00:00खौफ वेर्थ का खौफ पुता हुआ है चहरे पर क्योंकि एक भाव है कि कोई बहुत जरूरी चीज है जो
00:07छूटी जा रही है उस भाव में सच्चाई कितनी है ये कभी जाचा नहीं कोई क्यों डरेगा अगर उसको पता
00:16हो जो मिल सकता है वो भी एक सीमा के आगे महत्तो का न
00:29बीमार भी नहीं लग रहे हो क्या जरूरत होनी चाहिए ऐसे कापते डगमगाते दिखने की थर थर थर थर थर
00:38थर थर