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क्या चुनाव आयोग में कुछ असंवैधानिक हो रहा? साहिल के साथ देखें दंगल

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00:00नमस्कार मैं हूँ साहिल जोशी दंगल में आपका स्वागत है आज का दंगल देश की सबसे बड़ी खबर पर है
00:05क्योंकि आज भारत की राजनीती में शायर ही कोई ऐसा विपक्षी दल है जो चुनाव आयोग से जुड़े खुलासू को
00:12लेकर सरकार और मुख्य निर्वाचन
00:15आयोग के खिलाफ नहीं बोल रहा है आप जो कर रहे हो गलत कर रहे हो यह ट्रीजन है देश
00:28के खिलाफ है
00:34लोगतन खतम इसलिए आखरी चुनाव होने जा रहा है यूपी का यह आखरी चुनाव है इसके बाद आपके बोर्ट के
00:41अधिकार शीन दे जाएंगे
00:42भाजयपा ने खोला है लोकतन्तर की हत्या का कार्याले पिछले कुछ सालों में जितने चुनाव हुए हैं दिल्ली का, महराष्टर
00:53का, भिहार का, वेस्ट बेंगौन का, अर्याना का, मध्यपध्रेश का यह सारे चुनाव टैंसल कर दुबारा कराईगे
01:00जेल में तो नैनिस्ट उमार जारा चीए जेल में तो नैनिस्ट उमार जारा चीए
01:29और इसलिए क्योंकि इंडियन एक्स्प्रेस के रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि 28 अक्तूबर 2025 से 14 आगस 2026
01:37यानि करीब साड़े दस महिनों में 14 ऐसे मौके आए जब तीन सदस्यों वाले चुनाव आयोग में किसी न किसी
01:44सदस्य ने किये जा रहे फैसले पर असहमती या नाराजगी जताई थी
01:49दोनों चुनाव आयोग तो ने आठ आठ मौके पर अपनी असहमती जताई ये दोनों चुनाव आयत सुखविंदर सिंग संधू और
01:57विवेग जोशी है
01:58इन दोनों की असमितियों के बावजूद भी मीडिया रिपोर्ट्स जो उसके बारे में कहा गया है
02:04वो ये कहा गया है कि 28 अक्तूबर 2025 को संदू ने कहा कि बिना मंजूरी के चुनाव आयोग के
02:11नाम से चिठी और आदेश चारी किये गए
02:13फिर 16 अप्रेल 2026 को शिकायतों का अमबार ही लगा दिया गया
02:18संदू ने कहा कि नए IT मोडियूल और पोर्टल के बारे में मीडिया से पता चल पाया
02:23यानि उन्हें उसकी जानकारी नहीं थी
02:25संदू ने ये भी कहा कि आयोग की मंजूरी के बिना अधिकारिक बयान चारी किये जा रहे है
02:31जोशी ने कहा कि एक साल से आयोग की बैठके ना तो अजेंडा पता चल पा रहा है
02:36नो बैठक के बाद ब्योरे मिलते हैं यानि minutes of the meeting भी उनको नहीं मिल पा रहे
02:40जोशी ने ये भी कहा कि बिना आयोग की मंजूरी के अधिकारी विदेश श्यात्रा पर चले जाते हैं
02:47फिर 24 अप्रेल 2026 को जोशी ने एक बार फिर कहा कि बिना आयोग की मंजूरी के कोई अधिकारी बयान
02:53न दिया जाए
02:54आगे 16 मई 2026 को भी एक बयान दिया जाता है
02:57जोशी उस पर कहते हैं कि बिना सरकारी मनजूरी के form 6 में बदलाव नहीं करे
03:03form 6 वो होता है जिसे नए मतदार मतदान सूची में अपना नाम एड़ कर सकते है
03:09इसी बात पर 19 माई को संदू भी सहमत हुए
03:13फिर 29 माई 2026 को जोशी ने कहा कि वोटर डेटा बेस के सेंटरलाइज ना किये जाए
03:19आडिट उसका जरूरी है आगे 29 जुलाई 2026 को जोशी ने कैबिनेट सर्चिव को लिखा
03:25और कहा कि आयोग की जानकारी के बिना अफसरों को काम बाटे जा रहे है
03:3029 जुलाई 2026 को ही संदू ने भी कैबिनेट सर्चिव को याने कैबिनेट सेक्रेटरी से वर्क रोस्टर का मुद्दा उठाया
03:37अफसरों पर कारवाई की मांग भी की
03:4030 जुलाई 2026 को जोशी और संदू दोनों ने अफसरों के नए एलोकेशन ओर्डर को खारिच कर दिया
03:4712 आगस 2026 संदू ने कहा कि सवाल उठाया कि बंगाल ट्रिबुनल में आयोग के नाम पर जो लाखों अपिलों
03:55की मनजूरी दी गई है
03:56वो किस ने दी है
03:5713 आगस 2026 संदू ने कहा कि फॉर्म 6 में बदलाव अनदिकृत और अवैद है इल्लीगल है
04:0514 आगस 2026 को संदू ने शिकायत की कि फिल्ड अफसरों को ECI NET सिस्टिम तक पहुँचने नहीं दिया जा
04:13रहा है
04:13DJIT उसे क्यों रोक रहे है
04:15तो ये 14 मिसाले हैं जो मीडिया रिपोर्ट में दर्श की गई है
04:19जब तीन सदस्य निर्वार्चन आयोग के दो आयोगतों ने अलग-अलग मौके पर आयोग में लिये जारे फैसलों पर लगातार
04:26सवाल उठाए
04:27शिकायते की या विरोध किया उन सभी मामलों को देखा जाए
04:31तो तीन तरह की शिकायते लबो-लुबाब में सामने आती है
04:34पहली शिकायत ये कि फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर दोनों आयोगतों का पुर जोर विरोध था
04:41दूसरी है कि दोनों आयोगतों की जानकारी के बिना आयोग में कई तरह के काम हो रहे थे
04:47और तीसरी है कि बंगाल में बिना मंजूरी के ट्रिबुनल में आयोग के नाम की अपील की गई
04:53और ऐसे लाखों अपीले उस ट्रिबिनल्स की सामने की गई है चुनाव आयों के तरफ से
04:58तो ये तीनों मामले संगीर है क्योंकि इसका असर सीधे तोर पर आम जंता
