मार छात्रों पर पढ़ सकती है
04:14जो प्राइवेटाइजेशन है वो नहीं किया जाना चाहिए और इसको गौवर्मेंट ही रहने देना चाहिए मतलब ताकि जो फैसिलिटीज है
04:19गौवर्मेंट अप्रूब सारी जो फैसिलिटीज है सेट अप की वो सब बच्चों को मिल सके क्योंकि है तो आखिर ये
04:24गौव
04:42जो एक गोल था जिस गोल से कॉलिज को चालो किया था मेरे टिकल एजूकेशन फोर opposition तो वह फिर
04:48कायब नहीं यूगा अगर हम प्राइवेटाइजेशन कर देंगे मेडिकल कॉलिज का और फिर मेडिकल कॉलिज का फिर खोलने का मतलब
04:55नहीं रहा अगर प्राइवेटाइजे
05:12को मध्यप्रदेश में लागू किया जा रहा है सरकार पीपी को मेडिकल शिक्षा और स्वास्तिस देवाओं के विस्तार के मॉडल
05:19के तौर पर देख रही है
05:20नो जिले ऐसे हैं जहां पर जमीन तो चिन्नित हो गई है लेकिन मेडिकल कॉलेज में इन्वेस्ट करने वाले लोग
05:28ले रूच नहीं दिखाई है इसलिए अब रणिनिती को बदला है और राजी सरकार की जो टेंडर के डॉकुमेंट है
05:37उसके बजाए अब भारत सरकार के जो �
06:05जो पहले असफल रहे हैं उसमें टेंडर फोड करें
06:10कॉंग्रिस ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है विपक्ष का सवाल है कि सरकारी पैसे से खड़े किएगे मेडिकल संस्थानों
06:16के संचालन में नीजी कमपनियों को लाने की ज़रूरत क्यों पड़े
06:19भाजपकी सरकार सब बेचने पर उतारू है जैसे बस स्टेंट, सरकारी कॉलेज, सरकारी होटेल
06:49और चार साल से परिक्षानों चार साल का कोर्स बच्चे आठ साल में भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं
06:55जितने मेडिकल कॉलेज मद्द प्रदेश के हैं, मेडिकल काउसल अफ इंडिया ने उन पर कितनी गंभीर टिपड़ी की होटे माप
07:03दंडों को लेके
07:04उनके स्पैसिफिकेशन को लेके वो देफोगे तो हैरानी होती है कि किस तरह की शिक्षाज लोग चला रहे हैं
07:13मद्द प्रदेश में सरकार इसे स्वास्त और मेडिकल शिक्षा के विस्तार का रास्ता बता रही है
07:18वो इस सवाल उठाने वालों की नजर इस बात पर है कि सरकारी निवेशन से तयार इन संग स्थानों में
07:24नीजी भागीदारी आने के बाद पैसाफ प्रबंधन, करमचारी, फीस और मरीजों की जिम्मेदारी का संतुलन आखिर कैसे तैह होगा
07:31क्योंकि मेडिकल कॉलेज सिर्फ इमारत नहीं होते यह सरकारी स्वास व्यस्था की रीड होते
07:37मनसौर से आजया और दीवा से पिजय के साथ रवीश पाल से भुपाल आज तक
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