00:00CCA की और वीडियोज देखने के लिए सब्सक्राइब करें और बेल आइकॉन को दबाएं
00:30चुकि अरावली परवत जो है वो मानसून के एक बहुत बड़े हिस्से को रोक कर बारिस कराती है
00:36अगर वो परवत सिंखला आपको खनन के मार्ध्यम से क्योंकि जब उसको शुकार कर लेंगे तो अगले 20-25-50
00:42साल में सारे पहाड आपको खन दिये जाएंगे
00:46इसका सबसे बड़ा एकजामपल आप देखें कि जो बनारस के बगल में जो मिरजापूर है
00:52वहाँ पे अनियंतरित खनन का परेड़ाम आप देख रहे हैं कि पहाड कटके गिर रहे हैं और कितने लोगों की
00:58मिर्तु हो गई
01:00पहाडों में जो विकास के नाम पर जो रोड, सुरंग, रेलवे लाइन, खनन, पत्थर जो तोड़े जा रहे हैं
01:08जो अरावली परवत का ये जो कानून भारत सरकार ला रही है उससे समान व्यक्ति को कोई फायदा नहीं
01:18इससे फायदा है खनन माफिया, बड़े-बड़े भीरोक्रेट्स जो क्योंकि वो पट्टे पे दिये जाएंगे तो उसमें सबका अपना हिस्सा
01:27बनेगा
01:28और उसमें एक बड़ा मचली है जिसे हम अडानी के नाम से जानते हैं
01:33वो इसमें इनबॉल्व हैं और ये पुरा खनन प्रिक्रिया उन लोगों के लिए ही लाया जा रहा है
01:39उस छेत्र में रहने वाले जो जीव जनतु हैं, जानवर हैं, पक्छी हैं
01:45तवाम जो उनसे बड़ा आपको एक व्यक्ति का हित इस समय आकर खड़ा हो गया है
01:53तो ये सिधे सिधे जो सरकार का फाइदा है, चाही इस सरकार की सबसे बड़ी खामी ही है
01:59कि ये निणे जिन्होंने नितिगत निणे जो उन्होंने जितने भी लिए हैं
02:12इसलिए मैं आपके माध्यम से अपील करना चाहता हूँ
02:23रहूं देश के प्रत्तिक नागरिक से कि इस नियम को इस प्रक्रिया को यदि
02:29आप नहीं रोकेंगे तो आने वाला पिढ़ी आपको कभी माफ नहीं करेगा कोट
02:34सरकार ये जानबूझ के इस पूरे प्रक्रिया को सुप्रीम कोट के माध्यम से कराई है तकी लोगों
02:41जो हो वो क्योंकि आज भी लोग सुप्रीम कोट को बड़े ही आदर के नजर से देखते हैं तो उसका
02:47फाइदा सरकार लेना चाहती है कि भाई हम करेंगे तो डारेक्ट विरोध होगा और सुप्रीम कोट के माध्यम से करवाएंगे
02:53तो फिर बात में पल्ला जाड़ने के लिए
02:55भी अगर एक आंदोलन जन आंदोलन खड़ा होता है तो फिर हम जब पीछे हटें तो मेरे पास कहने के
03:01लिए हो कि भाई यह तो सुप्रीम कोट का आदेश था हमने आपके आंदोलन और आपके मत का सम्मान किया
03:07और हम पीछे हट गए
03:08सीसे माप सभी का स्वागत है साथियो अभी इस देश में अरावली पाड को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो
03:15चुका है
03:17हालिया सुप्रीम कोट के अभी एक टिपनी में कहा गया है कि
03:20अरावली पाडियों के कुछ पाडियों को जो सो मिटर से कम की पाडिया है उसे अरावली संक्रा में नहीं गिला
03:26जाएगा
03:27जिससे काफी लोगों में जो परियावरण विद्यान का कहना है अगर ये नियम सही से लागू हो गया