05:04यानि आप और मेरे जैसे वोटर्स की रोल पर पड़ता है
05:08और वोटर रोल का असर चुनाव प्रक्रिया में मतदान से लेकर नतीजों तक भी पड़ सकता है
05:12और इनमें भी फॉर्म 6 में बदलाव वाला मामला सीधे तोर पर वोटर से जुड़ा है
05:19क्योंकि इन बदलावों को दोनों आयुक्तों ने अनधिकृत और अवेर करा दिया है
05:25फॉर्म 6 मतदाता पंजी करंडियम दरा उसको भी समझ लेते हैं कि फॉर्म 6 होता क्या है
05:30तो फॉर्म 6 मतदाता पंजी करंडियम 1960 के तहत एक वैधानिक फॉर्म है
05:36और इसमें बदलाव के लिए कानून मंत्रा लेके विधाई विभाग का गैजट टोटिफिकेशन याने गजट अधिसूचना जरूरी होती है
05:43चुनाव आयोग की आईटी विंग ने बिना अधिकृत मंजीरु के फॉर्म 6 में बदलाव कर दिये गे
05:49और दोनों चुनाव आयोग के लगातार सवाल उठाने के बावजूद भी वो बदलाव नहीं रोके गए
05:54मई के दूसरे हफ़ते में ही इस पर सवाल उठाए गए जैसे मैं कहा रहा हूँ
05:58आकिप चुनाव आयोग के ECINET ने ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म 6 के फाग जे और के के बीच में
06:06एक्स्ट्रा डिक्लेरेशन सेक्शन क्यों डाल दिया
06:08क्योंकि इस डिक्लेरेशन में नए आवे दुक्यों से ये पूछा जा रहा था
06:13कि क्या 2003 के वोटर लिस्ट में उनका नाम था
06:16क्या 2003 के वोटर लिस्ट में उनके माता पिता या दादा दादी का नाम था
06:21अगर हां तो किस विधान सभा, किस मकदान केंडर और किस पार्ट नमबर, क्या सीरियल नमबर था
06:27तो अब माता पिता के नाम और एपिक नंबर भी उसके साथ दे दे
06:31ये एडिशनल दो जे और के के जो कॉलम है उसमें इसको जोड़ा गया
06:36वैसे चुनाव आयो के ये नियम हर जगा लागो होते है
06:39लेकिन इसका असर बंगाल में सबसे ज़ादा दिखाई दिया है
06:42क्योंकि बंगाल के भीतर पहले ही लाको वोटर्स के नाम काट दिये गए थे
06:47और उनके बच्चे जब नए वोटर्स के तौर पर रजिस्टर कराने पहुंचेंगे
06:51तो वहाँ इस क्लॉस के कारण उनका नाम भी नहीं जुड़ पाईगा
06:55मंगाल में ऐसे नए वोटर और जो आवेदक हैं उनकी तादाद आप यकीन माने
07:017.26 लाक बताई जारी है
07:04अब जब ये बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या चुनाव आयोग में
07:08सब्विथानिक तरीके से काम हो रहा था
07:11तो आयोग के डिप्टी डिरेक्टर की ओर से एक प्रेस नोट जारी कर दिया गया है
07:15उस प्रेस नोट में क्या लिखा गया है वो भी हम आपको दिखाए
07:19उसमें ये लिखा गया है कि ECI के सभी का कानूनों और आयोग के निर्देशों के अनुसार ही होते हैं
07:26दूसरा उसमें कहा गया है कि आयोग के सभी अधिकारी कादेश फैसले और प्रशासनिक निर्देश पूरी तरीके से कानूनी रूप
07:32से मान्य होते हैं
07:34तीसरा आयोग तो द्वारा जो भी सुझाए गये हैं वो चुनावी प्रक्रियाओं को और बहतर बनाने के लिए सुझाए गये
07:43और अंतिम फैसला लेने से पहले निर्दे लेने की प्रक्रिया का वो हिस्सा होते हैं
07:48दस महिने में सभी फैसले पिछले एक साल में पूरे आयोग के सर्वसम्मत फैसलों का नतीजा है और इस काम
07:57में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक और परिचालन तंत्र और आयोग की कई मंजूरिया और निर्देश भी शामिल थे
08:04कई सारे फैसले आम सहमती से बनाए गया ये चुनाव आयोग कहने की कोशिश कर रहा है चुनाव आयोग को
08:09जब पूछा गया उसने एसी आयोग को लेकर भी अपनी भूमिका रखिये उनका ये कहना है कि आयोग के डिजिटल
08:15प्लैटफॉर्म पर जैसे एसी आयोग और अनद
08:34आयोग तावा कर रहा है कि उनके फैसलों में कोई भी फैसला असमिधानिक अवैद या गैर कानूनी नहीं है दोना
08:42आयोग के नाम पर जो खुला से हुए है चुनाव आयोग ने प्रक्रिया का हिस्सा बताया उनका ये कहना है
08:47कि उनका डिसेंट हो सकता है वो असहमती हो सकती
08:50लेकिन ये पूरी प्रक्रिया का एक तरीके से हिस्सा है उसी अलग तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए तो सवाल
08:54ये उठता है क्या आयोग की ये जो सफाई है क्या वो संतोज जनक सफाई मान लिया जाए और इसी
09:00मुद्दे पर हम विशेशग्यों की साधाज दंगल में �
09:02सर्चा करेंगे लेकिन पहले आपको सुनाते हैं कि इस पूरे खुला से पर बीजेपी ने आखिरकात प्रस कॉंफरेंस किया संबीत
09:08पात्रा उस प्रस कॉंफरेंस पे क्या कर रहे हैं वो ज़ड़ा सुनते हैं
09:13तीनों इलेक्शन कमिशनर आपस में मैं बहुत सीधे सब्दों में समझाता हूं ताकि गाओं में बैटी मेरी दादी मां भी
09:21समझ सके
09:23अगर तीनों कमिशनर जो इलेक्शन करवाते हैं देश में उनके बीच में आपस में समवाद नहीं होता है किसी प्रकार
09:32की कोई टीका टिपड़ी नहीं होती है
09:35किसी प्रकार का सलह मस्वरा नहीं होता है
09:38और सब जी हां जी हां करते रहते हैं
09:41तो यही विपक्षी पार्टी कहते हैं
