Skip to playerSkip to main content
Bengaluru CEO Hiring Ban: UP, Bihar, MP और Rajasthan के पुरुषों को नौकरी नहीं? क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए बेंगलुरु से आई इस खबर ने सोशल मीडिया पर भारी बहस और आक्रोश पैदा कर दिया है!
बेंगलुरु स्थित 'A1 Sports World' कंपनी के संस्थापक और सीईओ कार्तिक एसजी (Karthik SG) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विवादित घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी अब यूपी, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाले पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी पर नहीं रखेगी। इस फैसले के बाद से देशभर के नौकरी चाहने वाले युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स में गुस्सा है।
कार्तिक एसजी ने इस तुगलकी फरमान के पीछे अपनी कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी का हवाला दिया है। उनका दावा है कि हाल ही में बर्खास्त किया गया एक कर्मचारी (जो MBA पास था) महिला कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और उत्पीड़न का दोषी पाया गया था। सीईओ का कहना है कि उनकी कंपनी बच्चों और महिलाओं के साथ काम करती है, इसलिए वर्कप्लेस सेफ्टी के नाम पर उन्होंने इन 4 राज्यों के पुरुष अभ्यर्थियों को अपनी हायरिंग प्रोसेस से बाहर रखने का फैसला किया है।



A massive controversy has erupted on social media after Karthik SG, founder of Bengaluru-based A1 Sports World, announced a blanket hiring ban on male candidates from Uttar Pradesh, Bihar, Rajasthan, and Madhya Pradesh. Citing an alleged workplace misconduct incident involving a former male employee from North India, the CEO defended the policy under workplace safety, sparking intense backlash over regional bias and unfair recruitment practices.

#BengaluruHiringBan #KarthikSG #RegionalBias #JobControversy

~HT.178~PR.514~ED.104~GR.538~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00अगर आप बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान या मध्य प्रदेश से हैं और बेंगलूरू जाकर नौकरी करने का सपना देख रहे
00:06हैं तो ये खबर आपके लिए ही है और बहुत इंपोर्टन्ट है
00:10क्योंकि हो सकता है आपके पास अच्छी डिग्री हो, शांदार एक्स्पीरियंस हो, स्कल्स हो, एंटर्व्यू की पूरी तयारी हो लेकिन
00:16नौकरी के दरवाज़े तक पहुँचते पहुचते कैसा सवाल सामने आ जाए जिसका आपकी क्वालिफिकेशन से कोई लेना देना ही �
00:23आप किस राज जिसे हैं? जी हाँ, बेंगलूरू की एक कमपणी के फाउंडर ने सोशल मीडिया पर एलान किया है
00:31कि उनकी कमपणी अब उत्तर प्रदेश, बिहार, राजिस्थान और मध्यप्रदेश से आने वाले पुरुष कैंडिडेट्स को हायर नहीं करेगी
00:38यानी कमपणी की घोशत पॉलिसी के मताबिक इमचार राजियों से आने वाले मेल कैंडिडेट्स को हायरिंग प्रॉसस में शावल नहीं
00:46किया जाएगा
00:47मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है
00:50एवन स्पोर्ट्स वर्ल्ड के फाउंडर कार्तिक एसजी ने 22 सितंबर को एक्स पर ये घोशना की
00:56उन्होंने कहा कि लंबी डिसकेशन और बहस के बाद कमपनी ने तय किया है
01:00कि यूपी, राजस्थान, बिहार और मध्यप्रदेश से आने वाले मेल कैनिडेट्स को हाया ही नहीं किया जाएगा
01:06अब जरा इस फैसले को एक नौकरी तलाशने वाले यूआ की नजर से समझिए
01:12बिहार का कोई यूआ सालों तक पढ़ाई करता है, डिगरी लेता है, स्किल्स डेवलप करता है
01:19और फिर बैंगलूरू पहुँचता है क्योंकि उसे लगता है कि देश के बड़े इंप्लॉइमेंट हब में उसे बहतर करियर ऑपोर्चुनिटे
01:26बिल सकती है
01:28सेम ऐसा ही कोई यूपी का है, जो MBA करके निकलता है, राजस्थान का कैंडिडेट है, जो हजारों किलोमेटर दूर
