00:00मुझे लगता है राजनेतिक दरष्टी से विवेक शून्य, राजनेतिक दरष्टी से ज्यान शून्य, राहूल गांधी जी को ये नहीं पता
00:07है, यस, ये सही है
00:30भारतिय जन्ता पार्टी के कारेकर्दाओं ने 50 साल तक 45 से लेकर पार्लामेंट तक विजाई ही विजाई की गल्पना करनी
00:36चाहिए, इसके लामें की चीजाई, एंडिये सरकार 400 पार
00:41जब वो कहते हैं कि मैं 50 साल से इसको देख रहा हूँ, जिसकी 56 साल की एज है, वो
00:4850 साल की उमर से सारी चीजाई समझ रहा है
00:50मुझे लगता है 5-6 वर्ष की आयू में राजनीति को समझने की ऐसी अदभुत प्रतिभा सिर्फ पक्की दाड़ी वाले
00:58नौजवान में ही हो सकती है
01:00वहां का कोई भी जिम्मेदार राजनीतिक नेता इस तरह का गयर जिम्मेदाराना बयान देने की हिम्मत नहीं कर सकता
01:20और उतार चड़ाओ पर विशेश रूप से गौर करें और अंत में मैं चाहता हूं कि आप बहुत ही बारीकी
01:24से सुनें कि आखिर इन वीडियो में क्या कहा जा रहा है
01:26मैं एक सरका हुआ हूँ चौदा से तीस साल तब भारतिय जनता पार्टी की सरकार रहेगे मानेवाद
01:37भारतिय जनता पार्टी के कारेकर्टाओं ने वचास साल तक पंचाएक से लेकर बारामेंट तक विजाई ही विजाई की गल्पना करनी
01:44जाहिए इसके लावे कि
01:45एंडिये सरकार चार सो पार
02:15जैसे हम आम तौर पर सत्ता विरोधी लहर या एंटी इंकंबेंसी की नाम से जनते हैं वह अक्सर बहुत ही
02:19कम समय के भीतर किसी भी मौजूदा सरका के खिलाफ विरोध का रूप लेती है
02:24यह तो किसी को भी अपने चंगुल से बिल्कुल नहीं बख्षती है
02:32बंगलादेश यूद जीतती है
02:35वे लोग प्रियता के शिकर पर होती है और देखते ही देखते महज एक दो साल में ही
02:43भारी सत्ता विरोधी लहर और साथ ही भारी दबाव का सामना करना पड़ी दियेचता है
02:46ठीक यही स्थिती एक के बाद एक कई नेताओं के साथ बार बार दोहराई जाती है
02:51यह कांग्रेस के दिगज नेताओं के साथ भी होती है और तमाम क्षेत्री अदलों के साथ भी देखी जाती है
02:55लेकिन नजाने किस कारण से
02:57ये स्थिती श्री नरेंदर मोदी जी के साथ कभी नहीं होती
02:59श्री अमिद्ध शाह जी के साथ कभी नहीं होती
03:01और भारतिय जनता पार्टी के साथ तो बिल्कुल भी नहीं होती
03:18तरह ये हैना पिछले 50 वर्षों से लगातार
03:21मध्य प्रदेश में भी यही होता है यह लहर गायब हो जाती है गुजरात में भी यह पूरी तरह से
03:25गायब हो जाती है
03:28और यह हमारे लिए एक बुन्यादी सवाल रहा है
03:32हम आपकी बात समझ सकते हैं
03:36किसी व्यक्ति की लोग प्रियता को
03:39हम सरकार के कामकाज और उनके प्रदर्शन को तो समझ सकते हैं
03:42लेकिन हमारे लिए यह समझना बहुत मुश्किल है कि आखिर यह सत्ता विरोधी लहर अचानक से कैसे गायब हो जाती
03:46है
03:48इराक के पूर्व राश्ट्रपति और अत्यंत कुख्यात ताना शाह सद्दाम हुसेन के उस द्वार के शासनकाल के बारे में चर्चा
03:53करते हैं
03:57ऐसी स्थी तो उत्तर कोरिया जैसे देशों में भी देखने को नहीं मिलती है
04:00इस पूरे ग्रह पर भला ऐसा कौन सा लोकतंत्र है जहां हमें सत्ता विरोधी लहर देखने को न मिलती हो
04:04और यही कारण है कि यह हमारे लिए हमेशा से ही एक बहुत बड़ी पहली बनी हुई है
04:16मित्रों अभी कुसी समय पहले आपने देखा कि भारत की राजनीत के प्रपंच शिरोमनी
04:24और हाइड्रोजन बम का उद्गोश करके हाइड्रोजन गैस लाने वाले महान रसायन वैज्यानिक
04:32राहुल गांधी जी ने आपके सामने एक बार फिर
04:38एक पीपीटी का प्रदर्शन किया
04:42विच युजवली कमस फ्रम सम अन्नों कॉंस्पिकूर्स अंडूबियस सोर्से विच दूट नूट नूट नूट नूट नूट नूट
04:54एकसेप्टेड इट इमर्जेस फ्रम इस फर्स्ट स्टेट्मेंट जब वो कहते हैं कि मैं पचास साल से इसको देख रहा हूं