09:43कि यह तो डिक्टेटर्शिप है जी
09:45इन तीनों को तो इसी सरकार ने बनाया है
09:49और यह तीनों जी हां जी हां करते रहते हैं
09:52मीडिया में जो आया है कि तीनों के बीच में कुछ official deliberations हुए है जो की एक अच्छे लोकतंत्र
09:59की निशानी है जहां पर deliberations हो रहे हैं और election commission ने अपने पहले ही चंद में अपने पहले
10:07ही paragraph में एक बात बड़ेश पश्टता के साथ लिख दिया है
10:11सारे official democratic deliberation होने के बाद अंततों गत्वा at the end SIR जो हुआ special intensive revision जो हुआ
10:24वो unanimity के साथ हुआ अर्थात हम सबने तीनों commissioner उसमें unanimous थे उसमें किसी प्रकार का मतांतर मतभेद मनांतर
10:36नहीं था
10:41तो बीजेपी तो कह रही है कि तो ये deliberation की प्रक्रिया होती है
10:45बीजेपी बोल रही है लेकिन अभी तक चुनाव आयो के दोनों आयुक्तों और मुख्य निर्वाचन आयुक्तों के ओर से कोई
10:51अधिकारिक बयान नहीं आया हुआ
10:53एक प्रेस नोट आया हुआ है और पता नहीं उसमें दोनों आयुक्तों की सहमती है भी या नहीं क्योंकि दोनों
10:58आयुक्तों के चुकि कई बार प्रेस रिलीज निकाला गया लेकिन दोनों आयुक्तों को यानि जोशी और संधू दोनों को इसके
11:04बारे में कोई जानकारी नह
11:22तो पहला सवाल हमने ये पूछा था कि चुनाव आयोग उन 3 सवालों के जवाब हमने जानने की कोशिश किए
11:28तो पहला सवाल ये था कि वोटर्स का डेटा सेंटरलाज़ेशन उसके पीछे आखर्कार क्या क्या किया गया है
11:49इश्वरिया अमारे साथ जुड़ रही है इश्वरिया प्रेस रिलीज के अलावा ये जो तीन सवाल है जो अनसुल जे सवाल
11:55है उसका कोई जवाब ये प्रेस रिलीज में नहीं दिखाए गया है जो आपने सवाल भेज़े उस पर चुनावाई हूँ
11:59कि क्या प्रतिक्री आई
12:02देखे साहिल अभी तक इन तीनों सवालों का कोई भी जवाब नहीं आया है
12:06और यह तीम एहम सवाल है क्योंकि सबसे पहला सवाल जो पूछा गया
12:09और यही बात थी जो कि जो EEC से उन्होंने यह कहा था
12:13सबसे पहरे तो यह बताईए कि जो Form 6 के अंदर बदलाव किया गया है
12:17वो बिना Amendment के नहीं किया जा सकता तो आखिरकार यह बदलाव हुआ
12:20तो क्यों हुआ उसके बाद जो एक बड़ा सवाल उठाया गया वो यह है कि जो
12:43वो आखिरकार क्यों दिया गया तो यह सीधे सवाल थे इन तीनों सीधे सवालों का अभी तक जवाब नहीं आया
12:49है
12:49एक प्रेस रिलीज आई है प्रेस नोट आया है जिसके अंदर यह कहा गया है कि
12:52end में unanimous decision लिया गया था
12:55तीनों एक ही page पर थे और end
12:56जो decision था उस पे तीनों के
12:58हस्ताक्षर हैं और discussions होते रहते हैं
13:00discussions होने भी चाहिए लेकिन
13:02एक टूक जवाब जो है साहिल वो अभी तक
13:04चुनाव आयोक से सामने नहीं आया है
13:07अश्वरा इसका क्या मतलब निकाला जाए क्योंकि
13:09जो सवाल पूछे गया है उसके मताबिक
13:12दोनों चुनाव आयोक याने संधू और जोशी
13:14दोनों ने कहा है कि कई बार
13:16प्रेस रिलीज प्रेस विग्यपती जारी की जाती है
13:18लेकिन उसकी जानकारी उने नहीं होती है
13:19और इस प्रेस विग्यपती पर भी जो प्रेस रिलीज जारी किया गया है
13:23उस पर पी पवन डेप्यूटी डिरेक्टर है उनके हस्ताक्षर है
13:26तीनों चुनाव आयोक तो के हस्ताक्षर इस पर नहीं है
13:41लेकिन जिस तरीके से सवाल उठाए गए थे
13:43डिसेंट नोट की अगर आप बात करें
13:45कि क्या एक प्रॉपर डिसेंट नोट लिखा गया था
13:47तो एक भी डिसेंट नोट नहीं लिखा गया था
13:50लेकिन अलग-अलग लेविल्स पे देखिए
13:51क्योंकि इलेक्शन इसी जो होते हैं
13:53उनके पास अलग-अलग तरीके होते हैं
13:55जिससे वो ये बता सकते हैं कि हमें ये लगता है
13:57कि ये गलत है उन्होंने उसको एसकेलेट किया
13:59क्याबिनेट सेक्रेटरी तक भी ये बात पहुँचाएगी
14:01कि जिस तरीके से रॉस्टर के अंदर लोग काम कर रहे थे
14:03उसमें कुछ इनको लगता था कि घड़बड है
14:06तो कहीं ना कहीं बहुत सारे ऐसे सवाल है
14:08जिसका जवाब अभी तक चुनावायोग से नहीं आया है
14:10लेकिन ये जो जिस रूल के तहट चीज़ों को बता है
14:13और यही बड़ी दिल्चस बात है
14:15कि बार बार ये चुनावायोग के तरफ से कहा जा रहा है
14:18कि ये तो प्रक्रिया है
14:19ऐसा हमती के बीच में फैस्टे लिए जाते हैं
14:22प्रक्रिया है आम तो पर ऐसा होता है
14:24अगर ये प्रक्रिया है तो कैबिनेट सेकरेटर के पास
14:26दुनों चुनावायोग दो को चिट्टी लिखने की क्या जरूथी
14:29इस पर चर्चा करेंगे अश्वर्या
14:30अगर आपके पास जवाब आता है चुनावायोग से
14:45उनसे कुछ सवाल पूचेंगे उन्होंने भी चुनावायोग में काम किया हुआ है लवासा जी सबसे पहले तो बहुत बहुत शुक्री