01:34नौकरी दलाशनिया आता है, मध्यप्रदेश का यूआ है, अपने experience के साथ नई opportunity खोशता है, बैंगलूर पहुँचता है, वहाँ
01:42पहुँचने का सपना द
01:57कार्तिक SG ने इस फैसले के पीछे क्या logic दी है, उसके पीछे उनों एक पुर्व करमचारी से जोड़ी घटना
02:04का हवाला दिया है, कार्तिक का दावा है कि करीब दो हपते पहले कंपनी में काम करने वाले एक employee
02:09को महिला करमचारीों के साथ कथित abusive behavior के कारण नौकर से निकाला �
02:16उनके मताबक उस करमचारी को दो बार warning भी दी गई थी, लेकिन उसके वैवहार में बदलाव नहीं आया, कार्तिक
02:23ने आरोप लगाया कि उस करमचारी ने एक महिला कलीग पर जबरदस्ति करने की कोशिश की, उन्होंने ये भी कहा
02:29कि उनकी company बच्चों और युवाओं के सा�
02:45पताबक उस करमचारी की बात हो रही है वो MBA graduate था और hiring के समय उसका resume में और
02:52background सामा ने दिखाई दिया था, उनका दावा है कि नौकरी शुरू करने के करेब दो महीने बाद उसके behavior
02:58को लेकर समस्या सामने आई, यही सकार्तिक ने अपनी company के लिए ये blanket policy घोशित करने का फैसला
03:05किया, उनका सवाल था कि अगर किसी व्यक्ति की ऐसी मान सकता है, तो क्या उसे employment opportunity मिलने चाहिए,
03:11workplace safety को लेकर चुद्धा गंभीर है, किसी धी महीला कर्मचारी के साथ, harassment, abuse या coercive behavior की शुकायत
03:21को गंभीरता से लेना, उसकी जाज करना और उचित कारवाई करना जरूरी है, ल
03:35पूरे राज से आने वाले फूरुष कैंडिडेट्स के लिए एक जैसी पावंदी क्यों बन जाए, यही वो बजह है, यही
03:41वो जगह है, जहाँ इस फैसले की आलोचना शुडू हूँ, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि कैंडिडेट को
03:47उसकी competence, experience और individual conduct के आधार पर
04:04बिहार का representative बनकर नहीं आता, वो अपनी degree, skills और experience लेकर आता है, इसी तरह यूपी राजस्थान या
04:11मध्यप्रदेश का candidate भी किसी पूरे राज के behavior का जिम्मदार या ठेकेदार तो नहीं होता, अगर किसी employee का
04:18conduct खराब निकलता है, तो उसकी जबाब दे ही उस employee की होनी चाहि�
04:22background verification में समस्या सामने आती है, तो उसे जाचा जाना चाहिए, reference चेक किया जा सकता है, interview में
04:29behavior उसका assess किया जा सकता है, workplace policies बनाई जा सकती है, और है भी corporate में काफी strict
04:36workplace policies, especially for women, लेकिन किसी candidate के state को उसके individual character का shortcut बना देना, इक अलग
04:45सवाल खड़ा करता है, भरत में रोजगार के लि�
04:52पिहार राजजियों की बात नहीं है, कोई दिल्ली का युवा, कोई साउथ का युवा भी तो migrate करके वे देशों
04:57में जाता है, पिहार का युवा वैसे दिल्ली आता है, यूपी का युवा मुंबई जाता है, दिल्ली आता है, राजस्थान
05:04का युवा पूने जाता है, गु
05:18केंजी नहीं है। मौकरी के लिए शहर बदलना आज के युगा की मजबूरी भी है और अभिशिन भी।
05:25ऐसे में अगर candidate को उसकी मेहनत से पहले उसके hometown से, उसके state से, उसके district से, उसके country
05:31से अगर उसको पहचाना जाने लागए
05:33तो सर्फ ये एक application reject होने की कहानी नहीं रहती
05:36ये उस भरोसे पर भी सवाल खड़ा करता है
05:39कि दूसरे शहर में जाकर आपको आपके काम और योग्यता क्या धार पर मौका मिले
05:44कार्थिक ने अपने कंपनी की workforce का भी जिक्र किया
05:48उनके मुताबिक A1 Sports World में 32 employees हैं चुन में 14 महिलाए हैं और 20 कर्मचारी दूसरे राज्यों से
05:56भी आते हैं
05:57उन्होंने कहा कि 12 कर्मचारी साउस इंडिया के बाहर की राज्यों से हैं और कंपनी में अलग-अलग religious backgrounds