03:33तो आने वाले समय में अरावली पाड़िया लगवक खतम ही हो जाएगी
03:37हमारे साथ अभी निर्भयक कुमार सिंग जी है जो पोलिटिकल के प्रोफेसर है
03:42और साथ साथ में परियावरण को लेकर काम करते रहते हैं
03:46जी बहुत-बहुत शुक्रिया आपका भी बहुत-बहुत सुक्रिया हमसे बातचित करने के लिए
03:52सर अभी जो अरावली पाहड को लेकर एक विवाद पूरे देश में खड़ा हो गया तो आप कैसे उसको देखते
03:58हो
03:58क्या चीज़े की जा रही है आपके मार्ध्यम से पूरे देशवासियों को मैं बताना चाहता हूं कि अरावली जो है
04:09वो भारत की सबसे प्राचीन परवत सिंखला है
04:15और जो भारत का जो इको सिस्टम है उसको संतुलित करने में इस परवत सिंखला का काफी महत्पूर योगदान है
04:25इसका जो प्रथम बिवाद जो शुरू होता है वो 2002 में शुरू होता है जब हर्याना में एक अनियंत्रित खनन
04:35परक्रिया शुरू होती है
04:36जिसे बाद में वो मामला कोट में जाता है और कोट उस पर रोक लगा देती है लेकिन एक मुद्दा
04:46और जो सबके सामने आता है
04:49वो 2010 में जो Foreign Survey of India जो FSI है वो सर्वे में ये पाती है कि अरावली के
04:59जो बहुत सारे पहाड़ है वो गायब हो गए है
05:04तो ये बड़ा संकट आपको सामने आया फिर चुकि खनन को लेकर चुकि अरावली का जो परवत छेत्र है वो
05:17गुजरात हरियाना पंजाब और दिल्ली का एक बहुत बड़ा छेत्र जो लगभग 700 किलोमीटर का छेत्र कभर करता है उसके
05:28इको सिस्टम से जुड़ा है और उ
05:33तो ये जो अभी अरावली को लेकर जो भरस सरकार ने जो प्रस्ताव दिया था और सुप्रीम कोर्ट ने जो
05:42उसे अनुमोदित दिया है इससे बहुत सारी चिंताइं उभर के सामने आई
05:49उसमें जो सबसे बड़ी चिंता ये है कि जो परिभासित किया गया है सरकार के अपने तर्ख हैं और पर्यावरंड
05:59वादी हम जैसे सुप्चिंतक जो पर्यावरंड को लेके सजग हैं जागरूख हैं और समान ब्यक्ति के लिए उसका दुसरा माइन
06:10है
06:10कि सरकार को डबलम्मेंट के नाम पर उसे गिर्वी रखने का एक प्रयास है ताकि ज़ादा से ज़ादा मातरा में
06:21खनन हो और जो उन्होंने परिभासा बनाई है और उस परिभासा में उन्होंने जो क्लोज रखा है
06:28सो मीटर का उसने कहा कि सो मीटर से जो ज़्यादा उची पहाड़ियां होंगी वहीं अरावली की परवत स्रिंखला को
06:38में गिना जाएगा
06:40लेकिन इस परिभासा को अगर आप स्युकार कर लेते हैं तो अरावली परवत स्रिंखला का लगभग 80-90 परसेंट जो
06:51आपको परवत स्रिंखला है वो इसके दारे में आ जाती है
06:56इसका मतलब यह है कि 10 से 20 परसेंट ही परवत स्रिंखला ऐसी है जिसकी उचाई सो मीटर से उचा
07:05है यानि अगर इस परिभासा को आप स्युकार कर लेते हैं तो आप यह स्युकार करते हैं कि जो जो
07:13अरावली परवत की वज़ा से जो भारत का इको सिस्टम जो तयार होता है
07:16वह सीधे सीधे प्रभावित होगा और इससे एक अनियंत्रित खनन आपके बीच में आएगा जिससे पूरा पार्स्तिति की तंत्र जो