14:51है आप हमसे बात कर रहे हैं इसके लिए पहला सवाल तो मेरा यही है आप भी जब कमिशन के
14:55भीतर थे तब आपने भी कुछ मुद्दे उ
15:12आपस में वो केस कोई और है उसमें model code of conduct के बारे में फैसला था जो कि कौज़ा
15:20जुडिशिल function का और उसमें जो भी एक दूसरा मत था वो अब रिकॉर्ड किया गया है वो election commission
15:29की record में होगा यह जो आज विवाद पैदा हुआ यह अलग किसम का है इसमें तो यह बात कही
15:37गई ह
15:37है मीडिया द्वारा के इस किसम की चिथिया लिखी है जिसमें विरोध प्रकट किया है जो कुछ प्रक्रिया चल रही
15:46थी अब वो विरोध कब प्रकट किया उस उन चिथियों का कोई संग्यान लिया गया नहीं लिया गया यह सारी
15:56बाते election commission को clarify करने की आवश्यक्ता है
16:01लेकिन सार एक specific आरोप इस पर नजर आता है जो form नंबर 6 को लेकर है उन्होंने कहा है
16:05कि बिना कानून मंत्रा लेके gadget notification से यह बदलाव किया गये क्या यह संभव है चुनावायों के website पर
16:12आप इस तरीके से बदलाव कर देते हैं जो form निकालते हैं उस पर बदलाव कर लेते है
16:16अगर ऐसा हुआ है तो क्या वो कानून ही माना जाएगा नहीं form 6 को चुनावायों अप्नी तरफ से नहीं
16:24बदल सकता तोंकि अभी भी अगर आप conduct जो electoral registration rules चपे हुए हैं उनके अंदर जो form लगा
16:33हुआ है वो अलग है और जो इस्तेमाल किया जा रहा है वो अलग है
16:39लेकिन मुद्धा data centralization का भी है उसके पीछे क्या मंचा हो सकती है क्योंकि आम तौर पर field officer
16:45तै करते हैं कि उनके चुनाव शेतर में voter list में क्या बदलाव करने हैं
16:49करेक्ट करना है डिलीट करना है नया नाम जोडने है उनका access होता है उसके लिए और अगर उनका access
16:55बंद हो रहा है तो उसके पीछे क्या मंचा हो सकती है तो सीधा आरोप इसमें लगाए गया है
17:01डेटा सेंट्रलाजेशन जो है उसका एक अलग मकसद रहा है हमेशा यह जतने भी इलेक्टरल रोल चुनते हैं कि एक
17:10जमाना था जब हर
17:11constituency का assembly constituency का रोल अलग था दूसरी आपस में उनका कोई ताल मिल नहीं था और वो धीरे
17:20-धीरे सारे
17:21integration of electoral role हुआ है और centralized database होने में कोई आपती नहीं है किसी को भी लेकिन यह
17:30बात
17:31centralization of data की नहीं है यह centralization of decision making की है कि क्या जो mapping हो रही है
17:40या logical discrepancy के टूल के जरीए लोग identify किये जा रहे है वो centralized
17:46से हो रहा है या वो ERO अपने लेवल पर कर रहा है यह सवाल है क्योंकि वेस्ट मेंगॉल के
17:52केस में कम सगम यह बात सामने आई थी कई
17:55officials ने यह शिकायत की कि यह जो notice दिये गए यह तो centralized तरीके से हमारे पास है हमको
18:02नहीं पता है और मैं आपको बताऊं कि गुरगाओं में जहां मैं रता हूं वहाँ दो सेप्टेंबर को लोगों को
18:10notice दिये गए है जिसमें को कहा गया है कि आप
18:14पंतरा अगस्ट बीस अगस्ट को पेश हुए यानि कि जो दस बारा दिन पहले की तारह घुजर चुकी है तो
18:21यह किस किसम का काम किया जा रहा है कि आप यह बराए नाम notice दे रहे हैं और उन
18:27notices से जाहर है कि वो notice सारे centralized
18:31इस धंग से तयार किये गए तो इन सब चीज़ों पर आपती है कि क्या electoral registration officer जो कानूनी
18:40द्रश्टी से इंचार्ज है
18:42electoral rule का उसके control में सारी चीज़ है या उसके control से बाहर किसी ने control ले रखा है
18:50ये प्रश्ट है इसमें
18:52और यही बात है ना क्योंकि दोनों आयोक चे कह रहे हैं कि इसका एक technical audit होना चाहिए जो
18:57नहीं किया गया आम तोर पर
18:58लेकिन अब आयोक का जो release आया है जो थोड़ी देर पहले मैंने पढ़के बताया उसमें इस मुद्दे पर वो
19:03कह रहे हैं कि भाई ये तो data security का protocol है
19:05और इसी के तहट कुछ जो access है वो restrict किया जाता है या पूछताच करके access दिया जाता है
19:10ताकि कोई भी उसमें गुस्ट न सके
19:12कि आकिरकार ये voter list का data है उसमें कोई छिडचड न कर रहे हैं इसके लिए हम कर रहे
19:16हैं ये कारण उसको दिया जा रहा है
19:33जिसके जिम्मेदारी है does he have access to that system or not that is a question अगर उसको system में
19:42access नहीं दिया गया है तो ये एक अपतिजनिक बात
19:47नहीं तो फिर अभी तो चुनाव आयोग कह रहा है कि भाई ये तो मामूली बात है क्योंकि ये आम
19:52तोर पर SMT होती रहती है ये प्रक्रिया है इसमें SMT के जरीए ही हम एक दूसरे से डिसकस कर
19:58सकते हैं लेकिन आम तोर पर SIR में निर्डे प्रक्रिया किस तरीके से होती है