05:01जिसकी छपन साल की एज है वो पचास साल की उमर से सारी चीरियस समझ रहा है मुझे लगता है
05:08पांच छे वर्ष की आयू में राजिनीत को समझन
05:12कि ऐसी अद्भुत प्रतिभा सिर्फ पक्की दाढ़ी वाले नौजवान में ही हो सकती है सेकें उन्होंने कहा एंटीन कंबेंसी देश
05:23का इस्टैबलिस चुथ है और वो बीजेपी के आने के बाद हुआ है मुझे लगता है राजनेतिक दृष्टी से विवेक
05:31शून्य रा�
05:36अहुल गांधी जी को यह नहीं पता है यस यह सही है एंटीन कंबेंसी इस डेफिनिटली इस वरी कंसिस्टेंट एन
05:43स्टॉंग अगेंस कॉंग्रेस भारत की राजनीत का ज्यान नहीं 1967 के बाद से तमिल नाडु में कॉंग्रेस कभी नहीं लोटी
05:50है तब कहीं भारती जनता �
05:53पार्टी का नाम नहीं था बंगॉल में 1977 के बाद से कॉंग्रेस नहीं लोटी है और 77 से 2011 तक
06:0334 साल कम्निस्टों की सरकार रही और राउल गांधी को समझी में नहीं आता है दिखाई नहीं पड़ता है अब
06:10आईए बिहार में 1990 के बाद से कभी कॉंग्रेस नहीं रही है तीन �
06:211990 के बाद 89 के बाद से उत्तर प्रदेश में यानि जो गांधी फैमिली का ग्रह राजिता वहां सरकार नहीं
06:28रही है उनको पता ही नहीं है 1999 के बाद से उडिसा में सरकार नहीं रही है
06:35पच्चिस साल लगातार विजू जंदादल की सरकार रही है यह पता ही नहीं है
06:39मंता बनर्जी जी की तीन बार सरकार रही है यह पता ही नहीं है
06:43तिरपुरा में लगातार कर्मिनिस पार्टी की सरकार रही है यह पता ही नहीं है
06:48और anti incumbency को ले कर आ जाते हैं definitely जिस जमाने में Congress की भी लंबे समय तक सरकार
06:56वही है
06:56जिस जमाने में voter ID card नहीं थे जिस जमाने में booth capturing होती थी
07:04जिस जमाने में ballot box लूटे जाते थे जिस जमाने में गोलियां चलती थी
07:13उत्तर प्रदेश बिहार में तो कोई चुनाव ऐसा नहीं जाता था जब कुछ लोग मारे न जाते हो और घायल
07:19न होते हो
07:19तब तक anti incumbency Congress के लिए भी काम नहीं करती थी
07:24जब से पारदर्शी election हो गए है लोकल पुलिस की वजाए Central Parametry Forces आती है
07:32जब से CCTV आ गए है CCTV की लाइफ फुटेज आती है जब से स्वतंत्र मीडिया और स्वतंत्र जुडिश्री हो
07:41गई है
07:41तब से उनको लाले पड़ गए हैं सत्ता में आने के हाँ यह सच है कि राहुल जी और सुनिया
07:49जी के आने के बाद
07:50कॉंग्रेस को एंटीन केमेंसी का ज़्यादा सामना करना पड़ा है क्योंकि सुनिया गांदी जी 1997 के दिसंबर में राजनीत में
07:58आई उससे पहले कॉंग्रेस मध्यप्रदेश में थी तो 98 में एक बार रिपीट हुई पिर कभी किसी राजे में रिपीट
08:02भीट नहीं होती है
08:03और रहुल गांदी जी उतने गजब की हैं, केरल में हर बार रिपीट होती थी, वह बोलने में भूल गये,
08:08मगर पिछली बार केरल में कमद्रिस पार्टी के बजाए कॉंग्रेस कहाना था, वो नहीं आई क्योंकि रहुल गांदी जी के
08:13चरणों महां पड़ गये थे, और मैं
08:28केंटीन केंबेंसी इतनी स्टॉंग हो गई है कि वो अपनी सीट बगएर अपने सायोगी दल की बैसाकी के नहीं जीत
08:35सकते पिछले 25 साल से राइबरेली और अमेठी समाजवादी पार्टी के समर्थन से कॉंग्रेस पार्टी जीती रही है वन्ना सोनिया
08:44जी राहुल जी कि छम
08:58करते हैं जहां 60-65% मुसलिम है जहमता नहीं है हैसियत नहीं है कि बगएर मुस्लिम लीक के समर्थन
09:05के अपनी सीट निकाल सके मैं मानता हूं कि राहुल गांदी जी का अपना अनुभव बिलकु सही है और राजनेतिक
09:12दर्शी से उनका ग्यान अत्यंत शून्य है भारत की रा
09:18एस्पेक्ट ही बात करते हैं पहला सवाल
Comments