07:28है वो डिश्टर्ब होगा चुकि अरावली परवत जो है वो मांसून के बहुत बड़े हिस्से को रोक कर बारिस कराती
07:37है
07:38अगर वो परवर्थ सिंखला आपको खनन के माध्यम से क्योंकि जब उसको शुकार कर लेंगे तो अगले 20-25-50
07:44साल में सारे पहाड आपको खन दिये जाएंगे
07:48इसका सबसे बड़ा एक्जामपल आप देखें कि जो बनारस के बगल में जो मिर्जापूर है वहाँ पे अनियंतरित खनन का
07:56परिणाम आप देख रहे हैं कि पहाड कटके गिर रहे हैं और कितने लोगों की मिर्ट्टू हो गई
08:01आप दोहजार पचीश जो है जो इस बात का गवाह रहा है कि भारत की विभीन छेत्रों में इस इको
08:09सिस्टम में जो डिस्बैलेंस आया है पहाडों में जो विकास के नाम पर जो रोड, सुरंग, रेलवे लाइन, खनन, पत्थर
08:19जो तोड़े जा रहे हैं उसके कारण जो ए
08:31इस सारे नीड़े को हम सब भारतवासी भोगेंगे और इस इको सिस्टम को बनाने में अरावली परवत सिंखला का एक
08:40बहुत बड़ा योगदान है
08:42अच्छा भी आपने बहुत सारी चीज़े रखी खनन की बात रखी तो यह अभी जो टिपनी की गया जो फैसला
08:49आया है तो क्या इसके पीछे यह कानूनी परिकरिया या कोई आर्थिक दबाओ जो है बना के चीज़े की जा
08:56रही है क्योंकि हम जब देखते हैं कोई भी सरकार
08:59परकरती को बरबाद करने के लिए सरकार नियर्ण दे और वह भी पूझी पति को फाइदा पहुचाने के लिए तो
09:04इसमें क्या डर जो मैं डर क्या है कि लोगों को असली फाइदा पहुचाने के लिए चीज़े लाई जा रही
09:09है बेसिकली जो रिपोर्ट भी आ रहे हैं कि �
09:13देश के 10% लोगों के पास देश के संपत्ति का 90% हिस्सा उनके पास है तो अब इसली
09:21सी बात है कि जो अरावली परवत का ये जो कानून भारत सरकार ला रही है उससे समान व्यक्ति को
09:30कोई फाइदा नहीं इससे फाइदा है खनन माफिया बड़े-बड़े ब्यूरोक्रेट
09:36जो क्योंकि वो पट्टे पे दिये जाएंगे तो उसमें सबका अपना हिस्सा बनेगा और उसमें एक बड़ा मचली है जिसे
09:44हम अडानी के नाम से जानते हैं वो इसमें इनबॉल्व हैं और ये पुरा खनन प्रिक्रिया उन लोगों के लिए
09:52ही लाया जा रहा है तो देश से
09:56बड़ा देश के पर्यावरण से बड़ा उस छेत्र में रहने वाले जो जीव जनतु हैं जानवर हैं पक्षी हैं तवाम
10:07जो उन से बड़ा आपको एक व्यक्ति का हित इस समय आकर खड़ा हो गया है तो ये सीधे-सीधे
10:16जो सरकार का फाइदा है चाहे इस सरकार की सबसे ब�
10:25बड़े-बड़े पुझीपतियों का ज्यादा फाइदा रहा चाहे वह तीन क्रिशी कानून को लेकर हो या भूमी सुधार को लेकर
10:31हो या अभी ये जो परवत सिंख अभी मंद्रेगा का जो उन्होंने नियम में जो बदलाव लाया और नाम चेंज
10:40किया तो इस सरकार की मंस
10:42जो है वो बड़े-बड़े पुझीपतियों को फाइदा पहुंचाना है और उसका सिधा सा मतलब है कि वह सारे लोग
10:50कहीं ने कहीं उनको जिताने में अपनी भूमी का निभाते है अच्छा सर हम देख रहे हैं लगतार कि कहा