20:02और जो आयुकतों के खुलासे इसमें नजर आ रहे हैं उनके अलग-अलग डिसेंट नोट्स हो या चिठिया जो उन्होंने
20:07लिखी है इमेल्स लिखे हुए है क्या उसको आप मामूली डिसेंट माते हैं या SMT के बिना फैसले लिए गये
20:14ये इससे थाबित हो रहा है
20:17मैं तो यह कह रहा हूं कि देखिए यह कहना आज की मीडिया रिपोर्ट के बेसिस पे कि SMT के
20:23बावजूत फैसले हुए या यह कहना कठिन है इसके लिए और तथ्यों को सामने आना पड़ेगा तभी यह पता चलेगा
20:33कि इन चिठियों की क्या एहमियत थी कब लिखी गई क्य
20:38इनको इलेक्शन कमिशन ने ध्यान में रखा नहीं रखा इनका कोई समाधान निकाला नहीं निकाला यह सारी बातें यह रिकॉर्ड
20:49का विशह है और इस चीज़ को सिर्फ इलेक्शन कमिशन क्लारिफाई कर सकता है अगर सारे तप्च सामने रखें सिर्फ
20:59यह कहने से कि नही
21:08कौन-कौन हाजर था जिसमें मुद्ध डिसकस हुआ और एगरी किया गया या आप ये बताईए कि फाइल पे फलानी
21:16तारिक को इस चुनाव आयुक ने इसको एगरी किया है फलानी तारिक को उसने एगरी किया है तब जाके आप
21:23कर पाएंगे कि यह जो कॉंट्रोवर्सी है यह
21:27में भी उन्याद है तो सारे चुनाव आयुकतों को साथ में बैठ कर इस पूरे विवात पर अपना पक्ष रखना
21:34चाहिए एक प्रेस कॉंफरेंस लेनी चाहिए सारी भूमी का सामने रखनी चाहिए यही आप कहने की कोशिश कर रहे हैं
21:40नहीं मैं तो कहता हूं चाहिए वो �
21:55कानूनी चुनोतिया खड़ी होगी इससे क्योंकि एक बहुत बड़ा खुलासा इसको माना जा रहा है इसकी बुनियाद पर क्या कोई
22:01कानूनी चुनोतिया खड़ी हो सकती है
22:05इमीडियर कॉंटेक्स में तो मैं यही समझता हूं कि जो SIR की प्रक्रिया है इसके उपर पहले भी बहुत विवाद
22:13हो चुके है इसमें लोगों को बहुत परिशानिया जेलनी पड़ी है और मैं यह समझता हूं कि फिर एक बार
22:21अफसर है कि सुप्रीम कोर्ट इन सब चीजो
22:25का संग्यान ले कि क्या कमिशन के अंदर भी कोई रेजर्वेशन थे इसके बारे में और उनका क्या असर हुआ
22:35जो प्रक्रिया अपनाए गई तो उनको मद्दे नजर रखके फिर कोई फैसला करे सुप्रीम कोर्ट तो हो सकता है कि
22:45समस्याओं का थोड़ा सा मादान निकल सकत
22:50तो अब चुनाव आयो केस पूरे जो खुलासा हुआ है उसके बाद अब देखते हैं कि सुप्रीम कोर्ट इस पर
22:56क्या करता है लेकि नजर गलवा साजी बहुत बहुत शुक्रिया आपने इस पर भूमी का रखी इसके लिए क्योंकि ये
23:01ऐसा मामला है कि जो आम लोगों से ज
23:16कहता है कि हाँ आप इलिजिबल वोटर है और आप आ सकते हैं इतनी सिंपल प्रक्रिया होनी चाहिए लेकिन जिस
23:21तरीके से प्रक्रिया नजर आ रही है उसको लेकर सवाल यहाँ पर खड़े हो रहा है अजया अलोग जी अब
23:27तक तो सिर्फ विपक्ष इस पूरे मामले पर स�
23:42से पूछा ही नहीं गया गैर कानूनी तरीके से फॉर्म नंबर सिक्स में बदलाव किये गए और हम चुनाव आयोग
23:48को पूछने की बदलाव कैसे किये गए अब फिलाल कोई जवाब नहीं दे रहे हैं कम से कम आज तो
23:53आपको लगता है कि चुनाव आयोग को पारदर्शी त
23:56साफ तौर पर तथ्या लोगों के सामने आज रखने चाहिए
24:04साइल जी आज के पूरे मसले के दो पहलू है एक जो पहलू अभी आप लासा साब से बात कर
24:10रहे थे कि चुनाव आयोग के अंदर का पहलू है यह अविशुद्ध चुनाव आयोग की चीज़ है
24:17डिसेंट नोट थे नहीं थे इसकी भी ऑफिशियल वरिफिकेशन नहीं है मिंडियन एक्सप्रस के रिपोर्ट का हवाला देखे यह पूरा
24:23डिस्कुशन सुबह से कर रहे हैं उस पर चुनाव का एक ऑथेंटिसिटी तब मिलती है जब चुनाव का इस पर
24:32एक प्रेस रिली�
24:44है तो निश्य तोर पर जो आप कह रहे हैं पूरा देश भी यह कह रहा है कि एक खली
24:49प्रसनों जारी करने से रुकता है चुनाव का के कहना चाहिए बढ़ाल यह चुनाव कर निंडने होना चाहिए इसमें राजनितिक
24:55दलों की कोई भूमिका नहीं है अब सबसे मजदार पह
25:12दो बिहार चुनाओं करो बंगाल चुनाओं करो इसको करते हैं पॉलिटिकल राज जरो क्या चाहना कुछ नहीं मिल रहा है
25:17और अंधे के हां बटेल लग या अब अंदर के हां तरस्तूर लग जाए उसी तरह कूदने लगा सारा विपक्ष
25:22हमारी क्या भूमिका है प्रधान
25:39गोदी है और आपस ही में लड़ने लगे तो उसमें भी भूमिका हमारी हो गए तो अजीव है साहब आप
25:44लोग का कैलकुलेशन क्या है एक तर्क सुचिए अगर तीनों प्रधान मंतरी के हैं तो आपस में क्यों लड़ने लगे
25:50नहीं लड़ना चाहिए ना
25:52तो आप अपने लगे अच्छी बात है कि आप अपने आपको डिस्टंस कर रहे है चुनावायों लड़ने तीक है चलिए
26:08मान लेते इस बात को लेकिन मेरा सवल आपसे अलग है
26:12है संवेधानिक संस्था है अब एक में बिल्कुल है मैं आ रहा हूँ आपको सब्सक्राइब करना है क्योंकि आपने एक
26:32लाइन आपको बोलने का
