00:00आप कह रहे हो वो घर से बाहर नहीं निकल सकती शाम को आप कह रहे हो कि वो क्यों
00:07बाहर जा करके काम करा करती हो बाहर जा करें इससे अच्छा है कि वो घर की देवी बन कर
00:11रहे हो आप बार बार उसका वंदन करने के लिए उत्सुग हो रहे हो उसको मनुशी की तरह नहीं दे�
00:29दे रहे उसके बाद आप कहते हो कि अब तु गूंगी गुडिया बन जा और अब मैं तुझे संसद में
00:35आरक्षण कित्रू बैठा दूँगा तो यह क्या है
00:41महिलाओं को बिलकुल एक चेहरे की तरह मौजूद रखा जा सकता है संसद में बिना किसी भी तरह के महिला
00:50सशक्ति गरणगे
00:52विदेशों में भी अब जाकरके डूबडूगी वजाई जा सकती है कि देखो भारत में तो संसद में महिलाओं की 33
00:59पश्चा तो पस्थिती है
01:00लेकिन वो महिलाएं होंगी वही सब जो कहीं से भी किसी तरह का कोई disruption नहीं लाने वाली पुरानी विवस्था
01:11में
01:14वो टाकतवर बाहु बली पुरुषों की पत्नियां बेटियां बहुएं होंगी जो यहां पर आ जाएंगी या फिर कई बार सजावटी
01:24शोपीस जैसे अभिनेत्रियां और उनको ला करके संसर्द में रख दिया जाएगा मैं मैं सब प्रकार की कलाहों का समान
01:31करता हूं अभिन
01:35अभिनेत्री और अभिनेत्री में भी अंतर होता है एक अभिनेत्री होती है जो संसर्द में इसलिए पहुचती है क्योंकि उसके
01:42भीतर कोई वास्तविक इक्षा होती है समाज कल्यान की देश को आगे बढ़ाने की और एक अभिनेत्री होती है जिसको
01:49संसर्द में इसलिए प
02:05बोलना पड़ेगा
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