06:03के लोग भी काम करते हैं
06:06यारि उनके मुताबिक उनकी workforce से उनके workplace पहले divorce है लेकिन diversity का एक पहलू ये भी है कि
06:14किसी व्यक्ति को उसकी individual identity के आधार पर देखा जाए
06:18किसी बड़े समू के stereotype के अधार पर नहीं है इस मावले में एक और बात ध्यान देने वाली है
06:25कार्तिक ने आलोचना के जवाब में अपनी policy पर कायम रहने की बात रही है और ये भी कहा है
06:31कि उनकी company के rules वही तै करेंगे
06:35private company के तौर पर employer अपनी hiring process को कैसे structure करता है ये अलग सवाल है लेकिन जब
06:43कोई ऐसी policy सारवजनिक रूप से घोशित होती है जो किसी बड़े geographical group को एक साथ exclude करती दिखाई
06:51देती है तो उस पर public debate होना स्वभाविक है
06:54और अगर आप बिहार, यूपी, राजस्थान या मध्यप्रदेश से हैं तो शायद इस ख़बर की सबसे चुपने वाली बात ये
07:02है कि किसी दूसरे व्यक्ति के
07:05alleged behavior का आप से कोई connection नहीं है आपने कोई misconduct नहीं किया फिर भी आपकी पहचान उसी category
07:14में रख दी गई
07:15आपने कोई rule नहीं तोड़ा, फिर भी आपके state का नाम आपकी application से पहले पहुँच गया, महिलाओं की सुरक्षा
07:23पर कोई compromise नहीं होना चाहिए
07:26लेकिन safety का मतलब ये भी है कि सही व्यक्ति की पहचान की जाए, शिकायद की जाच हो, जिम्मदारी ताय
07:34की जाए
07:34और अगर किसी individual के illegit misconduct के बाद पूरे group को suspect मान लिया जाए, तो individual accountability का
07:43सवाल उठता है
07:44एक candidate का state ये नहीं बता सकता कि वो workplace में कैसा वेभार करेगा, उसका professional record, उसके references,
07:53interview और actual conduct उसके बारे में ज्यादा protection ज्वानकारी दे सकते है
07:59तो अगर आप बिहार, उत्तरप्रदेश, राजस्थान या मध्यप्रदेश से हैं और बिंगलूरू में नौकरी का सपना देख रहे हैं
08:07तो ये मामला सर्फ एक company की controversial hiring policy की कहानी नहीं
08:12इससे एक बड़ी बहस सामने आई है
08:14क्या नौकरी में candidate की पहचान उसकी शमता से होगी या उसकी geographical identity से
08:20क्या किसी एक employee की गलती का असर उसी state के दूसरे लोगों पर भी पड़ेगा
08:26और workplace safety से नुश्यत करने के लिए individual screening और accountability के बजाए
08:33पूरी category को बाहर करना के सहद तक उचद है
08:37उस ख़बर में इतना है
08:39लेकिन यह जो कहानी है यह अपने आप में उस racism को उसके दर्द को बयान कर रही है
08:45जो इस देश में सदियों से चला रहा है कभी caste के नाम पर, कभी color के नाम पर, कभी
08:51behavior के नाम पर
08:52कभी religion के नाम पर और अब यह state के नाम पर
08:55कभी यह कहानी महराश्टर में होती है
08:57कभी यह घटना किसी और राजिम होती है
09:00और अब तो साफ साफ एक company का CEO पढ़ा रिखा व्यक्ति ऐसा कह रहा है
09:04यही चीज भार्तियों के साथ विदेशों में होती है
09:06तब तो बहुत बुरा लगता है
09:08तो collectively society की यह responsibility है
09:13कि ऐसे खबरों पर step out किया जाए
09:16ऐसे खबरों पर बातचीत की जाए
09:18ऐसे विडियोस को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जाए
09:21कि समाज के उस सोच की जो हकीकत है वो सामने आए
09:25और जो उसके root cause है उस पर काम किये जा सके
09:29समाज में society में बदलाओ की मुहीम छेड़ी जा सके
09:33आपको जो भी लगता है कॉमेंट में ज़रूर बताएगा
09:36और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाईगा
09:38ताकि ये घ्रणत मान सकता बाहर तक फैले और लोग इस पर बाते करें

Recommended