26:40कांदुरूनी मामला है कैसे चुनाव आयो कांदुरूनी मामला है सर आप चुनाव लड़ने वाली राजनितिक पार्टी है चुनाव जीतने वाली
26:46राजनितिक पार्टी है आपको भी तो फिक्र होनी चाहिए कि फॉर्म नंबर छे में गैर कानून तरीके से बदलाव कैसे
27:05किय
27:05अरक्तर्तित और ओंगे लिफिस्ट्पर वजी जूंहें बिल्कुल गू will He
27:07अहीं बिल्कुल मान रहे हैं और आपके सामने के हैं खत्राव नहीं है कोई बदलाओ कं रूono
27:16नहीं कि यहां भाश्तियां कि आ च नहीं आप दिखा दिन सी च में कहां बदलाओ
27:31होता है कि आप नहीं जानते हैं मैं नहीं जानता हूँ हर विवाग में कितनी अंधरूनी पॉलिक्स चलती है कौन
27:37अपने इमीडियेट सीनियर से आस्ता खुश हुआ
27:38यह कभी होता है लेकिन आदमी उसकी में बालेंस बनाके चलता है क्योंकि आप देश के लिए काम कर रहे
27:45हैं और उस चुनावायो के प्रेसरीली नोट में साफ साफ लिखा गया है अंतिम नेले पे सब्सक्राइब संदू और जोशी
27:52मुझे तो अच्छा लग रहा है कि ज्याने
28:08पॉसिबिलिटी है उस पर हम लोग चल चाह तर रहे हैं ना इंडियन ने एक्स्रेस के रिपोर्ट ऑथेंटिक कह रही
28:13है सूत्रों से चल रहा है वह रिपोर्ट ना चुनायोग ने ऐसा को इंडिसेंट नोट पब्लिश किया कोटल पे डाला
28:17ऐसा अरजनी कोटल पे चुनाय
28:33आज नितिक दनों को ने आपकी बात चाहिए है आज आलोग जी मैं भी चुनायोग की ऑफिशल चिट्टी पर भरोसा
28:40करना चाह रहा हूँ और इस इस इस इस ऑफिशल चिट्टी में इस सवाल का जवाब नहीं दिया गया है
28:45यह बहुत गंभीर आरोप इस रिपोर्ट के जर
29:03पर साहिज जी हम मुझे ये बात पूछने के जगए जोशी और संदू जी को सामने से कोई अगर पूछे
29:09कि क्या इनों आपने यह आरोप लगाए थे तब तो इस बात में कोई ऑथेंटिसिटी होती है ना इस चुनायोग
29:15के जवाब का आए हुए चार घंटे हो गए साहब �
29:18जोशी संदू साहथ दोनों में से कोई नहीं आए कि ना हमें आरोप लगाए ना क्लारिफिकेशन दिया और अगर चुनायोग
29:23के तरफ साहा है तो हम सब को मानना पड़ेगा
29:25ये तीनों चीफ एलेक्शन कमिशनर और एलेक्शन कमिशनर दोनों की सह, तीनों की सहमती से आया ये बयान है, अकेले
29:32की सहमती से नहीं हो सकता है, पीजेपी कह रही है, चुनाव आयोग का अंदरूनी मामला है, अब ऐसे बन्दूते
29:37पर आप विपक्स इस पर सवाल उठा रह
29:54किया है, और जो तीन मुलभूत सवाल इस पूरे मामले को लेकर है, बुनियादी सवाल है, उसके जवाब चुनाव आयोग
29:59से नहीं आये हुआ है, जो दोबरा हमने चुनाव आयोग को पूछे हुआ है, लेकिन सुनने राजपू, आपकी भूमिका, हमारी
30:06भूमिका तो इस �
30:07दो तीन चीजें बड़ी इसपस्ट है, पहली बात तो अभी हमारे भारती जनता पार्टी के माननी प्रवक्ता कह रहे थे
30:13कि बंदर के हाथ में उस तरह लग गया है, भहिया अगर बंदर भाजपा है तो उसके हाथ में चुनाव
30:19आयोग नाम का उस तरह लग गया है, ये अ�
30:34आरम छे में कहाँ पर क्या नाम डिलीशन हुआ है या बता दीजिए या कोई अलग चीज हुई है, बगैर
30:40उसके नहीं कोई ऐसा नहीं हुआ है, तो मैं आप से चुनावती देता हूं कि आप क्या नाम इंडियन एक्सप्रेस
30:46की रिपोर्ट के खिलाफ जो है कानूनी प्रिक
30:55क्रिया का पालन करेंगे, मानहानी का मुकदमा करेंगे या सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, ऐसा बिल्कुल ना चुनाव आयोग कह रहा है,
31:01ना भारती जनता पार्टी कह रही है, सच बात यह है कि जब चुनाव आयोग ने बगैर सरकार की अनुमती
31:06के, बीजेपी क्यों कहेग
31:21तो हमारा जो मानना है, थोड़ा भाजपा को इसलिए लपेट रहे है कि भाजपा को इससे लाब हो रहा है,
31:31भाजपा बेनिफीशरी है, भाजपा दुनिया में एकलोती पार्टी है, भाजपा की सरकार पस्चिम बंगाल की एकलोती सरकार है पूरी दुनिया
31:39में, जो पूरी
31:51कहीं पर भी दुनिया में नहीं हुआ कि जो त्रणबूल कॉंग्रेस आप लोगों ने तोड़ी जो प्रमुक विपक्षी दल है
31:56वहाँ पर वो भाजपा को सहीयोग कर रही है।
31:59आप बात समझ लीजिए तो आप लोग लोग तंतर के हत्यारे तो होई हो लेकिन आज बड़ी नंगई से जिस
32:06तरीके से चुनाव आयोग के बचाओ में खड़े हुए हो आपने तो फिर सब्वे सब्दों में रखा लेकिन बाकी जो
32:12आपके लोग बचाओ में खड़े हुए है
32:14उससे भी इस पस्ट हो रहा है कि आज की टेट में भाजपा और चुनाव आयोग एक है इसमें तो
32:19कहीं कोई तो रहा है नहीं हम बात करते हैं सम्मिधान की जो और जो सम्मिधान की बाते हैं अगर
32:26उस सम्मिधान की बातों को आप देखा जाए तो राहुल गांधी जी का एक
32:30एक आरोप सत्य साबित हो रहा है
32:33उन्होंने तीन
32:34press conferences की
32:35तीनो press conferences में जो आरोप लगाए
32:38वो सारे के सारे सत्य साबित हो
32:40रहे हैं, आप बताइए
32:42कि ERO जो एक
32:43registered officer होता है, उसको तो
32:45IT module का data का access की