10:58जा रहा है अगर परवतों को परवतों के साथ �
11:00चेड़ चार की गई परवतों के साथ तो सबसे ज़्यादा खामियाजा किसानों या मजदूर गरीब किन लोगों को सबसे ज़्यादा
11:06खामियाजा इसका बहुत न पड़े तेखे पर र्यावरण का जो एकोसिस्टम है उसमें सभी सामील है मनुस्य तो है ही
11:15उसका पार्ठ ह
11:16जो अब परवर सिंखला जब वो समाप्त हो जाएगी क्योंकि 90% 80% वो आपको उस दाइरे में आ
11:24जा रहा है परिभासा के दाइरे में तो फिर जो मांसून को रोकने वाला कोई नहीं होगा तो वो सीधे
11:31डारेक्ट आपको उत्राखंड से टकराएगा
11:33और उत्राखंड में आपको तवाही जिस तरह से दिन परति दिन बढ़ रही है वो संख्या और बढ़ जाएगी और
11:40जो तापमान है दिल्ली का आसपास के छेत्रों का वो अभी काफी बढ़ जाएगा ये तो चलो as a human
11:47आप बता रहे हैं लेकिन सबसे बड़ी समस्या तो उस छ
12:02डुसरे चेड़ में ट्रवल करते हैं तो जब खनन होगा तो फिर उनका जो एक क्योंकि वह एक इक्त मुह
12:08एक्षिस्टम बनाएं उनका एक रास्ता है तो यह जो पंठारी चेत्र की तरह होते हैं है 50 मीटर और न¿
12:15सट्काकि मोजुत हैं तो इनका जो अपना एक को
12:31आप देख रहे हैं कि हमारे बीच से गीध गौरया क्यों खतम हो गए क्योंकि हमने उनके बनाए एको सिस्टम
12:38को खतम किया तो अब अगर उस छेत्र में जो 700 किलोमीटर के छेत्रों में फैला हुआ छेत्र है अरावली
12:45की जो परवर सिंखला है तो उस छेत्र के सभी वने जीव
12:51प्रभावित होंगे आज आप देखिए कि आपके छेत्र में घडरोज आपको हिरन यह आपको पूरे उत्तर परदेश बिहार और लगभग
13:01हर राजी की समस्या बनती जा रही है पहले जब हम बच्पन में थे तो यह सारे यह सारे जानवर
13:07जो हैं वह हमारे दिहात छेत्र मे
13:21में आने के लिए बाद्य हो गए हैं तो कहीं न कहीं हम जंगल में बहुत सारे ऐसे काम कर
13:26रहे हैं जहां पी यह जानवर रहते हैं उस एको सिस्टम में उन्हें खलल हो रहा है तो फिर वह
13:31प्लेन एरिया की तरह भाग रहे हैं और इसकी वजह से किसान को भी आर्थिक तोर प
13:51होगा वह उस रहने वाण जानवरों का डिश्टर्थ और नियम जो है वह कानूनी परिकेरिया में लाए जा रहे हैं
14:10उसको कैसे देख कर आप
14:17इसमें जो वो जानवर हैं
14:21उनके इधर-उधर भतकने और विस्थापन के रूप में देख रहे हैं
14:26आस पास के जो राज्य हैं छेत्र हैं उनमें पर्रावरणी दोस पैदा होगा इस रूप में देख रहे हैं
14:35इसलिए मैं आपके माध्यम से अपील करना चाहता हूं देश के प्रतेक नागरिक से कि इस नियम को इस प्रिक्रिया
14:43को यदि आप नहीं रोकेंगे तो आने वाला पीड़ी आपको कभी माफ नहीं करेगा
14:48क्योंकि सतत्विकास चू कि मेरा स्पेसलाइजसेशन गांधी जी पर है और गांधी जी का नाम मोधी जी बहुत लेते हैं
14:57हलाकि उन्होंने मंध्रेगा से गांधी जी