32:47limit कर दिया जा रहा है
32:50साहिल भाई
32:51लेकिन
32:52जो सम्विदा पर करमचारी रखे हुए है वो सारे के सारे डेटा पर एक्सेस है उनकी और वो सारे का
32:59सारा डेटा भरते हैं डिलीट करते हैं उपर करते हैं नीचे करते हैं बीस अजार का एंपलोई ऐसा काम करता
33:05और डेड़ लाग का जो सरकारी एंपलोई है जिसको सरकारी न
33:22तो आज तो चुनाव आयोग के खिलाफ हमारा सीधा सीधा हमला है आप एक चीज कर दीजे कि चुनाव आयोग
33:29ने जितने काम किये हैं वो सारे के सारे रास्ट द्रोह की स्रेणी में आते हैं चुनाव आयोग का मतलब
33:35सिरफ ग्यानेश गुपता हो गए हैं चुनाव आयोग में
34:07जी बताईए
34:08विपक्षे कह रहा है विपक्षे कह रहा है बंगाल का चुनावरत कर आईए विपक्षे कह रहा है दिल्ली का चुनावरत
34:14कर आईए याने पूरी प्रक्रिया पर ही आप सवाल खड़ा कर रहे हैं बात इस बात को लेकर भी हो
34:19रही है और एक छोटा जवाब इस बात का भी दे �
34:33उठाए थे और हम आज संदू जी को बढ़ाई भी देना चाहते हैं लोक तंत्र में असहमती का अधिकार का
34:40मतलब दुश्मनी नहीं है हमारी संदू जी की हमने प्रकरिया पर सवाल उठाए थे हम उस पर कायम होते हैं
34:47लेकिन उसके साथ-साथ उनकी इमानदारी को भी सेलूट
34:50करते हैं उनके असहमती को भी सेलूट करते हैं यही लोक तंत्र की खूबसूरती है दूसरी बात आपने जो चुनाव
34:56की कही साहिल भाई तो निश्चित तोर पर 2014 के चुनाव के बाद 2014 का चुनाव इमानदारी से चुनावा था
35:04नरेंद्र मोदी जी प्रचंडबहु मतले कर
35:20उपर सारी की सारी संस्थाओं पर धीरे-धीरे क्लच क्लचे जो हैं ऑक्टोपस के कस्ते चले गए और आखरी में
35:28लोगों ने दो हजार बाईस के बाद जितने भी चुनाव हुए हैं सारे के सारे चुनाव धांदली गर्दी का एक
35:35बड़ा उदारन दिखाई देता है हम लो
35:49कम से कम इस बात को लेकर तो सहमती बन सकती है और एक चोटा जवाब इस बात का भी
35:54दे दीजेगा कि क्या आप संदु जी को क्राईगा क्योंकि उनकी नियुक्ति पर भी आपने सवाल उटाए Еще
36:00उसका भी एक जवाब दे दीजेगा
36:02हम बिल्कुल इस बात को कहते हैं कि संदू जी की न्युक्ति पर भी हमने सवाल उठाए थे
36:07और हम आज संदू जी को बढ़ाई भी देना चाहते हैं
36:11लोक तंत्र में असहमती का अधिकार का मतलब दुश्मनी नहीं है हमारी
36:15संदू जी की हमने परकरिया पर सवाल उठाए थे हम उस पर कायम होते हैं
36:21लेकिन उसके साथ साथ उनकी इमानदारी को भी सेलूट करते हैं
36:25उनके असहमती को भी सेलूट करते हैं यही लोक तंत्र की खूबसूरती है
36:28दूसरी बात आपने जो चुनाव की कही साहिल भाई
36:32तो निश्चित तोर पर 2014 के चुनाव के बाद
36:352014 का चुनाव इमानदारी से चुनाव हुआ था
36:37नरेंद्र मोदी जी प्रचंड बहु मतले करके आये थे
36:40इसमें कहीं कोई दोर आए नी
36:41लेकिन 2014 के बाद इस देश में चुनाव आयोग के उपर
36:46CEC के उपर, देश के उपर, सम्मेधानिक संस्थाओं के उपर
36:51ED के उपर, CBI के उपर, Income Tax के उपर
36:54सारी की सारी संस्थाओं पर धीरे धीरे क्लचे जो हैं
36:59Octopus के कस्ते चले गए और आखरी में इन लोगों ने
37:022022 के बाद जितने भी चुनाव हुए हैं, सारे के सारे चुनाव
37:07धांदली गर्दी का एक बड़ा उधारन दिखाई देता है, हम लोगों को
37:11दिखाई देता है, जिनकी जांच होनी चीए, हरियाना के चुनाव में
37:14और हमारा हार का पर्सेंटेज मातर पॉइंट फाइव या पॉइंट एट, महराष्ट्र के चुनाव में
37:20सब्सक्राइब कम से कम इस बात को लेकर तो सहमती बन सकती है, कि जो
37:30खुलासा हुआ है, एक, नमबर एक तो चुनाव आयोग को सामने आना चाहिए, और तथ्यों के साथ में, जो लावासा
37:36भी कहने की कोशिश कर रहे थे, तथ्यों के साथ में
37:39रिबटल की जरूवत है, एक, एक जनरिक प्रेस रिलीज देके नहीं होगा, उसमें सिर्फ किसी डेपुटी डिरेक्टर के हस्ताक्षर है,
37:46किसी भी तरीके से सारे चुनाव आयोग, आयोगतों के हस्ताक्षर उसमें नहीं है, नमबर एक, नमबर दो, कम से कम
37:52जयाज तो होन
38:07गए थी कम से कम इस पूरी प्रक्रिया पर मिरने प्रक्रिया की जाश होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए कम
38:13से कम
38:14ताकि लोगों का भरोसा रह चके
38:17साहिल जी सबसे पहली
38:20साहिल जी सबसे पहली बात आप आज तक पे हैं
38:23आप भी आपको भी कोई चीज अगर मिलती है ता आप भी चलाते हैं
38:26सुत्रों के माध्यम से यह माईनिट्स अब देखा है
38:31मैं तो खुलासा मानता ही नहीं हूँ है माईनिट्स अफ मीटिंग तो कॉंग्रेस पार्टी है
38:36ना चुना आपके सबसे बड़ी दुश्मन लेकर जाए सुप्रीम कोट में कि यह रहा है माईनिट्स अफ मीटिंग चुना आपके
38:41करवाई करवाई है क्यों नहीं करती है को अब इशेक मनुसिंग भी क्या खाली यह पिट्प्रेस कांफरेंस करने के लिए
38:47है
38:48आप एक मेनट एक मेनट तुरेंद भाई आप जुनी अभी वह की बोला है
38:51मैंने अभी ऑपनिंग में बोला अभी इनो ने कहा कि चुनावायोग अपने अपने ग्रेकटी को हर चीज़ को आप सुप्रीम
39:00कोट का का सी
39:02तो पूछी सुन लिजे ना रखाई थोड़ा थढ़ रखिये सुन लिजे
39:16राहूल गांडी जी ने ओडिनेंस फार दिया
39:19मनमोहन सिंग से उनके डिफरेंस थे
39:22राहूल गांडी ने कोई ओडिनेंस नहीं पड़ा
39:28मतलब किसी का कहीं लैटरम में प्रॉबलम है
39:30तो ये खुलासा हो गया
39:31मजाग बना दिया इन लोग तंतर का
39:33चुनायों को कैसे पॉकिट में रखके घूंते थे
39:36सबित पत्रा जी ने सारा प्रेस कांफिस करके
39:38आपकी धजियाओं केर दी तब भी आप सुधरने का
39:40नाम नहीं है ना पनील की लज़ा आनी चाहिए थी
39:42लेकिन लज़ा भी नहीं आती
39:43मैंने बोला कि आपका सारा नेरेटिव आपने
39:45खुधीयाद दौस्त कर दिया जब आप चुनायों की
39:48तारीफ करने लगे संद्दू जी की तारीफ करने लगे
39:50पर सोतक तो ये गोधी मीडिया थे
39:52गोधी का चुनायों बीग गया
39:54अब क्या हुआ? अब क्या हुआ? अब दो चुनाए होगा, आप क्यों गए? अपने नेरेटिफ पर खुद द्वस्त करते हैं,
40:00भसमा सूर हैं आप लोगो, जिस पर हम पर रखी गाना, वह भसम होगा, हम सुत्रों के हवाले से ख़बर
40:11नहीं चला रहे हैं, इंडियन एक्सप्
40:24उसमें स्पेसिफिक डेट्स दिये गए हैं, उन डेट्स पर क्या सवाल उठाए गए थे वो दिया गया है, फॉर्म नंबर
40:30छे में क्या बदलाव किये गए थे वो दिया हुआ है, जो फॉर्म नंबर छे लोग ले सकते हैं चुनावायों
40:34की वेबसाइट से, वहां जाकर दे
40:51रिया थी, ये सवाल उठाना क्या, आपको लगता है कि सूत्रों के हवाले से खबर होगी, और अगर चलिए बायान
40:56लेते हैं कि सूत्रों के हवाले से खबर है, आपका तो फैक्ट चेक यूनिट काम करता है, क्यो नहीं इसका
41:00फैक्ट चेक किया जाता है, और पिया बी की मी�
41:19गई है क्योंकि सुप्रिम कोर्ट पे उन्हें ने कुछ और कहा था कुछ सत्रा लाग एप्लिकेशन किये गए लेकर सब्सक्राइब
41:24आपको धन्यवाद देना चाहता हूँ कि चार वही को मैं आपके साथ जब सो में था तो मैंने गैनेस कुमार
41:30जी पर पहला सवान उठाया था
41:31कि गैनेस कुमार जी ने बंगाल के चुनाओ को अब भार्ती जन्ता पार्टी के लिए करवाया है और पियान भी
41:38करवाया है दिल्ली भी करवाया है दो हजार पच्चीस पे जब इनका एपॉइट्पेंट होता है वो एपॉइट्पेंट ही अपके आप
41:45में निकल है अगर आ
42:01चाहिए लाज कितने सेक्ड़ों लोग मरें हैं गाइंट करके चेकरवर्ती और चेटोपाद्या के नाव पर इनोंने लड़वा दिया इनोंने बंगाल
42:09के अंदर पर बंगाली की बंगाल की अस्पिता के साथ किरवार किया कि कैसे एक लॉड कर्चिन जैसे अंग्रेजों के
42:16सबे में एक अफसर को ठोड़ा जाता था कि जाओ और वो काम करके आओ किया देकिया उसके अग्जापर में
42:23मनोज अगरवान जो पक्षिप बंगाल के मनोज अगरवान थे जो इलेक्शन की सीयों थे वो आप चीप चेक्ड़ी है और
42:30वा स्वार्कार चला रहे हैं यह अग्
42:42पिर चुनावायो को अपनी साख उनके साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं और ऐसे में उन्हें खुल कर सामने
42:48आना चाहिए कि नहीं आना चाहिए नेकि मुझे मुझे लगता है कि चुनावायो के आज के असपष्ट करण के बाद
43:02इस्तिती पुरी जे जी मैं यह बता रहा ह�
43:05आज के असपष्ट करण के बाद चुनावायो की इस्तिती पुरी तरह सपष्ट हो गई है और जिस तरह पूरे दिन
43:11चुनावायो की भूमिका पर मान्नेवर राहूल गांदी जी के द्वारा सवाल उठाया जा रहे हैं और राज द्रोज जैसे संगीन
43:17आरोप लगाया जाते
43:31जान रहा था तो इपग्ष को सुप्रीम कोर्ट से फठकार भी लगी थी और सुप्रीम कोर्ट ने यहां तक क्या
43:36था या जाय के बहाने विहार को बदराम करना चूड़ीए तो इसा यार के बहाने अपनी राजद्रितिक काहिलियत को छुपाने
43:43का विपख्षकाई एजिन
44:10के जरूबत नहीं है साहिज ल्Star एक बए देखेंगे तो is आध यार के समय से
44:14चुनाव आयोग से समय समय पर समय समय पर चुनाव आयोग अपने उपस्तिती दर्श कराते आ
44:19नीनाव चुनावायोग सत्वा कशा्वायोग चुनावायोग सक्षम это सब्सक्याव जका नाघंढेडसाव की लिए और
44:52इस प्रेस रिलीज के बाद जो तीन सवाल बेसिक सवाल हमने भी चुनाव आयोक के पास बहजे हुए उसके जवाब
44:58हमें मिले हला कि सुप्रीम कोट के बीतर आज दो जेजस के बेंच के सामने इस बात की भी सुनवाई
45:03थी कि क्या चुनाव आयोक की नियुक्ति की प्रक्रिया
45:07पर क्या किया जाए जो सरकार ने कानून बनाया है उसमें भी हलाकि वो अभी कॉन्सिटिउशनल बेंच के पास जाएगा
45:12लेकिन उसमें भी कहा गया है कि चुनाव आयोक इंडिपेंडेंट है ये सिद्ध होना जरूरी नहीं है तो दिखना भी
45:19चाहिए

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