14:59का नाम टिया है लेकिन जो इसलिए कि आरावली की पहारी काट सकें तो ये बड़ा थी
15:10दुखद है कि दिखाने के दात कुछ और हैं और खाने के दात कुछ और हैं तो इस सरकार की
15:19यह सबसे बड़ी पहचान यही।
15:21अच्छा अभी हम देख रहे हैं लगातार चाहे लोक सबह में कोई भी हो वो पास कर दिया जाता है
15:27आपको लगता है आज के समय में सिर्फ अदालतों पर भरोसा करने या किसी परियावरण बचाने के लिए क्या जनांदोलन
15:35की ज़रुत है इस सबह मतब हमारे लोक तंत्र के ल
15:50है जो हमारे समयधानिंग संस्थाएं हैं जिसमें सुप्रीम कोट को आपको एक निस्पक्ष और स्वतंत्र इंस्टिउशन के तौर पर सेप्रेशन
15:59ऑफ पावर के अधार पर उसको भारत में जगह दी गई है लेकिन आप देखेंगे कि सरकार इस चीज़ को
16:05जानती है कि अ�
16:19लेकिन ये कहना बेमानी होगी क्योंकि अब सुप्रीम कोट सरकार ये जानबूझ के इस पूरे परकृरिया को सुप्रीम कोट के
16:28माध्यम से कराई है ताकि लोगों का गुष्छा जो हो वो क्योंकि आज भी लोग सुप्रीम कोट को बड़े ही
16:34आधर के नजर से देखते हैं �
16:37तो उसका फाइदा सरकार लेना चाहती है कि भाई हम करेंगे तो डारेक्ट भी रोध होगा और सुप्रीम कोट के
16:42माध्यम से करवाएंगे तो फिर बात में पल्ला जारने के लिए अगर एक आंदोलन जन आंदोलन खड़ा होता है तो
16:48फिर हम जब पीछे हटें तो मेरे पास कह
17:04अगर आपको सरकार और जनता को एक-एक बात कहने का मोगा मिला तो आप सरकार को क्या कहोगे और
17:10जनता को क्या कहोगे मैं सरकार को कहूंगा कि आप इस तरह का वन जीव जन बिरोधी प्रस्ताव को जितना
17:21जल्दी हो सके वापस ले लीजिए मेरा आप से बिनम्र निवेदन
17:26भी है और आपको एक आप कर सकते हैं कि एक आम नागरिक होने के नाते आपको एक आदेश भी
17:38है कि आप इस से वापस हर जाईए अन्य था धीरे धीरे लोगों के मन में जागरुकता फैल रही है
17:46और एक जन आंदोलन के लिए आप तयार रहें और मैं आम जनता से यह कहना चाहत
17:55हूं आम नागरिक से यह कहना चाहता हूं कि हमें अपने जीवन में हमको आने वाले पिढ़ी हमें कभी माफ
18:02नहीं करेगी क्योंकि सतत्विकास की पहली सर्त है कि हम आने वाले पिढ़ी के लिए क्या बचा के रख रहे
18:09हैं कौन से खनीजपदार संसाधन पर्या वरंड सोच क
18:25कानून वापस नहीं होते हैं तो कहीं न कहीं हम अपने आने वाले पिढ़ी के साथ गदारी कर रहे हैं
18:34हम अभी निर्बे सिंग जी के साथ थे इन्होंने परियावरण को लेकर बात कई देखो परियावरण रहेगा तो ही आने
18:42वाले समय में पिढ़ी का विकास और दोनों च
18:56अपने आने वाली पिढ़ी के लिए पर्यावरण के लिए तो पुरा जीवन समर्पित है तथ सतत विकास के लिए, मनरेगा
19:03के लिए तो जीवन समर्पित है तो समय कुछ नहीं है ये तो हमारा करतब्बिए है
19:10इस QR कोड़ पर स्कायन करें और CCA के दोस्त बने
19:49झाल झाल
20:06झाल झाल
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